ऑर्जी सेक्स मम्मी के सामने

तो दोस्तो कैसे हो आप सब?

उम्मेड करता हू की आचे ही होंगे और अपने मेरे इस कहानी का 4त पार्ट ज़रूर पढ़ा होगा.

जैसा की अपने पढ़ा होगा मैने, अनुष्का ने और नेहा आंटी ने कैसे अनुष्का को पूरा मज़ा कराया और दूसरी तरह नेहा आंटी के बेटे कुणाल ने मेरी मों को छोड़ कर अपनी वर्जिनिटी लूज़ की और हम पछो नंगे थे उस कमरे में.

अब आयेज,,,

हम सभी सेक्स सेशन के बाद काफ़ी खुश थे और पसीने से भरे हुए थे. इतने में हूमें आइडिया आया की क्यू ना स्विम्मिंग पूल में थोड़ी मस्ती की जाए. तो हम फिर पछो स्विम्मिंग पूल में गये.

पहले तो कुणाल ने ऐसे ही सीधे अंदर डाइव मार दी. तब तक मेरी मों और नेहा आंटी दोनो ही अपने बलों को बाँध रही थी. जैसे वो जुड़ा नही बनाते लॅडीस लोग. पीछे से देखो तो मेरी मों का फिगर काफ़ी ज़बरदस्त लग रहा था. मतलब पूरा गोरा बदन और एक मेट्यूर्ड उमार की लॅडीस को पीछे से नंगा देखने का जो मज़ा है वो और किसी चीज़ में नही.

उन दोनो लॅडीस ने अपने बलों का जुड़ा बना दिया और पानी में उतार गयी. मैने अनुष्का दीदी को गोद में उठाया पीछे से और मस्ती करते हुए पूल में फेक दिया और मैं भी अंदर चला गया.

तो इस पर वो मुझे मस्ती में मारने आई और हम सभी ऐसे स्विम करने लगे नंगे ही . इसमें मज़ा अलग होता है जब आप खुद की मों के साथ नंगे नहा रहे हो पूल में.

फिर कुछ देर बाद नेहा आंटी मेरे पास आई और पानी के अंदर से मेरे लंड को पकड़ के मुझे एक कॉर्नर पे ले आई. और फिर मेरी तरफ पीठ कर के मेरा लंड पकड़ कर सीधे छूट में डालने लगी.

मैं भी काफ़ी एग्ज़ाइटेड था तो मैने पीछे से नेहा आंटी के बूब्स दबाना चालू किया और पीछे से छोड़ने लगा. मेरी मों ने भी ये देखा तो वो भी कुणाल को मेरे पास ले आई और इसी पोज़िशन में दोनो चुदाई करने लगे.

मतलब हम दोनो एक दूसरे की मा को सामने सामने छोड़ रहे थे. कभी मैं नेहा आंटी के शोल्डर्स पे किस करता कभी कुणाल मेरी मों के शोल्डर्स पे. यहा पर अनुष्का अकेली पद चुकी थी की वो करे तो करे क्या.

अनुष्का – यार आप दोनो ने लंड ऑक्युपाइ कर लिया मैं क्या करू?

नेहा – बेटा नेक्स्ट रौंद में तू आ जाना. इस बार तो राहुल के अलावा तेरे पास तेरे भाई के लंड का भी ऑप्षन है.

कुणाल – हा मम्मी मुझे आप और दीदी बोहोट मस्त लग रही हो. ई लोवे योउ बोत.

नेहा – (पास ही में से कुणाल को फोर्हेड पे किस करते हुए) ई लोवे योउ टू बेटा.

दीप्ति – अछा देखो अनु बेटा, एक खेल खेलते है. ये दोनो लड़के हम दोनो औरतों की चुदाई करेंगे. और बरी बरी से हम दोनो अपने बिटो से भी चुडवाएँगे. जो सबसे ज़्यादा देर टिक पाया, तुम उसके साथ कंटिन्यू कर लेना. क्या बोलती हो?

