ननद भाभी की लेज़्बीयन सेक्स स्टोरी

ही सेक्स स्टोरी रीडर्स. मैं हू शहीन. मेरी आगे 34 है. मेरी शादी अभी नही हुई है. एक बेहन है मेरी और एक भाई भी है. मेरी दीदी की शादी हो चुकी है, और मेरे भाई की भी. मेरा भाई मेरे से 2 साल बड़ा है. मुझे कोई लड़का पसंद नही कर रहा था, तो मम्मी पापा ने मेरी शादी से पहले भाई की शादी कर दी.

मेरी भाभी का नाम हुसना है. वो मेरे से आगे में छ्होटी है. उसकी आगे 20 साल है, और मेरी आगे तो मैने आपको बता ही दी है. लेकिन रिश्ते में उसको भाभी ही बोलना था, क्यूंकी वो मेरे भाई की वाइफ है.

ये तब की बात है, जब मेरे भाई की शादी हुई थी, और उनकी फर्स्ट नाइट थी. तब मैं बिज़ी थी, और सारा काम मुझे ही करना पड़ता था. फिर कुछ दीनो के बाद सब रिश्तेदार चले गये.

एक दिन भाभी रूम में बैठी थी. मैं भाभी के पास जाके बैठ गयी, और ऐसे ही बातें करने लगी. अब मैं आपको भाभी के बारे में बता देती हू. मेरी भाभी रंग की गोरी है, और उसकी शादी कम आगे में मेरे भाई से हुई थी. उसका फिगर 30-28-32 है.

फिर ऐसे ही कुछ मंत्स बीट गये. एक दिन भाभी नहा कर अपने ही रूम में रेडी हो रही थी. तभी मैं भाभी के रूम में चली गयी. मैने भाभी को देखा, तो वो बस एक टवल में थी. उनकी टवल उनकी नीस के उपर थी, और पूरी नंगी जांघें दिख रही थी.

उपर भाभी ने अपने बूब्स तक टवल लपेटा हुआ था. इस कंडीशन में भाभी को देख कर मेरे होश उडद गये. फिर मैं सॉरी बोल कर अपने रूम में आ गयी. उस रात में मेरी आँखों के सामने बस भाभी का नंगा जिस्म घूमे जेया रहा था.

मैं पहली बार भाभी के बारे में सोच कर गरम होने लगी, और अपनी छूट में फिंगरिंग करने लगी. फिर छूट का पानी जब निकला, तो मेरी छूट शांत हुई.

फिर एक दिन मैं भाभी के बातरूम में गयी. वहाँ भाभी की ब्रा और पनटी थी. मैं भाभी की ब्रा का साइज़ देखी तो 30″ था. उसकी पनटी का साइज़ स्माल था. फिर मैने उसकी पनटी उठाई, और उसको सूँघा. क्या कमाल की खुश्बू थी. उसके बाद मैं अपने बातरूम गयी, और फिर से फिंगरिंग करके अपनी छूट को शांत किया.

फिंगरिंग के बाद मैने अपनी भी पनटी सूँघी. मेरी छूट की खुश्बू भी अची थी. वैसे मेरा फिगर 32-30-34 है. अब मेरे को भाभी से प्यार हो गया था. मैं कभी भी भाभी के रूम में जाती, और उनसे बात करती. मैं उनके क्लोज़ होने लगी थी.

फिर एक दिन मैं उनके बातरूम से उनकी पनटी और ब्रा लेके अपने रूम में आ गयी. मैं बेड पर भाभी की ब्रा और पनटी रख कर ब्रा को दबा रही थी. मैं ऐसा फील कर रही थी, की मैं भाभी के बूब्स दबा रही थी.

फिर मैं उनकी पनटी को छूट वाली जगह से चाटने लगी. मैं फील कर रही थी की मैं अपनी भाभी की छूट चाट रही थी. इसके साथ-साथ मैं अपनी छूट में फिंगरिंग कर रही थी. इसी तरह से कुछ दिन तक मैं अपनी छूट का पानी निकालती रही.

फिर एक दिन मैं भाभी के रूम में गयी, और उनसे बोली: भाभी मेरे बातरूम में पानी नही आ रहा है. तो क्या मैं आपके बातरूम में नहा सकती हू.

