मसाज से गरम हुई बहन की चुदाई कहानी

तो चलिए शुरू करते है आयेज की स्टोरी. चुदाई के बाद तक कर मैं शिखा के उपर लेट गया और हमने आँखें बंद की हुई थी. तो पता ही नही पड़ा कब हम दोनो सो गये. हमारी आँख खुली तो 4 बाज रहे थे.

मैने शिखा को अपने पास खींचा और उसके बालों को जो उसके चेहरे पर थे, उसके कानो के पीछे सेट किया, और उसके होंठो पर किस किया.

शिखा: उम्म भैया उठो, और निकलो अब. मुझे रूम भी सेट करना है, और ये जो आपने गंध फैलाया है रूम में, उसको भी सॉफ करना है.

विवेक: अर्रे नही मेरी जान, आज ऐसे नही जौंगा मैं.

शिखा: ऐसे नही जाओगे, तो फिर कैसे जाओगे?

विवेक: आज तो मैं मेरी बेहन की गांद चख कर ही जौंगा. आज मुझे तेरी गांद बजानी है तो बजानी है.

शिखा: अर्रे भैया, आज नही…

विवेक: तू चाहे जो भी बोल, जो भी बहाने बना, आज मैं माइंड मेक उप करके आया था, की आज तो तेरी गांद छोड़नी है. तो आज छोड़ कर ही जौंगा. फिर चाहे तेरे मा-पापा के सामने ही क्यूँ ना मारनी पड़े तेरी गांद. देख मैं सारा समान भी लाया हू, लूब्रिकॅंट वग़ैरा सब.

शिखा समान देख कर थोड़ी हस्सी. फिर सोचने लगी.

शिखा: भैया यार गांद मरवाने में मुझे कोई प्राब्लम नही है. पर मैने नेट पर पढ़ा था की गांद में लेने से ज़्यादा दर्द होता है, और गांद मरवाने के बाद ढंग से उतना-बैठना, और चलना भी नही हो पाता है.

शिखा: आप तो हो ही जानवर. बहनचोड़ ऐसे छोड़ोगे की मैं उठ भी नही पौँगी. और अभी 2 घंटे में मम्मी आ जाएँगी. तो उनको मेरी हालत देखते ही समझ आ जाएगा की क्या हुआ है. इसलिए आज नही करते भैया. कल आप सबसे पहले गांद से शुरुवत कर लेना. पर आज नही प्लीज़.

विवेक: अछा ठीक है. चल आज नही छोड़ता तेरी गांद. पर तोड़ा ट्रेन तो कर ही डू ना तेरी गांद को.

मैने उसको पलट कर उसकी गांद को उपर किया, और गांद पकड़ कर उसकी गांद पर बाइट्स किए.

शिखा: आ भैया, काट क्यूँ रहे हो यार? दर्द होता है. आहह प्लीज़ मत करो ना.

फिर मैने उसकी गांद को खोला, और उसका पिंक होल दिखाई दिया. मैने लूब्रिकॅंट उठाया, और उसके च्छेद पर लगाया, और पूरी गांद पर भी लगाया. अब मैं उसकी गांद को आचे से मालिश देने लगा.

शिखा: उम्म्म भैया सो रिलॅक्सिंग एम्म्म. करते रहो यार, बहुत अछा लग रहा है.

फिर मैने उसकी गांद के च्छेद की तरफ बढ़ना शुरू किया, और उस पर तोड़ा प्रेशर बनाया अपने अंगूठे से.

शिखा: उम्म्म्म मा एस भैया, बहुत आचे से मसाज करते हो आप. अब डेली हमारे फक सेशन के बाद एक मसाज सेशन किया करेंगे.

मैने अपना मूह उसके च्छेद पर लगाया, और उसे होंठो में दबाया, तो मेरे मूह की गर्माहट से उसे और अछा फील हुआ. फिर मैने उसकी गांद की इन्नर साइड को चूमना चाटना शुरू किया.

शिखा: ओह भैया, यार आपका टच मुझे पागल कर देगा यार. इतना गरम-गरम फील मुझे मेरी गांद में पहले कभी नही हुआ. मेरी छूट वापस से आक्षन में आ जाएगी अगर आप ऐसे ही करते रहोगे भैया.

मैने उसकी गांद के च्छेद को चाटना शुरू किया, और कस्स कर उसकी गांद पर ग्रिप बना कर अपना मूह उससे सत्ता दिया. फिर ज़ोर-ज़ोर से उसे सक करने लगा. उसे मज़ा आ रहा था तो उसने भी गांद हल्की उठा कर मेरे मूह की तरफ कर दी.

शिखा: एस भैया चूसो इसे. अफ बहुत गरम-गरम फील हो रहा है भैया. एस सक.

मैं उसकी गांद चूस्टे-चूस्टे एक हाथ उसकी छूट पर ले गया, और दो फिंगर्स उसकी छूट में डाल दी, और उन दो उंगलियों और अपने अंगूठे से उसकी छूट को दबा कर उसे मसालने लगा.

शिखा: ह्म आअहह करते रहो.

मैने अपने थंब से उपर से उसकी छूट दबाई और फिंगरिंग करने लगा तेज़-तेज़, और इधर गांद भी चाटने लगा ज़ोर-ज़ोर से, और बीच-बीच में बीते कर देता था. आप इमॅजिन भी नही कर सकते वो कैसे झटपटा रही थी, और मुझे कितना मज़ा आ रहा था उसे तड़पाने में.

शिखा: एम्म भैया, मार डालोगे क्या आज? फक मे भैया आ.

