नयी दुल्हन से लंड चुसवाने और उसकी गांद फाड़ने

मेरा नाम आदित्या है, और मेरी उमर 26 है. मैने पिछले पार्ट की स्टोरी में बताया था, की कैसे मैने अपनी सुहग्रात पर अपनी बीवी को नंगा किया, और उसे अपनी हवस का शिकार बना कर जाम कर छोड़ा. उस रात तो हम नंगे ही सो गये.

दूसरे दिन मैं ऑफीस में बैठा बस नम्रता के सपने देख रहा था. नम्रता मेरी बीवी का नाम है, और वो 25 साल की एक-दूं कड़क मॉडेल जैसी लड़की है. मेरा मॅन एक रात की चुदाई से नही भरा था, और ना ही मेरा मॅन किसी और चीज़ में लग रहा था.

हर वक़्त मैं यही सोचता की कब मैं नम्रता के पास जौ और उसके कपड़े उतारू. उसे मेरे सामने नंगा करू, और उसके साथ पूरी रात चुदाई करू. उस रात मैं घर गया तो नम्रता ने मेरी पसंद का खाना बनाया था. हमने खाना खाया, और देर रात तक बातें की. मेरा मूड तो बन चुका था ही.

मैं: जानू, पुर दिन बस तुम्हारे ही सपने देख रहा था. अब और इंतेज़ार ना कारवओ. अपने शरीर का दीदार को कारवओ. अब उतार भी दो अपने कपड़े.

नम्रता: आज रहने देते है ना. कल का दर्द अब तक गया नही.

मैं: ऐसा मत करो ना जान. मैं सुबा से तुम्हारे लिए तड़प रहा हू. मेरी आग तुम नही बुझवगी तो कों बुझाएगा?

नम्रता: समझो ना प्लीज़. मैं नही ले पौँगी. कल तुमने ज़्यादा ज़ोर से ठोका था.

मैं: तो फिर किसी और तरह से मेरे अंदर की आग को बुझा दो.

नम्रता: कैसे?

मैं: चलो मुझे हॅंजब दो.

नम्रता (शरमाते हुए): मुझे नही आता.

मैं: तो मैं सिखाता हू ना आज सब कुछ.

मैं नम्रता को बाहों में लिया, और उसे किस करने लगा. देखते-देखते मैने उसके कपड़े उतारे, और उसे ब्रा और पनटी में खड़ा कर दिया. मैने अभी सिर्फ़ अपनी शर्ट उतार कर उपर से नंगा हो गया. पर अपनी पंत नही उतरी.

मैं: चलो अब तुम मेरी पंत उतरो.

नम्रता: मुझे शरम आती है.

मैं: शरम आती है? वो भी मुझसे? कल सब देख चुकी हो तुम. चलो कोई बात नही, आज सब शरम-वरम निकाल देते है.

नम्रता ने शरमाते हुए मेरी पंत की बटन खोली, और ज़िप को अनज़िप किया. फिर मेरी पंत को नीचे खिसकाया, और मैने उसे पैरों से निकाल दिया.

मैं: अब वेट किस बात का मेरी जान? उतरो इसे भी, और निकाल दो तुम्हारे छ्होतू को. कितना तडपा है सुबा से तुम्हारे छूने के लिए.

नम्रता ने मेरी चड्डी आयेज से नीचे की, और मेरा लंबा 8 इंच मोटा लंड एक-दूं से बाहर उछला. फिर नम्रता ने मेरी चड्डी को मेरी गांद से नीचे खिसका कर निकाल दिया. मैं नंगा उसके सामने खाड़ा था. मैने उसे अपने लंड के तरफ इशारा किया तो उसने लंड दोनो हाथो से पकड़ा.

मैं: अब धीरे-धीरे हिलाओ इसे.

नम्रता ने वही खड़े-खड़े मुझे 4-5 मिनिट हॅंजब दिया. कुछ देर मैने भी उसके हाथो पर हाथ रख के खुद को हॅंजब दिया. फिर मैने उसे रिक्वेस्ट की, की वो मेरे लंड को चूज़. नम्रता पहले नही मानी. उसने तो मेरे सामने रोना तक शुरू कर दिया. पर मैने जैसे-तैसे एमोशनल ब्लॅकमेल करके उसे फाइनली माना ही लिया.

