नेक्स्ट पार्ट ऑफ गे सेक्स स्टोरी-
नणु ने आयिल लिया और मेरा टोपे को पीछे करते हुए पुर लोड को आयिल से भर दिया. लोड के मूह पर आचे से आयिल लगा कर सूपदे को अपनी उंगलियों से मसला. मेरी आँखें बंद हो गयी थी “आमम्म्म नणु बस.”
मेरा लोड्ा अब बिल्कुल सख़्त खड़ा हो गया था. मैने आँखों खोली तो नणु ने मुझे घुमा कर डॉगी पोज़िशन में झुकाया. फिर मेरी गांद को दबाते हुए मेरे च्छेद पर आयिल लगाने लगे.
मैं: नणु…..?
मैं आयेज कुछ बोलता उससे पहले ही नणु ने बोला, “मोटे-मोटे चुतताड, लाल-लाल, गोरे कितने है. कभी च्छेद की भी सफाई कर लिया कर.”
नणु: मैं जो कर रहा हू करने दे. गुप्तँग की सफाई होना बहुत ज़रूरी है.
नणु आयिल और चंदन का लेप लेकर मेरी गांद पर दोनो हाथो से पुर मज़े लेते हुए मसालने लगे. थोड़ी देर बाद मेरे च्छेद पर आयिल लगा कर अपनी उंगलियों को च्छेद में डालने लगे. नणु की एक उंगली बहुत आराम से चली गयी. मैं जान-बूझ कर दर्द होने का नाटक करने लगा, ताकि उनको शक ना हो.
नणु मेरे च्छेद में आचे से आयिल डाल कर, 2 फिर 3 उंगलियों के साथ अंदर तक छाप-छाप की आवाज़ के साथ छोड़ने लगे. मैं बार-बार “नणु दर्द हो रहा है” बोलता रहा. अब मुझे सच में दर्द हो रहा था.
फिर नणु अचंक रुक गये. नणु ने मुझे खड़ा किया और मेरे पीछे खुद भी खड़े हो गये, और पानी डाल कर पुर बदन को सॉफ करने लगे. मैने अपनी गांद के च्छेद पर हाथ लगाया तो एक-दूं चौंक गया. मेरा च्छेद बहुत ज़्यादा ढीला पद गया था. नणु की उंगलियों से क्या हाल हो गया था.
तभी मैने नणु की तरफ मूह किया. उनका लोड्ा उनके गील्ले ककचे में एक-दूं मोटा खंबे जैसा खड़ा था. उनके ककचे का नाडा नीचे लटक रहा था. मैने मस्ती करते हुए नणु के हाथ से मग लेकर सीधा नणु के उपर पानी डाल दिया. नणु ने मुझे अपनी तरफ खींचते हुए मेरी गांद को बहुत ज़ोर से दबा दिया.
“आआआ नणु… अब मेरी बारी ”
ये बोलते ही मैने नणु का नडा खींच दिया. नणु का कक्चा खुल गया. लेकिन पूरा कक्चा खड़े हुए लोड पर लटक सा गया और नीचे ही नही गिरा.
वो हेस्ट हुए बोले: इसमे क्या है? हम दोनो मर्द ही तो है, ले देख दे.
नणु का लोड्ा बहुत मोटा और एक-दूं काला था. हल्के-हल्के सफेद बालों से डाका हुआ था. ये देख कर मैं बहुत ज़्यादा शर्मा गया और बहुत तेज़ रूम की तरफ नंगा ही भाग गया. नणु भी मेरे पीछे-पीछे आ गये, और दरवाज़े पर रखी हुई लूँगी पहन ली.
मैं अभी भी नंगा ही था. मैं अपने बदन को टवल से सॉफ कर ही रहा था. तभी नणु मेरे पीछे आ कर बोले: क्या हुआ, क्यूँ भाग आया?
मैं बिना नणु की तरफ देखे ही बोला: आपका इतना मोटा और बड़ा देख कर बदन मुझे कुछ अलग सा लगा, इसलिए आ गया.
नणु बिस्तर पर बैठ गये और मुझे अपनी तरफ घूमते हुए बोले: देख अब लूँगी पहन ली, अब ठीक है?
नाना का लोड्ा मुझे भी लेना था लेकिन पहली बार इतना बड़ा देख कर दर्र लगा. इसलिए भाग कर आ गया. लेकिन अब कोई मौका नही जाने देना था. मैं टवल उठा कर सामने लगे मिरर में देख कर बदन सॉफ करने लगा. नणु मुझे ही देख रहे थे.
मैने जल्दी से अंडरवेर ली और पहनने लगा. फिर उन्होने मुझे अपने पास खींच लिया और अपनी जाँघ पर बिता लिया.
