मेरे दोस्त का गॅंडू बाप

अछा हुआ तुम अगाए राहुल के जाने के बाद मैं अकेला हो गया, तुम्हारी आंटी तो कई साल पहले गुजर गयी तब से अकेला हू अंकल ने उदास हो कर कहा, कोई बात नही अंकल मैं आया करूँगा मैं भी तो राहुल की तरह तुम्हारे बेटे जैसे हू. देसी सेक्स स्टोरीस

मैने अंकल से कहा, लो अंकल ने ग्लास मेरी तरफ बढ़ाया, नही अंकल मैं नही पिता अंकल मेरे बाजू मे बैठ गये, अर्र्ररे शरमाओ नही मैं जनता हू तुम और राहुल ड्रिंक करते हो और क्या क्या करते हो सब पता है अंकल मुस्कुराए मैं शरमा गया, अर्ररे अभी नही करोगे तो कब करोगे उन्होने ग्लास से एक सीप ली मैं ने भी सीप लेना शुरू किया.

अंकल आपने दूसरी शादी क्यूँ नही की मैने पूछा, ह्म्‍म्म्म क्या बताउ अंकित नही बता सकता उन्होने मेरी आँखों मे आँखें डालकर कहा, पर आप इतने हॅंडसम हो आप को तो कोई भी मिसकती थी.

नही बात कुछ और है मेरी खूबसूरती ही मेरी दुश्मन निकली अंकल ने कहा, अर्ररे अंकल ये तो अछि बात है हॅंडसम होना., एक बात पुछु अंकल ने कहा तुम किसिको बताओगे तो नही, नही क्या मैने पुछा.

राहुल की कोई गर्लफ्रेंड है उन्होने पूछा, आआह हा अंकल, उसने कुछ किया अभी तक लड़की के साथ उन्होने शराब की चुस्की लेते हुए कहा, वो अंकल वोह मैं घबरा गया, घबराव नही इट्स ओके बताओ ना, हन अंकल वो इतना हॅंडसम है उसे कई लड़किया मिल जाती है.

सबसे पहले कब किया उन्होने पुछा, वो अंकल बहोत पहले स्कूल मे ही किया, थॅंक गॉड अंकल का चेहरा खिल गया, मैं कुछ समझा नही अंकल, तुम से क्या छुपाउ मैंने भी स्कूल मे ही किया बल्कि बचपन मे ही.

बचपन मे वा अंकल क्या बात है मैंने कहा, नही अंकित मैं ने कहा ना खूबसूरती मेरी दुश्मन है, वो कैसे, मुझे तो पता ही नही मैंने कब शुरू किया बस याद है मेरे कज़िन भाई जो मुझसे बीस साल बड़े थे ने मेरे साथ पहले क्या किया उसके बाद तो कितनी बार हुआ कुछ पता नही.

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मतलब मैं ने कन्फ्यूज़ होकर पूछा, वो पहली बार मेरे कज़िन का मूज़े घूमने ले जाना और रास्ते मे खेत में बाइक लेजाना मुझे उतारना मेरी चड्डी खिचना उल्टा लेटाना और मुजपर चाड़कर मुझे चोदना मुझे बहोत दर्द हुआ मैं रोया पर काफ़ी देर तक हम खेत मे रहे,

उसके बाद तो फॅमिली में हर कोई मुझे कहीं ना कहीं लेजाता और मुझे कभी चूसने कहता कभी मुझे उल्टा करता और चोदता, मुझे भी अछा लगने लगा शायद ही कोई कज़िन होगा जिसने मेरी चड्डी ना उतारी हो उसके बाद तो स्कूल के सीनियर लड़के पड़ोस के लड़के, कॉलेज हॉस्टिल के लड़के बस सब मौका मिलते ही मुजपर चढ़े होते, उन्होने मेरे लंड पर हाथ रख दिया मैं ने जीन्स पहनी थी, और ज़ोर से दबा दिया.

अंकल मैं सरक ने लगा, अंकित बस एक बार तुम बहोत प्यारे हो जवान हो तुम्हे भी चोदने का दिल होता होगा, हन अंकल मैं ने काफ़ी फक किया है पर लड़की के साथ, मैं खड़ा हो गया.

अंकल ने मेरी कमर पकड़ ली और जीन्स पर से मेरा लंड चूमने लगे, तो एक बार गॅंड मार लो बहोत मज़ा आएगा सिर्फ़ एक बार, नही अंकल मूज़े जाना है मैं उन्हे दूर करने लगा, अंकल ने फिर मुझे पकड़ा और जीन्स के उपर से ही मेरे लंड को मूह में लिया और मूह से दबाने लगे एक हाथ से ज़िप खोली और मैं कुछ समझ पता मेरा आधा लंड अंकल के मूह मे था.

अनक्ल्लेयी प्लीज़ मत करो मुझे पसंद नही अब जीन्स की पूरी चैन खूली थी जीन्स मेरे टॅंगो में अटकी थी अंडरवेर नीचे था और मेरा लॉडा अंकल के मूह मे गायब था, अयंक्ल्ल प्लेअसस्स्स्सझ ह मैं ने उनका सर पकड़ा और हटाने लगा.

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पर अंकल जैसे मेरे लंड को चिपक गये थे मैं सोफे पे बैठ गया अंकल मेरे सामने घुटनो के बल बैठ गये और मेरी दोनो टॅंगो के बीच उनका सर था, अहह पहली बार मेरी आवाज़ निकली मुझे मज़ा अरहा था ऐसा अज्ज तक किसीने नही चूसा था आअहह मैने अंकल के बालो में उंगली घुमाई आअष्ह ईीीइसस्स्सस्स ह, अपनी टीशर्ट उतरा अंकल को दोनो हाथो से पकड़ कर.

उठाया और उनके होट चूसने लगा, अंकल ने अपनी शर्ट और पैंट निकाली और सोफे पे लेट गये मैने भी जीन्स उतार दी और हम दोनो नंगे थे, मैं अपने दोस्त के बाप पर चड़ा हुआ था मेरा लंड उसके लंड से टकरा रहा था और मैं उसके होट चूस रहा था.

अंकल कोई माशुका की तरह आहे भर रहे थे और मेरी नंगी पीठ पर हाथ फेर रहे थे, अंकित्त्त ऑश अंकित्त अंकल के मूह से मेरा नाम निकल रहा था, मेरा चेहरा अंकल की गर्दन के अंदर था मैं उन्हे चूम रहा था अंकल ने दोनो टाँगे फेहलाई और मेरी कमर पे रखदि और एक हाथ से मेरा लंड पकड़ा और गॅंड के होल पर रखा और एक हाथ से मेरी कमर दबाके इशारा किया की अंदर डालो.
मैं वैसे ही उनपर लेटे ज़ोर लगाया बिना कोई मुश्किल मेरा लॉडा मानो एक गरम तवे पर लगा, पूरा का पूरा लंड गॅंड मे था इतनी गर्मी मुझे पता नही था गॅंड उतनी गरम होती है, फ़ाआआट वो पहला फटका और अंकल का वो मेरी कमर को ज़ोर से दबाना, फ़ाआआट फत्त्त्त फ़ाआआट फिर फटको का दौर शुरू हुआ, मेरे गोते अंकल के गॅंड पे पढ़ रहे थे अंकल नीचे से उछाल रहे थे, मुझे ज़ोर ज़ोर से चोदने की हॅबिट थी मेरे फटको से सोफा हिलने लगा, मेरे झाटे अंकल की गॅंड पर मसल रहे थे.

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