पड़ोस की लड़की को घर बुला के चोदा

मेरा नामे सौरव है. मैं पंजाबी बॉय हू. अब मेरी आगे 32 है, और ये मेरे पहले सेक्स की दास्तान है, जो की मैने लगभग 2011 में किया. अगर आपको मेरी स्टोरी अची लगी तो रेस्पॉन्स ज़रूर देना मेरी एमाइल पर. तो स्टोरी स्टार्ट करते है.

मैं लगभग 20 एअर का बॉय था. मैने कभी सेक्स नही किया था. लेकिन सेक्स की फीलिंग्स बहुत थी. मैं बाय्स स्कूल में 12त तक पढ़ा, और लड़कियों से कभी बात तक नही करी. सेक्स के लिए मैं इतना उतावला था, की बता नही सकता. मैं मूठ मार के अपनी सेक्स की भूख को मिटा लेता था.

मैं एक गाओं में रहता था, और हमारे परिवार के 4 घर साथ में था. 1 हमारा, 1 चाचा का, 1 टॉ जी का, और एक दादा-दादी का अलग. तो मेरा मेरे पिता से झगड़ा सा हो गया, और मैं अपने दादा दादी के साथ रहता था, जो की रोड पर घर था.

रोड के ऑपोसिट खेत था, और उस खेत के आयेज उस लड़की का घर था, जिसने मुझसे चुदाई करवाई. मतलब उसने मुझे कॉंटॅक्ट किया था, और प्रपोज़ किया था. उस समय मोबाइल छ्होटे ही होते थे कीपॅड वाले ज़्यादातर. एक दिन मैं सोया उठा, तो मैने अपने मोबाइल में देखा की एक शेर लिख के भेजा किसी ने.

मुझे अंदाज़ा भी नही था की वो उस लड़की ने भेजा होगा, या किसी भी लड़की ने भेजा होगा. मुझे लगा मेरे दोस्त मेरे साथ मज़ाक कर रहे थे. फिर भी मैने कॉल की, लेकिन स्विच ऑफ था, तो मैने इग्नोर किया. कुछ दीनो बाद ऐसा ही शेर वाला मेसेज फिर आया. तब मैं स्टोर में कुछ समान सेट कर रहा था. मैने उसी टाइम कॉल लगाया, तो आयेज से किसी लड़की की आवाज़ आई-

लड़की: हेलो.

मैने बोला: आप कों?

उसने बोला: पिंकी.

मैने बोला: कों पिंकी?

उसने बोला: आपके सामने घर है.

फिर उसने अपने भाई का नामे बोल कर बताया की मैं उसकी बेहन हू. तो मैने पहचाना.

फिर उसने मुझे बोला: मैं आपको लीके करती हू, और आपसे दोस्ती करना चाहती हू.

मैने बिना देरी लगाए हा कर दी और बोला: मिलना कब है?

तो मैं जवाब सुन कर हैरान रह गया.

वो बोली: सीधा बोलो ना सेक्स करना है.

मैने बोला: हा वही.

तो वो बोली: रात को मेरे घर आना पड़ेगा.

मैने बोला: मैं नही अवँगा, तुम आ जाना.

पहले तो उसने उसके घर आने के लिए फोर्स किया. फिर वो मेरे दादा-दादी वाले घर रात को आने को मान गयी. देर रात 1 बजे सब सो गये, तो उसने मेसेज किया-

पिंकी: मैं निकालने लगी हू, तुम दरवाज़ा ओपन करके मुझे बाहर से रिसीव कर लेना.

मैने वैसा ही किया. दादा-दादी के घर में केवल 2 रूम है. दोनो रूम्स के दरवाज़े रोड पर है, और रूम्स के बीच में अंदर को निकालने के लिए जगह है, लेकिन दरवाज़ा नही है.

वो रेड सूट सलवार में आई. उसकी हिगत 5’6″ के आस-पास थी, और उसके बूब्स ना ज़्यादा बड़े ना ज़्यादा छ्होटे थे. रंग सॉफ था. मेरे लंड का साइज़ खड़ा हो कर तकरीबन 6 से 7 इंच तक है. मैने उसको बेड पर लिटाया, और उसके उपर आ गया, और किस्सस स्टार्ट किए. वो भी सेक्स के लिए तडपे जेया रही थी, और मैं भी.

उसने बोला: जल्दी से करो, मुझे जल्दी से वापस भी जाना है.

