मकान मालकिन की रसीली चुत

मेरा नाम आयुष है। मैं झारखण्ड के गिरिडीह जिला का रहने वाला हूँ। मेरा उम्र 24 वर्ष है। मेरा हाइट 5 फ़ीट 6 इंच हैं। लंड का साइज 6 इंच हैं। मैं यहाँ किराये के मकान में रहता हूँ और जॉब करता हूँ।

यह मेरा पहला चुदाई का अनुभव हैं। आज मैं आपको अपनी स्टोरी सूना रहा हूँ। मैं उम्मीद करता हूँ कि यह कहानी सभी लोगों को जरुर पसंद आएगी। ये मेरी जिन्दगी की सच्ची घटना है।

बात उन दिनों की है जब मैं ग्रैजुएशन कम्पलीट कर लिया था और जॉब करने यहाँ आया था। यहाँ आने के बाद सबसे पहले मैंने एक रूम किराये पर लिया। मेरी मकान मालकिन बहुत ही जबरदस्त कड़क माल हैं। पूरा भरा हुआ शरीर, देखने में वो भोजपुरी हेरोहीन आम्रपाली दुबे जैसी दिखती हैं। उनका हस्बैंड दिल्ली में जॉब करते हैं.और कभी -कभी ही घर आते हैं। जब मैं उसे पहली बार देखा तब से चोदने का सपना देखने लगा। मैं जब भी उनकी तरफ देखता था तो मेरा मन मालकिन को चोदने को मचलने लगता था। मै उनका कोई काम भी कर देता था जो भी मुझसे कहती थी। उनकी मटकती गांड़ को मै देखकर तुरंत ही मुठ मारने को मजबूर हो जाता था। हम दोनों लोग शाम को एक दिन बैठकर चाय पी रहे थे। घर में हम दोनों के अलावे कोई नहीं था। क्योकि उनके दोनों बेटा बाहर खेल रहा था। मै मकान मालकिन की चूंचियो की तरफ देख रहा था। उनकी चूंचियां उस दिन कुछ ज्यादा ही शानदार लग रही थी। उन्होंने उस दिन खूब ढेर सारा मेकअप कर रखी थी जिसकी बजह से बहुत सुन्दर लग रही थी। मैं उनकी तरफ हवस की नजरो से देख रहा था। मैं उनकी तरफ देखकर जान गया कि वो भी चुदाई की प्यासी लग रही थी। मै सब समझ गया। मकान मालकिन ने उस दिन अपने होंठो पर लिपस्टिक लगा कर लिप लाइनर भी लगाया था। जिसे देखकर चूमने का मन करने लगा था।
मकान मालकिन-“क्या देख रहे हो”
मै -“कुछ नहीं भाभी। मै तो बस आप को देख रहा था। आप कितनी सुन्दर हैं।”
मकान मालकिन-“तुम भी तो कुछ कम नहीं हो। मुझे तो तुम बहुत ही अच्छे लगते हो।”
मै-“अरे नहीं भाभी कहां आप और कहाँ हम”
मकान मालकिन-“तुम्हारी तो बहुत सारी गिर्लफ्रेंड होंगी”
मैं-“नहीं भाभी मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है”
मकान मालकिन-“क्या तुम अभी तक पूरी तरह से कुवांरे हो”
मै-“हाँ भाभी मैंने अभी तक किसी लड़की को हाथ भी नहीं लगाया है”

ऐसे ही हम दोनों के बीच रोमांटिक बात होने लगा। धीरे धीरे मैं अपना पैर उनके पैर पर रगड़ने लगा। वो कुछ नहीं बोली तो मेरा हिम्मत बढ़ गया। मैं अचानक उठ कर उसके बगल में बैठ गया और बयां हाथ उसके पीछे से ले जाकर उसकी बायीं चुचीं दबाने लगा और अपना दायाँ हाथ से उसकी साडी के ऊपर से ही चुत को सहलाने लगा। अब वो भी गरम होने लगी। तब मैंने अपना होंठ उनकी होंठों पर रख दिया और मजा लेते हुए धीरे धीरे रसपान करने लगा। अब वो भी मेरा साथ देने लगी। मैंने उनकी होंठ को मैं चूस चूस कर लाल लाल कर दिया। उसके होंठ अब और भी जबरदस्त लग रहे थे। मैंने अपना लौड़ा खड़ा करके उनकी हाथों से छुवाया। बड़े मोटे लौंडे को छूकर बहुत खुश हो गई। मेरा लंड दबाकर मजा ले रही थी। मकान मालकिन का भी ख़ुशी का ठिकाना नहीं था। मैं उसकी चूंचियों पर अपना हाथ रख कर दबाने लगा। उनकी चूंचियां बहुत ही मुलायम थी। मैं दबाकर उसका रस पीने के लिए। मैंने उनकी ब्लाउज को निकाल दिया। मैं ब्रा में अपना हाथ डालकर कर चूंचियों को दबा रहा था। मैंने कुछ देर बाद उनकी ब्रा भी मैंने निकाल दिया। उनकी दोनो गोरी गोरी चूंचियों को अपने हाथों में लेकर खेलने लगा। दबा दबा कर चूसने लगा। मकान मालकिन की चूंचियो के निप्पल को मैंने अपने मुँह में भर कर चूसने लगा। मैंने उनकी मुह से सिसकारियां निकलवा दिया।

