मेरे जीवन का पहला लेज़्बीयन सेक्स

तो दोस्तो आप लोग को पिछली कहानी तक तो पता छल गया की कैसे पापा, चमन अंकल और राजू अंकल ने कोठी पे मेरी बुरी रात भर बुरी तरह चुदाई की थी. उसके बाद जैसे तैसे फटे कपरो मे मई रूम प्र आ कर सो गयी और मम्मी को कोठी पर मेरी पनटी मिल गयी थी.

तो उसके रीमा मेरी कज़िन बहें जिसकी शादी होने वाली थी उसने मुझे सुबा 8 बजे ही उठा दिया. रात के नशे के बाद मेरा सिर बुरी तरह फटा जा रहा था. मेरी बूब्स तो मानो सूज कर दो साइज़ बरी हो गयी हो. गांद मई बहुत दर्द था और गले पे जगह जगह लोवे बीते के निशान थे.

रीमा ने भी ये सब नोटीस कर लिया और मुझे चेरने लगी. उससे लग रहा था की गाओ का कोई लड़का है जिसके साथ मेरा चक्कर चल रहा है. मगर उससे के क्या था की मेरी ये हालत मेरे पापा और उनके दोस्तो ने की है.

रीमा: ह्यूम पता है की शार की लड़किया काफ़ी अड्वान्स होती है. मगर इतना अड्वान्स की 1 दिन हुए नही तुझाई गाओ आए और तूने ये सब करवा लिया.

मई: ऐसा कुछ नही है… तू ग़लत साँझ रही है. वो तो बस मकेयर ने काट लिया है.

रीमा ने मेरी चुचियो को कस के पकड़ लिया और बोली “ये तो कल तक इतना बारे नही थे… ऐसे कों से मकेयर आ गये गाओ मई जो तेरी चुचियाँ सूजा गये.”

रीमा के चुचिया पाकरते ही मई दर्द से तिलमिला उठी और उससे रिक्वेस्ट करने लगी की चोर दे मई सब बताती हू. तब कही जाके उसने मेरी चुचियाँ चोरी. मई उससे पापा और मेरे रिश्ते के बारे मई नही बता सकती थी तो मैने उससे किसी रॅंडम लड़के का नाम लेकर झूट बोल दिया. रीमा भी मान गयी और मेरी बदन देखने का ज़िद करने लगी की कहाँ कहाँ उस लड़के ने निशान छोरे है.

मॅटर जाड़ा ना बढ़े बोल के मई भी मान गयी. हम दोनो वैसे भी बचपन से एक दूसरे के बारे मई ऑलमोस्ट जब जानते थे. हम दोनो ने कई बार साथ भी नाहया है. मेरे बदन पे कैसे जगह मार्क थे. कुछ तो मई भी देख कर हैरान थी. धीरे धीरे रीमा मेरे बदन को चुनने लगी. रीमा अपने हाथ मेरे बदन पर फेरने लगी. मुझे भी मज़ा आने लगा दर्द मई एक सुकून सा मिल रहा था.

धीरे धीरे रीमा मेरे करीब आने लगी और अपनी उंगलियों से मेरी हूँठ मसालने लगी. मई भी ऐसा एक्सपीरियेन्स पहली बार कर रही थी. फिर हम दोनो और करीब आए और एक दूसरे की आँखों मई खो गये. दोनो एक दूसरे तो चूमने को तरस रहे थे.

अचानक से रीमा मुझसे कस के पकड़ कर किस करने लगी मई भी सब भूल कर उससे किस करने लगी. रीमा मुझे ऐसे किस कर रही थी जैसे वो मुझे खुद मई समा लेगी. हम दोनो के ज़ुबान एक दूसरे के मूह मई थे. मुझे नही पता था ये कैसी फीलिंग है मगर मज़ा आ रहा था. अचानक से रीमा रुक गयी.

रीमा: ये सब ग़लत है आज मेरी शादी है. मई ये सब क्या कर रही हू?

अभी तक मई गरम हो चुकी थी. एब्ब मुझे कैसे भी कर के रीमा को छोड़ना था. तो मैने रीमा को समझना शुरू काइया.

मई: ये सब ग़लत नही है. अगर तू ये ट्राइ ही नही करेगी तो तुझाई पता कैसे कहलेगा.

ये कह कर मई रीमा के गर्दन प्र किस करने लगी. गरम तो रीमा भी हो गयी थी मगर अपने आप को कंट्रोल कर रही थी. मैने उससे कंट्रोल मई लाने के लिए उसकी छूट सहलाने लगी. रीमा भी बहुत कंट्रोल करने की कोशिश की मगर कर ना पाई. आख़िर कार वो भी मान गयी और अपना सहयोग देने लगी.

