हेलो एवेरिवन. मैं ऋषभ (बदला हुआ नाम), जाईपुर राजस्थान से, आगे 41 एअर, मैं शादी-शुदा हू. मुझे शादी-शुदा औरतों में ज़्यादा इंटेरेस्ट है, क्यूंकी वो हर तरीके से आपका साथ देती है. ये रियल सेक्स स्टोरी है जो हमारे बीच हुई.
ये बात 2 साल पहले की है. मेरे ऑफीस में हमारी रिसेप्षनिस्ट के छ्चोढ़ कर जाने के बाद एक नयी रिसेप्षनिस्ट को हमने काम पर रखा. जब वो शुरू में आई, तो मैने उस पर कुछ ख़ास ध्यान नही दिया था.
तोड़ा भाभी के बारे में बता देता हू. एक-दूं मस्त फिगर, आस्त बूब्स 34″ साइज़ के, और जिसे कहे एक काम की देवी है.
शुरुआत में मैने उसको कोई ज़्यादा भाव नही दिया, और उसको उसके काम के बारे में बता देता था की कैसे-कैसे काम करना है. मैं अपनी कंपनी में अची पोस्ट पर हू, तो मैं उसको उसके हर काम की जानकारी देता रहता था.
हमारे ऑफीस में वो किसी से अगर हेल्प मांगती थी काम के सिलसिले में, तो कोई उसकी हेल्प नही करता था. जब की मैं उसको पूछने पर पूरा गाइड कर देता था की कैसे आपको काम करना है.
कुछ महीनो तक तो ऐसा ही चलता रहा. फिर भाभी ने मेरे से पूछा की मैल कैसे टाइप करते है? तो मैने उसको बता दिया था की कैसे मैल को लिखते है, और कैसे आयेज भेजते है.
इसमे उसने पूछा की कहीं कुछ ग़लत हो गया तो कैसे रेक्टिफाइ करेंगे? फिर मैने उसका सल्यूशन बता दिया की जब भी आप मैल टाइप करो, मेरे को दिखा दिया करो, फिर आप भेज देना.
उसने एक-दो बार मेरे को मैल दिखाई और बाद में मैल में ड्राफ्ट में लिखा की आप बहुत आचे हो. अब हमारी कहानी की शुरुआत यहीं से होती है.
तो मैने पूछा: किस तरह से? आपको कहाँ से अछा लगा?
भाभी ने बोला: आप सब की हेल्प करते हो. किसी को कोई काम के लिए माना नही करते हो एट्सेटरा.
फिर उसने मेरे से मेरा मोबाइल नंबर माँगा और फिर धीरे-धीरे हमारी छत रात को होने लग गयी. धीरे-धीरे हमारी बातें आयेज बढ़ने लग गयी.
फिर एक दिन उसने मेरे को बोला: आप ऑफीस के बाद मिलना मुझे, मम्मी के यहाँ जाना है.
मैने ओक बोल दिया. ऑफीस से निकालने के बाद मैने मेरी गाड़ी पार्किंग में लगाई, और उसकी स्कूटी पर बैठ कर हम उसकी मम्मी के घर के लिए निकल गये. मैं उसके पीछे बैठा था, और तोड़ा डोर बैठ था.
तब उसने बोला: आराम से बैठो (और मेरे एक हाथ को पकड़ कर अपने पेट पर रख दिया).
फिर बोली: आराम से पकड़ कर बैठो.
मेरे उसके पेट को दोनो हाथो से पकड़ते ही उसने अपना एक हाथ मेरे हाथ पर रख दिया, और बोली: आराम से सहलाओ इसे.
अब मैं उसके पेट को सहला रहा था. मुझे बहुत मज़ा आ रहा था, और वो भी पागल हुए जेया रही थी. अब हम उसकी मम्मी के घर पहुँच गये, और मैं बाहर पास में रुक गया. फिर वो वापस आई और बोली-
भाभी: स्कूटी आप चलाओ, और मैं पीछे बैठूँगी.
अब मैं स्कूटी स्टार्ट करके चलाने लगा, और इसके साथ ही वो बोली: मुझे अपने घर के पास कोई गार्डेन हो उसमे ले चलो.
अब वो मेरे पीछे बैठ गयी, और मेरे से चिपक गयी. उसके चिपकते ही उसके बूब्स मेरी पीठ पर चुभने लगे थे. उसके बूब्स एक-दूं ऐसे थी जैसे किसी उँच्छुई लड़की के हो. अब मेरा लंड पंत में खड़ा होने लग गया. मुझसे कंट्रोल नही हो रहा था. लेकिन मैने जैसे-तैसे कंट्रोल किया.
