मैं और मेरी मौसी

हेलो दोस्तो ये कहानी महेज़ एक कल्पना पर आधारित है, अगर आप लोगों को पसंद आए तो कॉमेंट कीजिएगा,मैं बचपन से ही अपनी मौसी का लाड़ला था, मेरी मौसी के खुद के 2 बच्चे है जो मुझसे भी छोटे है और मेरी मौसी के पति गवर्नमेंट ऑफीसर है, तो इसी वज से वो वीक मे सिर्फ़ एक बार ही आते है और रही बात मेरी मौसी की तो वो एक दम माल है, उनके बड़े-बड़े बूब्स देखने के बाद कही और नज़र जाती ही नही, उनका गोरा रंग सॉफ्ट लिप्स और उनकी हार्ट शेप गॅंड देखने के बाद तो किसी का भी खड़ा हो जाए, कुछ ही दिन पहले जब मैं गाओं गया, तो मुझे पता चला की मेरी मौसी के बच्चे स्कूल ट्रिप पे गये है और उनका पति भी कुछ दीनो के लिए आउट ऑफ स्टेशन गये है, जैसे ही मैं घर पहुचा मैने मा को मौसी से बात करते हुए सुना “देख तेरा लाड़ला भी आ गया है, अब उसके साथ ही सोया कर, अकेले इतने बड़े घर मे रहना ठीक नही है”, मैं तो ये सुन कर पागल ही हो गया, मेरे दिमाग़ मे तरह-तरह की बाते आने लगी, बस मुझे अब किसी भी तरहा ये मौका गवाना नही था, मुझे किसी भी तरह मौसी को चोदना ही था, रात को खाना खाने के बाद मैं मौसी के साथ बात करने बैठ गया.

मौसी ने कहा “बहोत बड़ा हो गया है रे तू, अब शरमाने भी लगा है, पहले तो कितनी बाते किया करता था, इस शहर ने ही तुझे बिगाड़ दिया होगा”, मैने जवाब दिया “नही मौसी, ऐसी कोई बात नही है, मैं अभी भी आप ही का लाड़ला हूँ”, ये कहते हुए मैने मौसी को आख मारी और हासणे लगा, वो भी मेरे साथ हासणे लगी, धीरे-धीरे हम बाते करने लगे और बहोत ही फ्रेंड्ली हो गये और सोने का वक़्त नज़दीक आ गया, मैने मौसी से कहा “चलो अब आपके घर चलते है, बहोत देर हो गयी है”, मौसी ने कहा “तुझे इतनी जल्दी क्यो है? तू कब से जल्दी सोने लगा? मैने तो सुना था की शहर के लोग जल्दी नही सोते”, मैने जवाब दिया “सही सुना है आपने, पर ये गाओं है ना यहाँ तो जल्दी सोना पड़ता होगा”, फिर मौसी ने कहा “ठीक है चल बिस्तर लगा देते है फिर वही बैठ के बाते करेंगे”, हम मौसी के घर पहुच गये, बेडरूम मे जाते ही मैं सोचने लगा की कैसे मौसी के साथ ही बेड पे सो जाउ, तो मैने एक तरकीब लगाई, जाहिर सी बात थी कमरे मे और कोई नही था सिर्फ़ हम दोनो ही थे, तो मैने कहा “मौसी बेड पे नही बहोत गर्मी होगी, मैं नीचे सो जाता हूँ आप उपर बेड पे सो जाओ”.

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मैने अपनी चाल चल दी थी मैं मौसी के जवाब का इंतज़ार कर रहा था, मौसी ने कहा “कोई ज़रूरत नही इतना शरमाने की पता है बहोत बड़ा हो गया है तू, चुप चाप मेरे साथ बेड पे सोजा, ये फ़िज़ूल के बहाने करना बंद कर”, मेरी चाल मे मौसी फस गयी थी, बेड पर तो आ गया था अब मुझे बहाना चाहिए था चोदने का हम बिस्तर पर लेट गये, मैं जो चाह रहा था सब वैसे ही हो रहा था, बातो बातो मे मौसी ने पूछा” तुझे कोई शहर की लड़की पसंद आई की नही?”, मैने जवाब दिया “शहर की लड़कियाँ अछी तो लगती है पर मुझे उनसे डर लगता है”, मौसी ने पूछा “डर क्यो लगता है?”, मैने कहा ” शहर की लड़कियाँ जब टच करती है तब बहोत अजीब लगता है, कुछ समझ नही आता”, मौसी ने पूछा “इसमे अजीब क्या है? जवानी मे ऐसा होता ही है, तू डर मत कुछ ग़लत नही होता”, मैने कहा “आप नही समझोगी मौसी बहोत अजीब लगता है आप को बता नही सकता”, मौसी ने कहा “मैं तेरी मौसी हूँ, मुझे सब पता है, एक बात बता तूने कभी किसी लड़की के साथ कुछ किया नही?”, मुझे पता चल गया था अब मेरा निशाना सही लग गया था, मैने शरमाते हुए कहा “नही किया, पर मैं करना चाहता हूँ, पर शायद मेरा सही समय नही आया”.

ये बात सुन कर मौसी थोड़ा रुक गयी फिर मौसी ने कहा “इसका कोई सही वक़्त नही होता, सब उमर के साथ होता है”, तो मैने पूछा “क्या मेरे उमर मे ये सब करना सही है?”, मेरा ये सवाल सुनकर मौसी थोड़ा रुक गयी, फिर उन्होने कुछ ऐसा कहा जो मैने सोचा ही नही था “तेरी पैंट उतार, मैं भी तो देखु कितना बड़ा लॅंड हो गया है तेरा?”, मौसी के मूह से लॅंड सुन कर मैं पागल ही हो गया, मैने शरमाते हुए अपनी पैंट उतारी और लॅंड दिखाने लगा, मौसी ने देख के कहा “बड़ा तो है पर इसको थोड़ा जाँचना होगा”, मैने कहा “क्या इसका मतलब मेरा अभी तक सही समय नही आया?”, मौसी ने कहा “नही, ऐसा नही है, इसको गरम करना होगा, नज़दीक आ मैं इसे हिला के बड़ा करती हूँ”, मैं खुशी से पागल हो गया मेरी मौसी खुद ही मेरा लॅंड हिला रही थी, मौसी मेरा लॅंड हिला रही थी बहोत मज़ा आ रहा था, उतने मे मौसी ने देखा मेरी नज़र उनके बूब्स पर है, तो उन्होने मुझसे कहा “क्यो? चुसेगा क्या? आजा मेरा बच्चा, मैं ब्लौस खोल देती हूँ”, ये सुन कर मैं पागल ही हो गया, मैने कहा “आप मेरे लिए कितना कुछ कर रही हो, आई लव यू मौसी”, फिर मैं उनके बूब्स पर टूट पड़ा, बड़े-बड़े बूब्स चूस-चूस कर लाल कर दिए मैने जैसे एक बच्चा चूस्ता है.

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