मम्मी और बहन को ब्लेकमेल कर चोदा

हाय दोस्तों, आज से में आपको अपने जीवन की वो सच्चाई बताने जा रहा हु जिसकी वजह से में गांडू से लेकर बहनचोद,मदरचोद बना \ ये कहानी मेने इंटर नेट पर अलग अलग कहानियो से प्रेरणा लेकर लिखी हे ,शुरू मेरी गांड मरने से हे बाद में मूल कहानी आ जाएगी ये किस्सा जब का हे जब मेरी बहन सपना 18 साल की और में 19 साल का था।हम दोनों एक ही स्कूल में और एक ही क्लास में पड़ते थे।।हम दोनों पढने लिखने में ज्यादा होशियार नही थे बस एवरेज थे\हमारे एक अध्यापक थे पाल सर ,उनके लिए मशहूर था की वो जन करके अपने स्टूडेंट को फ़ैल कर दिया करते थे ताकि वो उनके पास जाये और वो फिर उसका फायदा उठा सके\इसे स्कूल में कई किस्से थे जिसमे पहले फ़ैल हुए छात्र ,छात्रा पाल सर से मिलने के बाद पास हो गए

इस बार हमे भी पता चला की हम दोनों भाई बहन भी फ़ैल हो गए हे और हमे अगर पास होना ही हे तो पाल सर से मिलना पड़ेगा।।\मेने सपना से कहा की हम दोनों को शाम को पाल सर के पास चलना पड़ेगा ताकि हम पास हो सके।लेकिन पाल सर पास करनी की क्या कीमत लेंगे ये हमें पता नही था।शाम को हम दोनों पाल सर के घर गए तो वो कमरे में लुंगी पहने अकेले ही बेठे हुए थे।उन्होंने हम दोनों को आने का कारन पूंचा तो हमने बताया।मेने देखा की बातचीत के दोरान पाल सर की निगाहे सपना पर ही लगी रही।उन्होंने पूरी बात सुन ने का नाटक किया और कहा की पास तो में करवा दूंगा पर इसके लिए तुम्हे कीमत देनी होगी।हमने कहा की हमारे पास देने को कोई पैसा नही हे तो उन्होंने कहा की उन्हें पेसे नही बल्कि जो चाहिए वो हमारे पास हे।

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हम दोनों भाई बहन ने एक दुसरे की और देखा फिर सहमती में गर्दन हिला दी।पाल सर ने मुझसे कहा की में कल अकेले आकर उनसे मिलु,फिर वो बताएँगे की हम केसे पास हो सकते हे
अगले दिन में पाल सर के पास गया तो वो जेसे मेरा ही इंतजार कर रहे थे,उन्होंने मुझसे कहा की वो मेरे साथ जो उसका में बुरा तो नही मानुगा ,मेने न में अपना सर हिल दिय। ,पाल सर ने मुझे अपने पास बुलाया और वो मेरे निकर के उप्पर से ही मेरे चुत्डो को सहलाने लगे,में समझ गया की आज पाल सर मेरे साथ क्या करेंगे .उन्होंने मेरा निकर उतारा और
मुझे बिस्तर पर सुला कर मेरा लंड सर ने प्यार से मुंह में लिया और चूसने लगे. एक हाथ बढ़ाकर उन्होंने थोड़ा नारियल तेल अपनी उंगली पर लिया और मेरे गुदा पर चुपड़ा. फ़िर मेरा लंड चूसते हुए धीरे से अपनी उंगली मेरी गांड में आधी डाल दी.

“ओह . ओह ..” मेरे मुंह से निकला.

“क्या हुआ, दुखता है?” सर ने पूछा.

“हां सर . कैसा तो भी होता है”

“इसका मतलब है कि दुखने के साथ मजा भी आता है, है ना? यही तो मैं सिखाना चाहता हूं अब तुझे. गांड का मजा लेना हो तो थोड़ा दर्द भी सहना सीख ले” कहकर सर ने पूरी उंगली मेरी गांड में उतार दी और हौले हौले घुमाने लगे. पहले दर्द हुआ पर फ़िर मजा आने लगा. लंड को भी अजीब सा जोश आ गया और वो खड़ा हो गया. सर उसे फ़िर से बड़े प्यार से चूमने और चूसने लगे “देखा? तू कुछ भी कहे या नखरे करे, तेरे लंड ने तो कह दिया कि उसे क्या लुत्फ़ आ रहा है”

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पांच मिनिट सर मेरी गांड में उंगली करते रहे और मैं मस्त होकर आखिर उनके सिर को अपने पेट पर दबा कर उनका मुंह चोदने की कोशिश करने लगा.

सर मेरे बाजू में लेट गये, उनकी उंगली बराबर मेरी गांड में चल रही थी. मेरे बाल चूम कर बोले “अब बता अनिल बेटे, जब औरत को प्यार करना हो तो उसकी चूत में लंड डालते हैं या उसे चूसते हैं. है ना? अब ये बता कि अगर एक पुरुष को दूसरे पुरुष से प्यार करना हो तो क्या करते हैं?”

“हां सर . कैसा तो भी होता है”

“इसका मतलब है कि दुखने के साथ मजा भी आता है, है ना? यही तो मैं सिखाना चाहता हूं अब तुझे. गांड का मजा लेना हो तो थोड़ा दर्द भी सहना सीख ले” कहकर सर ने पूरी उंगली मेरी गांड में उतार दी और हौले हौले घुमाने लगे. पहले दर्द हुआ पर फ़िर मजा आने लगा. लंड को भी अजीब सा जोश आ गया और वो खड़ा हो गया. सर उसे फ़िर से बड़े प्यार से चूमने और चूसने लगे “देखा? तू कुछ भी कहे या नखरे करे, तेरे लंड ने तो कह दिया कि उसे क्या लुत्फ़ आ रहा है”

पांच मिनिट सर मेरी गांड में उंगली करते रहे और मैं मस्त होकर आखिर उनके सिर को अपने पेट पर दबा कर उनका मुंह चोदने की कोशिश करने लगा.

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