मोहल्ले की औरत के साथ सेक्स का मिला मौका

हेलो फ्रेंड्स, मेरा नाम राहुल है, और मैं 22 यियर्ज़ का हू. मैं पुंजब के छ्होटे से शहर में रहता हू. मुझे सेक्स करना बहुत पसंद है. आज मैं आपको बतौँगा, की कैसे मैने दमानप्रीत की छूट मारी.

दमानप्रीत एक पंजाबी हाउसवाइफ है, और उसका साइज़ 36″40″42″ है. लॉक्कडोवन् के दीनो में हमारे मोहल्ले में काई लोग बाहर बैठ कर ताश खेला करते थे.

एक दिन मैं भी उनके साथ ताश खेल रहा था, की तभी अचानक से दमानप्रीत गस्ति अपने हज़्बेंड को कुछ बोलने आई, जो की हमारे साथ ताश खेल रहा था.

दमानप्रीत ने पाजामा और त-शर्ट पहन रखे थे, और वो बहुत हॉट लग रही थी. उसको देखते ही सभी मर्द जो ताश खेल रहे थे, उनके लंड सल्यूट मारने लग गया.

मेर तो बुरा हाल हो गया उसका सेक्सी फिगर देख कर. क्या बड़ा-बड़ा समान था उसका. एक जवान लड़के को इससे ज़्यादा और क्या चाहिए. उसी दिन से मैने सोचा की लॉक्कडोवन् को यादगार बनाया जाए, और क्यू ना दमानप्रीत की छूट के मज़े लू.

फिर मैने दमानप्रीत का पीछा करना शुरू कर दिया. मैं ये देख रहा था, की वो किस से मिलती थी, या उसका कोई ब्फ था की नही. जब मैं उसके पीछे जाता था, तो उसकी मटकती हुई गांद मेरा दिल जीत लेती थी. अब मुझे कैसे भी करके उसके सेक्सी जिस्म को खाना था.

एक दिन मैने देखा, की दमानप्रीत च्चत पर खड़ी हो गयी, और किसी मर्द को इशारा कर रही थी. पहले मैने सोचा की वो उसका पति होगा. लेकिन फिर मैने देखा, की वो कोई और था.

मैं समझ गया था, की वही था दामन का यार, जो उसकी छूट मारता था. उस आदमी का नाम हरमन था. वो अक्सर हमारी गली में घूमता रहता था. वो दामन को देखने या मिलने के लिए आता था.

ये सब देख कर मेरे दिमाग़ में बस दामन के ख़याल आते रहते थे. फिर एक दिन मों ने मुझे कहा-

मों: दामन आंटी ने तुझे बुलाया है. कोई बात करनी होगी.

मेरे दिमाग़ में आइडिया आया, की आज दामन की छूट मार कर ही वापस अवँगा. फिर जैसे ही मैं दामन के घर पर गया, मैने देखा की दामन का हब्बी घर पर नही था. क्यूकी उसके हब्बी का मोटरसाइकल वाहा नही था.

पर जब मैने अंदर जाके देखा, तो कोई मर्द रूम में सोफे पर बैठा था. और वो आदमी दामन का यार था. फिर दामन ने मुझसे कहा-

दामन: मुझे तुमसे कुछ बात करनी है. तुम रूम में जेया कर बैठो, मैं छाई लेकर आती हू.

फिर जैसे ही मैं रूम के अंदर गया, तो वाहा दामन का यार बैठा था. वो मुझसे इधर-उधर की बाते करने लगा. फिर मैने उसको कहा-

मैं: तुम्हारी किस्मत बहुत अची है, जो दामन अपनी छूट तुमसे शेर करती है. मुझ जैसे लड़के तो उसके लिए तड़प्ते है.

तभी अचानक दामन कमरे में आ गयी, और मुझसे बोली-

दामन: मुझे मालूम है, की तुम भी मेरी छूट के दीवाने हो. और तुम मेरे साथ सेक्स करना चाहते हो.

