नेहा और सीमा की चुदाई

Neha or seema ki chudai जिस सहर मैं रहता हू वो बहुत ही छोटा सहर है. सहर का पूरा मार्केट एक ही जगह है. हमारे देश के बड़े बड़े नेता जब यहा आते हैं तो यहाँ की फ़िज़ा देख कर उनकी तबीयत रंगीन हो जाती है. एक बड़ी सी झील सागर सहर को बहुत खूबसूरत बनाती है. छोटे सहर मैं चुदाई का मौका बहुत कम मिलता है. सागर वैसे भी बहुत सेक्सी लॅडीस से भरा पड़ा है.

मैं उस समी करीब 20-22 साल का रहा हूँगा जब यह सब कुछ हुआ. अब मैं 28 मे चल रहा हू और रोज बढ़िया चुदाई करता हू. हमारे सहर मैं तीन बत्ती के पास एक दुकान है उसका नाम है “शंकर जनरल स्टोर्स” वहाँ पर लॅडीस के अंडर गारमेंट्स, कॉसमेटिक्स आइटम्स और जेंट्स अंडरगार्मेंट्स आछे मिलते हैं मैं वही से अपनी चड्डी बनियान और अखाड़े के लिए लंगोट भी लेता था. वो एक सिंधी की दुकान थी.

एक बार मैं उस दुकान पर अपनी चड्डी बनियान लेने गया. कुछ लॅडीस भी अपना समान ले रही थी. मैने अपनी चड्डी बनियान और लंगोट ली. और उसी दुकान से एक कॉंडम का पॅकेट भी खरीद रहा था. मेरे साइड मे दो औरते करीब 30-32 साल की और उनके साथ एक लड़की 25-26 साल की बड़ी ही गदराई जवानी थी उन तीनो की. औरते तो शादीशुदा थी लड़की की शादी नही हुई थी. जब मैं कॉंडम खरीद रहा था तो मैने दुकान दार से कहा कि बड़ा साइज़ वाला और मजबूत देना प्रेशर मैं फट जाता है. मेरा इतना कहना था कि उन तीनो लॅडीस का ध्यान मेरी तरफ चला गया और जब मैने उनकी और देखा तो वो कुछ शरमाते हुए मुस्कुराने लगी. तभी वो कुछ शेविंग क्रीम और एक मर्दों की शेविंग रेज़र, सेसर खरीद ने लगी. तो मुझे कुछ अजीब सा लगा कि यह औरत मर्दों का समान क्यों खरीद रही है. मैने कौतूहल वस पूछा कि क्या मैं जान सकता हू कि आप लोग यह शेविंग क्रीम और शेविंग का समान क्यों खरीद रही है. इस पर वो ज़ोर से हस पड़ी. तो मैं चुपचाप अपना पेमेंट कर वाहा से चलने लगा. मैं दूसरा समान खरीदने लगा. थोड़ी देर बाद भीड़ मैं किसी ने मेरा हाथ पकड़ कर मुझे एक तरफ खीच लिया. जब मैने उसकी तरफ नज़र डाली तो देखता हू कि यह तो उन्ही तीन लॅडीस मे से एक लेडी है. मैं पहले तो घबरा गया. फिर मैं हिम्मत जुटाते हुए बोला कि तुम क्या चाहती हो. तो वो बोली” तुम्हारी शादी हो गई’. मैने कहा नही हुई. उसने कहा तुम पूछ रहे थे कि “शेविंग का समान हम क्यों खरीद रहे हैं: जानना चाहते हो तो इस पते पर सॅटर्डे की दोपहर मैं आ जाना” इतना कहती हुई वो एक विज़िटिंग कार्ड मेरे को थमा कर भीड़ मैं गुम हो गई.

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मैं सॅटर्डे को उसके घर पहुचा उसके बताए हुए टाइम पर. बेल जैसे ही बजाई अंदर से उसी औरत की आवाज़ सुनाई दी “दरवाजा खुला है आ जाओ”. मैने जैसे ही दरवाजे को धकेला तो वो खुल गया मैं अंदर पहुचा तो उसने सेक्सी मुस्कुराहट से मेरा स्वागत किया. वो पीले रॅंड की शॉडी पहनी हुई थी और साड़ी टूडी के नीचे से बाँधी थी उसके दूध बड़े बड़े थे. उसने मुझे ड्रवोयिंग मैं बिठाया और वो कहने लगी मैं अभी आई. आप क्या लेंगे चाइ कॉफी ठंडा या कुछ स्ट्रॉंग मैने कहा चाइ वो बोली ठीक है.

