मम्मी की चुदाई और नाराज़गी की वजह

हेलो दोस्तों, मैं सोनू. कैसे हो आप लोग? जैसा की आप लोगों ने पिछले पार्ट में पढ़ा की मम्मी ट्रेवर से चुड्ती है, और मेरे को चिढ़ा रही होती है. अब आयेज-

मम्मी और ट्रेवर चुदाई करके लेते रहते है, और मम्मी मेरे को देख कर चिढ़ने वाली हस्सी हस्स रही होती है. इससे मेरे को और भी ज़्यादा गुस्सा आते रहता है. तभी मम्मी ट्रेवर को बोलती है-

मम्मी: ट्रेवर तुम प्लीज़ जेया कर बेडरूम का दरवाज़ा बंद करके लॉक कर दो.

ट्रेवर: पर क्यूँ? यहाँ हम दोनो के अलावा और कोई है ही नही. तो क्या ज़रूरत है दरवाज़ा बंद करने की?

मम्मी: मेरा बेटा बाहर घूमने गया हुआ है. अगर वो जल्दी आ गया और मैं दरवाज़ा नही खोली, तो वो होटेल वालो से दरवाज़ा खुलवा कर आ जाएगा. और हम दोनो को ऐसे देख लिया तो दिक्कत हो जाएगी.

ट्रेवर: ठीक है मैं बंद कर देता हू.

फिर ट्रेवर उठ कर दरवाज़ा बंद करने आ रहा होता है. मैं तुरंत अलमारी के अंदर घुस जाता हू. फिर मेरे को दरवाज़ा बंद होने की आवाज़ आती है. तब मैं बाहर निकलता हू, और चुप-छाप वहीं रहता हू.

थोड़ी देर में रूम के अंदर से मम्मी की ज़ोर-ज़ोर से खिलखिला के हासणे की और अया अया अया की और फटत फटत की आवाज़ आते रहती है. मम्मी जान-बूझ कर मेरे को चिढ़ने और परेशन करने के लिए दरवाज़ा बंद की रहती है.

लेकिन मम्मी मेरे साथ ऐसा क्यूँ कर रही थी, मेरी समझ ही नही आ रहा था. मम्मी और ट्रेवर का चुदाई सुबा के 4 बजे तक चलती है. पूरी रात मम्मी की अया अया और ज़ोर-ज़ोर से हासणे की आवाज़ आते रहती है.

फिर मेरे को दरवाज़े के अनलॉक होने की आवाज़ आती है. मैं जल्दी से अलमारी के अंदर च्छूप जाता हू. मम्मी और ट्रेवर दोनो हॉल में आते है. मम्मी पूरी नंगी रहती है, और मम्मी का चूतड़ पूरा लाल-लाल दिख रहा होता है. ट्रेवर कपड़े पहना होता है, और मम्मी को बाइ बोल कर चला जाता है.

मम्मी जान-बूझ कर अलमारी की तरफ मूह कर के खड़ी हो जाती है. और उनके होंठ के पास ट्रेवर का स्पर्म लगा रहता है. वो मेरे को दिखा कर उसका स्पर्म चाट रही होती है. फिर मम्मी बेडरूम में चली जाती है.

मैं भी अलमारी से निकल कर बेडरूम के अंदर जाता हू. मम्मी बेड पर नंगी लेती रहती है, और स्पर्म को अपने हाथ में लगा कर चाट रही होती है. वो मेरी तरफ देख कर चिढ़ने वाली हस्सी हस्स रही होती है.

मेरे को गुस्सा आते रहता है. लेकिन अभी कुछ भी बोलना बेकार था. मैं चुप-छाप बेडरूम से निकल कर हॉल में आ गया, और सोफे पर सो गया.

अगले दिन दोपहर 12 बजे मेरी नींद खुलती है. मम्मी अभी भी सो रही होती है. मैं नहा लेता हू, और अपने लिए खाना ऑर्डर करके खाना खा रहा होता हू. तभी मम्मी भी उठती है, और मेरे को खाना खाते हुए देख ताना मारते हुए बोलती है-

मम्मी: तू अब मेरे बिना खाना खाना शुरू कर दिया है?

सोनू: क्या करू, अब आप मेरे से डोर रहना शुरू कर दी हो, तो मैं क्या कर सकता हू?

मम्मी: कोई भी चीज़ बिना बात के नही होती है. इस दूरी की कोई वजह होगी.

सोनू: क्या वजह है?

मम्मी: वो तू अपने दिमाग़ पे ज़ोर डाल के सोच, मैं नहाने जेया रही हू.

सोनू: आप ही बता दो मम्मी.

मम्मी: बतौँगी नही पर एक हिंट दे देती हू. हम लोग जिस दिन गोआ आए उसके अगले दिन कुछ वजह बनी.

मम्मी नहाने चली जाती है, और मैं खाना खाते हुए सोचते रहता हू. लेकिन मेरे को कुछ ऐसा याद नही आता है. थोड़ी देर बाद मम्मी नहा के खाना खा लेती है. फिर कुछ घंटे बाद मम्मी आके बोलती है-

मम्मी: पूरा दिन यही रहना है क्या?

