नामर्द की बीवी को प्रेग्नेंट किया

namard biwi ko pregnant kiya हेलो दोस्तों मेरा नाम अयान हे दिल्ली और मैं दिखने में काफी स्मार्ट लड़का हूँ. हाय दोस्तों यह कहानी एक साल पुरानी हे, यह कहानी मेरी और दिव्या की हे जिसे मेने प्रेग्नंट किया हे. तो दोस्तों में आप को जादा बोर न करते हुए अपनी कहानी पर आता हु. एक दिन में और मेरे ४ दोस्त बाते कर रहे थे तभी एक टेम्पो हमारे पास आ कर रुक गया. उस में घर का सामान था और फिर उसमें से एक पति पत्नी बहार निकले.
जब मेने उस औरत को देखा तो मुझे लगा क्या माल हे, फिर वो अपना सामान अंदर ले जा रहे थे, तभी मेने अपने दोस्तों से कहा उनकी हेल्प करते हे, वो भी मेरी बात को मान गए.
फिर हम ने मिल कर सारा सामान अन्दर रख दिया और फिर हम ने जान पहचान बढाई, हम ने अपना अपना नाम बताया और उन्होंने अपना नाम नरेंद्र और दिव्या बताया, बस दिव्या नाम सुनते ही वो नाम मेने दिमाग में घर कर गया था.
फिर नरेंद्र ने हमें ट्रिट दिया कोल्ड ड्रिंक और पफ मंगवाए और हम सभी ने मिलकर खाया और हम बाय कह कर चले गये.
दुसरे दिन जब में काम पर जा रहा था तभी मेरी नजर दिव्या के घर पर पड़ी और दिव्या बाल्कनी में खड़ी चाय पीरही थी और मुझे देख कर स्माइल भी कर रही थी. और चाय का कप दीखा कर मुझे चाय पिने को बोल रही थी.
मेने सर हां में हिलाया और उसके घर में चला गया. घर में सारा सामान कल जैसा ही पूरा बिखरा हुआ था, फिर दिव्या ने चाय दी और मेने पि ली, फिर उसने मुझसे हेल्प मांगी सारा सामान सेट करने के लिए और बोली सिर्फ बड़े सामान सेट करने के लिए.
पहले हमने अलमारी कोने में रखने के लिए पकड़ी. जैसे ही वो झुकी इसके गोर बूब्स पहली बार मुझे दिखे, मेरा तो दिल कर रहा था उसकी नाईटी फाड़ कर जोर जोर से चूस लू और काटू, मेंने किसी तरह खुद पर कंट्रोल किया.
फिर हमने अलमारी, फ्रिज, सोफे सब माल सेट किया. इसी बिच मेने कई बार उसके बूब्स देखे और उसने भी एक बार मुझे नोटिस कर दिया था और मुस्कारा दिया था. और फिर मेने उसे नरेंद्र के बारे में पूछा.
दिव्या ने बताया की कल वो बहुत थक गए थे और सुबह जल्दी काम पर चले गए, फिर मेने पूछा की वह क्या काम करते हे, उसने बताया की कंपनी में मेंनेजर हे, उनकी कंपनी के ब्रांच बहुत सारे स्टेटस में हे और उनकी ट्रांसफर होती रहती हे.
फिर मेने बाय कहा और अपने काम पर चला गया. फिर रोज जब में काम पर जाता था तो दिव्या अपने घर के बाल्कनी ने दिखाई देती थी. और में उसे देख कर हाय कर कर अपने काम पर चला जाता था. फिर १०-१२ दिन के बाद में होलीडे पर था.
फिर में दिव्य के घर गया. मेने बेल बजाई और दिव्या ने दरवाजा खोला, में जैसे ही उसे देखा तो देखता रह गया. वो ब्लेक नाईटी खुले बाल उफ्फ्फ क्या सेक्सी लग रही थी. फिर मेने बोला हाय तो उसने भी हाय बोल कर अन्दर आने को कहा, फिर में अन्दर जाके सोफे पर बैठ गया.
फिर उसने पूछा आज काम पर नहीं गए क्या? तो मेने कहा की आज लिव ले लिया हे, फिर उसने कहा क्यों आज कोई काम हे? तो मेने कहा नही कुछ नहीं वो बहुत हो गए थे लिव लिए इसीलिए आज लिव ली हे तो दिव्या हंस पड़ी.
फिर थोड़ी देर बात करने के बाद मेने उसे पूछा की आपके कितने बच्चे हे और क्या वो अपने दादा दादी के पास रहते हे? तो दिव्या एकदम उदास हो गयी! मेने पूछा क्या हुआ, मेने कुछ गलत बोल दिया क्या? तो दिव्या बोली नहीं नहीं ऐसी कोई बात नहीं हे.
दरसल मेरे कोई बच्चे नहीं हे. तो मेने कहा आपकी शादी को कितने साल हुए हे? तो उसने बताया की ६ साल हो चुके हे. मेने कहा की आप फिकर न करे आज नहीं तो कल हो जायेंगे. तो वो एकदम से रो पड़ी और कहा की नहीं हो सकते, मेने कहा क्यों?
तो दिव्या ने कहा तुम किसी को मत बताना, मेने कहा ओके, में किसी को नहीं बताऊंगा. तब उसने कहा की नरेंद्र अच्छे से सेक्स नहीं करता हे. वो १०-१५ दिन में एक बार ही करता हे और वो भी २-३ मिनिट में बस हो जाता हे और सो जाता हे. मेने सोचा की नरेंद्र तो नामर्द हे.
