नासिक वाली भाभी के साथ कामासूत्रा की

ये मेरी रियल स्टोरी है, जिसमे मैं अपने भाभी और मेरे अफेर के बारे में बता रहा हू. आप भी पढ़िए कैसे मैं और भाभी एक-दूसरे के दीवाने हो गये.

मैं 24 यियर्ज़ का हू वित ब्राउन स्किन. इतना हॅंडसम तो नही हू, बुत डीसेंट दिखता हू. मेरा लंड 6 इंच का है, और थोड़ी बल्की बॉडी है. मेरी भाभी 38-40 की यियर्ज़ की है, सावला रंग है, कातिल फिगर, और नरम मुलायम स्किन है. थोड़ी सी चब्बी है, बुत फिर भी मस्त दिखती है. उसके बब्ले 38द साइज़ के है, कमर 38″ की, और गांद 42″ की है.

तो ये किस्सा पिछले साल का है. जब मैं मेरे कज़िन भैया के घर नासिक गया था एक इवेंट के लिए. वैसे तो मैं रिलेटिव्स से ज़्यादा बात नही करता था, पर भाभी बहुत काइंड और नों-जड्ज्मेंटल थी. इसलिए उनसे आचे से बात करता था.

तो उनके घर में सब लोग उस फंक्षन की तैयारी में व्यस्त थे. और मैं भी अपनी मा की कुछ काम में मदद कर रहा था. तब मेरी भाभी ने मुझसे पूछा क्या मैं स्कूटी चलना जानता हू. मैने कहा हा तो उसने मेरी मदद माँगी मार्केट जाने में कुछ चीज़े लेने के लिए.

इस पर मैने मा से पूछा की वो काम संभाल सकती थी या नही. फिर मैं अपनी भाभी के साथ चला गया, और स्कूटी पर जाते वक़्त हम बात करने लगे. अब हम एक-दूसरे के साथ कंफर्टबल फील कर रहे थे. हम जब लौट कर आए, तो उसने मुझे थॅंक्स कहा और अब हम तोड़ा और क्लोज़ हो गये थे.

फिर वो अक्सर मेरी मदद माँगने लगी. शाम में वो बस मेरे साथ और मेरे कुछ कज़िन्स के साथ मस्ती कर रही थी. बाद में सभी च्चत पर चले गये जहा पर फंक्षन होने वाला था. उसने मुझसे कहा की मैं इंतेज़ार करूँ ताकि वो मेरे साथ कुछ कंबल ले जेया सके. क्यूंकी रात को ठंड लग सकती थी.

कंबल निकालते वक़्त ही हम इंटिमेट्ली पास आए. जब वो कंबल निकालने स्टूल पर चढ़ि, तब उसने मुझे स्टूल पकड़ने को कहा था. और जब कंबल निकाल लिया, तब उसने मुझसे मदद माँगी नीचे उतरने को. वो स्टूल से नीचे कूदी और मेरी छाती पे आ कर टकरा गयी.

हमने एक-दूसरे से नज़रे मिलाई और उस मोमेंट की गर्माहट महसूस की, जिस तरह से उसके बब्ले मेरे छाती पे दबे हुए थे, और मेरे हाथ उसकी कमर पर थे. हम अचानक से होश में आए, और फंक्षन के लिए निकल पड़े. कुछ घंटो बाद उसने फिरसे मुझसे मदद माँगी और अपने साथ नीचे चलने को कहा.

मैं भाभी के पीछे चलते हुए उसकी गांद, फिगर, और मटकती कमर ताड़ रहा था. वो अचानक से रुक गयी और मेरे हाथो में हाथ डाल कर चलने लगी. नीचे जाते वक़्त एक रूम से हमे मोन्स की आवाज़ सुनाई देने लगी. हम दोनो समझ गये अंदर क्या चल रहा था.

भाभी तोड़ा शरमाई, और हम दोनो तोड़ा हासे और नीचे जाने लगे. सीडी उतरते वक़्त उसने मुझे अचानक से तोड़ा खिलखिलते हुए पूछा, “तुमको पता है वाहा उस रूम में क्या चल रहा था?” मैं तोड़ा शॉक्ड रह गया, पर हम दोनो भी फंक्षन के कारण आचे और मस्ती वाले मूड में थे, तो मैने सच बता दिया, “हा पता है मुझे”. और यहा से कुछ ऑक्वर्ड बातें शुरू हुई.

भाभी मुझे मेरी पर्सनल लाइफ और रिलेशन्षिप के सवाल पूछने लगी, की मैने कभी किसी लड़की के साथ मज़े किए है या नही? मैं सब सवाल का जवाब देते गया, और घर पहुँचते ही उसने मुझसे पूछा, “कभी किसी के साथ तुमने भी ऐसा कुछ किया है?” (मतलब सेक्स किया है या नही). मैने अवाय्ड करने की कोशिश की मगर वो मुझे चिढ़ने लगी, तो मैने जवाब दे दिया, और फिर उसने भी मुझे उसकी पर्सनल लाइफ की बातें बतानी शुरू कर दी.