नम्रता वही घुटनो पर बैठ गयी. उसने मेरा लंड अपने हाथ में लिया, और उसे किस करने लगी. थोड़ी देर बाद उसने लंड के टोपे को लीक किया, और फिर धीरे-धीरे आधा लंड मूह में लिया. फिर बाद में पूरा लंड चूसने लगी. पहले उसे उल्टी जैसा लगा, पर फिर भी उसने चूसना जारी रखा.

मुझे उसे फोर्स नही करने था, इसलिए मैने बस अपने लंड को वो जैसे चाहे वैसे चुस्वाया. करीब 10-15 मिनिट तक पहली बार मेरी बीवी ने मेरा लंड चूसा था. मैं बहुत खुश था. मैने तान लिया था की एक दिन उसके मूह में मैं अपना पूरा कम निकालूँगा. फिर उसने बीच-बीच में दोनो ब्लोवजोब और हॅंजब दिया, और मेरे कम को निकाल दिया.

फिर मैने भी उसे किस करना शुरू किया. मैने उसकी ब्रा पनटी उतार कर उसे नंगा किया, और बेड पर चुम्मा-छाती करने लगा. कुछ देर बाद मेरा लंड वापस खड़ा हो गया. मैने नम्रता से चुदाई की रिक्वेस्ट की पर कल की चुदाई से वो समझ गयी थी की मेरी हवस का शिकार वो हो जाएगी अगर वो आज मान गयी तो. और मैं पुर तरीके से उसे दबोच लूँगा.

फिर मैने सोचा की क्यूँ ना आज नम्रता की गांद का ही उद्घाटन कर लिया जाए. मैं नम्रता को कहा की मुझे उसकी गांद मारनी थी. ये सुनते ही उसने सॉफ माना किया. पर मैने हमेशा के हिसाब से उसे माना ही लिया. फिर मैने उसे डॉगी पोज़िशन बिताया, और पीछे से उसकी गांद पर लंड सेट किया. पर वो नही घुसा.

तो मैने पहले एक उंगली, फिर दो उंगलियों से चुदाई की. उसमे भी नम्रता को दर्द हुआ, और उसने माना किया करने से. पर मैने भी थोड़ी और रिक्वेस्ट की, और मेरा लंड पहले आधा, और फिर पूरा उसकी गांद में घुसा दिया. फिर लंड वैसे ही रहने दिया. गांद ज़रा ज़्यादा टाइट थी, पर सम्हाउ ई फक्ड.

नम्रता: नही प्लीज़, निकालो इसे. बहुत दर्द हो रहा है. मैं मॅर जौंगी. प्लीज़ निकालो इसे.

मैं: बस थोड़ी देर जानू से लो ये दर्द. अभी तुम्हे आयेज मज़े दूँगा.

ये कह के मैने उसकी गांद मारनी शुरू कर दी. डॉगी में ज़्यादा देर नही मार पाया, तो उसे उल्टा सुला के उसकी गांद मारने लगा. यहा उसकी आँखों से पहले आँसू आए. पर बाद में बीच-बीच में उसे भी मज़े आने लगे. कुछ देर करीब 20-25 मिनिट की गांद चुदाई के बाद हम बातरूम में अपने आप को सॉफ करने के लिए चले गये.

पर नम्रता से चलना नही हुआ तो मैने उसे गोद में उठाया और बातरूम ले गया. वाहा साथ में हमने शवर लिया, और हमारे भीगे बदन आपस में टकरा रहे थे. मैने उसको नहलाया और बाद में टवल से पोंछ दिया. उसने भी मुझे नहलाया और पोंचा.

फिर मैने उसे वापस बेड पर सुलाया, और उसके नंगे बदन को चिपक कर मैं भी सो गया. उसके बाद दूसरे दिन नम्रता ठीक से चल नही पा रही थी. पर मुझे उसे ऐसे लंगदाते हुए देख के अंदर से हल्की खुशी भी हो रही थी. उसके बाद हमने और भी सेक्स एक्सपीरियेन्सस किए. अगर कहानी अची लगी हो तो मुझे जवानिकजोश@आउटलुक.कॉम पर ज़रूर बताए. और आपकी एमाइल आइडेंटिटी सेफ रहेंगी, तो प्रतिक्रिया बताने में संकोच ना करे.

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