मैने बिना देरी किए अपने कपड़े उतारे. मैं अभी केवल अंडरवेर में था. मैने उसके कपड़े उतारने की कोशिश करी, लेकिन उसका सूट बहुत फिट था, जिसको वो खुद से ही उतार सकती थी. अगर मैं ट्राइ करता तो शायद फटत जाता. उसने अपना सूट उतरा. नीचे इन्नर थी. उसने जल्दी से इन्नर उतरी.

अब वो ब्रा में थी. दिखने में बहुत सेक्सी लग रही थी. मैने बिना देरी किए उसका नाला पकड़ के खीच दिया, जिससे उसकी सलवार ढीली पद गयी. ऐसे ही मैने उसकी सलवार को नीचे किया. उसकी मक्खन जैसी बॉडी देख कर मेरे लंड ने मेरे अंडरवेर में तंबू सा बना दिया, जिसको देख कर वो तोड़ा मुस्कुराइ.

मैने उसकी पूरी सलवार उतार दी. अब वो पनटी और ब्रा में थी, और मैं केवल अंडरवेर में. मैं कंट्रोल नही कर पाया, और मैने उसको दोबारा चूसना चालू कर दिया. अब वो भी गरम हो गयी थी. मैने किस करते-करते उसकी ब्रा ओपन करी, और साइड में रख दी. उसके बाद उसको अपना लंड फील करवा रहा था.

वो बोली: प्लीज़ जल्दी करो.

मैने बोला: पहले बोलो की मुझे छोड़ो. आचे से मेरी फुददी मारो.

उसने वैसे ही बोला. सेक्सी सी आवाज़ में. मैने उसकी पनटी आधी नीचे कर दी, बाकी उसने अपने पैरों से नीचे करके बाहर निकाल दी. फिर उसने मेरी अंडरवेर उतारने के लिए अंडरवेर की एलास्टिक के अंदर हाथ डाला, और अंडरवेर डाउन कर दिया.

मेरा खड़ा लंड उसे सलामी देने लगा. उसने मेरा लोड्‍ा अपने हाथ में लिया, और प्यार से सहलाने लगी. वो अभी भी मेरे नीचे थी. मैने दोबारा उसके लिप्स अपने लिप्स में ले लिए. मैं चाहता था की ये खुद पकड़ कर अंदर ले. उसकी छूट बिल्कुल सॉफ थी. मैं उसे किस कर रहा था. इतने में उसने मेरा लोड्‍ा अपनी छूट पर सेट किया, और वो बोली-

पिंकी: डालो ना, क्या कर रहे हो?

मैने तोड़ा सा ज़ोर लगाया तो मेरे लंड ने खुद रास्ता बना लिया, क्यूंकी उसने लोड्‍ा पहले से हाथ में लेकर छूट के मूह में रखा था. तोड़ा सा लंड अंदर जाते ही वो मदहोश होने लगी. वो लड़की पहले भी चुड चुकी थी. उसकी सील पहले से टूटी हुई थी, लेकिन टाइट थी.

मैने तोड़ा ज़ोर और लगाया. अब आधे के तकरीबन लंड उसकी छूट में घुस चुका था. अब उसे थोड़ी पाईं सी फील हो रही थी, जैसे वो काफ़ी दीनो से चूड़ी ना हो. मैने किस करते-करते एक ज़ोर से झटका लगाया. उसने सोचा भी नही होगा की मैं ज़ोर से झटका दूँगा, क्यूंकी मैं अभी तक आराम से लंड डाल रहा था.

जैसे ही मैने झटका लगा के ज़ोर लगाया, सारा लंड उसकी छूट में घुस गया. उसकी चीख निकालने वाली थी, लेकिन उसने कंट्रोल किया और बोली-

पिंकी: आराम से करो, चीख निकल जाएगी.

मैने धीरे-धीरे अंदर-बाहर करना स्टार्ट किया. अब उसने अपनी आँखें बंद कर ली, और पूरा मज़ा फील कर रही थी, और मैं भी. मैने धीरे-धीरे स्पीड बधाई.

मेरा पहली बार था. मेरे लंड का सूपड़ा भी तोड़ा पाईं होने लगा. लेकिन ये दर्द उस मज़े के आयेज फैल था. मैं मज़े से उसे छोड़ रहा था. वो छुड़वा रही थी, और नीचे से पूरा सहयोग दे रही थी. अब उसने मुझे किस करना स्टार्ट कर दिया. हम तकरीबन 20 मिनिट सेक्स करते रहे.

