मम्मी के साथ पूल मे रोमॅन्स

मैने दिन भर मे मम्मी 4 बार रग़ाद रग़ाद के छोड़ा था और हम दोनो तक गये थे. ह्यूम पता ही नही चला के हुमारी आँख कब लग गयी.

जब मेरी नींद खुली तो मैने देखा के मैं अकेला बेडरूम मे नंगा सोया हुआ था और मम्मी कमरे मे नही थी. मैं फ्रेश होकर बाहर आया. यहाँ वहाँ ढूँढने के बाद मुझे किचन से आवाज़ आने लगी तो मैं अंदर चला गया.

मैने देखा के मम्मी वहाँ सारी पह्न के कॉफी बना रही थी. शायद उन्हे पता था के मैं उठने वाला हूँ. मैं उनके पास जाकर खड़ा हुआ.

मम्मी: उठ गये तुम?

नील: हन… बहुत आक्ची नींद आई.

मम्मी: हन… इतनी चुदाई करोगे तो ऐसी नींद तो आएगी ही ना.

मम्मी बिना डरे ये बोल रही थी इस बात से मुझे उनका कॉन्फिडेन्स का पता चल गया.

नील: लेकिन मुझे एक बात का बुरा लगा.

मम्मी: क्या?

नील: आपने सारी क्यू पहनी? मैने आपसे कहा था ना के आप आज शाम तक बिना कपड़े पहने रहोगी.

मम्मी (शरमाते हुए): लगता है तुम्हे मेरी सारी से दुश्मनी है जब भी मैं पहनती हू तुम उतरने को बोलते हो. मैं सारी मे आक्ची नही लगती क्या?

नील: ट्रस्ट मे आप सारी मे बहुत खूबसूरत लगती हो.

मम्मी: तो फिर मुझे पहनने क्यू नही देते?

नील: क्यू के आप बिना सारी के और भी खूबसूरत दिखती हो.

मेरी बात सुनकर मम्मी ब्लश करने लगी. उनकी पूरी ज़िंदगी मे शायद मैने ही उनकी इस तरहा तारीफ की होगी. वो खुद को कंट्रोल नही कर पा रही थी.

फिर मैने उन्हे पिच्चे से हग किया और हम बातें कर रहे थे. मैं उन्हे सिड्यूस करने का एक मौका नही छ्चोड़ रहा था. मम्मी मुझे तोड़ा बहुत माना कर रही थी लेकिन वो भी एंजाय कर रही थी.

मैं उनके बूब्स को दबा रहा था, उन्हे हर जगह किस कर रहा था, उनकी जाँघो को सहला रहा था. मैने अचानक से उनकी गांद को सहलाने और दबाने लगा तभी उन्होने कहा-

मम्मी: प्लीज़ नील वहाँ पिच्चे कुछ मत करो.

नील: क्यू?

मम्मी: सुबह से मुझे छोड़ रहे हो वो ठीक है लेकिन हर रौंद मे पिच्चे भी करते हो. मुझे दर्द हो रहा है.

नील: बस इतनी सी बात? यही तो मेरा प्यार है आपके लिए. आपको हर पल ये याद दिलाता रहेगा के मैं आपसे कितना प्यार करता हू.

मम्मी: अक्चा जी? मतलब प्यार तुम करते हो और उसकी सज़ा मुझे मिलेगी?

नील: हन… सज़ा के साथ साथ इतना मज़ा भी तो मिल रहा है आपको.

मम्मी ने शरमाते हुए कहा-

मम्मी: आज से जब हम दोनो अकेले होगे तो तुम मुझे श्रद्धा बुलाना.

उनकी बात सुनकर मेरा लंड फिर से खड़ा होने लगा. क्यू के मुझे उनका नाम बहुत पसंद था. पापा जब भी मम्मी को छोड़ते थे तब वो मम्मी का नाम लेते हुए उन्हे छोड़ते थे. मैने ये काई बार सुना था और मैं चाहता था के एक दिन ये मौका मुझे मिले. फाइनली आज वो होने लगा था.

नील: थॅंक्स श्रद्धा… ई लोवे योउ…

मम्मी: ई लोवे योउ टू बेबी…

फिर हम दोनो ने बातें करते हुए कॉफी पी उसके बाद जब मैं अकेला था तो मुझे प्लान के नेक्स्ट स्टेप पर जाना था. लेकिन उससे पहले मैने निधि को कॉल किया.

