मॅरीड सेक्सी टीचर की प्यास जगाने की कहानी

हेलो एवेरिवन. मेरा नाम राहुल र्म है. मैं पटियाला का रहने वाला हू. मेरी ये पहली स्टोरी है, और अगर आपका रेस्पॉन्स अछा रहा तो आखरी नही होगी.

ये स्टोरी मेरी और मेरी कॉलेज टीचर की है जो की जूनियर एअर को पढ़ती थी, और बहुत ही हॉट और भारी बदन वाली थी. मेरी टीचर का नाम था रमण.

रमण एक टिपिकल पंजाबी वाइफ थी, और उनका 6 साल का बेटा था. वो माँ रोज़ अपने बालों की पतली छोटी करके आती थी, और उनका घर मेरे घर के पास ही था. हम एक ही कॉलेज बस में जया करते थे.

उनका फिगर बहुत बढ़िया था. बड़े माममे और मोटी गांद थी उनकी, और भरा-भरा शरीर था. मॅन करता था दांतो से चबा जौ.

तो मैं रोज़ बस में जाते हुए उन्हे देखता था, और मेरा लंड रोज़ खड़ा होता था. फिर कॉलेज में जाके मैं उनके नाम की मूठ मारता था. क्यूंकी मुझसे बर्दाश्त नही होता था.

ऐसा करते-करते 2 साल निकल गये और मैने कॉलेज बदल लिया. जैसे की वो मेरे घर के पास रहती थी, तो उनके अक्सर दर्शन और स्माइल पास हो जाती थी. और मेरा लंड उन्हे देख कर खड़ा हो जाता था.

एक बार मैं हमारी शॉप पर था, और वो हमारी शॉप पर कुछ समान लेने आई. उन्होने पंजाबी कुर्ता पहन रखा था डीप नेक वाला, और उन्होने चुननी गले में मुफलेर की तरह लटकाय थी. इससे मुझे उनकी क्लीवेज सॉफ-सॉफ दिख रही थी.

उंकु क्लीवेज पर बार-बार नज़र जेया रही थी, और वो मुझे नोटीस करने के बावजूद भी कुछ नही कर रही थी. वो वैसे ही खड़ी थी.

उसके 1 महीने बाद हमारे इलाक़े में किसी म्ला ने जागरण रखवाया था, तो सभी वही पर थे. मैं भी वही था, तो मेडम अपने हज़्बेंड और बेटे के साथ आई. मेरे साथ में 2 चेर्स खाली थी, तो मैने उन्हे वो सीट ऑफर की. मेडम मेरे साथ बैठी, और उन्होने अपने बेटे को गोद में ले लिया.

मैं उनके बेटे के साथ खेलने लगा, और मैने उसे अपनी गोद में लेना चाहा. ऐसा करते वक़्त मेडम का हाथ मेरे लंड पे हल्का सा लगा, जो की ऑलरेडी खड़ा था. मेडम ने कुछ नही कहा, और वो बैठी रही.

वापस जाते वक़्त बहुत भीड़ थी, तो उनके हज़्बेंड और बेटे आयेज थे, पीछे मेडम, और पीछे मैं था. मेरा लंड माँ की थाइ कर पीछे टच हो रहा था बार-बार. मुझे मौका अछा लगा तो मैने तोड़ा ज़ोर से करना शुरू कर दिया, और लंड को गांद तक ले गया.

कभी-कभी मैने उनकी गांद पर हाथ भी लगाया. उन्होने कुछ रिक्ट नही किया, और गुड नाइट बोल कर चली गयी. कुछ दिन बाद वो मुझे दोबारा मिली, जब वो बस से उतार रही थी. उन्होने मुझे बताया की उनको अपने कॉंपिटेटिव एग्ज़ॅम की तायारी करने के लिए मेद्स सीखना था, तो मैं उनको कोई अछा टीचर बतौ.

मैने उन्हे 3-4 जगह बताई, बुत फिर मेरे दिमाग़ में ख़याल आया क्यूँ ना मैं पढ़ा डू. इसी बहाने रोज़ दर्शन हो जाएँगे, और शायद… ये शायद इसलिए आया क्यूंकी मैने सेक्स स्टोरीस पढ़ रखी थी. तो मैने माँ को अपना कहा की मैं उन्हे पढ़ा सकता था.