अब वो मेरी गर्दन पर अपने नाख़ून चुभाती है, जो मुझे बड़ा अछा लगता है. फिर हम गार्डेन में पहुँच जाते है.
मैने उससे पूछा: क्या मुझे एक किस मिलेगी? और तभी हा बोलना जब तुम कंफर्टबल हो.
तो उसने हा कर दी. अब मैने उसे बाहों में लेकर के मस्त सी किस उसके होंठो पर कर दी. अब मैं और वो दोनो किस कर रहे थे, और उसकी साँसे उखाड़ रही थी.
हम वहाँ से निकले, और उसने मुझे मेरी गाड़ी जहाँ पार्क की थी, वहाँ छ्चोढ़ दिया. फिर मैं अपने घर आ गया और वो अपने घर चली गयी. इसी दरमियाँ मेरी वाइफ भी अपने माइके चली गयी. अब हमारी रात को बातें और खुल कर होने लगी.
मैने उसे बोला: अपने बूब्स दिखाओ.
तो उसने अपनी निघट्य में से अपना बूब खोल कर दिखा दिया. अब हमारी बातें बहुत आयेज तक बढ़ गयी थी.
उसने एक दिन बोला: मुझे मिलना है आपसे, एक रात अपनी हो.
तो मैने भी उसे हा बोल दिया. अब मैने उसके लिए जाईपुर में एक होटेल बुक किया, और उस रात को वो अपनी फ्रेंड के यहाँ रुकने का बहाना बना कर मेरे पास आ गयी. मेरे पास आने से पहले अपनी बेटी को अपनी फ्रेंड के मोबाइल से कॉल करके बात कर ली, ताकि उसे लगे की मम्मी फ्रेंड के घर पर ही गयी है.
अब हमने डिन्नर किया, और अपने रूम में आ गये. उसने लाल रंग की सारी पहनी हुई थी. अब मैने उसको बाहों में लेकर प्यार करना शुरू कर दिया था, और उसने अपने आपको मेरे हवाले कर दिया था.
उसने बोला: जाना ऐसे प्यार करो की मुझे लगे की ऐसा प्यार आज तक मेरे हज़्बेंड ने भी नही किया हो.
अब मैने उसे बाहों में लेकर उसके माथे पर किस की. फिर उसकी आँखों पर, फिर उसके होंठो पर किस की. अब वो पागल हुई जेया रही थी और ई लोवे योउ बोले जेया रही थी.
अब मैने उसकी सारी के पल्लू को हटा दिया, और उसके पीछे से हो कर हग किया. फिर मैने उसकी गर्दन पर किस करना शुरू किया, और एक हाथ से उसके बूब्स दबा रहा था, और एक हाथ से उसके पेट को सहला रहा था. वो पागल हुई जेया रही थी.
अब मैने उसके ब्लाउस के हुक एक-एक करके खोलना शुरू कर दिया, और साथ में गर्दन और पीठ पर भी किस कर रहा था. वो एक-दूं से पागल हो गयी, और घूम कर मेरे होंठों को किस करना शुरू कर दिया.
मैने बोला: जाना अभी तो शुरुआत हुई है. अभी तो पूरी रात बाकी है.
वो बोली: जाना ऐसे तो मेरी जान निकाल दोगे इस तरह प्यार करके.
अब मैने उसको फिर घुमा दिया, और उसके ब्लाउस के सारे हुक खोल दिए, और ब्लाउस को उतार दिया. अब वो मेरे सामने ब्रा में थी. मैने उसको कभी पीठ पर, कभी गर्दन पर, तो कभी बूब्स के उपर के हिस्से में किस करना शुरू कर दिया. अब वो पागल हुई जेया रही थी, और बोल रही थी-
भाभी: इतना मत तड़पाव.
मैने बोला: जाना ऐसे प्यार करूँगा की तुम्हे खुद को लगेगा की सॅकी में आज प्यार किया है.
उसको किस करते-करते उसकी ब्रा और सारी को भी निकाल दिया. अब उसको सीधा करके सामने से उसके माथे को चूमा. फिर उसके गालों को, फिर उसके होंठो को. होंठो पर एक लंबी किस चली. फिर उसके बूब्स को एक हाथ से सहलाने लगा, और दूसरे को मूह में लेकर चूसने लगा.
वो बोले जेया रही थी: जाना अब तक क्यूँ नही मिले थे हम?
अब मैं नीचे बैठ गया और उसके पेट को किस करने लगा. वो मेरे सर को अपने पेट के अंदर दबाने लगी, और उसकी साँसे तेज़ हो रही थी. अब उसके पेटिकोट को भी निकाल दिया. वो अब सिर्फ़ मेरे सामने सिर्फ़ पनटी में थी. फिर मैने उसको उठाया और बेड पर लिटा दिया.
