सेक्सी पड़ोसन की चुदाई कर बाप बना

Padosan Sex Story : हेल्लो दोस्तों मैं आप सभी का  बहुत स्वागत करता हूँ। मैं पिछले कई सालों से इसका नियमित पाठक रहा हूँ और ऐसी कोई रात नही जाती जब मैं इसकी रसीली चुदाई कहानियाँ नही पढ़ता हूँ। आज मैं आपको अपनी स्टोरी सूना रहा हूँ। मैं उम्मीद करता हूँ कि यह कहानी सभी लोगों को जरुर पसंद आएगी। ये मेरी जिन्दगी की सच्ची घटना है।
मेरा नाम ओम प्रकाश है। मैं बस्ती के करीब एक गाँव में रहता हूँ । मेरी उम्र 24 साल है। मेरा कद 5 फ़ीट 10 इंच है। मेरा रंग गोरा है। मेरे लंड की लंबाई 9 इंच है। जिससे मैं अब तक कई लड़कियों को चोद चूका हूँ। मैं देखने में बहुत सुन्दर सभ्य और सुशील लड़का हूँ। लेकिन मैं जैसा दीखता हूँ। वैसा मै हूँ नहीं। लड़कियों को देखते ही मेरा लंड खड़ा हो जाता है। लड़कियों को चोदने की तड़प हमेशा मुझमे बरकरार रहती है। मेरा 9 इंच का लौड़ा हमेशा घुसने को तैयार रहता है।

लडकियां भी मुझे पसंद करती हैं। कभी कभी मेरा लंड इतना बड़ा हो जाता है। मेरा लंड चोदने के लिए चैन को फाड़कर बाहर निकलने की कोशिश करने लगता है। एक बार मेरा लंड खडा होने के बाद गिरने का नाम ही नहीं लेता। अपना सारा माल निकालने के बाद ही शांत होता है। मुझे लड़कियों को बड़े बड़े चुच्चे बहुत ही अच्छे लगते हैं। लड़कियों की निकली हुई गांड मेरे लंड में आग लगा देती हैं। देखते ही मेरा लौड़ा गरम हो जाता है।
दोस्तों मै एक मिडिल क्लास फैमिली का हूँ। मेरे पापा किसान है। मैं दो भाई और दो बहन हूँ। पैसा न मिल पाने पर मुझे पढाई छोड़ना पड़ा। एक दिन मेरे घर मामा जी आये हुए थे। तो उन्होंने पूंछा- क्या कर रहे हो इस समय? तो मैंने अपने स्थिति के बारे में सबकुछ सच – सच बता दिया। मामा जी गुस्सा होने लगे और कहने लगे। तुम हमें एक बार भी ये सब नहीं बता सकते थे। इस उम्र में पढ़ाई छोड़ रहे
हो। मेरे मामा जी एक इंजीनियर है। उनका घर लखनऊ में है।

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मम्मी से बात करके मामा अपने साथ मुझे लखनऊ ले आये। अब मैं लखनऊ से ओ’लेवल कर रहा हूँ। साथ ही साथ में बैंक की तैयारी भी कर रहा हूँ। यहाँ लखनऊ में भी मैंने कई लड़कियों को पटा कर चोदा है। लेकिन दोस्तों जितना मजा मुझे बिमला भाभी को चोदने में आया। उतना अभी किसी को भी चोदने में नही आया। सच दोस्तों मैं ये सच्ची घटना लिख रहा हूँ। जो मेरे साथ हुई है। दोस्तों विमला भाभी मेरे मामा के घर के बगल ही रहती है। और वो मेरी पड़ोसन है । मैं जब भी उन्हें देखता।
मेरे अंदर सेक्स का का कीड़ा काटने लगता। मेरा लंड खड़ा हो जाता।

विमला भाभी बहुत ही मस्त लगती थी। उनका छरहरा बदन को देखकर किसी का भी लंड खड़ा हो जाता था। मेरे मामा का घर उनका घर एकदम सटा के बना है। वो कपड़े को सूखने के लिये छत पर फैला जाती थी। मुझे छत पर उनकी ब्रा और पैंटी से खेलने का मौका मिल जाता था। मै अपनी छत से उनके छत पे जा के उनके ब्रा और पैंटी के साथ खेलते हुए मुठ मारता। और सारा माल उनकी ब्रा और पैंटी पर गिरा आता था। उनके पति को हम भैया कहते है। वो मेरे अच्छे दोस्त भी है। मैं जब घर के बाहर होता था। तो अक्सर वो अपने घर बुला लेते थे। मै भी भाभी के चक्कर में उनके घर जाता था।

मेरी नजर तो भाभी की बूब्स पर अटकी रहती थी।मैं उनके टाइट ब्लाउज में उनके दोनों चूंचियों कक गड्ढा कभी कभी दिख जाता था। मैंने एक दिन भाई से उनकी फैमिली प्लानिंग के बारे में पूंछा। तो भाई साहब ने बताया। हमे कभी कुछ दिन बाद बच्चा चाहिए लेकिन भाभी का चेहरा तो कुछ और कह रहा था।मै समझ गया कि कुछ गड़बड़ है एक दिन भाई साहब खूब शराब पी के आये हुए थे। हर रोज की तरह शाम को जब मैं घर से निकला तो उन्होंने बुला लिया। मैं जब उनके घर के अंदर गया तो पता चल गया। भाई साहब ने शराब पी रखी है। मैं तुरंत वापस होने ही वाला था कि वो बुला लिए और बैठने को कहा। मै बैठ गया। वो भाभी को गाली देने लगे आवारा साली एक बच्चा नहीं पैदा कर सकती।

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मैंने कहा भाई आपने कहा था। आपको अभी बच्चा ही नहीं चाहिए। फिर अचानकप्लान क्यूँ बदल दिए ? वो बोले- क्या बताऊँ यार मैंने बहुत बार कोशिश की लेकिन होता ही नहीं। मैंने उन्हें भरोषा दिया की परेशान न हो कोशिश करते रहो सब ठीक हो जायेगा। हम पूंछे भाभी कहाँ है दिख नहीं रही। तब उन्होंने बताया कि वो अपने रूम में है। मैंने पूंछा – क्या हुआ तबियत तो ठीक है? बोले जाके खुद ही देख लो, मै भाभी के रूम में गया और देखा भाभी नंगी लेटी थी। हमे लगता है कि भाई ने अभी चोद के निकले थे। मैंने सोचा अब क्या करूँ? कैसे जाऊं! उनके पास। फिर मेरे दिमाग में एक आईडिया आया। मैंने जोर से भाभी को बुलाया भाभी बोली – तुम वही रुको मैं आ रही हूँ और मै वापस आ गया फिर भाभी जी आयी और बोली- क्या हाल है ओम प्रकाश? मैंने कहा – ठीक है भाभी बस आपको देखा नहीं था। तो सोचा मिल ले फिर जाएँ। भाभी बोली – मैं भी सोच रही थी अब तक तुम आये क्यों नहीं कुछ दिन से तो तुम हर रोज आते थे। मेरे दिमाग में बस भाभी का नंगा बदन ही घूम रहा था। मेरा लंड भी खड़ा हो चुका था। मै बार बार अपने लंड पर हाथ लगा कर नीचे करने की कोशिश कर रहा था। भाभी ये सब देख रही थी।

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