यह कहानी भी पड़े  मेरी बीवी हुई अपने यार से चूड़ने को तैयार

उसके मुँह से “…अहहह्ह्ह्हह स्सीईईईइ….अअअअअ…आहा …हा हा हा” की आवाज निकल रही थी। उनकी चूंचियो की जबरदस्त चुसाई के बाद मैंने उसकी पैंटी पर हाथ रख दिया। बाप रे!! वो तो बहुत ही गरम हो चुकी थी। उनकी पैंटी पर मैं हाथ घुमा घुमा कर मकान मालकिन को पैंटी से माल निकलवा दिया। उसकी पैंटी गीली हो गई। उसमे से निकला गर्म गर्म माल मेरी हाथो में लग रहा था। उनकी सिसकारियां सुनकर मुझे भी जोश दिला रही थी। मै गीली पैंटी को निकाल कर अपनी अंगुलियाँ उनकी की चूत में डालने लगा। अपनी तीन उंगलियां डालकर मुठ मार रहा था। वो मेरे लौड़े को पकड़कर दबा रही थी। मैंने अपना लौंडा मकान मालकिन के सामने निकाल कर प्रस्तुत किया। वो मेरे लौड़े से खेलने लगी।मैं उनकी दोनों टांगों को फैला कर चूत के दर्शन करने लगा। उनकी स्वच्छ साफ़ चिकनी चूत को देखकर मैं बेक़रार होता जा रहा था। मैंने अपना लौड़ा पकड़ा कर उन्हें खूब खिलाया। उल्टा होकर मकान मालकिन की चूत में अपना मुह लगा दिया। उनकी चूत को मुँह में अपने दोनों टुकड़ो को अपने मुह में भर लिया। वो अब सिसकारियां की चीख “उ उ उ उ उ…अअअअअ आआआआ….सी सी सी सी…ऊँ…ऊँ…ऊँ…” की चीख निकल गई।

मकान मालकिन बहुत ही गर्म हो गई थी। मै उनकी चूत को मैं चाट चाट कर चूस रहा था। वो भी बहुत मजे ले लेकर चटवा रही थी। उनकी चूत को चाट चाट कर लाल कर दिया। मैंने अपने मुँह में भर कर दांतो से दबा देता था। चूत काटते ही वो अपना सर बिस्तर पर ही पटकने लगती थी। मकान मालकिन की चूत को मैंने काट काट कर खूब गर्म किया। वो लौड़ा खाने को परेशान होने लगी। मैंने अपनी जीभ उसकी चूत में अंदर तक डालनी शुरू कर दी।चूत से गरम गरम पानी छोड़ने लगी। मैंने सारा पानी पीकर साफ़ कर दिया। उनकी चूत में अंदर तक जीभ डालकर। सारा माल चाट रहा था। मकान मालकिन की चूत को चाट कर साफ़ कर दिया। मैंने लौड़ा उसको दे दिया। वो भी मेरा लौड़ा अपने हाथों में लेकर अच्छे से खेल खेल कर सहला रही थीं। उनकी चूत गरम हो गई थी। मकान मालकिन मेरे लौड़े को आगे पीछे कर रही थी। उसे मेरा लौड़ा बहुत पसंद आया। वो मेरा लौड़ा पकड़ कर बैठी हुई थी।

आइसक्रीम की तरह चूस रही थी। मैंने भी उनकी चूत में अपना लौड़ा डालने के लिए उनको लिटाकर उनकी दोनों टांगों को फैला दिया। उनकी लाल लाल चिकनी चूत पर रगड़ने लगा। चूत के दोनों दरारों को बीच में अपना लौड़ा रगड़ रहा था। उसको गरम कर रहा था। वो तड़प रही थी। उसकी चूत बहुत ही टाइट थी। चूत में लौंडा बड़ी मशक्कत के बाद घुस गया। लौड़ा घुसते की मुह से “ओह्ह माँ….ओह्ह माँ…आह आह उ उ उ उ उ…अ अ अ अ अ….आआआआ—-” की चीखे निकलने लगी। मैंने धक्का मारकर मकान मालकिन की चूत में पूरा लौड़ा घुसा दिया। मकान मालकिन की चूत को मेरे 7 इंच के लौड़े ने फाड़कर बुरा हाल बना दिया। मैं उसे धका धक पेल रहा था। जड़ तक घुसा कर चुदाई कर रहा था। मैंने पूरी शक्ति लगा दी। वो भी चूत उठा उठा कर चुदवा रही थी। मेरा लौड़ा सटा सट अंदर बाहर हो रहा था। बहुत ही तेजी से अंदर बाहर जो रहा था। मकान मालकिन की चूत को मैंने कुछ नए स्टाइल में चोदने के लिए उन को उठा कर खड़ा किया। मैंने इनकी टांग को उठा कर अपने कंधे पर रख लिया। मकान मालकिन टेबल के सहारे खड़ी हुई थी। उनकी चूत में अपना लौड़ा घुसा कर मकान मालकिन की जबरदस्त चुदाई करने लगा। मुझे उनकी चूत को चोदने में बहुत मजा आ रहा था। मैने खूब अच्छे से चोद लिया था। 20 मिनट मैंने उसकी चूत मारी।