उसके साथ मैं भी लेट गया, और उसको फिर से किस करना शुरू कर दिया. पहले होंठो पर, फिर गर्दन पर, फिर बूब्स पर, फिर पेट पेट पर किस किए, और वो पागल हुई जेया रही थी. वो बार-बार बोल रही थी-
भाभी: बहुत मज़ा आ रहा है आपके प्यार करने में. आज तक मेरे हज़्बेंड ने भी ऐसा नही की किया था.
मैने उसे किस करते हुए उसकी पनटी को भी निकाल दिया. अब मैं उसके पुर शरीर पर किस कर रहा था, और उसके बूब्स को किस कर रहा था. मैने उसके बूब्स को किस करते हुए अपनी एक उंगली उसकी छूट में डाल दी. उंगली डालते ही ऐसा लगा, की किसी कुँवारी लड़की की छूट में उंगली डाल दी हो. उसकी छूट एक-दूं टाइट थी.
अब मैने सीधा उसकी छूट को किस करना शुरू कर दिया. अब वो आहें भरने लग गयी थी, और बोल रही थी-
भाभी: जाना इतना मज़ा तो मेरे हज़्बेंड ने भी नही दिया, जितना आज मिल रहा है.
अब मैं उसकी छूट को किस किए जेया रहा था, और वो मोन किए जेया रही थी.
भाभी: हाए मम्मी मॅर गयी. आअहह ऐसे ही करो, खा जाओ.
मैने उसकी छूट को बहुत देर तक किस किया. तब तक वो दो बार झाड़ चुकी थी.
अब उसने बोला: जाना आपने तो मेरी जान ही निकाल दी. इतना मज़ा आज तक कभी नही आया.
मैने बोला: जान अभी तो लंड को तेरी छूट में भी डालना बाकी है.
उसने बोला: अब जल्दी से डाल दो.
मैने अपना अंडरवेर उतरा तो उसकी आ निकल गयी और बोली: ये तो बहुत मोटा है.
मैने देर ना करते हुए लोड को उसकी छूट पर सेट करते ही एक शॉट मारा. मेरे लंड का सूपड़ा ही अंदर गया था की वो बोली-
भाभी: बाहर निकालो, बहुत मोटा है. नही ले पौँगी.
मैने बोला: आराम से अंदर डालूँगा, तुझे दर्द नही होने दूँगा.
फिर उसने अपने बाग से क्रीम निकली और बोली: इसको लगाओ फिर डालो.
मैने उसकी छूट पर थोड़ी सी क्रीम लगा कर अपने लंड को उसकी छूट पर सेट करके एक डुमदार शॉट मारा. मेरा लंड फिसलता हुआ आधा उसकी छूट में चला गया.
वो चिल्लाने लगी और बोली: मम्मी मॅर गयी, बाहर निकालो प्लीज़. नही सहन कर पौँगी.
अब मैं मेरे लंड को उसकी छूट में ऐसे ही रखते हुए उसको लीप किस करने लग गया, और बूब्स पर किस करने लग गया. थोड़ी देर बाद उसने बोला की अब उसका दर्द तोड़ा कम था. अब मैने देर ना करते हुए मेरा पूरा 7 इंच का लंड छूट में उतार दिया. वो एक-दूं से मेरे चिपक गयी और बोल रही थी-
भाभी: मम्मी मॅर गयी! आह, बहुत मोटा है जान. आज तो मेरी छूट फटत ही गयी ऐसा लग रहा है.
अब मैं धीरे-धीरे लंड को उसकी छूट में आयेज-पीछे करने लगा. उसको मज़ा आने लगा, और दर्द कम हो गया था. अब वो मेरा पूरा साथ दे रही थी, और बोले जेया रही थी-
भाभी: इतना मज़ा तो शादी के 22 सालो में भी नही आया, जितना आज आया है.
उस रात को मैने उसे 5 बार छोड़ा भरपूर मज़ा लेकर. तब से लेकर अब तक वो मेरे लंड की दीवानी है. और आज भी जब भी उसकी इक्चा होती है, तो उसे छोड़ता हू. और वो मस्त तरीके से चुड़वति है.
कैसी लगी मेरी कहानी, प्लीज़ मुझे मैल करके बताए इस ईद पर: [email protected]
जाईपुर से कोई भाभी मेरे से चूड़ना चाहती है, तो मुझे मैल करे. आपकी आइडेंटिटी सीक्रेट रखी जाएगी.