भाभी ने मुझे उनके बातरूम में नहाने की पर्मिशन दे दी. फिर मैं वहाँ नहा ली, और भाभी की पनटी और ब्रा पहन कर टवल लपेट कर बाहर आ गयी. भाभी ने मुझे देखा और मैं उनको बोली-

मैं: भाभी ज़रा मेरे रूम से मेरे कपड़े ला कर देना.

फिर भाभी मेरे कमरे में गयी, और मुझे कपड़े ला कर दी. मैं उनको दरवाज़ा बंद करने को बोली. फिर भाभी ने जैसे ही दरवाज़ा बंद किया, मैं अपना टवल नीचे गिरा दी. अब मैं भाभी की ब्रा और पनटी में उनके सामने थी. भाभी मुझे देखने लगी, तो मैं उनको बोली-

मैं: हा भाभी, आपकी ही है. मैं अब ऐसे ही अपने रूम में नही जेया सकती थी, तो आपके इननेरवेार्स पहन लिए. आप मेरे कपड़े लेके आई ना, अब मैं इनको पहन कर अपने रूम में जौंगी, और ब्रा और पनटी निकाल कर आपको वापस दे दूँगी. भाभी ठीक है बोली.

उस दिन मैं पूरा दिन भाभी की ब्रा और पनटी डाल कर घूमती रही. फिर रात को सोने से पहले मैने कपड़े उतार कर निघट्य पहन ली. भाभी की ब्रा पनटी मैने अभी भी पहनी हुई थी. फिर मैं भाभी की पनटी के उपर से अपनी छूट मसालने लगी. मेरी छूट बहुत गरम हो गयी, और भाभी की पनटी में ही मेरी छूट का पानी निकल गया. भाभी की पनटी मेरी छूट के पानी से गीली हो गयी. फिर मैं ऐसे ही उस रात सो गयी.

नेक्स्ट मॉर्निंग मैं फिर से भाभी के बातरूम में गयी, और भाभी को बोली-

मैं: भाभी आज फिर से मेरे बातरूम में पानी नही आ रहा.

ये बोल कर मैं फिर से उनके बातरूम में घुस गयी, और सभी कपड़े निकाल दी. भाभी की ब्रा-पनटी जो मैने पहनी थी, उनको भी निकाल कर मैं फुल न्यूड हो गयी. उसके बाद मैं नहन लगी. कुछ देर में मैं भाभी को बुलाई, और उनको कपड़े देने को बोली.

फिर भाभी मेरे रूम से मेरे कपड़े लेके आई. उसमे मेरी ब्रा और पनटी भी थी. मैं वहीं पहन कर टवल लपेट ली, और बातरूम से बाहर आके कपड़े बदलने लगी.

फिर भाभी मुझसे पूछी: शहीन, मेरी ब्रा और पनटी कहाँ है?

मैं बोली: भाभी, वो मैं आपके ही बातरूम में छ्चोढी हू.

भाभी: अछा ठीक है.

फिर मैं भाभी के सामने कपड़े बदल कर उनको थॅंक्स बोली.

भाभी बोली: क्यूँ, थॅंक्स की बात का?

मैं: आप मुझे अपनी ब्रा और पनटी दिए, इसके लिए थॅंक्स.

थॅंक्स के बाद मैने भाभी को सॉरी बोली.

फिर भाभी ने पूछा: सॉरी किस लिए?

मैं: आप खुद ही देख लेना अपनी ब्रा और पनटी पर.

ये बोल कर मैं अपने रूम में आ गयी. भाभी बातरूम में जेया कर वो पनटी देखी, जो मैने पहनी थी. वो पनटी ब्लॅक कलर की थी, और उस पर मेरी छूट के पानी का दाग पड़ा हुआ था. भाभी वो देख कर मेरे रूम को आई और बोली-

भाभी: शहीन ये क्या है? जो तूने करा है, वो सही नही है.

मैने पूछा: क्या करा है भाभी मैने?

भाभी: जो तूने मेरी पनटी में करा है.

फिर मैं भाभी को समझने लगी. आयेज क्या हुआ, वो आपको अगले पार्ट में पता चलेगा.

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