मालकिन की बूढी चूत शांत की

हाई दोस्तों मैं रवि आप का दोस्त. आज आप के लिए एक मस्त अन्तर्वासना कहानी ले के आया हूँ. मेरा बदन गदराया हुआ हे क्यूंकि मैं जिम करता हु. बात आज से कुछ साल पहले की हे जब मैं 23 बरस का जवान था. (अभी 26 का हूँ!)

तब मैं गुजरात के नवसारी में रहता था. वहां पर मैं एक घर में ड्राईवर का काम करता था. वैसे मैं पढ़ा लिखा हूँ लेकिन जॉब नहीं मिली तो ये काम कर लिया. मालीक का नाम हसमुख पटेल  था और मेडम का नाम सपना था. मालिक 50 के थे और कपडे के बड़े व्यापारी थे. मेडम 45 की और मिजाज वाली औरत थी.

मेडम के कूल्हें एकदम बड़े थे. वो हम आप के कौन हे में दिखाते हे न की गांड के ऊपर माधुरी कप रखवाती हे. वैसा सच में पोसिबल था सपना मेडम के साथ. दोनों का एक बेटा भी था लेकिन वो पढाई के लिए कनाडा गया हुआ था.

मेडम और साहब के छोटे मोटे काम करता था मैं अपनी ड्राइविंग की जॉब के साथ साथ. मैंने तब तक अपने दिन के या रात के किसी भी सपने में नहीं सोचा था की घमंड से चूर मेरी ये मालकिन एक दिन मेरे लंड को अपने मुहं में लेगी!

और ये सब कैसे हुआ वो आप सुने. मैं एक रात को जब नींद से जागा तो मुझे पेशाब की हाजत हुई. मैं मुतने के लिए जब मेरी मेडम के कमरे के पास से निकला तो मुझे अजीब सी वोईस आई. अन्दर मेरी मालकिन मालिक मेरे मालिक को बड़ा अब्यूस कर रही थी. मालिक ने कहा, अब मैं अपने लंड को क्या ग्लूकोज की बोतल चढवाऊँ, तुम तो रोज कहती हो की करो. अब मेरी उम्र हो गई हे और मेरे से बिस्तर में वो महनत नहीं होती हे. ऊपर से तुम तो रोज अपनी प्यासी बुर को खोल के लेट जाती हो. मेरा भी ख्याल तो करो.

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मालकिन ने कहा, तेरे लंड को काट के कव्वों को खिला दे साले, पहले तो बहुत कहता था की ऐसे चोदुंगा वैसे चोदुंगा जब की पिछले कितने सालों से मैं खड़ा करते करते थक जाती हूँ!

मालिक: अबे बहन की लौड़ी अब पचास साल की उम्र में लंड पर इतना जुल्म कैसे करूँ मैं भोसड़ी की!

मालकिन: वो तेरी दूकान वाली सेल्सगर्ल हे ना शाहीन जो अपने पति को तेरी वजह से छोड़ चुकी हे, उसकी कैसी चोदता हे तू वो बता?

मालिक: साली कुतिया मुझे बदनाम मत कर, तेरी भोस देख के खड़ा नहीं होता फिर वहां कैसे होगा, तुझे कुछ दिन तेरे भाई के घर ही भेज दूंगा साली.

मालकिन बोली: इतनी महरबानी मत करो मेरे ऊपर. मैं ड्राईवर को उठा के खुद जा सकती हूँ ठीक हे!

मालिक: जा फिर जा के वही मर और जब चूत की आग ठंडी हो तभी मेरे पास आना!

मैंने सोचा की मालकिन का भोसड़ा तो आग से सुलगा हुआ था लंड लेने के लिए. और वो उस वक्त एक लंड के लिए कुछ भी कर सकती थी वो मैं समझता था. मैं फटाक से अपने कमरे की और भागा. मैंने नाईट पेंट पहनी थी उसे निकाल दी. और अपनी अंडरवेर के छेद से अपने लौड़े को आधा बहार निकाल के लेट गया. मेरा लंड वैसे भी कडक ही था. मैं चाहता था की मेडम जब कमरे में आये तो वो मेरे खड़े लंड को देखे!

मैं सोने की एक्टिंग कर के अपनी आँखे बंद कर के पड़ा हुआ था. उतने में मेडम मेरे कमरे में आ गई. उसकी आँखे मेरे लंड को देख के चौंधिया पड़ी. उसके होश ही उड़ गए होंगे मेरे कडक और खड़े लंड को देख के. मेरा लंड इतना तो सेक्सी हे की किसी भी औरत की नजर पड़े तो उसकी चूत में पानी छुट जाए!

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मालकिन वही पर बैठ गई मेरी जांघो के पास. उसने पहले मुझे थोडा हिलाया. मैं हिला नहीं इसलिए उसे लगा की मैं नींद में ही. वो मेरे लोडे को अपने हाथ से टच करने लगी. मैंने खुजाने की एक्टिंग की और आधे से पुरे लंड को अब बहार कर दिया.

मेडम की चूत जवाब दे गई और उसने मेरे लंड को हाथ में पकड़ के हिला दिया. मैंने नींद में ही कहा, अह्ह्ह्ह अह्ह्ह बबिता मेरी जान हिलाओ मेरे लंड को!

बबिता घर की कामवाली हे. मेडम को ऐसा लगा की मैं उसे बबिता समझ रहा था. मेडम खड़ी हुई और उसने दरवाजे को स्टोपर लगा दी. उसने कमरे की लाईट को बंद कर दिया और फिर से मेरे लंड के पास आ के बैठ गई. उसने मेरे लंड को अपने हाथ में जकड़ लिया और उसे हिलाने लगी. मेरे मुहं से सिसकियाँ निकल चुकी थी. मालकिन ने कुछ देर लंड को हिलाया. और फिर उसने अपनी नाइटी में से एक चूची को बहार निकाली और मेरे लंड के सुपाडे को अपनी निपल के ऊपर घिसने लगी. मैंने आँखे खोली और कहा, मालकिन आप क्या कर रही हो ये!

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