लड़की की अंकल से पहली चुदाई की सेक्सी कहानी

लड़की की अंकल से पहली चुदाई की सेक्सी कहानीही फ्रेंड्स, मेरा नाम अविष्का है, और मैं देल्ही के लाजपत नगर से हू. मेरी उमर 21 साल है, और मैं कॉलेज में पढ़ती हू. मेरा फिगर 34-29-35 है.

रंग मेरा गोरा है, और मैं मस्त दिखती हू. मेरे कॉलेज के बहुत सारे लड़के मुझ पर ट्राइ करते है. लेकिन मैने अपनी सील अपने अंकल से तुद्वा ली. चलिए बताती हू सब कैसे हुआ.

6 महीने पहले की बात है. मेरे पापा के पुराने फ्रेंड घर पर आने वाले थे. उनका नाम अनिकेत था. वो कोलकाता से थे, और वही पर उनका काफ़ी बड़ा बिज़्नेस था. यहा पर वो अपने किसी कज़िन के बेटे की शादी पर आने वाले थे.

वैसे तो वो किसी होटेल में रुकने वाले थे, लेकिन पापा ने कन्विन्स करके उनको हमारे घर रहने के लिए माना लिया. जिस दिन वो आने वाले थे, पापा मुझे एरपोर्ट साथ ले गये. फिर जैसे ही वो एरपोर्ट से बाहर आए, मैं उन्हे देख कर हैरान रह गयी.

अंकल किसी भी आंगल से अंकल नही लग रहे थे. उनकी पर्सनॅलिटी बिल्कुल सुनिएल शेट्टी जैसी थी. उन्होने ब्लॅक सूट पहना हुआ था. फिर जब वो हमारे पास आए, तो पापा उनसे गले मिले. फिर मैने भी उनको “हेलो अंकल” बोला.

मेरे मूह से अंकल शब्द सुन कर वो बोले: तुम्हारे नाम क्या है बच्चा?

मैं: जी अविष्का.

अंकल: नाइस नामे अविष्का. और प्लीज़ मुझे अंकल मत कहो. कॉल मे आनी.

मैं: ओक आनी.

तभी पापा बोले: तू ज़रा भी नही बदला आनी. वैसे का वैसा ही है.

फिर हम घर चले गये. मेरी नज़र बार-बार अंकल पर ही जेया रही थी, और ये चीज़ उन्होने भी नोटीस कर ली थी. डिन्नर के बाद सब सोने चले गये. मैं बार-बार अंकल के रूम के बाहर से गुज़र रही थी, ताकि मुझे उनके दीदार हो जाए.

लेकिन मुझे वो नही दिखे. तभी मैं उनके रूम के कीहोल से अंदर देखने लगी. मैने देखा अंकल मोबाइल पर कुछ देख रहे थे, और अपना लंड सहला रहे थे. उनका लंड काफ़ी बड़ा और मोटा था.

उनका लंड देख कर वो मेरा मूह ही सूख गया, और मेरी छूट गीली होने लगी. मुझे समझ नही आ रहा था की ये मेरे साथ क्या हो रहा था.

आज पहली बार मैने किसी मर्द के लंड को लिव देखा था. तभी साइड पर मुझे एक कॉकरोच दिखा, और मैने जल्दी से चप्पल निकाल कर उस पर मार दी. मेरा ध्यान दरवाज़े पर नही था, और चप्पल की आवाज़ सुन कर अंकल ने आके दरवाज़ा खोल दिया.

जब उन्होने दरवाज़ा खोला, तो मैं अपने घुटनो पर बैठी थी. मैने अंकल को नीचे से उपर तक देखा, और जल्दी से खड़ी हो गयी. तभी अंकल बोले-

अंकल: अनिष्का, आप यहा पर क्या कर रही हो?

मैं: अंकल मैं वो यहा से गुज़र रही थी. कॉकरोच देखा तो उसको मारने आ गयी.

अंकल: ओक, चलो अब जाके सो जाओ.

मैं बाल-बाल बच कर अपने रूम में चली गयी. अगले दिन मम्मी-पापा कही बाहर गये हुए थे, और अंकल भी कही गये थे. मुझे भी अपनी फ्रेंड के यहा जाना था, तो पापा ने अंकल को एक चाबी दे दी थी.

जब घर में कोई नही था, तो मैने सोचा क्यूँ ना फिंगरिंग करके तोड़ा मज़ा लिया जाए. मैने शॉर्ट्स और त-शर्ट पहनी हुई थी. फिर मैं बेड पर लेट गयी, और अपनी शॉर्ट्स नीचे करके पनटी के उपर से छूट को सहलाने लग गयी.