नेहा – इसी के साथ पता भी चलेगा की किस के लंड में कितनी ताक़त है. और दीप्ति जी हर मा को ऐसा मौका नही मिलता की वो अपने बेटे से चुड सके.

दीप्ति – मैं तो बोहोट एमोशनल हो जौंगी. आफ्टर ऑल मज़ा भी उतना ही आएगा.

अनुष्का – नाइस आइडिया. तो चलो शुरू करते है. और जो ज़्यादा देर तक टिक गया मैं उससे चड़वौनगी उसे जहा मुझे छोड़ना हो.

कुणाल – और दीदी अगर मैं हर गया तो?

नेहा – यार अनु बेटा, दोनो लंड साथ में ले लेना. हम तीनो लॅडीस बरी बरी से इन दोनो से एक साथ चुडवाएँगे. छूट और गांद दोनो में एक साथ.

अनुष्का – लेकिन मुम्मा इनमें इतनी स्टॅमिना होगी?

दीप्ति – बेटा वो तू चिंता मत कर. हम दोनो मा का दूध और प्यार इनके लंड को आज सोने नही देंगे.

राहुल – लेट’स स्टार्ट देन.

फिर हम पूल से नंगे बाहर आए तो हम ऐसे ही गीले गीले रूम में बढ़े. वाहा तीनो लॅडीस ने अपने बाल खोल दिए. और उसे अलग अलग करने लगी. उसके बाद जब सब सेट हो चुका था, तो नेहा आंटी और मेरी मों दोनो बेड पर बैठ गयी और हम अपनी अपनी मम्मी के सामने खड़े हो चुके थे.

पहले तो मम्मी ने मुझे काफ़ी देर आखों में देखा और मेरे लंड को पकड़ कर पूरा फील लेने लगी की मेरा बेटा कितना बड़ा हो चुका है. फिर मों मेरे लंड के करीब आई और मेरे लंड को स्मेल करने लगी. वो हल्की हल्की सी स्किन पीछे करती और पूरा स्मेल करने लगती.

दूसरी तरफ नेहा आंटी ने कुणाल के गांद पे हाथ सहला रही थी और बोहोट स्लो मोशन में बस उपर से नीचे और नीचे से उपर उसके लंड को छत रही थी. कुछ देर बाद मेरी मों ने भी पहले तो मेरा लंड उपर उठाया और सिर्फ़ मेरे गोटी को चाटने लगी. धीरे धीरे फिर वो मेरे लंड को चूसने लगी और देखते ही देखते पूरा लंड अंदर तक लेने लगी थी.

मैने भी मों के गले के पीछे हाथ डाला और सपोर्ट लेते हुए उनके मूह को छोड़ने लगा. कुछ सेकेंड्स बाद जब मों तक चुकी थी तो उन्होने मेरे लंड को साइड की तरफ लेना शुरू किया.

मतलब पहले लंड गले की डाइरेक्षन में अंदर बाहर हो रहा था और अब गाल के अंदर की तरफ. लेकिन दोस्तो मा के लंड चूसने का सुख दुनिया में और किसी चीज़ में नही है

खैर कुछ देर के ब्लोवजोब के बाद हम दोनो की मों’स ने हूमें बेड पे लेटया और हमारे मूह पर बैठ गयी. हूमें उनकी छूट को देखकर एमोशन्स कंट्रोल नही कर पाए की कुछ सालो पहले हम यहीं से निकले है.

लेकिन हुँने चाटना शुरू किया और दोस्तो इसका मज़ा और टेस्ट अलग ही लेवेल का होता है. नीचे अनुष्का हम दोनो का लंड अपने हाथो में लेकर हिलने लगी थी.

तो सबसे पहले बरी आई मेरी मों की. प्लान के हिसाब से हम दोनो लंड से एक लॅडीस को एक साथ छोड़ना था.

दीप्ति – अछा ये बताओ गांद कों लेगा और छूट कों?

