मौका मिलते ही लड़के ने अपनी नौकरानी चोद दाली

ममता, जीतें, और मैं, ये टीन पात्रा है इस पूरी कहानी के. ये घटना एअर 2020 की है. पहले तो आपको इनके बारे में बता डू. मेरे घर में मेरे अलावा मम्मी-पापा, एक बड़ा भाई, और बेहन है. भाई-बेहन मॅरीड है, और अलग रहते है. ममता आगे 25 साल, हमारी कंवली और पड़ोसी भी है. हाइट 5’4″ है, फिगर 34-32-36, और रंग सॉफ. गातीला बदन, दूध से भारी हुई चुचियाँ, दिखने में ठीक-ठीक.

जीतें, आगे 58 साल, रिटाइर्ड, मेरे डॅडी, एक-दूं काम के पुजारी. मौका मिलते ही शिकार कर लेना उनकी ख़ासियत है. हाइट 5’6″, रंग गोरा, तोड़ा से पेट बाहर निकला हुआ. लेकिन चुदाई में एक्सपर्ट है. लंड साइज़ 8 इंच, लंबा, और गोलाई 3 इंच. रिटाइर्ड होने के कारण घर पर ही रहते है.

मैं पवन, आगे 28 साल, हाइट 5’6″, रंग सॉफ, आत्लेटिक बॉडी, साइज़ 7 इंच, मोटाई 3 इंच. प्राइवेट जॉब करता हू, और मैने अपने ऑफीस के गेस्ट हाउस में काम करने वाली औरतों को काई बार छोड़ा है.

ममता सामने वाले घर में अपने पति के साथ रहती थी, और उसका एक 3 साल का बेटा भी था. पति फॅक्टरी में काम करता है. ये टॉप फ्लोर के छ्होटे से कमरे में रहते है, जहा नहाने के वॉशरूम और टाय्लेट में एक कपड़े का परदा लगा हुआ था. टाय्लेट में जाते समय पकड़ना पड़ता था उसको.

मैं और ममता की उपर वाले फ्लोर की बाल्कनी से आपस में बात करते रहते थे. जिसका नीचे किसी को पता नही था. ममता च्चत पर मोस्ट्ली गाउन में ही रहती थी. हम दोनो ख़ास तौर पर दोपहर को धूप में एक-दूसरे को इशारे करते हुए बात करते थे. क्यूंकी धूप में कोई उपर नही आता था.

वो मुझे अपनी चुचियाँ और एक-दो बार उसने मुझे अपनी छूट भी दिखयी थी, बड़ी मिन्नत के बाद. और मैने उसको अपना लंड की मूठ मारते हुए पानी निकाल कर दिखाया था. जैसे मैं उसको छोड़ रहा हू. एक दिन भारी दोपहर में मेरा पड़ोसी मुझे गली में मिला और बोला-

पड़ोसी: हम रिश्तेदार के घर जेया रहे है. ज़रा घर का ध्यान रखना. घर में दादी है, जो काफ़ी बुद्धि है.

मैं जल्दी से अपने घर गया, और अपने कपड़े चेंज कर लिए. मैने केवल पाजामा और त-शर्ट पहनी, और तुरंत वापस सामने वाले घर में घुस गया. सामने देखा दादी सो रही थी. मैने गाते लगाया, और दबे पैर सीधा टॉप फ्लोर पर चला गया जहा ममता का कमरा था. गाते खुला था, और ममता अपना गाउन पहने अपने बेटे को दूध पीला रही थी.

मैं दबे पैर उसके पीछे गया, और उसको पकड़ लिया. मैने एक हाथ से उसका मूह बंद किया और अपना फेस उसको दिखाया. वो चुप हो गयी. लेकिन उसकी गोरी चुचि मेरे सामने थी. मैने झट से उसकी चुचि को पकड़ लिया और उसके होंठो को अपने होंठो से पकड़ कर चूसने लगा, जिसकी उमीद उसको नही थी. साथ ही उसकी चुचि भी दबाने लगा. फिर मैने उसका मूह फ्री किया, तो वो बोली-

ममता: कोई आ जाएगा.

मैं: कोई नही आएगा, घर में कोई नही है. मैं गाते बंद करके आया हू.

ममता: आहह आहह मत करो ना, कोई आ जाएगा.

मैने कहा: मुझे भी दूध पीला दे.

ममता: छ्चोढो ना, आहह.