निधि: हिी बेबी… कैसे याद किया?

नील: नतिंग… तुम्हारी ड्यूटी कब ख़तम होने वाली है?

निधि: 7पीयेम.

नील: ठीक है फिर मैं तुम्हे पिक करने अवँगा. तुम मेरा वेट करना उससे पहले मत निकल जाना ओक?

निधि: शुवर! और हन कल से मेरी ड्यूटी नॉर्मल वॉर्ड मे शिफ्ट हो रही है.

नील: वाउ! ये तो सच मे बहुत आक्ची खबर है.

निधि: हन और अब वो दिन दूर नही है जब मैं फिर से तुम्हारे लंड पर उच्छलूंगी.

नील: हहा ई नो… ठीक है तो फिर मिलते है थोड़ी देर मे.

निधि से बात करके मैने कन्फर्म कर लिया था के वो तब तक नही आएगी जब तक मैं उसे पिक करने नही जाता. इसका मतलब मेरे पास अभी भी बहुत वक़्त था.

अब मुझे मम्मी को मेरे और निधि के रिलेशन्षिप के बारे मे बताना था. मुझे ये नही पता के वो कैसी रिक्ट करेगी इसलिए तोड़ा दर भी लग रहा था. कभी लग रहा था के जैसे उन्होने मुझे छोड़ने दिया वैसे ही निधि और मेरे रिलेशन्षिप को भी वो आक्सेप्ट कर लेगी.

मम्मी को ये सब बताने से पहले मुझे कुछ ऐसा करना था जिससे वो मुझपर गुस्सा हो जाएगी तो भी गुस्सा नही कर पाएगी. मैने सब सोच लिया था के कैसे ये सब करना था.

कुछ देर मे मम्मी आ गयी.

नील: श्रद्धा चलो ना टेरेस पर चलते है.

मम्मी: ठीक है चलो.

हम दोनो टेरेस पर चले गये और यहाँ वहाँ की बातें करने लगे. हुमारे टेरेस से दूर तक बहुत अक्चा व्यू दिखाई देता है. और अगर शाम को देखा तो और मज़ा आता है. हुमारे घर के आस पास के घर बहुत छ्होटे है इसलिए हुमारे टेरेस पर हम क्या कर रहे है वो किसी को भी पता नही चलता.

टेरेस पर हुँने एक छ्होटा सा पूल बनाया है जहाँ मैं या निधि अक्सर स्विम्मिंग करते थे. लेकिन जैसे ही हम दोनो का रिश्ता बदल गया तब से हुमारा जब भी मूड बनता तब हम साथ मे स्विम करते थे. काई बार रोमॅन्स करने का मूड होता था तब हम टेरेस को अंदर से लॉक कर देते थे ताकि मम्मी पापा उपर ना आ सके.

फिर हम दोनो बिना कपड़ो के पूल मे जाकर अकचे से रोमॅन्स करते थे. जहाँ हर बार हुमारा रोमॅन्स इतना वाइल्ड होता था के मुझे निधि को छोड़ के शांत करना पड़ता था.

आज मेरा कुछ यही मूड था. शाम का समय था और उस खूबसूरत व्यू देखते देखते मैं और मम्मी रोमॅंटिक होने लगे. हुमारी बातें फिर से घूम फिर के रोमॅन्स और चुदाई पर ही आकर थम जाती थी. और मैं जानबूझ कर मम्मी के करीब जाकर उन्हे सिड्यूस कर रहा था.

नील: जस्ट इमॅजिन के हम दोनो कपल होते.

मम्मी (शरमाते हुए): फिर तो तुम मुझे अकेले छ्चोड़ते ही नही.

नील: हन और आपको पता है अगर ऐसा होता तो मैं इस वक़्त क्या करता?

मम्मी: क्या करते?

नील: मैं आपके साथ इस पूल मे रोमॅन्स करता.

मम्मी (शर्मा कर दूसरी तरफ चेहरा करके): ओह गोद!! बस हन सुबह से हम यही कर रहे है. और अब मैं तुम्हे नही झेल पौँगी.

नील: मम्मी मैं रोमॅन्स की बात कर रहा हूँ चुदाई की नही.