फिर मैने उससे बिस्तर प्र लेता दिया और धीरे धीरे उसकी लेग्गिंस उतरी. फिर अपने होतो से उसकी पनटी पाकर के उतरी सुर उसकी छूट सहलाने लगी. रीमा को बहुत मज़ा आ रहा था वो मोन भी कर रही थी. मैने फिर उसकी छूट चाटना स्टार्ट काइया. रीमा अभी ट्के वर्जिन थी उसकी चूत की खुसबु गुलबो जैसी थी. जैसे ही मई अपनी छूट उसकी छूट मई सताया वो तारप उठी.

मैने उसकी कमर पकड़ ली ताकि वो उओएर ना भागे और उसकी छूट चाटने लगी. रीमा पूरी तरह मोन करने लगी और मछली की तरह तारपने लगी. रीमा का छूट पूरी तरह गीला हो गया था और मई उसकी छूट से निकलता पानी पिए ना रही थी.

लगभग 10 मीं ऐसा ही चला फिर मैने रीमा को पलटाया और उसपर चार गयी. हमेशा मई नीचे रहती थी और पापा डॉमिनेट करते थे. आज पहली बार किसी को डॉमिनेट कर के मज़ा आ रहा था. फिर मैने रीमा के गांद मई दो तपद मई.

मई : बोल तुझाई मज़ा आ रहा है?

रीमा: ये तू क्या कर रही है.

मैने दोबारा 2 तपद लगाए.

मई: जो पूछ रही हू उसका जवाब दे.

रीमा(दर्द मई): हन…

मई: बोल की तू मुझसे चूड़ने चाहती है…

ऐसा बोलते हुए मैने 3 तपद और लगाए. रीमा की गांद लाल हो चुकी थी.

रीमा: न.. छोड़ मुझे मई चूड़ना चाहती हू.

फिर मई रीमा के उपेर लेट गयी और उसकी छूट मई उंगली करने लगी. पहले एक उंगली डालते ही रीमा को दर्द होने लगा.

मई: एक उंगली नही ले पा रही पति का मोटा लंड कैसे लेगी.

मैने एक उंगली ही अंडर बाहर करने लगी धीरे धीरे रीमा का दर्द शांत हुआ फिर मैने दो उंगलिया और डाल दी. रीमा दर्द से रोने लगी. मई उसपर चाड गयी और बोली. औरतो को ये सब सहना ही पड़ता है धीरे धीरे सब ठीक हो जाएगा. रीमा को क्या पता था क्ल रात भर मई 3 मोटे नोट लंड से चूड़ी हू.

फिर मई रीमा की छूट मई उंगली करते करते उसकी गांद का छेड़ चाटने लगी. थोरी देर बाद रीमा झार गयी.

फिर मई लेती और रीमा मेरी छूट चाटने लगी. रीमा नयी थी मगर मज़ा दे रही थी. फिर उसने भी मेरी छूट मई एक उंगली डाली मुझे कुछ असर नही हुआ. मैने उससे पाँचो उंगलियाँ डालने को कहा. उसने जैसे ही पाँचो उंगली डाली मुझे जोश चाड गया और मई भी मोन करने लगी. साथ ही साथ वो मेरा छूट भी छत रही थी.

आहिस्ता आहिस्ता उसने पूरा हाथ मेरी छूट मई डाल दिया. मई कंट्रोल नही कर पाई और ज़ोर ज़ोर से मोन करने लगी. मई सहिमाई रॅंड बन गयी थी की पूरा बॅयात मेरी छूट मई था और मुझे दर्द नही हो रहा था बल्कि मज़ा आ रहा था. रीमा का हाथ पूरा मेरी पानी से गीला हो गया. उसके हाथ को हम दोनो चाटने लगे.

फिर हम दोनो एक दूसरे प्र 69 पोज़िशन मई लेट गये. रीमा मेरी छूट छत रही थी मई रीमा की. मई रीमा के छूट मई उंगली भी कर रही थी. थोरी देर बाद रोमॅना के अंदर से मानो फावरा फूटा और उसके अंडर का सारा पानी मेरे मूह प्र लग गया. मई भी थोरी देर बाद झार गयी.

फिर हम दोनो छूट मई छूट सता कर मसालने लगे. साथ ही साथ हू एक दूसरे को किस भी कर रहे थे. रीमा के बूब्स मेरे बूब्स से चिपके हुए थे. मेरा रात का सारा दर्द गायब सा हो गया. थोरी देर के बाद हम फिर साथ मई झार गये.

अब हम दोनो बिल्कुल तक चुके थे. रीमा मेरे बगल मई लेट गयी. मुझे भी ये एक्सपीरियेन्स पहली बार हुआ था.

यूयेसेस दिन रीमा की शादी हो गयी. मगर मई वो शादी अटेंड नही कर पाई. इसका कारण अगले पार्ट मे बटूँगी.

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