मैं नही माना और उसकी दूध से भारी चुचि को चूसने लगा. कुछ देर में वो शांत हो गयी. करीब 5 मिनिट मैने उसका दूध पिया. हम दोनो एक-दूसरे को देख रहे थे. मैने फिरसे उसके होंठ चूज़ और उसको अपनी बाहों में भरने की कॉसिश करने लगा.

ममता: छ्चोढो ना, कोई आ जाएगा.

शायद वो पक्का यकीन करना चाहती थी.

मैं: हा सब जेया चुके है ममता. दादी सो रही है. मैं गाते बंद करके आया हू.

ये सुन कर उसका विरोध कम हुआ. मैने उसको उसके बेटे को जो सो गया था, लिटने के लिए कहा. उसने चुप-छाप उसको लिटा दिया. फिर मैने उसकी उस चुचि को मूह में भर लिया जिससे उसका बेटा दोध पी रहा था. काफ़ी देर तक दूध आता रहा और मैं पीटा रहा. एक चूस रहा था, और दूसरी को दबा रहा था.

मैने ममता के गाउन को उसके पैरों से उपर करना शुरू किया. वो मेरा विरोध कर रही थी, लेकिन मैने उसको वही लिटा दिया, और गाउन को उसके घुटनो से उपर तक उठा दिया. अब उसकी गोरी चिकनी टांगे बिल्कुल नंगी हो चुकी थी, और मुझे उसकी छूट सॉफ नज़र आ रही थी, जिस पर बहुत सारे बाल थे.

मैं: तुम कभी छूट सॉफ नही करती क्या?

ममता: कभी-कभी.

नंगी टाँगो को सहलाते और चूमते हुए मैने उसकी छूट पर अपने होंठ रख दिए, और चूसने लगा.

मैं: ममता अपनी टांगे मोड़ लो.

वो कुछ नही बोली और चुप-छाप टांगे मोड़ ली. मैने उसकी टाँगो को चौड़ा करके आचे से उसकी छूट को पीना शुरू कर दिया. उपर से छूट भले ही काली थी, लेकिन अंदर से तो हर छूट की तरह गुलाबी ही थी.

ममता: आहह आअहह आहह (वो सिसक रही थी).

उसकी छूट मैने अपनी जीभ से छाती, और चुसाई कर रहा था. ममता बार-बार अपनी कमर उठा रही थी.

ममता: ऐसे मत चूसो, मेरा पेशाब निकल जाएगा.

मैने कहा: ममता मेरी रानी, ये पेशाब नही होता, ये तो औरत की छूट का रस्स होता है, जिसको हर आदमी को पीना चाहिए. क्यूँ तेरा आदमी नही चूस्टा क्या?

ममता: नही, वो नही चूस्टा.

और वो मेरे सर को अपनी छूट पर दबाने लगी.

मैं: तेरा पति कैसे करता है?

ममता: वो तो मेरा गाउन उठा कर मेरी टांगे खोलता है, और थूक लगा कर अपना लंड मेरी छूट में घुसा देता है. फिर छोड़ने लगता है. चुचि दबाता है, चूस्टा है, और बस उसके बाद अपना माल मेरी छूट में गिरा देता है. उसके बाद वो सो जाता है.

मैं: एक बात बता ममता. कितनी देर करता है वो तेरे चुदाई?

ममता: कोई 10-15 मिनिट, जब तक उसका निकल नही जाता तब तक बस.

मैं: फिर तू तो प्यासी रह जाती होगी?

वो कुछ नही बोली. मैं उसकी छूट को चूस रहा था, और वो अपनी छूट को मेरे मूह पर दबा-दबा के चुस्वा रही थी. उसको मज़ा आ रहा था, और तभी वो बोली-

ममता: आ आ मॅर गयी, मेरा निकल रहा है.

करते-करते उसने अपनी छूट का पानी मेरे मूह में निकाल दिया. ममता ने मेरा सिर कस्स के अपनी छूट से लगाए रखा. मैने भी उसकी नंगी जांघों को कस्स के पकड़े रखा, और उसकी छूट रस्स पी गया.

ममता ढीली पद गयी, और मैने उसकी छूट को चाट-चाट कर सॉफ कर दिया.

वो तेज़-तेज़ साँसे ले रही थी. उसके चुचि उपर-नीचे हो रही थी. मैं उसके उपर आया, और फिर से उसके होंठो को चूसा, और चुचियों को भी.

मैने जल्दी से अपनी त-शर्ट और पाजामा उतरा, और नंगा हो गया. फिर सीधा उसको उठा कर उसका गाउन भी निकाल दिया. वो माना करती रही, लेकिन मैने उसको नंगी कर दिया. वो भी मुझसे चूड़ना चाहती थी.