नेहा – ई थिंक राहुल को स्टार्ट में गांद लेने दो. हे इस एक्सपीरियेन्स्ड, उसके बाद ये दोनो अगला बदली हो सकते है ना?

दीप्ति – हा बिल्कुल. आजा बेटा राहुल, आज तुझे तेरी मा की गांद मारने का मौका दे रही हू.

राहुल – थॅंक योउ मुम्मा.

उसके बाद मों डॉगी स्टाइल में आ गयी और सबसे पहले मैं झुक कर मों की गांद पे किस कर के स्मेल करने लगा. मूज़े इतना अछा कभी महसूस नही हुआ था. उसके बाद मैने तोड़ा सा थूक मों की गांद के छेड़ में लगाया… और बिना टाइम वेस्ट किए अपना लंड पकड़ के सीधा गांद में दल दिया.

पहले कुछ टाइम आधा आधा ही गया लेकिन फिर नेहा आंटी आई और उन्होने मों की गांद को पकड़ के तोड़ा स्प्रेड किया जिससे की वो होल और फर्म हो गया और मैं आसानी से झटके लगा सकता था. उसके बाद नेहा आंटी में और थूक मेरे लंड पे लगाया और मेरा लंड अब पूरी तरह अंदर जा चुका था.

उसके बाद कुणाल साइड में लेट गया और मेरी मों ने थूक लगाया उसके लंड पे और उसके उपर लेट गयी. फिर मैने पीछे पोज़िशन ली और गांद में लंड दल दिया और हम साथ साथ छोड़ने लगे.

मों का फिगर तोड़ा चब्बी था जिससे उनके गांद पे हाथ रख के मैं छोड़े जा रहा था तो मेरी थाइस उनके गांद को झटके मार रही थी और उनकी गांद मस्त वाइब्रट हो रही थी. यार मस्त माल वाली औरत को छोड़ने का मज़ा यहीं आता है.

फिर कुछ देर हम दोनो ने मेरी मों की चुदाई ख़तम की और जब मों पूरी तरह तक चुकी थी तो हुँने लंड बाहर निकाला और साइड में बैठ गये.

तुम लोग समाज सकते होंगे जब लंड का पानी ना निकला हो और पूरी तरह खड़ा हो तो ऐसे में लंड कैसे कड़क और लटकता है. बिल्कुल वैसी ही फीलिंग थी. लेकिन मों काफ़ी तक चुकी थी इसलिए उन्होने नेहा आंटी को कंटिन्यू करने को कहा.

उससे पहले नेहा आंटी ने झुक के उनके बेटे कुणाल का लंड चूसा और पूरी तरह गीला कर दिया. वो काफ़ी थूक लगा रही थी उसपे क्यू की कुणाल को अब नेहा आंटी की गांद मारनी थी. अनुष्का ने फिर मेरा लंड चूसा और उसे गीला कर दिया.

फिर पहले की तरह अब मैं नीचे लेट गया और नेहा आंटी ने मेरा लंड तो आसानी से अपनी छूट में ले लिया. फिर अनुष्का ने कुणाल का लंड पकड़ कर उसकी हेल्प की क्यू की उसने पहले कभी किसी की गांद नही मारी थी.

तो अनुष्का एक हाथ से उसका लंड पकड़ के उसकी मम्मी की गांद में डालती और दूसरा हाथ कुणाल की गांद पे रख के पीछे से प्रेशर लगती.

ये सीन देख कर मैं और नेहा आंटी काफ़ी गरम हो रहे थे और हम दोनो ने स्मूच करना शुरू किया. फिर कुणाल घुटने पे था जिससे उसका बॅलेन्स नही हो पा रहा था तो वो पूरा खड़ा हो गया और स्क्वाट्स वाली पोज़िशन में आके फिर अपनी बॉडी पूरी उसकी मों पे रख दी और छोड़ने लगा.