मैं अंकल को अपने ख़यालों में इमॅजिन करके अपनी छूट सहला रही थी. मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था, और मैं श आनी आहह आनी बोले जेया रही थी. मैं फिंगरिंग करते हुए इतनी मदहोश हो गयी थी, की मुझे पता ही नही चला कब अंकल घर के अंदर आ गये थे.

तभी मुझे अपनी छूट पर किसी का हाथ फील हुआ. मैं झट से उठी, और देखा तो सामने अंकल खड़े थे. अंकल बोले-

अंकल: घबराव नही अविष्का, इस उमर में सब ये करते है. आओ मैं तुम्हे सेक्स करना सिखाता हू.

मैं अंकल को ना नही बोल पाई. फिर उन्होने मेरी पनटी उतार दी, और मेरी छूट को अपनी जीभ से चाटना शुरू कर दिया. जैसी ही उनकी जीभ मेरी छूट पर पड़ी, मेरे बदन में एक करेंट सा दौड़ गया. इतना मज़ा आने लगा मुझे, जितना कभी फिंगरिंग करके भी नही आया था.

वो लगातार 10 मिनिट तक मेरी छूट चाट-ते रहे. फिर मेरी बॉडी काँपने लगी, और मैं झाड़ गयी. अंकल मेरी छूट का सारा पानी पी गये. फिर अंकल ने मेरी त-शर्ट और ब्रा निकाल दी, और मेरे बूब्स चूसने लगे. इससे मैं मदहोश होने लगी.

उसके बाद उन्होने अपने होंठ मेरे होंठो के साथ लगा दिए, और मेरे होंठो का रस्स चूसने लगे. अंकल ने मुझे दोबारा से गरम कर दिया था. अब मैं उनसे चूड़ने के लिए तड़प रही थी.

फिर अंकल ने अपने कपड़े उतार दिए, और अब अंकल मेरे सामने पुर नंगे थे. उनका बड़ा और मोटा लंड उछाल रहा था. फिर अंकल मुझे बोले-

अंकल: अविष्का इसको चूसो.

मैं आयेज बढ़ी, और अपना मूह खोला. फिर अंकल ने मेरे मूह में अपना लंड डाल दिया, और धड़ा-धड़ मेरे मूह को छोड़ने लग गये.

मुझे भी मज़ा आने लगा था. उनके लंड का स्वाद नमकीन सा था. वो ज़ोर-ज़ोर से लंड मेरे मूह में अंदर-बाहर कर रहे थे, और मेरे मूह से बहुत सारी थूक निकल रही थी.

फिर अंकल ने मुझे लिटाया, और मेरी छूट पर अपना लंड रगड़ने लगे. आज पहली बार मेरी छूट में लंड जाने वाला था. जैसे ही उनका लंड छूट के मूह पर टीका, उन्होने ज़ोर का धक्का मारा. मेरी चीख निकली, और लंड आधा अंदर चला गया. बहुत दर्द हो रहा था. तोड़ा खून भी निकला छूट से.

फिर अंकल धीरे-धीरे लंड अंदर-बाहर करने लगे. उन्होने मेरे होंठ अपने होंठो से बंद कर लिए, ताकि मेरी चीखें बंद हो जाए. फिर उन्होने ताबाद-तोड़ धक्के देके पूरा लंड मेरी छूट में डाल दिया.

धीरे-धीरे मेरा दर्द कम हुआ, और मुझे मज़ा आने लगा. ये देख कर अंकल ने अपनी स्पीड बधाई, और मुझे ज़ोर-ज़ोर से छोड़ने लगे. अब मैं आ आ कर रही थी, और मज़े से चुड रही थी. अंकल मेरे होंठ, गाल, गर्दन, बूब्स, कमर सब चूम कर मुझे प्यार कर रहे थे.

तकरीबन आधा घंटा अंकल ने मुझे ऐसे ही चोदा, और मुझे मेरी लाइफ का एक हसीन एक्सपीरियेन्स दिया. उन्होने मेरी छूट को अपने माल से भर दिया. फिर वो अपने कमरे में चले गये, और मैं उनके बारे में सोच कर शर्मा रही थी.

फिर जब तक वो हमारे घर रहे, मैं रोज़ रात को उनके रूम में जाके चुड्ती रही.

तो ये थी मेरी कहानी दोस्तों. अगर मज़ा आया हो तो लीके और कॉमेंट ज़रूर करे.

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