पड़ोस की भाभी की हॉट चुदाई

मैं भाभी का कमीज निकाला और उनकी ब्रा के अन्दर उन्के बूब्स देख के रहा नहीं गया. और मैंने ब्रा को निकाल के बूब्स को चुसना चालु कर दिया और मैं निपल्स के ऊपर बाईट करने लगा. भाभी मुझे बार बार कह रही थी आह्ह आह चुसो उन्हें जोर जोर से और खा जाओ उन्हें.

मैंने उन्हें चूसते हुए उन्के बाकि के कपडे भी खोल दिए. और मैं अब उन्के बदन को पूरा चूसने और चाटने लगा. और ऐसे करते हुए मैं अपने हाथ से उनकी चूत को और बूब्स को मसल भी रहा था. भाभी एकदम गरम हो गई थी और वो बोली, अब नहीं रहा जाता हे जल्दी से अपना लंड मेरी चूत के अनार घुसा दो तुम प्लीज़!

अब मैंने अपने कपडे खोले और उन्के मुहं में अपने लंड को घुसाया. भाभी लंड को केले के जैसे चूसने लगी और वो मेरे अंडे पकड़ के सहलाने लगी. भाभी के मुहं के अन्दर ही मैंने अपने लंड की पिचकारी छोड़ दी.

फिर मैंने भाभी की दोनों टांगो को खोल दिया और अपने लंड को उसकी चूत पर लगा दिया. भाभी ने लंड को पकड़ा और वो बोली, मार दे धक्का सही जगह बैठा हे तेरा लोडा.

मैंने भाभी को गले से लगाया और अपने लोडे का ऐसा धक्का लगाया की उसकी चूत के अन्दर आधा लंड घुस गया. भाभी ने मुझे किस कर ली और अपनी तरफ खिंचा. मैंने मौका देख के और एक धक्का लगा दिया.

अनीता भाभी बोली: आह्ह बाप रे काफी मोटा हे तेरा लोडा तो, चल जल्दी से मेरी चूत को चोद दे अपने मोटे लोडे से मेरे राजा. आज बहुत दिनों के बाद ऐसा मोटा लोडा ले रही हूँ मैं तो!

बस फिर क्या था मैंने आगे देखा ना पीछे और अपने लंड के ऐसे झटके लगाए भाभी के भोसड़े में की वो भी खुश हो गई. वो अपनी कमर को हिला हिला के उठा रही थी और मेरे लंड को अन्दर तक ले रही थी.

पांच मिनिट मिशनरी में चोदने के बाद मैंने भाभी को ऊपर ले के निचे लेट के लंड पर जम्प भी करवाए. इस पोस में तो मेरा लंड भाभी की चूत में एकदम डीप घुस रहा था. और वो उछल उछल के अपने बूब्स खुद अपने हाथ से दबा के चुदवा रही थी. मैंने गांड पकड़ के खूब चोदा. और फिर मेरा पानी अनीता भाभी की भोसड़ी में ही निकल गया.

वो खूब खुश हुई और बोली, कल से तुम रोज इसी वक्त आ जाना मेरे घर पर मैं अकेली ही होती हूँ!

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