हम किचन में थे, जब वो मेरी तरफ पलटी और मुझसे पूछा, “तुम्हे कैसी लड़कियाँ पसंद है?” मैने उनको सच बताया, “मुझे थोड़ी मेच्यूर लड़कियाँ पसंद है, और लुक्स वाइज़ थोड़ी चब्बी और क्यूट होनी चाहिए”.

फिर उसने मुझे एक नॉटी सी स्माइल दी, और तिरछी नज़र से देखते हुए पूछा की, “मेरे बारे में क्या ख़याल है तुम्हारा? मैं पसंद अवँगी तुम्हे?” ये सुन कर तो मैं खो ही गया. मुझे समझ नही आ रहा था मैं क्या जवाब डू. उसने मुझे हल्के से थपकी दी, ताकि मैं होश में अओ, और फिरसे वही सवाल पूछा.

मैने शरमाते हुए उनकी तारीफ की और उसको कहा, “आप भी बहुत खूबसूरत हो. आप अगर मेरी भाभी ना होती तो आपको ज़रूर गर्लफ्रेंड बनाने की कोशिश करता”. फिर उसने मेरे पास आके मुझसे पूछा, “तुम सीक्रेट्स रख सकते हो ना?” मैने कहा “हा बोलिए ना क्या हुआ?” उसने कुछ कहा नही बस अपने हाथ मेरे कंधे पे रख कर मुझे लिप्स पे एक लंबा किस दिया, और हेस्ट हुए बाहर जाने लगी.

अब मैं बहुत हॉर्नी हो गया था हमारी सारी बातों, टीज़िंग, और अब ये किस की वजह से. मैं उसके पीछे भागा और वो दरवाज़े से बाहर जाए उससे पहले ही मैने उसका हाथ पकड़ के अंदर खींच लिया, और दरवाज़ा बंद करके उसको मेरे करीब खींचा, और किस और स्मूच करने लगा.

उसने अचानक से किस तोड़ दिया और कहा, “हम ये नही कर सकते, ई’म सॉरी मैने ग़लती से लाइन क्रॉस कर दी”. पर मैं अब अपने आपको कंट्रोल नही कर सकता था. मैने उसको मानने की कोशिश की. फिर उसने कहा, “ठीक है अभी चलो यहा से, सब उपर हमारी राह देखते होंगे.

हम बाद में इसके बारे में बात करेंगे”. मैं फिरसे भाभी को खींच कर चूमने लगा, और अब उसकी गांद भी मसालने लगा, और निकलते वक़्त उसकी गांद पर एक थप्पड़ मार दिया. फिर हमने उपर जेया कर रात भर फंक्षन एंजाय किया.

अगले दिन मेरे पेरेंट्स हमारे नासिक वाले घर पे कुछ काम से जेया रहे थे. पर मैं भैया के घर पे ही रुक गया भाभी के साथ कुछ मज़े करने की उमीद से. भैया ने आज ऑफीस से छुट्टी ली थी, पर नसीब से उनको जॉब से कॉल आया था और उनको जॉब पे बुला लिया गया. तो वो भी सुबा मेरे पेरेंट्स के साथ निकल गया.

अब घर पे सिर्फ़ कुछ मेहमान रुके हुए थे. पर भाभी ने मुझसे फिरसे मदद माँगी टेरेस से कुछ समान नीचे लाने के लिए. ये सुनते ही मैं जल्दी से राज़ी हो गया और उसके साथ जाने लगा. कुछ आखरी सीडीयों पे पहुँचते ही मैं पीछे से भाभी की पीठ और कमर से खेलने लगा. वो तोड़ा शरमाई और मुझसे कहा, “अपने दिमाग़ में कोई बदमाशी मत सोचना”.

हमने जल्दी से सारा समान समेत लिया, जो हमे नीचे लेकर जाना था. निकालने से पहले मैने उसका हाथ पकड़ के खींचा, और उसको दीवार पे धकेल कर उसके सामने खड़ा हो गया, ताकि वो जेया ना सके.

वो तोड़ा नर्वस हो गयी, और मेरी आखों में देख कर कहा, “अभी कुछ नही कर सकते है प्लीज़ जाने दो. घर पे मेहमान है अभी तक”. मैने उससे कहा, “पर फिलहाल यहा उपर टेरेस पे तो हमारे अलावा कोई भी नही है ना”.

और ये कह कर मैने उसकी कमर दबोच ली, और उसको किस और स्मूच करने लगा. कुछ देर के बाद हम पलते और अब मैं दीवार पे टीका हुआ था, और उसको कस्स के हग करके मेरे छाती पे उसके बब्ले मसल रहा था, और उसको स्मूच कर रहा था. अचानक हमने कुछ बच्चो को उपर आते सुना और हड़बड़ते हुए हमने अपने कपड़े ठीक किए और नीचे चले गये.