मम्मी: ओह अक्चा!

फिर मैने उन्हे पूल मे आने की रिक्वेस्ट की लेकिन वो बार बार माना कर रही थी. जैसे तैसे करके मैने उन्हे माना लिया. मैने उन्हे कभी पूल मे नही देखा था इसलिए मैं उनके साथ ये सब करना चाहता था.

मम्मी: अक्चा बाबा मैं आती हू पूल मे लेकिन ये पहली और आखरी बार हन.

नील: हन हन पक्का.

मैं मान मे बोल रहा था के आप सिर्फ़ हन तो बोलो इसके बाद मैं जो करूँगा उसे एंजाय करके आप हर बार पूल मे आने की ज़िद करोगी.

मम्मी धीरे धीरे करके सारी और ब्लाउस उतरने लगी. मैने भी टशहिर्त और शॉर्ट्स उतार दी. मैं सिर्फ़ बॉक्सर मे था और मैं पूल मे चला गया.

उसके बाद मम्मी सिर्फ़ ब्रा पनटी मे थी और मैने उनका हाथ पकड़ के उन्हे पूल मे लेकर आया. मम्मी और मैं पूल मे एक दूसरे के उपर पानी उड़ा रहे थे.

कुछ देर तक मज़ा करने के बाद वो बाहर जाने की ज़िद करने लगी फिर मुझे लगा के अब मुझे अपना जादू उनके उपर चलना पड़ेगा.

मैं उनके करीब गया और उनकी कमर मे हाथ डाल के खड़ा रहा.

मम्मी: चलो अब बस हो गया अब नीचे चलते है.

शायद उन्हे समझमे आ गया था के वो ज़्यादा देर पूल मे रुक गयी तो उनके साथ क्या होगा.

नील: अरे मम्मी रूको ना ये तो हुँने सिर्फ़ मस्ती की है अभी तो और भी बातें बाकी है.

मम्मी: ओके लेकिन सिर्फ़ 10 मीं हन.

नील: हन.

हम दोनो बाहर का व्यू देख रहे थे तभी मैने कहा-

नील: मम्मी आपको पता है मैं बहुत लकी हूँ जो मुझे आप मिली हो.

मम्मी (ब्लशस): क्यू?

नील: आप जरा खुद को देखो आप कितनी खूबसूरत हो. ट्रस्ट मे मैने आज तक आप जैसी खूबसूरत लड़की नही देखी.

मम्मी: अक्चा जी?

धीरे धीरे करके मैं उन्हे सिड्यूस कर रहा था. मैं उनकी तारीफ कर रहा था ताकि मैं उनके करीब जेया साकु.

नील: हन.

कुछ देर तक बातें करने के बाद मैने उन्हे हग किया और सहलाने लगा, हर जगह किस करने लगा. हम दोनो पानी मे थे इसलिए हम दोनो ही बहुत जल्दी गरम हो गये.

मैने झट से उन्हे अपने करीब खीचा और उन्हे किस करने लगा. मम्मी भी मेरा साथ देने लगी. कुछ देर तक किस करने के बाद मैने उनकी ब्रा और पनटी भी उतार दी. उसके बाद मैं भी नंगा हो गया.

मैने मम्मी को सिड्यूस करके अकचे से गरम कर दिया था और अब वो मेरे कंट्रोल मे थी. मुझे लग रह था के अब मुझे उन्हे बता देना चाहिए.

नील (उनके बूब्स को सहलाते हुए): मम्मी आपको नही लगता के निधि अब बड़ी हो गयी है?

मम्मी: उसमे लगता क्या है वो तुमसे भी बड़ी है बुद्धू.

नील: हन मतलब के अब वो जवान हो गयी है और उसे भी आपकी तरह किसी मर्द की ज़रूरत होगी?

मम्मी मेरी बात सुनकर सोचने लगी.

मम्मी: ज़रूरत तो ज़रूर पड़ती होगी. लेकिन उसका कोई ब्फ भी नही है पता नही कैसे मॅनेज करती होगी वो. जब मैं उसकी आगे की थी उससे पहले तेरे पापा ने मुझे पता लिया था. और बहुत छोड़ा था.

नील: अक्चा? तो आपको नही लगता के कभी हम तीनो एक ही बेड हो?