दिव्या ने यह कर कर रोने लगी, मेने कहा मत रो, सब ठीक हो जायेगा. फिर दिव्या ने कहा मेरी मदद करोगे. मेने कहा कैसे? तो उसने कहा की मुझे प्रेग्नंट कर दो.
में तो यह सुन कर एकदम शोक हो गया और कुछ पल उसे देखता रहा.
फिर दिव्या ने कहा नहीं करोगे क्या? तो मेने हां में सर हिलाया. फिर वो मुझे लिपट गयी और में भी उसे लिपट कर उसके बदन को सहलाने लगा था और उसकी गांड को दबा रहां था. फिर थोड़ी डेर बाद दिव्या मुझे बेड रूम में ले गयी.
मेने उसे बेड पर सुलाया और उसके ऊपर सो गया और उसके होंठ को अपने होठो से चूसने लगा. और एक हाथ से उसके बूब्स दबा रहा था और दुसरे हाथ से बालो में फेर रहा था. फिर वो मुझे ऐसे चूम रही थी जैसे प्यासे को कुआ मिल गया हो. फिर मेने उसकी नाईटी और ब्रा उतार दी.
क्या बूब्स थे उसके गोर गोर और बड़े. में तो जैसे पागल सा हो गया और फिर मेने एक बूब्स को मुह में ले कर चूस रहा था और दुसरे बूब को जोर जोर से दबा रहा था.
दिव्या एकदम मदहोशी से आवाजे निकाल रही थी और हाह उऔउ ओई उऔ इई धीरे धीरे अहः उऔ उय्य पर में कहा सुनने वाला था. में तो जोर जोर से चूस रहा था. दिव्या अपने हाथो से मेरा सर पकड़ कर अपने बूब्स पर दबा रही थी.
फिर में उठा और अपने कपडे निकाल दिए, में बाद चड्डी में था और दिव्या पेंटी में, फिर दिव्या ने मेरे लंड के तरफ देखा जो तम्बू बना कर खड़ा था.
फिर उसने अपने हाथो से मेरा अंडरवियर निकाला और मेरे लंड को देख कर बोली आह्ह ऊ येस यह तो बहुत बड़ा हे. फिर हाथ लगा कर सहलाने लगी. मुझे उसका छूना बहुत अच्छा लग रहा था. फिर वो अपने मुह में मेरा लंड ले लिया और उसके चूसने लगी, मुझे बहुत मजा आ रहा था.
फिर वह 10 मिनट तक लंड चूसती रही फिर वह लेट गई में उसके पैरो के बीच में आ गया और उसकी पैंटी निकाली और दिव्या की चूत मेरे सामने थी, क्या चुत थी, एकदम शेव और काली.. मैंने पहले चूत को सहलाया तभी दिव्या आऔ अह्ह्ह्ह ई ओऊ ओअहह्ह अह्ह्ह औऊ बोलते हुए मजे ले रही थी. फिर मैं चूत को मेरी उंगलियों से रगड़ने लगा.
दिव्या मछली जैसी छटपटाने लगी. फिर मैंने अपना लंड उस की चूत पर रखा और रगड़ने लगा. दिव्या बोली प्लीज डाल दो और मत तड़पाओ प्लीज अंदर डालो.
मैंने लंड को उसकी चूत के होल के पास रखा और एक जोर का शॉट मारा. मेरा लंड का टोपा और थोड़ा लंड अंदर गया. दिव्या की चीख निकल पड़ी अहह उऔ हां औउ इई अमा धीरे डालो. मैंने कहा ऐसे चिल्ला रही है जैसे पहली बार चुद रही हो.
वह बोली तुम्हारा बहुत बड़ा है मेरे हसबैंड से. फिर मैंने जोर का झटका मारा और मेरा लंड उस की चूत की गहराइयों में चला गया. वो एकदम से चीख पड़ी आह्ह औऊ ईई हहह आई आआममा. मैं रुक गया थोड़ी देर के बाद वह नॉर्मल हुई.
मैंने धीरे धीरे अंदर बाहर करना शुरु किया अब दिव्या को मजा आ रहा था वह आयी औऊ ओग उऔउ ओह इउस्य्स य्य्स यस आह्ह ईह यय्य्स हआऊह मम्मम करते हुए मजे ले रही थी.
फिर मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी और दिव्या ने अपने दोनों पैरों से कमर जकड़ ली में जोर जोर से चोद रहा था और वह जोर जोर से चीख रही थी अहह उऔ इःह यास हहस ह्ह्ह्स इई और चोदो मुझे मेरी प्यास मिटा दो मेरे राजा. में १५-२० मिनिट तक दिव्या को चोदता रहा.
फिर मेने उसके चूत के अन्दर ही जड़ गया और सारा माल उसके चूत के गहराईयों में चला गया, हम ने ४ राउंड किये फिर में उठा और अपने घर चला गया.
ऐसे ही मेने उसे तिन महीने तक चोदा और एक दिन दिव्या ने मुझे खुश खबरी दी की तुम बाप बनने वाले हो, में खुश हो गया और उसके १२ दिन बाद उसके हसबंड की पुणे में ट्रांसफर हो गयी और वो चली गयी.
केसी लेडी को कोई मदद चहिये तू मुझे ईमेल करें
ayansid@rediffmail.com

यह कहानी भी पड़े  प्यार की नयी परिभाषा

Dont Post any No. in Comments Section

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!