यह कहानी भी पड़े  चोदो और सरको-1

फिर मैंने उसकी गांड़ पर तेल लगाकर लौड़ा घुसाने लगा। मेरा लौड़ा उनकी गांड़ में लौड़ा अपना थोड़ा सा सुपारा घुसा दिया। मकान मालकिन की चीख बहुत तेज निकल गई। वो जोर जोर से “ हूँउउउ हूँउउउ हूँउउउ …ऊँ…ऊँ…ऊँ सी सी सी सी… हा हा हा… ओ हो हो…” की आवाज निकाल कर थोड़ा सा ही गांड़ चुदवा रही थी।
मैं जोर जोर से करने लगा। 10 मिनट बाद मैं भी झड़ने वाला हो गया। मकान मालकिन को मैनें नीचे बैठा कर। मैंने अपना लौड़ा उनकी मुँह में डालकर अपना सारा माल गिरा दिया। वो सारा माल पी लिया। रात भर दोनों लोग नंगे ही लेटे थे। मकान मालकिन बहुत खुश थी। कुछ देर बाद हम दोनों का फिर से मौसम बन गया। मैंने उसे कुतिया बनाया। खुद कुत्ता बन कर उसकी सवारी करने लगा। पूरा लौड़ा पीछे से खड़े होकर मैंने उसकी चूत में डाल दिया। उसकी पूरी गांड़ को मेरे लौंडे ने चीर के रख दिया। मैंने अपना लौड़ा आगे पीछे करके चोदने लगा। इसकी गांड़ की गहराई नापने में मेरा पूरा लौड़ा घुस रहा था।
जड़ तक जाने पर भी गहराई का कुछ पता नहीं चल पा रहा था। मैंने उसकी कमर पकड़ी। फिर खूब तेज स्पीड में उसकी गांड़ चुदाई करनी शुरू कर दी। वो “…उंह उंह उंह हूँ… हूँ….हूँ…हमममम अहह्ह्ह्हह…अई…अई….अई…” की आवाज निकाल कर गांड़ मटका मटका कर चुदवा रही थी। मेरे लौड़े की दोनो गोलियां हवा में लहरा कर उसकी चूत के नीचे ठन ठन लड़ रही थी। उसकी दोनों चूंचियां हिल हिल कर झूला झूल रही थी। पूरा कमरा ऐसी ही आवांजो से भरा हुआ था। जिसको सुनकर जोश बढ़ता ही जा रहा था। मैंने चुदाई जारी रखी। कुछ देर बाद मैं थक कर लेट गया। मकान मालकिन की गर्मी अभी तक शांत नहीं हुई थी। वो मेरे लौड़े को खड़ा करके उस पर अपनी गांड रखकर बैठ गई। धीऱे धीऱे मेरे पूरे लौड़े को अपनी गांड़ में घुसाकर उछलने लगी। लौड़े को अंदर बाहर कर रही थी। मैं भी अपनी कमर उठा उठा कर चोद रहा था।
पूरा लौड़ा उनकी गांड़ में घुसते ही वो “ओहह्ह्ह…ओह्ह्ह्ह.अह्हह्हह…अई…अई…अई….उ उ उ उ उ….” की आवाज निकालने लगी। मै और भी जोशीला होता जा रहा था। मैंने उसको उठाकर टेबल पर बिठाया। दोनों टांगो को खोलकर अपना लौड़ा सीधे ही गांड़ में घुसा दिया। गांड में लौड़ा घुसाते ही मैंने झटके पर झटके देने लगा। पूरा मेज चर चर की आवाज करके हिल रही थी। मेज के साथ वो भी पूरा हिल रही थी। मैंने उनकी गाँड़ का कचड़ा कर डाला। गांड़ बहुत ही ढीली हो गई। मै अब बहुत ही ज्यादा उत्तेजित होने लगा। मेरा लौड़ा फूलने लगा।
मैं जोर जोर से करने लगा। 10 मिनट बाद मैं भी झड़ने वाला हो गया। मकान मालकिन को मैनें नीचे बैठा कर अपना लौड़ा उनकी मुँह में डालकर जोर जोर से मुठ देने लगा। कुछ ही पलों में मेरे सूखे नल में पानी आ गया। अपना सारा माल गिरा दिया। वो सारा माल पी लिया। इस चुदाई के बाद मकान मालकिन बहुत खुश थी। मैं अब मकान मालकिन को रोज चोदता हूँ।

दोस्तों, ये था मेरा चुदाई का पहला अनुभव। अगर कुछ गलती मुझसे हुआ है तो मैं इसके लिए माफ़ी चाहता हूँ। आपलोग मुझे [email protected] पर अपनी प्रतिकिया भेज सकते हैं।
धन्यवाद !!!


error: Content is protected !!