हेलो दोस्तों, मेरा नाम रीना है, और मेरी उमर 23 है. मेरे बारे में और बतौ तो मेरा फिगर 32-30-34 है. मेरे बूब्स पर कितने लड़कों की नज़र होती है जब मैं बाहर निकलती हू तो. और मैं आमेडबॅड से हू.
अगर कोई लेज़्बीयन है, और अगर लेज़्बीयन सेक्स में इंट्रेस्टेड हो, तो मैल या फीडबॅक ज़रूर देना. और लेज़्बीयन गर्ल्स बेफिकर होके मेसेज कर सकती है. पिछली स्टोरी पर कोई फीडबॅक ही नही मिला है, तो इस कहानी पर फीडबॅक ज़रूर देना. मेरी एमाइल ईद है क्राज़्ीबल्ल893@गमाल.कॉम.
(नेक्स्ट कों सी स्टोरी का पार्ट उपलोआड करू, उसका फीडबॅक ज़रूर देना मी लव्ली रीडर्स)
आपने पिछली स्टोरी में पढ़ा के कैसे मेरे भैया की शादी हुई. उसके बाद मैने सोचा के जो प्यार मा पापा का नही मिला, वो भाभी से मिलेगा. पर जैसे मैं नहाने गयी और भाभी ने मेरे बातरूम में आ कर मेरे साथ जो किया, उससे मैं नाराज़ हो गयी.
फिर भाभी जब नहाने गयी तो मुझे जान-बूझ कर टवल देने के लिए बातरूम के पास बुलाया और मुझे टवल के बहाने अंदर खींच लिया. तभी ग़लती से मेरे हाथ भाभी के बूब्स और छूट पर टच हो गये. फिर भाभी मुझे सिड्यूस करके मेरे होंठ चूसने लगी और मेरे बूब्स के निपल्स को काटने लगी.
फिर मैं और भाभी एक-दूसरे को जाम के एक-दूसरे की बॉडी को चूमने लगे. मुझे तब जेया कर पता चला के भाभी बी-सेक्षुयल है. और भाभी तो मानो मेरे पर टूट पड़ी हो. कभी मेरे गाल पर, कभी कमर पर, तो कभी बूब्स को किस करती. फिर भाभी बोलने लगी.
भाभी: हा मदारचोड़, इसलिए कब से तुझ पर मेरी नज़र थी. आज मेरी खवैिश पूरी हुई. आज तू मेरी है.
भाभी ने मुझे दीवार पर धक्का दिया. मुझे पता ही नही चला कब भाभी ने मेरे कपड़े उतार दिए और मैं भाभी के सामने एक-दूं नंगी थी और भाभी तो पहले से ही बिना कपड़ों के थी. फिर भाभी मुझे उल्टा किया और मेरी पीठ को किस करने लगी. उसके बाद मेरी गांद को उनकी छूट से सता दिया और पीछे से दबाने लगी. मैं आवाज़े निकालने लगी आहें भरने लगी.
मे: अहह भाभी बहुत मज़ा आ रहा है भाभी आ ऑश. फक भाभी. ऑश भाभी कितनी आग भारी है आप में. भैया शांत नही कर पाते लगता है आपको. अहह भाभी.
भाभी: तेरे भैया भी बड़े चालू बाज़ है. मुझे जाम के छोड़ते है. जब भी मौका मिलता है मुझे छोड़ने का, मौका नही छ्चोढते है अहह ओह. लेकिन बस तेरी ही कमी थी, वो पूरी हो गयी.
फिर भाभी ने मुझे सीधा किया और मुझे किस करने लगी और मुझे नीचे बैठने को कहा. मैं भाभी की बात मान कर नीचे बैठ गयी और मुझे पता था क्या होने वाला था. मेरे सामने भाभी की नंगी छूट थी, एक-दूं क्लीन शेव थी.
भाभी ने मेरा सिर पकड़ के मुझे उनकी छूट में घुसा दिया. मैं उम्म्म्म अहह करने लगी और भाभी तो मानो सातवे आसमान पर पहुँच गयी थी. वो तो आवाज़े निकालने लगी-
भाभी: चूस साली चूस अहह. क्या जीभ है तेरी, मज़ा ही आ गया. अब रोज़ तुझसे ही चत्वौुनगी. चाट मेरी रंडी अहह, क्या मस्त है अहह.
