पापा-मम्मी और उनके फ्रेंड्स का स्वाप सेक्स

हेलो दोस्तों, मेरा नामे हिमांशी है, और मैं पुंजब के शहर फ़िरोज़पुर की रहने वाली हू. आप लोग मुझे जानते ही होंगे मैं कितनी बड़ी रंडी हू, और माल हू. मेरा फिगर 34-32-36 का है जिसे देख कर आचे-अछो का लोड्‍ा खड़ा हो जाता है.

खैर आज की सेक्स कहानी मेरी नही मेरे मों-दाद और उनके दोस्त और वाइफ की है. आप समाज ही गये होंगे ये कहानी स्वाप सेक्स की है. मैं आपको बता डू, हमारे घर में 2 फ्लोर है. 1स्ट्रीट फ्लोर पर 2 रूम है, जिसमे मेरा बड़ा भाई युवी रहता है, और एक रूम में मों-दाद.

उसके अलावा एक बड़ा हॉल, किचन, और स्टोर रूम भी है. आंड 2न्ड फ्लोर पर 2 रूम है, जिसमे एक मेरा रूम और दूसरा रूम ग्वेस्टर्म है. जो कभी-कभी गेस्ट आते है उनके लिए, या कभी-कभी घर पर छ्होटी-मोटी पार्टी होती है, उधर मेहमान रुक जाते है. हमारा टेरेस भी काफ़ी बड़ा है.

मैं बता डू मेरी मों जिम जाती है, और वो 45 की है. बुत वो अभी भी 28-30 की लगती है. उनका बदन कॅसा हुआ है, और उनका साइज़ कमाल का है. 38″ के भारी-भारी बूब्स, 34″ की कमर, और 38″ की बड़ी सी गांद, जिसे हर कोई चाटना चाहता है. मेरे दाद की आगे 49 यियर्ज़ है. वो भी काफ़ी फिट है, आंड जिम जाते है.

तो बात ऐसी है हमारे घर में अक्सर पापा के दोस्त आते-जाते रहते है, ख़ास कर शर्मा अंकल और उनकी बीवी. शर्मा अंकल की आगे 46 है, आंड वो आवरेज बॉडी वाले है. और उनकी वाइफ नीट्टू सेक्स बॉम्ब है. मतलब उनका फिगर 36-30-38 का है, और उनकी आगे 39 यियर्ज़ है.

खैर एक दिन की बात है. हमारे घर पर छ्होटी सी पार्टी थी, जिसमे शर्मा फॅमिली भी आई थी. 11 बजे तक पार्टी चली, और फिर सब लोग अपने-अपने घर चले गये. बस शर्मा आंटी और अंकल रुक गये. वो मेरे पास वाले गेस्ट रूम में रुके थे. साथ में मम्मी पापा भी थे, मेबी दारू वग़ैरा पी रहे होंगे.

मैं भी 12 बजे के आस-पास सोने चली गयी. रात को 1:40 के क्रीब मुझे प्यास लगी. मैं पानी लेने नीचे किचन में गयी. तब मैने देखा ग्वेस्टर्म का डोर हल्का सा ओपन था. बुत मैं नीचे किचन में चली गयी. मैने मम्मी-पापा के रूम को देखा तू वहाँ कोई नही था, और डोर ओपन था.

मुझे लगा अभी तक पी रहे थे क्या ये लोग? मैं पानी पी कर वापस उपर आने लगी. जब मैं गेस्ट रूम के पास गयी, तो मुझे कुछ आवाज़े सुनाई दे रही थी मम्मी की कुछ सेक्सी सी.

वो बोल रही थी: राजेश (शर्मा अंकल), आज कुछ ज़्यादा नही तारक चढ़ि हुई है आपको?

अंकल बोले: हाहाहा डीपी (दीपिका), आज तुम ज़्यादा ही सेक्सी लग रही हो. इसलिए मेरी तारक भड़क रही है.

मैने चुपके से अंदर झाँक कर देखा तो ई वाज़ शॉक्ड. शर्मा अंकल मम्मी को घोड़ी बना कर छोड़ रहे थे, और मम्मी आ आ आह आ आ आ की आवाज़े निकाल रही थी. रूम में वो दोनो नंगे चुदाई कर रहे थे.

मैं सोच रही थी पापा और नीट्टू आंटी कहाँ थे. इतने में वॉशरूम का डोर ओपन हुआ. पापा और नीट्टू आंटी वॉशरूम से नंगे बाहर आए. वो दोनो पानी से भीगे हुए थे, और आते ही बोले-

पापा: भाई आज तो शवर सेक्स का मज़ा ही आ गया.

पापा के लंड का साइज़ 6 इंच के करीब था, और शर्मा अंकल का 6.5 इंच के करीब था. नीट्टू आंटी मम्मी के पास आई और बोली-

आंटी: और कैसा लग रहा है डीपी.

मम्मी: ह्म ह, यार आज तो राजेश जानवर जैसा छोड़ रहा है. और तुम्हारा कैसा रहा शवर सेक्स?

