मामी की चुदाई घर और होटेल पर

हेलो दोस्तों, मैं विशाल एक बार फिर हाज़िर हू अपनी कहानी के अगले पार्ट के साथ. मेरी पिछली कानानी को काफ़ी लोगों ने पसंद किया है. उसके लिए आप सब का धन्यवाद.

होटेल में मिलने के बाद सारा ने मुझे दूसरी बार सेक्स करने के लिए अपने घर बुलाया. उसने कहा की जब बच्चे स्कूल जाएँगे तब आ जाना, हुमको अछा टाइम मिलेगा. मैं टाइम पर चला गया. सारा ने लाल रंग की निघट्य पहनी थी, और ग़ज़ब की माल लग रही थी.

उन्हे देखते ही मेरा लंड खड़ा हो गया, और पंत के बाहर आने को तड़पने लगा. घर जाते ही सारा मामी मुझे अपने बेडरूम ले गयी. उसने दरवाज़ा बंद किया, और मेरे पास आ कर एक ठंडी साँस ली.

मैने पूछा: क्या हुआ?

वो बोली: तोड़ा दर्र लग रहा है. घर पे हम पहली बार मिल रहे है ना.

मैं बोला: दररो मत, कुछ नही होगा.

ये कह कर मैने उसे गले लगा लिया. उसने भी मुझे टाइट हग किया, और फिर हम लीप किस करने लगे. पाँच मिनिट तक हम किस करते रहे. फिर मैने उनके गालों को चूमा. फिर गले को, और साथ में उनके दूड्दू भी दबाए.

वो उत्तेजित हो रही थी, और आअहह उऊहह की आवाज़े निकाल रही थी. मामी ने अपनी निघट्य उतार दी. उसने अंडरवेर नही पहनी थी, सिर्फ़ पिंक कलर की पॅडेड ब्रा पहनी थी.

उनके गोरे-गोरे और तगड़े दूड्दू देख कर मैं फिर उन पर टूट पड़ा, और चूसने लगा. वैसे तो मैं पहले भी उनके दूड्दू चूस चुका था. पर इस बार पहले से ज़्यादा मज़ा आ रहा था. मैने ब्रा भी निकाल दी, और अब सारा मेरे सामने पूरी नंगी थी.

मैने अपनी त-शर्ट उतरी, और सारा को पंत उतारने को कहा. उसने मेरी जीन्स उतरी और अंडरवेर भी. मेरा खड़ा लंड देख कर वो पहले मुस्कुराइ और फिर चूसना शूरा किया. लंड चूसने में मामी का कोई जवाब नही. वो एक पॉर्न आक्ट्रेस की तरह लंड चूस्टी है.

नीचे से बॉल्स को भी ज़ुबान से चाट-ती है और उम्म-उम्म की आवाज़े भी निकालती है. मुझसे अब रहा नही जेया रहा था, और छोड़ने की बड़ी तड़प हो रही थी. मैने मामी को बेड पर लिटाया.

सारा: अपने हथियार पर तोड़ा सा आयिल लगा लो. अंदर जाने में आसानी होगी.

मैं: क्या वाक़ई आयिल लगाने से ऐसा होता है?

सारा: हा, तुम पहले आयिल तो लगाओ, फिर कहना.

मैने अपने लंड पर आयिल लगाया. मामी अपनी दोनो टांगे खोल कर लेती थी. मैने लंड को छूट पर सेट किया, और अंदर डाला. मेरा पूरा लंड बिना किसी रुकावट के छूट के अंदर चला गया, और उधर सारा की चीक निकली आहह की.

मामी को मैं छोड़ रहा था, और आयिल की वजह से चूड़ने की पच पच की आवाज़ आ रही थी. मामी पूरी तरह उत्तेजित हो गयी, और चुदाई का भरपूर आनंद ले रही थी. वो अब सातवे आसमान में थी.

मैं बोला: आप तो एक्सपर्ट हो सेक्स की. आपका नुस्ख़ा ज़बरदस्त काम कर रहा है. पिछली बार की तरह कोई दिक्कत नही आई अंदर डालने में.