हुँने जाम के चुदाई करना शुरू किया और वाहा से मेरी मों मूज़े चियर कर रही थी और अनुष्का अपने भाई कुणाल को. बीच में नेहा आंटी बिल्कुल आवाज़ें निकले जा रही थी. क्यू की नेहा आंटी का चेहरा मेरी तरफ था मुझे उनके गरम साँसें महसूस हो रही थी. और चुदाई की आवाज़ तो लाजवाब थी जो पूरे कमरे में गूँज रही थी.

कुणाल को तो इतना मज़ा आगेया था की वो बिना कंट्रोल किए उसकी मों की गांद में ही पिचकारी मार के…बाजू में लेट गया और तेज़ी से साँसें लेने लगा. मैं तो काफ़ी देर कंट्रोल कर के रखा…और जब मुझे नेहा आंटी ने कहा की उनका भी निकालने वाला है मैने अपनी तेज़ी बढ़ा दी.

दीप्ति – राहुल बेटा, मेरी चतेगा? नेहा आंटी की लेते हुए?

राहुल – मम्मी इसमें पूछने वाली क्या बात है ज़रूर…ये तो मेरे लिए सोभाग्या वाली बात है.

फिर मेरी मों ने थूक अपनी छूट पे लगाया और मेरी तरफ गांद रख के…मेरे मूह पे बैठ गयी. नेहा आंटी पूरी तरह मेरे लंड पे बैठी चुड रही थी और मेरी मों मेरे मूह पे बैठ कर मुझसे छूट चटवा रही थी और दोनो एक दूसरे को फेस कर रहे थे.

साची में करीब 4-5 मिनिट ऐसे चलता रहा और मैं मों की गांद को पकड़ के कभी छूट तो कभी गांद छत रहा था. और दोनो औरतें जैसे सिंक कर रही हो और मेरे पेट पे हाथ रख के खुद को शांत करने की कोशिश कर रही थी.

फिर मैने सुना की दोनो औरतें अपनी चरम सीमा पर थी जहा मुझे कुछ नही करना था. दोनो खुद की छुड़वा और चटवा रही थी. और कुछ पल बाद पूरी तरह पानी निकल दी छूट से.

मेरी मों की छूट पे बोहोट ज़्यादा क्रीमी पानी निकला और मैं दोनो का एक्सप्रेशन तो नही देख पाया. लेकिन उसके बाद जब दोनो उठी और मेरे बाजू में लेती तो दोनो के चेहरे पर अलग ही रोनक थी.

इसी बीच मेरा भी पानी निकल चुका था और हम दोनो बिटो ने करीब 30-40 मिनिट तक चुदाई की होगी. कभी मों की तो कभी एक दूसरे की मों की.

यहा लेकिन अनुष्का अभी भी बाकी थी. वो भी समाज चुकी थी हम दोनो काफ़ी थके हुए है तो थोड़ी नाराज़ तो हुई लेकिन नेहा आंटी ने कहा-

नेहा – अनुष्का तू चिंता मत कर. आज ये दोनो तेरी भी लेके तुझे भी शांत करेंगे. और हम पाँचो आज यही सोएंगे एक साथ.

दीप्ति -हा बिल्कुल ठीक कहा. अछा राहुल बेटा, अनुष्का के लिए रेडी है?

राहुल – मम्मी बस थोड़ी देर रिलॅक्स कर लू?

कुणाल – हा आंटी, मुझे भी तोड़ा टाइम लगेगा. देखो हम चारो कैसे पसीने से भीग चुके है.

नेहा – डॉन’त वरी तुम दोनो लेतो…हम तुम्हे रेडी कर देंगे.

फिर नेहा आंटी साइड में लेती कुणाल के और अपने बूब्स पकड़ कर उसके मूह पे ले जाकर उससे अपने निपल्स चूसने को कहे. सेम ये देख कर मेरी भी मों ने मुझसे कहा की मैं उनका दूध पी लू.

