मेरी बहन और जीजा जी

दोस्तो, ये मेरी चौथी कहानी है पहले मैंने मेरी चुदाई बताई थी मेरे जीजा कमल से, फ़िर मेरी लड़कियों की चुदायी और अब मेरी छोटी बहन और मेरा जीजा कमल।

दोस्तों ये बात है उन दिनों की है जब मेरी छोटी बहन रेनु मेरे घर आयी थी मेरा पति आनंद अपनी ड्युटी पर चला गया था।

रेनु को कोलेज में जाना था सो वो मेरे पास रहने लगी।

आनंद के जाने के 2 दिन बाद ही रेनु ने मुझसे कहा ‘दीदी ये कमल जो आता है उस का और तेरा कोई चक्कर है क्या।

मैंने मना किया तो वो बोली ‘दीदी ये तो नहीं हो सकता वो रोज़ आता है और मेरे कोलेज जाने के समय आता है। मैंने कल ही वापिस आ के देखा था आप दोनो ने रूम बंद कर लिया था।’

‘अरे तेरे को कोई गलतफ़हमी होगी। ऐसा कुछ नहीं है’ ये कह के मैं चुप हो गयी और उसने भी सवाल नहीं किये।

पर मैंने सोचा अगर रेनु ने देख ही लिया है तो क्यों न मैं इसको ही कमल से चुदवा दूं।

सो मैंने धीरे धीरे रेनु को छेड़ना शुरु कर दिया। कभी उसकी चूची दबाती तो कभी उसकी गांड पर हाथ मारती।

शुरु में तो रेनु ने थोड़ी शरम की फ़िर वो भी मेरे को छेड़ने लग गयी। मैंने पूनम को भी कह दिया कि तू रेनु को कमल के लिये तैयार कर दे इधर मैन भी उस को तैयार करती हूं।

सो हम दोनो मां बेटी रेनु को छेड़ने लग गयी। कमल को मैंने बता ही दिया था सो वो भी रेनु से बातें करने लगा।

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रेनु भी उस से बात करती, कमल ने उस को स्टडी का ओफ़र किया। मैंने भी रेनु को कह दिया कि तू कमल से पढ़ लिया कर।

वो मान गयी और मैंने और पूनम ने रेनु को ज्यादा छेड़ना शुरु कर दिया।

1 दिन मैं और रेनु ही घर में थे, कमल आ गया और रेनु को अपने पास बिठा लिया।

‘रेनु आज मैं तेरे को देर तक पढ़ाउंगा, तू कुछ काम करना चाहती है तो जल्दी से कर ले।’

रेनु ने कहा- नहीं जीजा जी मेरा कोई काम नहीं है वो तो रोशनी ही कर लेगी। आप तो मेरे को पढ़ा दो।

मैंने कहा- जीजा जी, आज तो सारी फड़ाई कर दो रेनु की, ये भी तैयार है’

बस फ़िर क्या था कमल ने रेनु को अपने नजदीक बिठा लिया और उसकी चूची पकड़ ली।

‘जीजा जी ये क्या कर रहे हो, दीदी से करना ये’

‘नहीं रेनु तूने सुना नहीं रोशनी ने क्या कहा था- सारी फड़ाई आज करवा देना,’

‘रोशनी की तो शादी हो गयी है इसको तो कोई डर नहीं है मैं तो कुंवारी हूं, अगर कोई गड़बड़ हो गयी तो?’

मैंने कहा ‘रेनु तू डर मत आज तो तू भी कमल से मजा ले ले नहीं तो कोई और तेरी पता नहीं क्या हालत करेगा फ़िर मैं भी तो तेरे साथ हूं’।

ये कहा कि मैंने भी रेनु को पकड़ लिया और कमल और मैं उस के दोनो गालों को चूमने लगे और उसकी चूची दबाने लगे।

वो सिसकियाँ भरने लगी और कमल के नजदीक घुसने लगी।

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मैंने रेनु की कमीज खोल दी और कमल ने रेनु की सलवार।

रेनु सिर्फ़ चड्ढी और ब्रा में थी।

‘दीदी कोई आ गया तो’ रेनु ने अपना डर बताया.

‘तू डर मत कमल है न और मैं भी तो हूं। तू कमल का शर्ट खोल दे, मैं दरवाजा बंद करती हूं’

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