नणु: मेरे सामने कितनी देर से नंगा है, अब रहने दे. वैसे भी कों आने वाला है यहाँ हम दोनो के अलावा.
मैं: सच में, वाउ नणु, मैं भी बचपन से एक बार पुर घर में नंगा ही रहना चाहता था. लोवे योउ नणु.
ये बोल कर मैने नणु को गले लगा कर उनके गाल पर किस किया. नणु ने मुझे कस्स कर पकास लिया. फिर मेरे गाल पर किस करते हुए, मुझे पकड़े हुए ही बिस्तर पर लेट कर मेरे गाल, कभी गर्दन, कभी माथे पर चूमने लगे.
मैं: बस-बस नणु.
लेकिन नणु आज नही रुकने वाले थे. नणु मेरे उपर थे और मुझे नीचा कर रखा था. तभी नणु ने एक नज़र मुझे बहुत प्यार से देखा और सीधा ही मेरे लिप्स को चुम्मा दे दिया.
छुMम देते ही नणु बोले: बेटा आज बहुत प्यार आ रहा है. क्या मुझे प्यार करने देगा? तुझे भी उतना ही मज़ा आएगा.
मैने बिना बोले ही नणु को फिर से पकड़ लिया, और उनके गाल पर किस कर दिया. बस फिर क्या था, नणु दोनो हाथो से मेरे मुलायम-मुलायम चुचो को मसालते हुए अपने गीले होंठो से मेरे निपल्स को एक-एक करके चूसने लगे.
नणु जैसे-जैसे मेरे चुचो को चूस रहे थे, वैसे-वैसे मेरा अंग-अंग टूट कर बिस्तर पर बिखर रहा था. बदन के एक-एक अंग में करेंट दौड़ने लगा. 2 मिनिट तक नणु ने जीभ से चाट-चाट कर, हाथो से मसल-मसल कर, मूह से चूस-चूस कर पूरी छ्चाटी अपनी लार से गीली कर दी थी. मेरा लोड्ा एक-दूं खड़ा हो गया था.
नणु: बचु अब तो लाल के साथ साथ गीला भी कर दिया.
हम दोनो हासणे लगे और ऐसे ही मैने नणु को पकड़े हुए उनको घुमा दिया. फिर नणु को नीचे लिटा कर खुद उनके उपर आ गया. उसके बाद आयेज की तरफ झुकते हुए नणु के मूह के पास आ कर बोला-
मैं: अब लाल करो या गीला, बस करते रहो नणु. बहुत मज़ा आ रहा है.
नणु मेरी गांद के च्छेद को एक हाथ से मसालने लगे और दूसरे हाथ से नणु ने अपनी लूँगी खोल कर लूँगी को मेरे मूह पर सूंघने के लिए लगा दी. कसम से चंदन से मेरा बदन नाहया था. लेकिन नणु के लोड की खुश्बू तो उससे भी लाख गुना अची थी.
नणु अपने खड़े लोड को हाथ में लेकर मेरे च्छेद पर ज़ोर-ज़ोर से मारते हुए बोले: लगता है चुतताड के च्छेद पर लगा तेल अब मेरा हथियार लेने के लिए रेडी है.
नणु का लोड्ा मेरी गांद पर बहुत मोटा और लंबा लग रहा था. ये देखने के लिए मैने तुरंत नणु के उपर से उतार कर नणु का लोड्ा हाथ में लिया. उनका लोड्ा 7 इंच लंबा और बहुत मोटा है. नणु का लोड्ा देख कर मेरा दिल घबरा गया.
अब वो मेरे सर पर हाथ रखते हुए, लोड्ा मेरे मूह पर लगते हुए मुझे चूसने के लिए बोलने लगे. मैने नणु का लोड्ा धीरे-धीरे मूह में लिया. नणु का लोड्ा मेरे मूह में भी पूरा नही जेया रहा था. 2 मिनिट तक उपर-उपर से चूस्टे हुए मेरे गाल तक गये थे.
तभी नणु मेरी जाँघ को एक हाथ से खींचते हुए, मेरी गांद को अपने मूह के पास लेकर आए. फिर बिस्तर के एक तरफ रखी तेल की बॉटल से तेल लेकर फिर से मेरी गांद के च्छेद पर लगाया. उसके बाद धीरे-धीरे फिर से एक-एक करके दोनो उंगलियों को गांद में डाल कर गांद छोड़ने लगे.
नणु: दक्ष, लोड्ा पूरा चूस. तेरे नणु की चॉक्लेट का रस्स बड़ा ही रसीला है. तब तक लोड की सवारी के लिए च्छेद को तैयार कर लेते है.