मम्मी 2 मीं तो चुप थी तो मुझे लगा अब तो मार पड़ेगी मुझे. लेकिन मम्मी मेरी वजह से गरम हो चुकी थी इसलिए उन्होने कहा-

मम्मी: ऐसा हो जाए तो बहुत अक्चा होगा… क्यू के वो लड़को के मामले मे बहुत स्लो है. जब तक उसकी शादी नही होती तब तक वो वर्जिन ही रहेगी. उसे भी ये सब एंजाय करना चाहिए.

नील: ई नो.

मम्मी की बात सुनकर मैं बहुत खुश हुआ. मैने उनकी गर्दन पर किस करते हुए उनकी ब्रा का हुक खोल दिया और ब्रा को झट से उतार कर पूल के बाहर फेक दिया. मेरी हरकत से मम्मी ने एकदम से अपने दोनो हाथ बूब्स पर रखे और उन्हे कवर कर लिया.

मम्मी: ये क्या कर दिया तुमने? भूलो मत हम यहाँ टेरेस पर है और ऐसे खुले मे तुम मेरे साथ ऐसा कुछ मत करो.

नील: मम्मी कुछ नही होगा… मैं यहाँ आपको अपनी गोद मे उठाकर भी छोड़ूँगा ना तो किसी को पता नही चलेगा.

मम्मी (शरमाते हुए): फिर भी… प्लीज़..

मैने झट से उनकी पनटी भी उतार दी. मम्मी शरम से पानी पानी हो चुकी थी. उनकी मांसल जंघे उनकी खूबसूरती को और भी खूबसूरत बना रही थी. मैने उन्हे पिच्चे से हग किया हुआ था और मैं उनकी छूट को सहलाने लगा.

वो अपनी आँखें बंद करके सिसकारियाँ ले रही थी. उनके जिस्म का टेंपरेचर बहुत बढ़ चुका था और हवस ने उनके दिमाग़ पर काबो कर लिया.

नील: मुझे निधि बहुत पसंद है… वो बहुत खूबसूरत है. वो बिल्कुल आप पर गयी है. उसके जिस्म हर एक हिस्सा आप से मिलता है.

मम्मी: अक्चा.

मैने अपनी 2 उंगलियों को उनकी छूट मे डाल दिया और अंदर बाहर करते हुए कहने लगा-

नील: मम्मी मैं आप से जिस तरहा प्यार कर रहा हूँ वैसे ही निधि के साथ भी करना चाहता हूँ. वो अपने प्रोफेशन मे इतनी बिज़ी है के खुद पर ध्यान देना वो भूल गयी है.

मम्मी: ये बात तो सही कही तुमने… और तुम्हारे साथ तो मैने एक्सपीरियेन्स कर लिया है. मुझे पता है तुम किसी भी लड़की को पागल कर सकते हो अपनी कांवासना से.

नील: तो क्या मैं निधि को इस तरहा से प्यार कर सकता हूँ?

मम्मी: आहह बिल्कुल कर सकते हो… लेकिन याद रखना निधि और मेरी ज़िम्मेदारी अब तुमपर है. तुम्हे हम दोनो को शांत करना पड़ेगा

मम्मी की बात से मैं बहुत खुश था. मेरा ब्रह्मास्त्रा काम कर गया. मैने मम्मी को थॅंक्स कहा और उनके नाज़ुक से होंठों को चूसना शुरू किया. हम दोनो पागलो की तरहा एक दूसरे के होंठ चूस रहे थे. उन्होने अपने हाथ को मेरे लंड पर रखा जो मेरी बॉक्सर के अंदर तंबू बनाए खड़ा था. वो उसे सहलाने लगी.

मम्मी: आहह इसे बाहर निकालो… तुमने मुझे बहुत गरम कर दिया है.

नील: मेरा भी आपको छोड़ने का मॅन कर रहा है.

आयेज की चुदाई आपको अगले पार्ट मे पढ़ने मिलेगी. लड़कियाँ और मॅरीड लॅडीस भी मुझे मैल करे. जो वमेन्स अपने बेटे से छुड़वाना चाहती है या फॅंटेसी सेक्स छत करना चाहती है वो भी मैल करे. आपको ये पार्ट कैसा लगा मुझे मैल करके बताए मैं आपको बिल्कुल रिप्लाइ कर दूँगा.

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