सोनू: मेरा कहीं जाने का मॅन नही. आपसे डोर रह कर बहुत बुरा लग रहा है.

मम्मी: बिल्कुल लगना चाहिए, क्यूंकी कुछ ग़लतियाँ बहुत भारी पड़ती है.

सोनू: बता दो मम्मी मैं क्या ग़लती किया हू?

मम्मी: वो तेरे को खुद ही जानना पड़ेगा. तू एक काम कर, तू सोचते हुए होटेल के स्विम्मिंग पूल पे जेया, मैं वहीं आती हू.

सोनू: ठीक है.

फिर मैं कपड़े चेंज करके होटेल के स्विम्मिंग पूल पर मम्मी का वेट कर रहा होता हू. वहाँ पे बहुत सारी औरतें और आदमी रहते है. थोड़ी देर में मम्मी आती है. मम्मी बातरोब पहन कर आती है, और मम्मी खुले बाल किए हुए रहती है, और लाल लिपस्टिक लगाई रहती है. फिर मम्मी मेरे पास आती है और अपना बातरोब निकालती है. मैं मम्मी को देखता रह जाता हू.

मम्मी मरून कलर की बिकिनी पहने होती है. ब्रा बहुत छ्होटा रहता है, उसमे सिर्फ़ मम्मी का निपल्स ही ढाका रहता है, और चड्डी भी एक-दूं छ्होटी रहती है. उसमे सिर्फ़ मम्मी की छूट का च्छेद और चूतड़ का च्छेद ढाका रहता है. एक तो मम्मी ऐसे ही गोरी, चित्ति, खूबसूरत, और उपर से ये मरून कलर की बिकिनी. मम्मी कमाल की माल लग रही होती है.

वहाँ पर सभी आदमी मम्मी को हवस भारी नज़रों से देख रहे होते है. मम्मी पूल आती है, और मेरे पास खड़ी हो जाती है. मैं भी मौका देख कर मम्मी के कंधे पर हाथ रख देता हू, और मम्मी को अपनी तरफ खींच लेता हू. मेरे को मम्मी का पति समझ कर सब आदमी नज़र हटा लेते है. फिर मम्मी धीरे से बोली-

मम्मी: यहाँ पे मैं तेरे को कुछ बोल नही सकती, इसका फ़ायदा मत उठा. तेरे को अभी भी मेरी छूट नही मिलेगी.

सोनू: मम्मी जो भी बात है, वो प्लीज़ क़प मेरे को बता दो.

मम्मी: नही बतौँगी, क्यूंकी जो हुआ है, वो बहुत बड़ी बात है.

तभी एक काला आदमी हमारे पास आया. वो आदमी और कोई नही बल्कि मेरे पापा का दोस्त रहता है, और वो भी बिज़्नेसमॅन रहता है. उसका नाम हीरा लाल रहता है. हीरा लाल काला सा 50 साल का आदमी रहता है. वो हमारे पास आता है और बोलता है-

हीरा लाल: अर्रे सोनू, रेशुमा.

सोनू: अर्रे हीरा अंकल, कैसे हो आप?

हीरा लाल: बढ़िया बेटा, तुम दोनो यहाँ?

सोनू: बस घूमने आए थे अंकल.

हीरा लाल मम्मी को हवस भारी नज़रों से देख रहा होता है, जो की मैं और मम्मी समझ चुके थे. मम्मी भी मेरे को चिढ़ने के लिए अंकल से इठला-इठला कर बात करने लग जाती है.

मम्मी: हीरा जी आप हमारे ही शहर रहते हो. एक बार भी आप मेरे से और सोनू से मिलने नही आए?

हीरा लाल: क्या बतौ रेशुमा, बिज़्नेस की वजह से बिज़ी रहता हू. वैसे तुम लोगों का बिज़्नेस कैसा चल रहा है?

मम्मी: एक-दूं बढ़िया चल रहा है. सोनू सब संभाल रहा है.

हीरा लाल: अची बात है. आख़िर सोनू ही असली मलिक है.

मम्मी: हीरा जी आप अकेले आए हो? आपकी वाइफ कहाँ है?

हीरा लाल: मेरी वाइफ नही आई है. मैं अपने दोस्तों के साथ आया हू.

मम्मी: वाइफ से च्छूप कर खूबसूरत औरतें देख रहे हो (मम्मी ये बात मेरे सामने हीरा लाल को बोली)!

हीरा लाल हेस्ट हुए: अब तोड़ा एंजाय करना बनता है रेशुमा. वैसे आप भी बहुत खूबसूरत लग रही हो.

मम्मी इतला कर हेस्ट हुए: अब हू तो लगूंगी ही ना.

हीरा लाल: वो तो है.

रेशुमा: चलिए हम दोनो साथ में अलग से कुछ बातें करते है. ऐसे भी हम बडो के बीच में सोनू बोर हो जाएगा.