अब उसका पानी निकालने वाला था, तो वो तोड़ा तेज़ हो गयी थी. उसके मूह से सेक्सी-सेक्सी आवाज़े निकल रही थी. मैं भी ज़ोर-ज़ोर से छोड़ रहा था. अब उसको भी दर्द नही महसूस हो रहा था. वो पूरा साथ दे रही थी. सेक्स करते-करते उसका पानी निकल गया, और मैने वो पानी की चिकनाहट अपने लंड पर फील करी. वो अब हॅपी फील कर रही थी.

तब उसने बोला: 1 मिनिट निकालना.

उसने मेरे लंड और अपनी छूट को अपनी पनटी से सॉफ किया, और दोबारा लंड को छूट पे टीकाया. इस बार मैने एक ही झटके में पूरा लंड पेल दिया. अब मैं तेज़-तेज़ कर रहा था. वो मुझे किस कर रही थी बॉडी पर.

मैने पूछा: पानी अंदर डालु या बाहर.

वो बोली: जैसे भी मॅन है कर लो.

मैने स्पीड बधाई और थोड़ी देर में मैने उसकी छूट में पिचकारी छ्चोढ़ दी. उसकी छूट मेरे स्पर्म से भर गयी, कुछ स्पर्म बाहर आ गया. लेकिन मेरा लंड अभी भी तन्ना हुआ था. मैने बोला एक शॉट और लगते है, तो उसने बोला कल कर लेंगे, सुबह होने वाली है. क्यूंकी गाओं में लोग 3 या 04 बजे उठ जाते है. लेकिन अभी 2 ही बजे थे.

मैने कहा: नही एक बार और करते है.

वो बोली: ठीक है, पहले सॉफ कर लेते है.

हम बातरूम में गये. उसने मेरा लंड अपने हाथ में लेकर धोया, और मैने उसकी छूट को पानी से धोया और सॉफ किया. फिर हम दोबारा बेड पर आ गये. इस बार उसने मुझे नीचे आने को बोला. मैने वैसे ही किया. अब वो मेरे उपर आई और मेरी जांघों पे बैठ गयी, और मेरे लंड को हाथ में लेकर तोड़ा हिलाया. फिर पैरों के बाल हुई, और उपर उठ कर अपनी छूट पर मेरा लंड सेट किया. उसके बाद धीरे-धीरे नीचे दबाव लगा के लंड अंदर लेने लगी.

2-3 मिनिट में उसने पूरा लंड अपनी छूट में डाल लिया, और मुझे हग कर लिया. फिर उपर से उपर-नीचे करके सेक्स करने लगी. मुझे बहुत मज़ा फील हो रहा था. उसने थोड़ी स्पीड बधाई, और ऐसे ही सेक्स करती रही. थोड़ी देर में वो तक कर स्लो हो गयी.

फिर मैने उसको गांद से पकड़ा, और नएचए से अंदर-बाहर करने लगा. कभी वो ज़ोर लगा रही थी, कभी मैं ज़ोर लगा रहा था. लेकिन पानी निकालने का नाम ही नही ले रहा था. तकरीबन 30 मिनिट करने के बाद मुझे फील हुआ मेरा पानी निकालने वाला था.

उसने मेरी फीलिंग को जान लिया. अब वो तेज़-तेज़ सेक्स करने लगी. पटक-पटक की आवाज़ कमरे में आ रही थी. थोड़ी देर में मेरा पानी निकल गया, और वो ऐसे ही लंड अंदर लेकर मेरे साथ हग करने लगी. वो 15 मिनिट लेट कर आराम करने लगी. मैं भी ऐसे ही पड़ा रहा.

फिर वो उठी, और बोली: अब मुझे जाना पड़ेगा, नही तो घर वाले उठ गये तो हुंगमा हो जाएगा.

मैने बोला: ठीक है.

फिर उसने अपने कपड़े पहने, और वो जाने लगी. मैं उसे बाहर तक छ्चोढने के लिए गया, तो हमने गली में हग और किस किया. उसने मुझे ई लोवे योउ बोला, और चली गयी. ये सिलसिला काई महीनो तक चलता रहा.

आयेज की स्टोरी मैं तभी पोस्ट्स करूँगा अगर पढ़ने वालो को मेरी स्टोरी पसंद आई. स्टोरी अची लगने पर कृपया एमाइल पर मैल ज़रूर करना. मैं ज़रूर रिप्लाइ करूँगा. मेरी मैल ईद है-

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