ये बात सुन कर मैं शॉक्ड हो गया. दिल तो करने लगा, की उसी वक़्त उसके मूह में लंड डेडू. पर मैं दर्र गया, की वो अपने बाय्फ्रेंड से मुझे पिटवाएगी. इसलिए मैने अपना स्टेट्मेंट बदल दिया.

फिर मैने दामन गस्ति से कहा-

मैं: नही जी, आपको शायद ग़लत फहमी हुई है. मैं आपको ऐसी नज़रो से नही देखता आंटी. पता नही आपने ऐसा कैसे सोच लिया.

फिर वो बोली: तुम फिर मेरा पीछा क्यू करते हो मार्केट में? और अपनी च्चत पर खड़े मेरे को ही क्यू देखते हो?

इतना कहना के बाद दामन बोली-

दामन: अगर तुम्हे मुझमे कोई इंटेरेस्ट नही है, तो तुम जेया सकते हो. मैं तो सोच रही थी, की आज गंगबांग करने का सीन बन सकता था.

मैने सोचा की इतना बढ़िया मौका था. और ये फिर नही आएगा. फिर मैने एक-दूं से आंटी के बूब्स पकड़े, और उसके ब्फ को इशारा करके कहा-

मैं: आजा भाई, आज हम दोनो ये गाड़ी चलाएँगे.

तभी दामन का ब्फ भी हमारे पास आया, और उसने दामन की त-शर्ट उतार दी. अब दामन मेरे सामने ब्रा पहन कर बैठी थी. ऐसा लग रहा था, की मेरा सपना सच हो गया.

तभी दामन ने मेरे साथ स्मूच किया और बोली-

दामन: अपनी बंदूक को बाहर निकालो. मुझे टुमरी बंदूक चाहिए.

मैने कहा: ये बंदूक तो कब से तुम्हारे लिए तरस रही है. खुद हाथ डालो और निकाल लो.

फिर जैसे ही दामन ने मेरे अंडरवेर में हाथ डाल के मेरा लंड पकड़ा, मैं एक-दूं से नशे में खो गया. मुझे ऐसे लगा, जैसे 440 वॉल्ट का झटका लग गया हो.

दामन का ब्फ उसका बूब चूस रहा था, और दामन मेरा लंड अपने कोमल हाथो से सहला रही थी. 10 मिनिट बाद दामन बोली-

दामन: अगर तुम दोनो मुझे आज खुश करोगे, तो मैं हमशा तुम्हे खुश रखूँगी.

अब उसका ब्फ भी नंगा हो चुका था, और मैं भी. मैं तो जैसे जन्नत में था. फिर दामन हम दोनो का लंड चूसने लगी. कही वो मेरा लंड मूह में लेती, तो कभी अपने ब्फ का.

20 मिनिट के बाद दामन को मैने गोद में उठाया, और बिस्तर पे लेट गया. हम दोनो अब 69 पोज़ में आ गये थे. दमनेरा लंड चूस रही थी, और मैं उसकी गांद.

तभी उसका ब्फ फ्रीज़र से मलाई निकाल कर ले आया, और दामन की गांद पर फेंक दी. फिर वो मुझे बोला-

बाय्फ्रेंड: अब इसकी गांद छत.

और मैं मज़े से उसकी गांद चाट रहा था. तभी अचानक बाहर गाते खुलने की आवाज़ आई. दामन पूरी गरम हो गयी थी. पर गाते पर उसका पति आ गया था. फिर दामन ने कहा-

दामन: तुम दोनो भाग जाओ च्चत पर से. मैं तुम दोनो को फोन करके बुला लूँगी, जब घर पे अकेली होंगी.

फिर हमने अपने कपड़े पहने, और वाहा से भाग गये. मैने घर पर जेया कर मूठ मार कर लंड को शांत किया.

इसके बाद क्या हुआ, मैं आपको अगली स्टोरी में बटौगा. मुझे जब भी मौका मिलता है, मैं दामन को मोहल्ले में ही पकड़ कर चूस लेता था. नेक्स्ट स्टोरी कमिंग सून.

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