इसमें हूमें तो कुछ करना था नही. बस लेते लेते दूध पीना था. कुछ देर हुँने दूध पिया और मों बस हमारे पेट पे कभी फोर्हेड पे हाथ घूमती. कुछ देर हुँने दूध पिया और बिना लंड को छुए हमारा लंड फिर से खड़ा हो गया था.

मुझे यकीन ही नही हुआ लेकिन ये देख कर अनुष्का काफ़ी एग्ज़ाइटेड हुई. फिर मेरी मों और नेहा आंटी तोड़ा साइड हुए और अनुष्का सब से पहले तो कुणाल को नीचे लेता कर उसके मूह पे बैठ गयी. और मुझे अपने सामने बुला कर मेरा लंड चूसने लगी. वो बोहोट तेज़ी से लंड चूस रही थी.

अनुष्का – राहुल पहले तुम मेरी गांद लेना प्लीज़. और कुणाल तू छूट ले मेरी.

फिर हम तीनो जवान बचे खड़े हुए और सबसे पहले मैने झुक कर अनुष्का की गांद को खोला और उसके गांद को चाटने लगा. ताकि लंड आसानी से घुस सके. आयेज से कुणाल छूट छत रहा था और वो बस सिसकिया ले रही थी. फिर मैने अनुष्का को तोड़ा झुकाया और अपना लंड गांद में दल के पोज़िशन लेने लगा. उसकी गांद काफ़ी टाइट ज़रूर थी लेकिन वो लेने के लिए पूरी तरह तैयार थी.

क्यू की लंड डालने के बाद भी वो ज़्यादा चिल्ला नही रही थी. खैर फिर कुणाल ने सबसे पहले लंड उसकी छूट में डाला और अनुष्का के थाइस के नीचे हाथ रख के उसे उठा लिया. फिर पीछे से मैने अनुष्का की गांद में लंड डाला और एक दूसरे को बॅलेन्स करते हुए हुँने चुदाई करना शुरू किया..

हम दोनो लड़के खड़े थे और हमारे बीच चुड रही थी सेक्सी अनुष्का दीदी. वो चूड़ते चूड़ते अपने भाई कुणाल को किस कर रही थी और पीछे से मेरी मों और नेहा आंटी पूरा नज़ारा देख रहे थे नंगे लेते हुए.

अनुष्का – यार रूको अब. प्लीज़ अपनी अपनी पोज़िशन बदलो.

क्यू की मैं तोड़ा स्ट्रॉंग था तो फिर मैने अनुष्का को अपनी तरफ घुमाया और लेग्स इन थे एर वाली पोज़िशन में अनुष्का को पकड़ा और छूट में लंड दल दिया.

पीछे से कुणाल ने उसकी बहें की गांद में लंड डाला और फिर हम इसी तरह चुदाई करने लगे. इतनी देर हो चुकी थी की अब रहा नही जा रहा था. फिर हुँने बरी बरी से तीनो लॅडीस को नीचे बिताया. और पहले कुणाल उनके सामने खड़े होके अपना लंड हिला रहा था ताकि वो अपना पानी उनपे निकल सके.

लेकिन कुछ देर बाद उसका पानी तो निकला लेकिन बोहोट तोड़ा सा. फिर नेहा आंटी ने ही उसका लंड चूस के सॉफ किया और मेरी मों ने मुझे बुलाया.

मेरे लंड के लिए तो तीनो ही बेकरार थी. कभी नेहा आंटी मेरा लंड चुस्ती तो कभी अनुष्का मेरे गोते. इस तरह करते करते उन्होने मेरा पानी निकलवाया.

और इतनी चुदाई के बाद तो हम बिना कुछ सोचे एसी फुल कर के हम पछो नंगे ही एक ही बेड पर लेट गये. कब आँख लग गयी किसी को पता भी नही चला.

तो दोस्तो आपको ये कहानी कैसी लगी मुझे कॉमेंट्स कर के या मेरे मैल ईद पर मैल कर के ज़रूर बताए.

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