मैने ममता को लंड चूसने को बोला. सभी की तरह वो भी नखरे करने लगी. फिर वो मान गयी, और पूरा लंड मूह में भर लिया, और चूसने लगी. जब बिल्कुल हार्ड हो गया, तब मैने कहा-

मैं: ममता अब लेट जेया, और अपनी टांगे चौड़ी कर दे.

उसने अपनी टांगे खोल दी, और मैं उसकी नंगी और चिकनी टाँगो के बीच में बैठा और अपना लंड उसकी बालों से भारी छूट पर रख कर हल्का सा झटका मारा. लंड महाराज सीधे उसकी छूट में घुस गये, और वो आआहह ह करके सिसक उठी.

अब मैने धीरे-धीरे उसकी छूट में धक्के मारने जारी रखे, और उसके होंठो को चूस्टा रहा. फिर पूरा लंड उसकी छूट में उतार दिया. तभी ममता का बेटा जाग गया और हुमको देखने लगा. मैने ममता से कहा-

मैं: देख तेरा बेटा हमारी चुदाई देख रहा है.

कहते हुए मैने उसकी छूट में और तेज़ धक्के मारने शुरू कर दिए, जिसके कारण ठप ठप छाप छाप आहह आहह इस तरह की आवाज़े निकल रही थी.

ममता: आहह आराम से.

मैं: ममता कितना मस्त सीन देख रहा है तेरा बेटा.

फिर एक ज़ोर की ठप उसकी छूट में मारी-

ममता: अहः मॅर गयी.

उसके बेटे को देख कर मैं बोला: देख ले बेटा, आज तो मैं तेरी मा को आचे से छोड़ूँगा. देख पूरा लंड तेरी मा की छूट में है. तेरे पापा तेरी मम्मी को आचे से नही पेलता. आज तेरी मम्मी को खुश कर के जौंगा.

और मैं तेज़ी से छोड़ने लगा. मेरे कहने पर ममता ने भी अपनी टांगे उपर करके पकड़ ली. अब मेरा लंड उसकी छूट में घुसा जेया रहा था. शायद उसकी बच्चे-दानी से टकरा रहा था. उसकी सिसकियाँ बढ़ रही थी, और वो भी जोश से छुड़वा रही थी.

ममता: और ज़ोर से, और कस्स के.

मैं: चिंता मत कर मेरी रानी. तेरी छूट का तो मैं बंद बजा कर रहूँगा. साली काई दीनो से तेरी छूट का प्यासा है मेरा लंड. आज तो तेरी छूट को इसके पानी से भर कर ही छ्चोधुंगा.

ममता की मादक सिसकियाँ निकल रही थी. उसका बेटा लगातार हमे देखे जेया रहा था, की कैसे उसकी मा चुड रही थी. मैने एक बार फिर ममता से कहा-

मैं: तू भी तू बोल ना अपने बेटे को.

वो शर्मा गयी. पहले वो ना-ना करती रही, फिर वो बोली-

ममता: देख बेटा, तेरे छ्होटे पापा मुझे मोटा इंजेक्षन लगा रहे है, जैसे तेरे बड़े पापा रात को लगते है.

मैने अब उसकी दोनो टांगे अपने कंधे पर रखी, और ज़ोर-ज़ोर से छोड़ने लगा.

ममता: आहह आहह आहह मॅर गयी, आराम से. बहुत दर्द हो रहा है. आराम से करो.

मुझे उसको छोड़ते हुए करीब 25 मिनिट हो गये थे, और इस बीच एक बार वो झाड़ चुकी थी.

मैं: हा अब ज़रा कुटिया बन जेया.

ममता: वो कैसे बनते है?

मैं: चिंता मत कर, मैं सिखाता हू तुझे. अब तू घुटनो के बाल दोनो हाथ आयेज और टांगे चौड़ी कर ले.

उसने वैसे ही किया. फिर मैं उसके पीछे आया, और मैं भी घुटनो के बाल उसकी गांद के पीछे बैठा. फिर अपना लंड उसकी छूट में सेट करके एक ही झकते में पूरा उसकी छूट में उतार दिया.

ममता: आह मॅर गयी.

वो जैसे ही आयेज की और झुकी, मैने उसकी नंगी कमर पकड़ ली. नही तो आयेज गिर जाती. फिर मैं उसको कुटिया बना कर छोड़ने लगा. मैं कस्स-कस्स के धक्के लगा रहा था. हर धक्के के साथ उसकी सिसकी निकल रही थी.