नीट्टू आंटी बोली: यार हिमांशी के पापा ने तो आज मेरी बस करवा दी. पता नही आज क्या खाया है इन दोनो ने (और हस्स पड़ी).

मैं समझ गयी पापा मम्मी और शर्मा अंकल और आंटी स्वाप सेक्स कर रहे थे. जिसमे एक-दूसरे के पार्ट्नर की चुदाई करते है. मैं च्छूप कर उनकी चुदाई देखने लगी.

नीट्टू आंटी सीधा मम्मी के मूह पर बैठ गयी, और अपनी छूट चटवाने लगी. पापा नीट्टू से सामने आ कर लंड चुसवाने लगे. पुर कमरे में सेक्स की खुश्बू फैली हुई थी. मैं सोचने लगी काश मेरी भी आज चुदाई हो जाती, क्यूंकी उनकी चुदाई देख कर मेरी छूट गरम हो गयी थी.

फिर मैं अपने कमरे में आई और कपड़े उतार कर नंगी ही ग्वेस्टर्म की और चल गयी. मैने देखा अभी अंकल और पापा दोनो बैठ कर पेग पी रहे थे. शायद उनका डिसचार्ज हो गया होगा, और मम्मी और नीट्टू एक-दूसरे की छूट में जीभ डाल कर चूस रही थी.

मैं ये सब देख कर अपनी छूट में उंगली करने लगी, और सोचने लगी मम्मी-पापा तो फुल मज़े करते है. और करने भी चाहिए यार. थोड़ी देर में मम्मी और नीट्टू घोड़ी बन गयी. पापा ने नीट्टू की छूट में लंड डाला, और शर्मा अंकल ने मूमी की छूट में. फिर दोनो की चुदाई शुरू हो गयी.

मम्मी और नीट्टू आ आ आ आ आ आ, और ज़ोर से छोड़ो सालो. अभी क्या हुआ, तक गये हो क्या? पूरा निचोढ़ दो हमे (और हस्स-हस्स कर छुड़वाने लगी). दोस्तों ये सब देख कर मेरी छूट पानी छ्चोढने वाली थी. मैं फाटाक से अपने कमरे में गयी, डोर लॉक करके, वॉशरूम में जेया कर डिल्डो को अंदर-बाहर करने लगी.

ऑम्ग मेरी ह ह आह निकल गयी, और छूट ने तो ऐसे पानी छ्चोढा जैसे दम का गाते खोला हो. उस दिन जो मेरी छूट ने पानी छ्चोढा, मैं पूरी त्राह से त्रिपत हो गयी.

मैं ऐसे ही 5 मिनिट्स तक बैठी रही. फिर चुपके से फिर ग्वेस्टर्म की और बढ़ी तो देखा अभी पापा मम्मी को छोड़ रहे थे, और शर्मा अंकल नीट्टू को. नीट्टू और मम्मी आमने-सामने थे, और वो एक-दूसरे को किस कर रहे थे.

थोड़ी देर बाद पापा बोले: मेरा होने वाला है नीट्टू, तू मेरे पास आजा और लंड चूसना शुरू कर दे.

नीट्टू ने शर्मा अंकल का लंड निकाला, और पापा के पैरों में बैठ कर लंड चूसने लगी. पापा लंड के उपर दारू गिरा रहे थे, और नीट्टू वो भी गतक रही थी. उधर राजेश अंकल भी मम्मी के मूह को ऐसे छोड़ रहे थे जैसे माइ का मूह नही छूट हो. वो उनका सर पकड़ कर लंड अंदर-बाहर कर रहे थे.

2 मिनिट्स बाद पापा ने सारा माल नीट्टू के मूह में गिरा दिया, और वो सारा पी गयी. फिर 4-5 मिनिट्स बाद राजेश अंकल ने भी मम्मी के मूह में माल गिरा दिया. बुत मम्मी का गला दर्द करने लगे था, और मम्मी ने उनका माल बाहर थूक दिया.

ये देख कर शर्मा अंकल बोले: क्या हुआ भाभी, पहली बार आपने मेरा माल बाहर थूका है. क्या हुआ?

मूमी बोली: सेयेल भाभी के मूह को ऐसे चुड रहा था जैसे चूत हो. मेरा गला दर्द करने लग गया सेयेल (और हासणे लगी).

दोस्तों उस रात मम्मी-पापा और शर्मा अंकल आंड नीट्टू ने करीब 3-4 बार सेक्स का मज़ा लिया. मैं बस बाहर खड़ी हो कर अपनी छूट को मसालती रही, और मैं अपने कमरे में आ कर डिल्डो को छूट में अंदर-बाहर करने लगी. मैं अपने बूब्स दबाने लगी. मैने उस रात 2 बार अपनी छूट में डिल्डो डाल कर अपने आप को शांत किया, और फिर सो गयी.

नेक्स्ट स्टोरी में मैं अवँगी कुछ नया लेकर. तब तक आप मुझे याद करते रहे, और लंड हिलाते रहे. बाइ-बाइ, फिर मिलेंगे.

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