शाम को मेहमान जाने लगे, पर मेरे पेरेंट्स और भैया वापस आ चुके थे, तो हम कुछ मज़े नही कर सके.

अगले दिन सुबा मेरे पेरेंट्स वापस किसी काम से बाहर चले गये थे, और भैया भी ऑफीस चले गये थे. अब घर पे सिर्फ़ मैं, भाभी और उनका बच्चा था.

हम एक-दूसरे के साथ फ्लर्ट कर रहे थे, और गंदी बातें कर रहे थे. तभी वो बच्चे ने चिल्ला के कहा की वो खेलने नीचे जेया रहा थे. मेरे मॅन से उसके लिए दुआ निकली, की भला हो इसका, लॉल. फिर मैने भाग के जेया कर दरवाज़े को लॉक कर दिया, और वापस जेया रहा था. भाभी पहले से समझ गयी थी अब क्या होने वाला था, तो वो भी अंदर किचन से बाहर लिविंग रूम में आ गयी, और हम दोनो ने एक-दूसरे को कस्स के हग करके वही खड़े रह कर किस और स्मूच करना शुरू कर दिया.

फिर भाभी ने मुझे सोफा पे धकेल दिया और मेरी गोदी में आ कर बैठ गयी. उन्होने मेरे बाल कस्स के जाकड़ लिए, और हम फिरसे स्मूच करने लगे, और मैं भी उसकी गांद मसल रहा था. मैं उसकी गांद पे थप्पड़ मार रहा था.

हम मदहोशी से एक-दूसरे में खो गये थे कुछ देर के लिए, और फिर मैने किस करना बंद किया, और भाभी के नाइट सूट के उपर से ही उनके निपल्स को चूमने लगा. वो तोड़ा शरमाई और कहा, “अगर तुम मेरी टॉप उतारना चाहते हो तो मैं रोकूंगी नही”. मैं जल्दी से उसका टॉप उतारने लगा, और उतार के बाजू में फेंक दिया और उसके बाबलो पर किस कर रहा था ब्रा के उपर से.

मैं हड़बड़ते हुए ब्रा भी खोलने की कोशिश कर रहा था, पर वो मुझसे खुल नही रही थी. वो हासणे लगी और खुद से ही ब्रा उतार दी. वाह क्या नज़ारा देखने को मिल रहा था मुझे. भाभी का सावला रंग, वो दूध से भरे हुए बब्ले, और काले निपल, उफ़फ्फ़! मैं कुछ देर तक उसके बब्ले निहारता रहा, और इस नज़ारे को अपने दिमाग़ में क़ैद करने लगा. तभी भाभी शरमाते हुए एक-दूं हल्की आवाज़ में बोली, “अब सिर्फ़ देख कर ही मॅन भरना है?” मैने उसको कस्स के हग किया, और सीधे उसके बब्ले चूसने लगा किसी बच्चे की तरह.

मैं इतना मदहोश हो गया था उस मोमेंट में, की मैने ध्यान ही नही दिया मैं कितनी बेरेहमी से उसके बब्ले चूस रहा था. उसने आहह निकली और मुझे आराम से चूसने को कहा, पर मैं इतना खो चुका था की मुझे उसकी आवाज़ ही सुनाई नही दी. उसने फिर अपने नरम हाथो से मेरा चेहरा पकड़ा, और कहा, “मेरी तरफ देखो”. फिर एक किस देकर कहा, “आराम से करो, मैं कही नही जेया रही तुम्हे छोढ़ कर”.

मैने उसको सॉरी कहा, और उसने भी हेस्ट हुए बोला, “कोई बात नही, चूस्टे रहो”. और फिरसे मुझे किस किया. मैं फिरसे उसको स्मूच करने लगा और थोड़ी देर में उसके गले को चूमने लगा और फिरसे उसके बब्ले चूसने शुरू कर दिए.

मैं उसके बब्ले दबा कर उसके निपल्स से खेल रहा था, तभी कुछ देर बाद वो मुझे रुकने को कह कर किचन में चली गयी गॅस स्टोव बंद करने, पर मुझसे रहा नही गया और मैं उसके पीछे चला गया.

उसने खाना चेक किया, और स्टोव बंद करने पीछे पलटी, तो मैं वही खड़ा था. ये देख के वो हासणे लगी और कहा, “2 मिनिट भी नही रुक सकते थे?” मैने फिरसे उसको हग करके किस किया और कहा, “अब और रुका नही जाता”.

उसने मेरी त-शर्ट उतार कर किचन के फ्लोर पर फेंक दी, और मेरा बदन चूमने लगी. फिर मैने उसको किचन के काउंटर पे बिताया और हम कुछ 5-10 मिनिट्स वही माकेऔट करते रहे.

आयेज की स्टोरी अगले पार्ट में ज़रूर पढ़िएगा.

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