मम्मी और अंकल की रास लीला

लेकिन अंकल का एक भी बार पानी नही निकला. इतनी देर तक मम्मी को छोड़े जेया रहे है और झड़ने का नाम ही नही ले रहा.

अंकल का स्टॅमिना बहुत गजब का है. अंकल गप्पगाप मम्मी को छोड़ रहे थे.

मम्मी – आआहह उूुुुुउउम्म्म्मम उूुउऊहह आहह.किए जेया रही थी.

अंकल – आहह मेरी जान उर्मिला बहुत मज़ा आ रहा है तुझे छोड़ने मे आअहह.

अंकल मम्मी को पूरे जोश मे पेल रहा था. और मम्मी भी पूरे जोश मे उनसे छुड़वा रही थी. और फिर अंकल रुक रुक कर 3 – 4 लंबे लंबे शॉट मारा. सयद अंकल झाड़ चुका है. हर शॉट मे मम्मी के मूह से आआआआआहह निकली.

अंकल- ऊओह उर्मिल…..

मम्मी – आआहह आअहह…

मम्मी का जिस्म पूरी तरह अकड़ने लगा. दोनो की साँसे तेज उपर नीचे होने लगी. मम्मी तो चुपचाप अंकल के नीचे दबी पड़ी थी. उनके माथे की बिंदी भी निकक गयी और माँग मे लगा सिंदूर भी खराब हो गया था. मम्मी की असी हालत मई पहली बार देख रहा था. वो मम्मी के बूब्स को दबाकर चूसने लगा.

अंकल – उर्मिला बहुत मज़ा आया यार उउँह फिर अंकल मम्मी के माथे पर किस किए.

अंकल मम्मी की छूट से अपना मुरझा हुआ लंड बाहर निकाला और मम्मी की बगल मे लेट गया. उनका लंड का वीर्या (स्पर्म) उनके कॉंडम मे भर चुका था. मम्मी की छूट ने भी पानी छ्चोड़ दिया था. गीली छूट जिसमे पिंक कलर का होल्ल बहुत हॉट लग रहा था. मम्मी अपनी छूट के दाने को धीरे धीरे मसालती हुई साँसे ले रही थी.

अंकल – मज़ा आया तुमको उर्मिला?

मम्मी – हाँ, और आपको?

अंकल – मुझे भी बहुत मज़ा आया. खुश कर दिया तुमने मुझे.

फिर मम्मी अपने पेटीकोत को उठाकर अपनी छूट साफ करने लगी. मम्मी छूट को अंदर तक सॉफ करने लगी. फिर अंकल के लंड मे से उनका कॉंडम निकल ली. कॉंडम अंकल के वीर्या से भरा हुआ था. मम्मी अंकल के लंड को सॉफ की. और कॉंडम को अपने साथ लेकर बातरूम चली गयी.

अंकल नंगा ही बेड पर लेता रहा. थोड़ी देर बाद मम्मी बाहर आई. अंकल मम्मी का हाथ पकड़ मम्मी को अपने उपर खींच लिए. और मम्मी हँसती हुई उनके उपर जेया गिरी. अंकल मम्मी को अपनी बाहों मे भर लिया.

मम्मी – ( हँसती हुई) अभी भी मान नही भरा क्या आपका.

अंकल – मेरी जान मेरा मान इतनी जल्दी नही भरने वाला है..

दोनो हासणे लगे. रात के करीब 4 बजे चुके थे. मुझे तो नींद आने लगी और मई जाकर सो गया. सुबह मे देखा तो मम्मी मुझे उठा रही.

अब मम्मी स्माइल करती हुई – उठ जेया अब सोते ही रहेगा.

मम्मी को देख मुझे रात वाला सीन याद आ गया. मम्मी का फेस एकद्ूम खिला हुआ था और बहुत खुश भी लग रही थी. मुझे रात को मज़ा तो आया लेकिन फिर भी मुझे थोड़ी शर्मिंदगी महसूस हो रही थी अपनी मम्मी पर.

मैने कभी नही सोचा था की मई मम्मी की लिव चुदाई देखूँगा. पूरा दिन मेरे दिमाग़ मे बस यही चल रहा था.