जाकर पहले मैन डोर लॉक किया और किचन मैं चली गई. सेंटर टेबल पर एक इंग्लीश फेमिना मॅग्ज़ाइन पड़ी थी मैं उसके पन्ने पलटने लगा. वो तुरंत ही किचन से दो कप चाइ के साथ लौट आई. उसनेचाइ की ट्रे लेमेरी तरफ झुकते हुए अपनी दोनो गोलाईयो के दर्शन कराते हुए टेबल पर रख दी. और एक कप उठाकर मेरे तरफ बढ़ाया ‘ लीजिए” मैने उसके हाथो को पहली बार छुआ और लंड मैं हलचल शुरू हो गई. वो अपनी चाइ लेकर उसी सोफे पर जिस पर मैं बैठा था थोड़ी दूर बैठ गई. मैने उसका नाम पूछा तो उससने सीमा बताया. हम दोनो हल्की बाते करते रहे जिससे हम दोनो थोड़े सहज हो गये. मैने उसका हाथ अपने हाथ मैं लेकर कहा कि आप बहुत ही सुंदर और सेक्सी लगती है. इस पर वो शर्मा गईऔर मेरे स्पर्श का असर उसके गालों पर दिखने लगा था. मैने उसके हाथ पर अपना हाथ फिराते हुए उसके कंधे तक ले गया जिससे वो कुछ सिहरने लगी थी मैने समझ लिया थी कि वो अब चुंबन के लिए तैय्यार है तो मैने उसको खड़ा किया और अपनी बाहों मे लेकर उसके गालों पर प्यार भर चुबन दिया और उसको अपनी बाहों मे जोरों से कस लिया उसकी आँखो मे आँखे डाले देखता रहा. और ऐसे मैं उसके दूध बहुत कड़े थे जो मेरी छाती से चिपके थे और उसकी चूत पर मेरा कड़ा हल्लाबी लॉडा चिपका हुआ था साड़ी के उपर से. मैने मौका देखा और उसके होंठ चूसने लगा. लंबी फ्रेंच किस के साथ साथ मैं उसकी पीठ और साड़ी के ऊपर से ही उसकी गांद सहला रहा था. वो पहले तो रेज़िस्ट कर रही थी फिर मेरी बाहों मे मोम की तरह पिघलना शुरू कर दी. मैने कहा तुम्हारे दूध तो बड़े सेक्शी है और कहते हुए ब्लाउस के ऊपर से ही उनको लिक्क करने लगा वो ब्रा नही पहनी थी. मेरे होंठ उसके बूब्स पर टच होते ही उसकी सिसकारी निकलने लगी. मैं एक हाथ से उसका एक दूध दबा रहा था और एक हाथ उसकी प्यारी चूत पर फिरा रहा था. साड़ी के ऊपर से चूत पर हाथ फेरने मे इतना मज़ा आ रहा था तो नंगी चूत पर जब मैं हाथ फेरूँगा तो कितना मज़ा आएगा यह सोच कर मेरी उत्तेंजना और बढ़ गई. मैने कहा “सीमा डार्लिंग तुम वो शेविंग के समान के बारे मैं बताने वाली थी”. बोली “जन्नू देव बेडरूम मे चलकर बताती हू” मैने उसको अपनी बाँहो मैं उठाकर उसको बेड रूम तक ले गया वो मेरी बाहों मैं थी तो उसके दूध मेरी छाती से चिपके थे. मेरा हल्लाबी लॉडा बहुत कड़क हो रहा था. मैने उसको ले जाकर पलंग पर लिटाया और उसको सिर से लेकर पेर तक चूमा फिर पेर से धीरे धीरे अपनी जीव ऊपर की ओर फिराता हुआ उसकी साड़ी ऊपर खिसकाने लगा उसकी टांगे बिल्कुल मखमली थी और एक अजीब से खुसबू उस्मै से आ रही थी. मैं साड़ी उसकी जाँघो तक उठा चुका था और मैं उसको तरसाना चाहता था तो मैं मूह जाँघ से ऊपर उठा कर उसकी टूडी पर ले आया और टूडी के गद्दे के चारो और अपनी जीव की नुक को गोल गोल घूमने लगा और काबी अपनी जीव उसकी गद्दे मई डाल दिया. एक हाथ से मैं उसके दूध मसल रहा था. मेरी इस हरकत से वो काफ़ी गरमा गई थी.

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