खैर लंड तो मेरा भी फुल खड़ा था, और बर्दाश्त मुझसे भी नही हो रहा था. तो मैने लंड पर क्रीम लगाई, और उसकी छूट में लंड पेल दिया.

शिखा: आअहह एस ये साला जब भी छूट में जाता है, सुकून आ जाता है. फक मे हार्डर.

मैने उसकी कमर पकड़ी, और डीप स्ट्रोक्स मारने लगा. एक-एक झटके पर वो आअहह आअहह एम्म्म माआ करती और मुझे जोश दिलाती. मैं जोश में और डीप झटके देता उसको. अफ साली लंड को कैसे जोश में खड़ा रखना है आचे से जानती थी.

शिखा: एस आअहह उम्म एस फक मे भाई. बना दो मुझे अपने बच्चे की मा. मैं आपकी औलाद पैदा करना चाहती हू भैया. पेलो, और अंदर तक.

मैने लंड पेलते-पेलते अपने थंब से उसकी गांद पर प्रेशर बनाया, और थंब को गांद में उतार दिया.

शिखा: उफ़फ्फ़ भैया, क्या कर दिया? आअहह म्‍म्म्मम भैया अभी सिर्फ़ छूट पर ध्यान दो ना. मेरी गांद कल मारना. तब तक मैं इसे रेडी कर लूँगी आपके इस मूसल के लिए भैया. अभी तो मेरी छूट की मा छोड़ो भाई आप.

मैने उसकी कमर पकड़ी और तेज़-तेज़ छोड़ना शुरू किया पाट पाट पाट, और शिखा की मोन से एक बार फिर कमरा गूंजने लगा. कसम से उसकी मोन्स इतनी सेडक्टिव होती है की लंड सच में उसकी मा छोड़ने को करने लगे.

शिखा: उम्म एस, ऐसे ही भैया. ई आम कमिंग भैया, एस फक मे.

और वो जैसे ही झड़ने लगी, मैने उसे पलट कर अपना मूह उसकी छूट पर लगा दिया. तोड़ा मेरे फेस के उपर लग गया, पर उसके बाद मैं सारा पी गया. उसकी छूट इतनी फूली-फूली है, की मस्त मज़ा आ जाता है चूसने में और खाने में.

शिखा झड़ने के बाद भी मुझे उसकी छूट खाते हुए देख कर एंजाय कर रही थी, और मेरे बालों में हाथ घुमा रही थी, और मेरा मूह छूट पर दबा रही थी.

शिखा: सही से सॉफ करो इसे. बहुत गंदा कर दिया है आपने.

मैं नही करने वाली इसे सॉफ. आपने गंदा किया, आप सॉफ करो. देखो उधर, उधर से भी छातो ना.

विवेक: तेरा तो हो गया, पर मेरा क्या? मेरा लंड तो अभी भी खड़ा है ना. उसे शांत कर.

शिखा: अर्रे मेरे राजा, ये भी कोई कहने की बात है. मैं थोड़े ही अपने लंड राजा को ऐसे बाहर जाने दूँगी. लाओ मुझे दो इधर, और आप इधर बैठो.

उसने मुझे बेड के कोने पर बिताया और खुद नीचे बैठ कर लंड को उपर-नीचे करने लगी.

विवेक: बहनचोड़ हाथो से ही निकालेगी क्या आज? मूह में ले ना इसे. तेरी छूट या मूह की गर्मी जब मिलती है इसे, तभी पिघलता है ये. वरना तो नही.

शिखा ने स्माइल करके लंड मूह में लिए और पूरा लेने के बाद अंदर ही उस पर जीभ घूमने लग गयी. उसने हाथ से खींच कर टोपे की स्किन पूरी नीचे कर दी.

अब मेरा टोपा बिल्कुल स्किन लेस उसके मूह में था, और वो उस पर टंग घुमा रही थी. उफ़फ्फ़ भैया ट्राइ करना अपनी गफ़ या बेहन के साथ यी फक, मज़ा ही आ जाएगा. लंड का टोपा तोड़ा ज़्यादा सेन्सिटिव होता है, और उस पर वो अपनी जीभ घुमा कर और उसे चूस-चूस कर मेरा लोड्‍ा पिघला रही थी.

विवेक: फक बहनचोड़ शिखा. तू तो ग़ज़ब एक्सपर्ट होती जेया रही है यार. चूस मेरा होने वाला है शिखा.

उसमे फिर सिर्फ़ टोपे को ही चूसना शुरू कर दिया, और बहुत टाइट्ली अपने होंठो में दबा कर चूस रही थी.

विवेक: आह ई आम कमिंग.

और मैने झड़ने लगा. उसने पूरा लंड मूह में ले लिया, और मूह खोल दिया. मैं उसके मूह में झाड़ रहा था और झटके से उसके मूह के अंदर उपर वाले हिस्से से लंड टकरा रहा था. उसके मूह में मेरा पूरा माल इकट्ठा था. वो गत-गत कर के पी गयी, और फिर आचे से मेरा लंड सॉफ किया.

शिखा: अब ठीक है मालिक? अब अपना हिसाब क्लियर है आज का? अब निकलो भैया, बहुत काम है मुझे.

विवेक: हा-हा मेरी जान, निकल रहा हू. पर याद रखना.

शिखा: हा छोड़ू भगत कल गांद मार लेना ओक, अब जाओ.

हम दोनो हासणे लगे. मैने रूम सेट कराया, फिर कपड़े पहन कर निकल आया. एमाइल@ –

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