आंड आज रात भी अंकल खाना खाने के वक्त आ गये. काफ़ी देर तक अंकल मेरे और सद्दाम के साथ बाते किए.थोड़ी देर बाद मम्मी भी हुमारे साथ आकर बेत गयी. मम्मी अंकल को देख स्माइल की. और अंकल मम्मी को सेक्सी नज़ारो से देखे. अंकल और मम्मी दोनो नॉर्मल बाते करने लगे.

तभी पापा का फोन आया. मई उठाकर बात करने लगा. फिर फोन मम्मी को दे दिया. मम्मी पापा से बात करती हुई अंकल की तरफ देख रही थी.

पापा- अछा वो रफ़ीक भाई आए थे?

मम्मी – भैसाहब खाना खाने आए है, यही बेते है.

फिर मम्मी फोन अंकल को दे दी.

अंकल- भैसाहब हो गया आपका काम?

पापा – हाँ रफ़ीक जी हो गया.

अंकल – तो कब आ रहे हो वापस?

पापा- कल शाम तक आ जौंगा. आप कहाल रखना बचो का तब तक.

अंकल – ( मम्मी को देखता हुआ) आप फिकर मत कीजिए बचे सब ठीक है. मम्मी स्माइल की.

फिर मम्मी मुझे और सद्दाम को खाना खाने बोली. खाने खाने के थोड़ी देर बाद मई और सदम सोने के लिए अंदर कमरे मे चले गये..

मुझे तो नींद आने वाली नही थी. मुझे आज फिर से चुदाई की लिव मॅच देखनी थी. इसीलिए मई सोने का नाटक करने लगा.

थोड़ी देर बाद मम्मी कमरे मे आई और लाइट ऑफ करके चली गयी. और बाहर हॉल की लाइट भी बंद कर दी. उसके बाद मुझे बाहर कोई आवाज़ सुनाई नही दी. और मई उठकर बाहर आया और मम्मी के कमरे मे झकने लगा.

अंदर टेबल पर वाइन के दो पड़े हुए थे. और मम्मी अंकल की गोद मे बेती थी. वो मम्मी को चूम रहा था, अंकल सिर्फ़ अंडरवेर मे था. और मम्मी के राशीले होंठो का रष्पान कर रहा था.

मम्मी की सारी नीचे पड़ी थी. मम्मी सिर्फ़ ब्लाउस और पेटीकोत मे थी. पर्पल कलर के ब्लाउस और पेटीकोत मे मम्मी बहुत सेक्सी लग रही थी. अंकल मम्मी की चिकनी कमर मे हाथ डाले हुए मम्मी के गॅलो पर पप्पी ले रहा था.

अंकल – कल तो आ जाएँगे आप के पातिदेव.

मम्मी – हॅन.

अंकल- फिर हम केसे मिलेंगे?

मम्मी कुछ बोली नही सिर्फ़ हंस दी. अंकल मम्मी को चूमते हुए-

अंकल – उंह उर्मिला मई नही रह पौँगा तुम्हारे बिना….

मम्मी – उम्मह रहना तो पड़ेगा रफ़ीक जी.

अंकल- सिर्फ़ रफ़ीक कहो जी मत कहो. उउउँह

मम्मी -( हँसती हुई) उूउउँह रफ़ीक..

अंकल – एसस्स उंह.

फिर मम्मी वाइन पेग उठाकर एक अंकल को दी और दोनो चियर्स किए और पीने लगे. उसके बाद मम्मी अपने हाथो से अंकल को चखना खिलाने लगी.

मम्मी अंकल की जाँघो पर बेती हुई अंकल के गॅल मे अपनी बाहों का हार डाले हुई थी. उनका लंड शायद मम्मी की गांद मे चुभ रहा था.

वो मम्मी के पेटीकोत को उपर करने लगा. और मम्मी की चिकनी चिकनी टॅंगो और जाँघो पर हाथ घूमने लगा. मम्मी के पैरो मे जो पायल थी उससे मम्मी की टाँगे बहुत सेक्सी लग रही थी. वो मम्मी के बूब्स को दबाते हुए मम्मी को बहुत जबारजस्ट किस किए जेया रहा था.