हीरा लाल: हा रेशुमा चलो.

फिर मम्मी और हीरा अंकल पूल के साइड में चले जाते है, और बात करने लगते है. मैं डोर से देख रहा होता हू. मम्मी मेरे को देख-देख के अंकल से चिपक के बात कर रही होती है. मैं उदास हो जाता हू.

फिर थोड़ी ही देर में अंकल मम्मी के दूध पर हाथ फिरने लग जाते है, और मम्मी भी उनके साथ खिलखिला कर हस्स रही होती है. फिर मैं देखता हू की मम्मी का हाथ अंकल के पेट के पास घूम रहा था. देख कर ऐसा लग रहा था की मम्मी अंकल का लंड हिला रही हो.

मैं पानी के अंदर घुस जाता हू, और देखता हू तो मेरा अंदाज़ा एक-दूं सही था. मम्मी अंकल के शॉर्ट्स के अंदर हाथ डाल कर उनका लंड हिला रही थी. मैं उपर आया तो मम्मी समझ गयी थी की मैं लंड हिलाते देख चुका था. तो मम्मी मेरी तरफ देख कर चिढ़ते हुए धीरे से हस्सी.

फिर मम्मी अंकल के कान में कुछ बोली, और मेरी तरफ देख कर हेस्ट हुए पूल से निकल रही थी. अंकल मम्मी के बड़े से चूतड़ देख कर पागल हो रहे थे. मम्मी अपना बातरोब पहनी और चली गयी. फिर थोड़ी देर रुक कर अंकल भी चुप-छाप निकल गये. तभी मेरे फोन पे मम्मी का मेसेज आया-

मम्मी का मेसेज: फालतू में रूम में आ कर परेशान मत करना. हीरा लाल और मैं रूम में चुदाई मचाने वाले है. चुदाई ख़तम होने के बाद मैं तेरे को फोन करूँगी, तब आना. तब तक तू स्विम्मिंग पूल में एंजाय कर.

सोनू का मेसेज: मम्मी आप मेरे से नाराज़ हो, मैं कैसे एंजाय कर सकता हू?

मम्मी का मेसेज: तो मैं क्या करू? जिस वजह से मैं नाराज़ हू वो तेरे को खोजनी है. चल हीरा जी आ गये है. मैं चली चुदाई मचाने. तू जेया कर मूठ मार और सोच. बाइ, एंजाय थे गोआ ट्रिप.

मेरे को बहुत बुरा लग रहा होता है. फिर मैं पूल से निकल कर साइड मैं बैठ जाता हू, और सोचते रहता हू. फिर लग भाग 2 घंटे बाद मम्मी का मेसेज आता है.

मम्मी का मेसेज: हीरा जी मेरे को तगड़े से छोड़े है. अब तू चाहे तो रूम में आ सकता है.

फिर मैं रूम में जाता हू तो देखता हू बेडरूम में मम्मी का बिकिनी और बातरोब ज़मीन पर पड़ा रहता है, और साथ में कुछ उसेड कॉनडम्स पड़े रहते है. मम्मी नंगी बेड पर लेती रहती है, और मेरे को देख कर हेस्ट हुए बोली-

मम्मी: मज़ा आ गया आज तो. हीरा जी रग़ाद के छोड़े मेरे को.

सोनू: मम्मी अब बस करो, बहुत हुआ!

मम्मी: तू जल्दी से वजह खोज ले, नही तो भूल जाना मेरे को.

इतना कह कर मम्मी बातरूम में शवर लेने चली गयी. फिर कुछ घंटे बीट गये और रात के 12 बाज रहे थे. मैं बातरूम में बैठ कर सोच रहा था, की मम्मी के नाराज़ होने की क्या वजह हो सकता थी.

तभी मेरे को याद आता है जिस दिन से मैं कामिनी को छोड़ा था, उसी दिन से मम्मी का बिहेवियर बदला हुआ था. और कामिनी बता रही थी की कॉलेज टाइम पे उसकी एक बेस्ट फ्रेंड हुआ करती थी, और उसका ब्रेकप कॉलेज के लास्ट एअर में कामिनी ही करवाई थी. और मम्मी भी एक बार बताई थी की उनका ब्रेकप भी कॉलेज के लास्ट एअर ही हुआ था. कहीं कामिनी जिस बेस्ट फ्रेंड का बात की थी, वो मम्मी तो नही थी?

मैं जल्दी से बातरूम से बाहर निकलता हू, तो मम्मी रेड कलर का बिकिनी का सेट पहन के मिरर में सामने तैयार होते रहती है. मतलब आज कोई आने वाला था.

सोनू: आज कों आ रहा है?

मम्मी: हीरा जी आ रहे है. कूद-कूद के चुड़ूँगी उनसे तो.

सोनू: मम्मी शायद मेरे को आपकी नाराज़गी का वजह मिल गयी है.

मम्मी: अछा बता.

सोनू: कामिनी?

आयेज क्या हुआ अगले पार्ट में पता चलेगा. तो बे कंटिन्यूड…

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