मे: ह भाभी ओह एस भाभी आपकी छूट बहुत मस्त है. एक-दूं मुलायम छूट है आपकी अहह ऊऊऊ अहह.
फिर भाभी ने मुझे उपर उठाया और मेरे होंठो को किस करने लगी. बहुत मज़ा आ रहा था. ऐसा लग रहा था की वो उनकी ही छूट को टेस्ट करना चाहती थी. मैं फिर भाभी को किस करने लगी. मैं भी उनका साथ देने लगी अहह.
भाभी पीछे से मेरी गांद मसालने लगी और मेरी गांद पर छानते मारने लगी ह ऑश. वो ज़ोर-ज़ोर से मेरी गांद को दबा रही थी, और मेरी गांद पर इतना ज़ोर से छानते मारे के मेरी पूरी गांद लाल हो गयी.
फिर मैं भाभी के काले-काले निपल्स चूसने लगी. मैं भाभी के निपल्स लॉलिपोप की तरह आहें भर के चूस रही थी. मुझे बहुत मज़ा आ रहा था, और मैं आवाज़े निकाल रही थी अहह उम्म्म्मम मुआअ टेस्टी है अहह.
भाभी: अहह भेंचोड़, क्या मस्त है. चूस इसे, बहुत दीनो बाद कोई मेरे निपल्स की ऐसे मालिश कर रहा है. और कर भेंचोड़ ह मत रुक. करती जेया बेबी, डॉन’त स्टॉप ऑश बेबी फक फक फक एस एस.
मे: भाभी आपके बूब्स तो मुझसे भी बड़े है. और बहुत रसीले भी है अहह ओह.
फिर मैं भाभी के छूट पर रुकी और छूट का दाना मसालने लगी. मैं ऐसे ही बूब्स चूज़ जेया रही थी, और उनकी छूट को मसले जेया रही थी. कुछ ही देर में भाभी के पैर काँपने लगे और वो ज़ोर-ज़ोर से मुझे गालियाँ देने लगी.
भाभी: साली रंडी, और ज़ोर से कर, भेंचोड़ मत रुक. अहह ओह करती जेया बेबी एयेए ऑश फक. एस एस मेरा निकालने वाला है. अहह ओह.
फिर भाभी का एक फव्वारा निकला और मेरे हाथ पर सब पानी गिर गया. मैं मेरे हाथ को ही चाटने लगी और फिर भाभी मेरे होंठो किस करने लगी. हम पागलों की तरह एक-दूसरे को किस करने लगे.
फिर भाभी ने मुझे दीवार के पास किया और खुद ज़मीन पर बैठ गयी. उसके बाद मेरी छूट चूसने लगी. वो मेरे बूब्स भी दबा रही थी और मेरी छूट भी सहला रही थी. मैं तो मानो आसमान पर थी. मेरी आँखें उपर हो गयी थी. इतना मज़ा आ रहा था की क्या ही बतौ.
मे: ऑश भाभी, जान ही ले लॉगी क्या? आहह इतना मज़ा आज से फेले कभी नही आया है. ऑश भाभी बहुत मज़ा आ रहा है. थॅंक योउ भाभी. और करो अहह ओह मत रूको.
भाभी: आहह ओह मस्त छूट है तेरी रंडी. बहुत लोगों ने छोड़ी होगी, आज मेरे हाथ में आई है. आज तो मैं इसके पुर मज़े लूँगी अहह ओह. और ले अहह बहुत आग है ना तेरे में, निकालती हू अहह ओह.
फिर भाभी ने मुझे लिटा दिया और मेरी दोनो टाँगें उपर करके मुझे चाटने लगी आहह. और मैं उनके सर को पकड़ के अपनी छूट में दबा रही थी. वो मेरे निपल्स को दबाए जेया रही थी, और फिर मैं भाभी के उपर झाड़ गयी.
इस कहानी में इतना ही. नेक्स्ट स्टोरी किस पार्ट पर लिखू, उसके लिए फीडबॅक ज़रूर डीजयगा. थॅंक योउ.