मैं: आहह मेरी कुटिया, मेरी रंडी, आज तो तेरी छूट फाड़ के छ्चोधुंगा. मेरी कुटिया, इसी तरह कुत्ता-कुटिया को छोड़ता है गलियों में.

उसका बेटा अब हमारे पास आ गया, और ममता कुटिया की चुदाई देख रहा था. ममता के मोटे-मोटे चूचे ज़ोर-ज़ोर से हिल रहे थे, जिनको मैं बार-बार दबा रहा था.

मैं: देख बेटा कुटिया की चुदाई देख. बड़ा होके तू कुटिया की तरह छोड़ियो.

अब मैने अपना लंड ममता से बाहर निकाला, और उसको गोद में बैठने को बोला. उसकी पहले इस तरह से चुदाई नही हुई थी. मैं टांगे खोल कर बैठा, और वो मेरे सामने नंगी खड़ी थी.

मैं: देख बेटा, अब तेरी मम्मी घोड़े की सवारी करेगी.

फिर उसने टांगे खोली, और मेरे लंड को अपनी छूट में डाल कर बैठ गयी. फिर वो धीरे-धीरे धक्के मारने लगी. अब मेरे सामने उसके दूध से चुचे और रसीले होंठ थे. मैने ममता को कस्स के पकड़ा, और उसके रसीले होंठ चूसने लगा. लंड महाराज छूट को चूस रहे थे हाथ दोनो चुचियों को दबा रहे थे, और उसका बेटा लगातार हमको देखे जेया रहा था.

मैं: ममता आज तो तेरा बेटा तेरी पूरी चुदाई देख कर ही मानेगा.

मैने उसके चुचे दबाने और चूसने शुरू कर दिए, और ममता अपनी छूट मेरे लंड पर लगातार रग़ाद रही थी. अब मैने उसकी गांद को कस्स के पकड़ा, और कहा-

मैं: ममता रानी, अब तुमको घोड़े की सवारी का मज़ा देता हू.

फिर मैने लंड उसकी छूट में ज़ोर-ज़ोर से मारना शुरू कर दिया. लंड सीधा और खड़ा होने की वजह से उसकी छूट में ज़ोर-ज़ोर की ठोकर मार रहा था. मैं उसकी छूट को पीछे करता, और ज़ोर से लंड उसकी छूट में मारता.

मैं: ममता पहले कभी उसने छोड़ा है तुझे ऐसे?

ममता: नही वो तो बस टांगे चौड़ी करता और लंड घुसा देता था.

मैं: मज़ा आ रहा है ना?

वो शर्मा गयी और मुझसे लिपट गयी, और मैं उसको तेज़ी से छोड़ने लगा.

ममता: आह, ज़ोर से करिए. फाड़ दीजिए मेरी छूट आ. बहुत मज़ा आ रहा है.

करीब 20-25 मिनिट मैं उसको छोड़ता रहा, और फिर उसकी छूट में निकल गया. हम दोनो के बदन अकड़ गये. मैने ममता को वही लिटा दिया और लंड अब बाहर आ गया था. उसकी छूट से मेरे लंड का पानी निकल रहा था. मैने उसके बेटे को देख कर कहा-

मैं: देख बेटे, कितनी सारी दवाई लगाई है मैने तेरी मा की छूट में.

ये कह कर मैं भी वही उसकी बगल में लेट गया.

20 मिनिट बाद मैं उठा, और उसकी छूट उसके ही गाउन से पोंछ कर सॉफ कर दी. फिर उसको किस किया, और अपने कपड़े पहन कर उसको उठाया, और उसका गाउन मैं लेकर आने लगा. तो उसने गाउन माँगा.

मैने कहा: कल घर आ कर ले लेना 11 बजे. कोई नही होगा. अभी दूसरा गाउन पहन ले. वो खड़ी हुई. मैने उसको नंगा ही अपनी बाहों में लिया.

मैं: पता है कितनी देर हो गयी तुझको चूड़ते हुए?

उसने मेरी तरफ देखा.

मैने कहा: 45 मिनिट चूड़ी हो तुम. अगर किसी के आने का दर्र नही होता, तो कम से कम एक घंटा तेरी छूट के सेवा करता. अब गाउन पहन ले, और कल टाइम से आ जाना बिना बोले.

फिर वो अगले दिन मेरे घर आई. उसके बाद मैने उसकी छूट को अलग-अलग आसनो में छोड़ा. फिर कुछ दिन बाद उसको पापा से चूड़ने को भी राज़ी किया. जल्दी ही आयेज का पढ़ने को मिलेगा.

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