मम्मी आंटी और में चुद गई

अरे कुछ न पूँछ मेरी माँ ? उसका लण्ड बड़ा मोटा था भोषड़ी वाले का ? मेरी तो गांड ही फट गयी थी पहले “लन्ड” देख कर ? मैं समझी की अगर मैं इससे चुदवा लूंगी तो मेरी चूत, माँ की लौड़ी, जरुर फट जाएगी . लेकिन फिर मैंने सोचा की बिना चुदाये यहाँ से जाने से क्या फायदा ? अब जब चुदाने आ गयी हूँ तो चुदवाकर

ही जाऊंगी . मैंने हिम्मत की और धीरे से “लन्ड” पूरा का पूरा पेल लिया बुर में . वह भी “लन्ड” पेलने में बड़ा उस्ताद है . पहले तो बड़े प्यार से धीरे धीरे पेला “लन्ड” लेकिन जब उसने १०/१२ बार लण्ड को अन्दर बाहर किया तो फिर मादर चोद भकाभक चोदने लगा . मैंने कहा रुको यार धीरे धीरे चोदो न ? मेरी बुर कहीं भागी जा रही है क्या ? अब मैं अच्छी तरह चुदवा कर ही जाऊंगी . लेकिन वह बहन चोद सुनने वाला ही नहीं था . पेले जा रहा था “लन्ड” ? मुझे क्या ? मैं भी गांड उछाल उछाल कर चुदवाये जा रही थी

लेकिन थोड़ी देर में मुझे अहसास हुआ की वह ठीक कर रहा है . फिर मैं भी गपा गप्प लेने लगी उसका “लन्ड” मैं भी मस्ती में आ गयी . फिर मैं भी चिल्ला पड़ी हां अब चोदो जितना चोद सको . अपनी बीवी की तरह चोदो मेरी चूत ? रंडी की तरह चोदो मेरी बुर . अपनी माँ की तरह चोदो मेरी चूत . साले तेरे “लन्ड” की माँ का भोषडा ? अब मैं देखती हूँ की तेरा “लन्ड” कितनी जोर जोर से चोदता है मेरी बुर . अरी माँ, मेरा इतना कहना हुआ की वह कुत्ते की तरह मुझे पीछे से चोदने लगा . मेरे ऊपर चढ़ कर चोदने लगा . मेरी चूंचियां चोद डाली . मेरी गांड मार ली . मेरे मुह में कई बार “लन्ड” घुसेड़ा . मुझे बहुत मज़ा आया माँ, आखिर में उसने मेरे मुह में उगल दिया . मैं “लन्ड” चाटने लगी . पीने लगी मस्ती से उसका लण्ड ? बाद में मैंने उससे पूंछा मेरी माँ का भोषडा चोदोगे ? उसने कहा हां चोदूंगा . मुझे भोषडा चोदने का बड़ा शौक है . माँ मैंने उसे आज की रात के लिए तेरा भोषडा बुक कर दिया है . अब आज मेरे सामने चुदेगा तेरा भोषडा .

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माँ बोली :- तो आज तेरी भी चुदेगी चूत . मैंने भी तेरी चूत बुक कर दिया है . आज की रात दो दो “लन्ड” तेरी बुर पर हमला बोलेंगे .

दोस्तों, मेरा नाम है हबीबा और मेरी माँ का नाम है मिसेस नर्गिस हम दोनों दोस्त बन कर रहती है . एक दूसरे के सामने नंगी रहती है . एक दूसरे के सामने भकाभक चुदवाती है . एक दूसरे की बुर में लण्ड पेलती है . लण्ड अदल बदल कर चुदवाती है . कभी कभी लण्ड एक साथ मिलकर चूसती हूँ . मैं बड़ा मज़ा करती हूँ माँ के साथ और माँ भी खूब एन्जॉय करती है मेरे साथ . माँ मेरे लिए “लन्ड” लाती है और मैं माँ के लिए “लन्ड” लाती हूँ . ऐसा कैसे हुआ ? कब हुआ ? इसकी एक लम्बी कहानी है . फिर कभी मौका मिलेगा तो आपको सुनाऊंगी . अभी तो देखो कोई दरवाजा खटखटा रहा है . मैं खोल कर देखती हूँ की कौन है ? हां हां दरवाजा खोल कर बुर खोल कर नहीं ?

दोस्तों, मैं जानती हूँ की इस समय आपका हाथ आपके “लन्ड” पर होगा . आपका “लन्ड” खड़ा है .टन टना रहा है मेरी कहानी पढ़ कर . तो फिर पूरा मज़ा लीजिये न ? कमरे का दरवाजा बंद कर दो और पूरे नंगे होकर पढो मेरी सच्ची कहानी . तुम्हे भी मज़ा आएगा और तुम्हारे “लन्ड” को भी . अगर कोई मिले तो चोदना भी शुरू कर सकते हो ? यदि आप पढ़ रही है तो आपका हाथ चूंची पर होगा या फिर चूत पर आप खूब मज़ा कीजिये और कोई साथी ढूंढ लीजिये . अपने पति को साथ लेकर सेक्स कीजिये . पति न हो तो बॉय फ्रेंड का साथ लीजिये . जवानी का मज़ा पूरा लीजिये . मेरे पास कई सन्देश आये है . जिन लोगों ने सेक्स करना छोड़ दिया था वे मेरी कहानी पढ़ पढ़ कर फिर से सेक्स करने लगे है . लोगों के “लन्ड” दुगुना खड़े होने लगे है . बड़े सख्त ही जाते है “लन्ड” मेरी कहानियां पढ़ कर .

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हां तो मैंने जैसे ही दरवाजा खोला तो देखा की मेरे सामने शकील अंकल खड़े है . हां हां वही शकील अंकल जिनसे मैं अभी अभी चुदवा कर आयी हूँ . जिसके “लन्ड” के बारे में मैंने आपको बताया ? मेरी माँ को अंकल के “लन्ड” का बड़ा इंतज़ार था . अब मैं माँ को बुलाकर अंकल से मिलवा देती हूँ . मैंने अंकल को बैठाया और माँ को आवाज़ दी . माँ आ गयी . मैंने कहा शकील अंकल ये है मेरी माँ नर्गिस और माँ ये है शकील अंकल जिनके “लन्ड” के बार में मैंने तुम्हे बताया है . अंकल को भी भोषडा चोदने का शौक है . मैंने इसीलिए इसे यहाँ बुलाया है . अम्मी मुझे यकीं है की तुम्हे अंकल का “लन्ड” जरुर पसंद आएगा ? आज तेरे भोषडा को सही सही पता चलेगा की “लन्ड” क्या होता है ?

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