सारा: आहह विशाल, तुम्हारा तो सच में बहुत विशाल है. मुझे बहुत मज़ा आ रहा है. ऐसे ही करते रहो.

मैने अपनी स्पीड बधाई, और मामी को तबाद-तोड़ तरीके से छोड़ा.

फिर मैने कहा: चलो अब कुछ नयी पोज़िशन ट्राइ करते है, डॉगी स्टाइल करेंगे.

मामी डॉगी पोज़िशन में आ गयी, और मैने अपना लंड पीछे से छूट में डाल दिया. मामी की फिर आवाज़ निकली आह की. अब मैं मामी को डॉगी पोज़िशन में छोड़ रहा था. उनकी कमर पकड़ कर ज़ोर-ज़ोर से धक्के मार रहा था. उनकी गोरी गांद देख कर मेरा लंड और ज़्यादा टाइट हो चुका था. 5 मिनिट बाद मैने अंदर ही डिसचार्ज कर दिया.

सारा: मेरा मॅन नही भरा, मुझे और चाहिए था.

मैं: अगली बार होटेल में ज़्यादा टाइम के लिए रूम लेंगे.

ये सुन कर मामी खुश हो गयी. तो मैने कुछ दिन बाद होटेल में रूम बुक किया. हम अब तीसरी बार सेक्स करने जेया रहे थे. इस बार मामी ने वेस्टर्न पहना था. ब्लॅक ट्रॅन्स्परेंट त-शर्ट जिसमे से उनके बूब्स और ब्रा दोनो नज़र आ रहे थे, और ब्लॅक जीन्स कमाल की लग रही थी.

मैने उनके कुछ फोटोस लिए, और फिर उनके कपड़े उतार दिए. उसने लाइट पिंक कलर की बिकिनी वाली पनटी पहनी थी, जिसमे सिर्फ़ छूट ही कवर हो रखी थी, और पूरी गांद नज़र आ रही थी.

पहले की तरह अब वो शर्मा नही रही थी, क्यूंकी हम दो बार सेक्स कर चुके थे. मैने उन्हे बेड पर लिटाया, और लीप किस करना शुरू किया. बूब्स दबाने लगा और दोनो बूब्स के बीच में किस करने लगा. वो मदहोश हो कर मज़े लेने लगी. मामी ने मेरी त-शर्ट उतरी, और मैने खुद जीन्स निकाल दी.

उसने बेड पर लेट कर एक हाथ से अपनी छूट को सहलाया, और स्माइल करते हुए दूसरे हाथ से करीब आने का इशारा किया. मैं समझ गया की वो छूट चाटने को कह रही थी.

मैने उसकी पनटी उतार दी, और छूट चाटना शुरू किया. उसने अपना रिघ्त लेग मेरे कंधो पर रखा, और मेरा सर पकड़ कर छूट पे रगड़ने लगी. मैं लेफ्ट हाथ से उसकी गांद सहला रहा था, और रिघ्त हाथ से बूब्स दबा रहा था.

अब मैं छूट चाट-ते-चाट-ते उपर की तरफ बढ़ा, और उसकी नाभि में अपनी ज़ुबान डाल कर फेरने लगा. मामी ने मेरी अंडरवेर उतार दी, और लंड को सहलाया और झट से चूसने लगी. वो ऐसे चूस रही थी, जैसे लंड की भूखी हो. मैने उसका सर पकड़ा, और उसके मूह को लंड से खूब छोड़ा.

अब मैने उसको पीछे की तरफ घुमाया और एक टाँग को उठा कर डॉगी पोज़िशन में लंड को छूट में डाल दिया. मैं उसे एक पागल कुत्ते की तरह ज़ोर-ज़ोर से छोड़ रहा था. वो पीछे मूड कर मुझे देखते हुए आहह उउउहह हाहह की आवाज़े निकाल रही थी.

आयेज की कहानी पढ़िए नेक्स्ट पार्ट में. अगर कोई हयदेराबाद में रहने वाली गोरी, खूबसूरत और बड़ी ब्रेस्ट वाली 30 से 40 उमर वाली औरत मेरे लंड से अपनी छूट की प्यास बुझाना चाहती है, तो मुझे ज़रूर संपर्क करे.

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