मम्मी अपनी जीभ निकल कर अंकल के मूह मे दे रही थी और अंकल मम्मी की जीभ को चूसने लगा. मैने नही सोचा था की मम्मी इतना कुछ जानती होगी, अंकल के साथ मम्मी की अची जोड़ी बन चुकी थी.

दोनो फिर से पेग मरने लगे. ड्रिंक करते हुए रोमॅन्स कर रहे थे. रफ़ीक मम्मी के ब्लाउस के बटन खोल दिया. वाइट ब्रा मे मम्मी के बड़े बूब्स उूुउऊहफफफफफफफफफफ्फ़ सला मदारचोड़ रफ़ीक जन्नत के मज़े ले रहा था. मम्मी ब्लाउस को निकल दी और अंकल मम्मी की बड़ी चूंचिया को हाथ मे लेकर दबाने लगा.

अंकल- आहह उर्मिला कितने बड़े बड़े है तुम्हारे बूब्स उूउउँह..

उन्होने चूंचियो मे अपना सिर डालकर बूब्स को चूमने लगा. और ब्रा उपर कर मम्मी के बूब्स को बाहर निकल दिया. बूब्स को अपने मूह मे लेकर पागलो की तरह चूमने लगा. वो एक बूब्स को हाथ से दबाता और दूसरे बूब्स को चूसने लगता.

मम्मी के निपल एकद्ूम कड़क हो गये थे. साला अंकल मदारचोड़ मेरी मम्मी के साथ मज़े कर रहा था और मई लंगूर की तरह चुपके से देख रहा था. वो मम्मी के निपल को चुटकी से मसालने लगा. मम्मी के मूह से आआअहह उूउउशह सिसकारी निकालने लगी.

उन्होने अंकल की चेस्ट पर हाथ घूमने लगी और अंकल के फेस को चूमने लगी. फिर मम्मी अपनी ब्रा निकल दी. अब मम्मी उपर से नंगी हो चुकी थी. रफ़ीक मम्मी की गांद को मसालते हुए मम्मी को चूम रहा था.

फिर मम्मी की पेंटी को नीचे कर, पेंटी को मम्मी की टॅंगो से बाहर निकल दिया और पेटीकोत के नडे को भी खोल दिया. और पेटीकोत को भी मम्मी के टॅंगो से बाहर कर दिया.

अब मम्मी मदरजात नंगी हो चुकी थी. मम्मी की फुल्ली हुई गांद अंकल के लंड पर थी. फिर अंकल मम्मी को अपनी गोद मे उठा लिया और पलंग पर लेता दिया.

फिर अपनी अंडरवेर निकल कर नंगा हो गया. उनका खड़ा लंड मम्मी की छूट मे जाने के लिए तड़प रहा था. वो मम्मी के उपर लेट गया और मम्मी को चूमने लगा.

दोनो एक दूसरे को बाहों मे लाकर चूमने लगे. उनका लंड मम्मी की छूट पर चुभ रहा था. मम्मी अंकल के लंड को अपनी हाथ मे ले ली. और उसको मसालने लगी. कभी मम्मी अंकल के उपर हो रही थी तो कभी अंकल मम्मी को अपने नीचे ले रहा था.

फिर अंकल मम्मी के पेट के उपर बेत गया. और मम्मी के दोनो बूब्स के बीच मे लंड डालकर आयेज पीछे करने लगा. उनके ऐसे करने से मम्मी और जाड़ा मचलने लगी. फिर अंकल तोड़ा उपर की तरफ हुआ और लंड मम्मी के होंठो पर रख दिया.

मम्मी – ( नखरा करती हुई) च्िीई.

उनकल – (हंसता हुआ) लो ना….

मम्मी – नही….

अंकल – प्लीज़ थोड़ी देर…..

फिर अंकल मम्मी के होंठो पर लंड का टोपा रख दिया. मम्मी अंकल को सेक्सी आँखो से देखने लगी.

मम्मी – बहुत गंदे हो आप.

और अंकल का लंड अपने मूह मे ले ली. जिससे अंकल खुश हो गया और मम्मी के मूह मे लंड देने लगा.

उनकल – तेरे साथ गंदा होने मे ही तो मज़ा है मेरी जानेमन उुउऊहह.

थोड़ी देर लंड को चूसने के बाद मम्मी लंड अपने मूह से निकल ली.

तो बे कंटिन्यूड…

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