मैने पूरा जोश में लोड्ा अंदर तक लेकर चूसा. नणु के प्रेकुं से मेरा पूरा मूह लार से भर गया. 2 मिनिट तक ऐसे ही 2-3 उंगलियों से गांद और लोड से मूह छुड़वाने के बाद नणु ने मुझे मिशनरी पोज़िशन में किया. फिर मेरे लिप्स को किस करते हुए मेरे चुचो और फिर मेरे लोड को जीभ से चाट-ते हुए अपने लोड पर तेल लगते हुए बोले-
नणु: मज़े आ रहे है ना? अब जानत का मज़ा आएगा.
फिर नणु ने मेरी दोनो टाँगें उपर की और लोड को मेरे च्छेद पर 4-5 बार मारा.
मैं: नणु जल्दी से जानत के मज़े करवा दो.
नणु ने फिर से मेरी गांद के अंदर तक तेल डाल कर लोड को पूरा तेल से नहला दिया. फिर नाना ने आपने लोड को मेरे च्छेद पर रखा और धीरे-धीरे अंदर करने लगे. इतनी बार उंगलियों से छोड़ने और फिर आयिल भरने की वजह से आधा लोड्ा आराम से अंदर उतार गया.
नाना आराम-आराम से अंदर-बाहर करने लगे. 2 मिनिट तक आराम से छोड़ने के बाद नाना ने मेरे दोनो चुचो को हाथ से ज़ोर कर पकड़ा. फिर एक झटके में पूरा लोड्ा अंदर कर दिया.
मैं दर्द के मारे डोर होने की कोशिश करने लगा. लेकिन नाना ने इतना ज़ोर से मेरी जाँघ पकड़ ली की मेरा रोना ही निकल गया.
नाना: बस हो गया. एक बार का दर्द होता है, अब नही होगा.
वो आराम-आराम से छोड़ने लगे. कुछ देर बाद मेरा दर्द नॉर्मल होने लगा. तेल अंदर तक भरा होने से गांद से बार-बार तेल बाहर निकलता और पूछ-पूछ की आवाज़ आती जो और कामुक कर देती.
10 मिनिट बाद डॉगी बन कर इतना मज़ा आने लगा, जैसे मैं किसी घोड़े की सवारी कर रहा हू.
नाना ने मुझे उल्टा लिटा कर अपने लोड को लूँगी से और मेरी गांद को भी सॉफ किया. दोनो मेरे खून से रंग गये थे. सॉफ करते ही सीधा मेरे च्छेद में दोबारा एक साथ पूरा लोड्ा उतार दिया नाना ने.
मैं: नाना ये खून, आप तो मार ही दोगे.
नाना: प्यार का दर्द मीठा होता है बाबू. और वैसे भी तेरी मार ही तो रहा हू?
मैं: क्या मतलब?
नाना: कितना भोला है रे तू, जाने दे मज़े ले बस.
5 मिनिट ऐसे ही छोड़ते-छोड़ते हम दोनो पसीने में गीले हो गये. नाना ने मुझे कूलर के आयेज झुका कर मुझे छोड़ना शुरू किया. अब तो मैं खुद चाह रहा था की ये चुदाई कभी ना रुके.
2-3 मिनिट ऐसे ही छोड़ने के बाद नाना ने मुझे बिस्तर पर सिडा लिटा दिया. फिर मुझे उपर आ कर अपना लोड्ा हिलने लगे. तभी नाना का कॉल बजा. नाना ने कॉल उताया और मुझे चुप रहने का इशारा करने लगे.
नाना (कॉल पर): हा-हा जवाई जी… दक्ष मेरी बहुत सेवा कर रहा है. अभी तो मैं दक्ष के लिए मिल्क शेक बना रहा हू, बाद में बात करते है.
फोन कट होते ही नाना के मिल्क शेक की बारिश मेरे पुर बदन पर हो गयी. मेरे मूह से लेकर जाँघ तक नाना का माल फैला हुआ था. नणु ने सारा माल अपने हाथ में लेकर मेरे मूह में डाल दिया. तोड़ा कड़वा था, लेकिन मेरे अंदर की हवस इतनी थी की मुझे आज सब चलता.
इसके बाद नणु ने मेरा लोड्ा हिला कर, सारा माल हाथ में लेकर, मेरे मूह में डाल दिया. मेरा माल बहुत मीठा था.
नणु: मज़ा आया दक्ष?
मैं (नणु के गले लगते हुए): बहुत ज़्यादा नणु.
नणु ने मेरी गांद को दबाते हुए बोला: फिर जब तक तेरा मामा नही आता रोज़ तेरी गांद मारूँगा. बोल करेगा ना नणु के लोड की सवारी?
मैं: बिल्कुल नणु… आपके लिए सब कुछ.
3-4 दिन तक जब तक मामी और मामा वापस नही आए, नाना ने मुझे मस्त अपने लोड का दीवाना बन दिया था. इसके बाद आज 4 साल हो गये, नाना के पास जाने का मौका ही नही मिला.