उन्होने कहा: तुम टाइम दे पाओगे रोज़-रोज़?

तो मैने कहा: ज़रूर माँ.

तो उसी शाम को 4 से 6 का टाइम रखा, और उनके हज़्बेंड 6:30 आते है ऑफीस से. मैं उनके घर गया, और मेडम ने दरवाज़ा खोला. वो बिना चुननी कर कुर्ते में थी, जिसमे उनका क्लीवेज दिख रहा था.

मैं सीधा अंदर आ गया, और डाइनिंग टेबल पे बैठ गया. वो नोटबुक और र्स अग्गारवाल की बुक ले आई, और ह्क्फ लकं का चॅप्टर निकाल कर बैठ गयी. मैं उन्हे पढ़ने लगा. वो अपने मूह में पेन्सिल डाल कर सोच रही थी सल्यूशन.

मैने उनको डाउट समझाए, और पेन्सिल अपने मूह में डाली, क्यूंकी मुझे भी ये आदत है.

तो वो बोली: मैने मूह में डाली थी.

मैने कहा: कोई ना माँ, जूते से प्यार ही बढ़ता है.

ये सुन कर वो हासणे लगी. मैं काई बार जान-बूझ कर हाथ उनकी नीस पे रख लेता था. शुरू में वो 1-2 बार पीछे करती रही, फिर उन्होने छ्चोढ़ दिया करना. ऐसा करते-करते 5-6 दिन निकल गये. फिर एक दिन माँ ने सॅटर्डे क्लास रखी सुबा, क्यूंकी उनके हज़्बेंड बाहर थे तौर से, और उन्हे शाम को ब्यूटी पार्लर जाना था.

तो मैं सुबा उनके घर गया. मैं 11 बजे उनके घर गया, और उन्होने मुझे वेलकम किया. माँ बहुत स्ट्रेस्ड लग रही थी, तो उन्होने कहा, की कल शाम से उनके शोल्डर्स और नेक में पाईं थी. तो मैने उन्हे पिल्लो रख के चेर पर बैठने को बोला.

वो लगातार अपनी गर्दन दबा रही थी, तो मैने खड़ा होके उनके शोल्डर दबाने शुरू कर दिए. मैं उनकी नेक को बॅक के थंब से प्रेस करने लगा. उन्होने माना किया पर मेरे प्रेस से वो रिलॅक्स हो गयी. तो उन्होने मुझे डाइरेक्षन बताना शुरू कर दिया.

मैने काफ़ी देर उन्हे शोल्डर मसाज दिया, और इस दौरान मैने उनकी त-शर्ट थोड़ी सी हटा दी थी. उन्होने ब्रा नही पहनी थी. उन्हे काफ़ी रिलॅक्स मिला और उनके मूह से अब थोड़ी नॉटी मोन्स सी निकल रही थी.

फिर मैं उनके कान में बोला: दो योउ वॉंट मोरे माँ?

शी साइड: तोड़ा ज़ोर से करो.

मुझे उनकी आवाज़ में हवस दिखी, और मैने उनकी नेक के पास साँस लेना शुरू कर दिया, और उन्होने अपनी ब्रेत हेवी कर दी. फिर मैने धीरे-धीरे उनकी नेक के लिप्स को रब किया, और टंग लगाना शुरू किया. वो शायद किसी और ख़याल में थी.

मैने उनके शोल्डर्स को पूरी तरह दबा दिया, और वो बोली: स्लो राहुल.

मैं उनके आयेज आया और सामने से शोल्डर दबाने लगा. फिर मैं उनके साथ वाली चेर पे बैठा, और उनका एक शोल्डर दोनो हाथ से दबाने लगा. फिर धीरे-धीरे एक हाथ उनकी थाइस पे ले गया, और ज़ोर से दबाने लगा. मेरा लंड खड़ा हो चुका था, और मेरे लोवर में टेंट बन गया था.

मैने माँ की नेक पे हाथ फेरना स्टार्ट किया, और उनका हाथ अपने लंड पे रखा. उन्होने झट से लंड पकड़ लिया. बाकी की कहानी 2न्ड पार्ट में. अपने व्यूस कॉमेंट में बताए, और कोई लड़कियाँ या विमन इंट्रेस्टेड हो तो अम्होट963@गमाल.कॉम पे मैल कीजिए.

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