मेडम की चुदाई की कॉलेज क्लासरूम में

मेरा नाम संदीप है, और मैं पुंजब का रहने वाला हू. मैं एक कॉलेज स्टूडेंट हू, और 2न्ड एअर में पढ़ता हू. मेरी हाइट अची है, और बॉडी भी फिट है. लंड मेरा 6 इंच का है.

हर पंजाबी लड़के की तरह मैं भी सेक्सी लड़कियों को देखते ही कुत्ता बन जाता हू. छूट इतनी आसानी से नही मिलती, तो मूठ मार कर गुज़ारा करना पड़ता है. इस सेक्स कहानी में मैं आपको बतौँगा की कैसे मैने अपनी सेक्सी टीचर को रंगे हाथ पकड़ा, और उसको छोड़ा. तो चलिए शुरू करते है.

हमारे कॉलेज में वैसे तो काई सेक्सी फीमेल टीचर्स है. लेकिन अनु माँ मुझे उनमे से सबसे ज़्यादा सेक्सी लगती थी. उनका रंग गोरा, हाइट 5’4″, और शरीर भरा हुआ था. उनके बूब्स 36″ के, कमर 32″ की, और गांद 38″ की होगी. अब आप अंदाज़ा लगा लीजिए की छ्होटी हाइट के साथ ऐसा फिगर कितना सेक्सी लगता है. ऐसी लड़की को तो बंदा गोद में उठा-उठा कर छोड़े.

अनु मेडम का हमारी क्लास में एक ही लेक्चर था. वो हमको होमे साइन्स पढ़ती थी. उनके लेक्चर में मैं उनको उपर से नीचे तक स्कॅन करता रहता, और सोचता की बिना कपड़ों के वो कैसी लगेंगे. ई आम शुवर की बाकी लड़के भी ऐसा ही करते होंगे. फिर एक दिन मैने कुछ ऐसा देखा, जिससे मुझे अपनी ज़िंदगी का सबसे अछा एक्सपीरियेन्स मिला. चलिए बताता हू क्या हुआ था.

हमारे कॉलेज में मोबाइल अलो नही है. हा लेकिन अगर आप प्रिन्सिपल से नोक लेके अपने लॉकर में रखना चाहे तो रख सकते है. लेकिन क्लास में नही लेके जेया सकते. एक दिन कॉलेज ऑफ होने के बाद मैं वापस आ रहा था. आधे रास्ते में मुझे याद आया की मेरा फोन तो लॉकर में ही रह गया था.

मेरा घर कॉलेज से 15 मिनिट की दूरी पर है. मैने जल्दी से बिके मोदी, और कॉलेज की तरफ वापस चल पड़ा. 10 मिनिट में मैं कॉलेज पहुँच गया. मैं गुआर्द को ई-कार्ड दिखा कर अंदर गया, और सीधे लॉकर रूम पहुँचा.

वहाँ से मैने अपना फोन लिया, और वापस आने लगा. वापस आते हुए जब मैं कोर्रदूर से गुज़र रहा था, तो मुझे एक क्लासरूम से कुछ आवाज़ आती हुई सुनाई दी. कॉलेज से सब जेया चुके थे, तो मैने सोचा की आवाज़ किसकी हो सकती थी.

जैसे-जैसे मैं क्लासरूम के पास जाता गया, आवाज़ उँची होती गयी. वो आवाज़ किसी की सिसकियों की थी. फिर जब मैने क्लास की विंडो से अंदर झाँका, तो मेरे पैरों के नीचे से ज़मीन खिसक गयी.

अंदर अनु मेडम एक बेंच पर आधी नंगी होके, टाँगें खोल कर बैठी थी, और हमारा सीनियर लड़का मेडम की छूट चुदाई कर रहा था. ये देख कर मैं बहुत हैरान हो गया. जल्दी ही मेरी हैरानी गुस्से में बदल गयी. मेरे मॅन में आया, की जिसके लिए मैं रोज़ लार बहता हू, वो साला उसको कैसे छोड़ सकता था.

तभी मेरे दिमाग़ में ख़याल आया, की क्यूँ ना मैं उनकी चुदाई को अपनी चुदाई बना डू. फिर मैने जेब से मोबाइल निकाला, और पहले उन दोनो की क्लियर वीडियो निकली. कुछ सेकेंड्स की वीडियो बनाने के बाद मैं सीधे अंदर चला गया.

मैं बोला: वाह अनु मेडम वाह! क्या बात है. मज़ा आ रहा है?

वो दोनो घबरा गये, और मेडम अपनी लेगैंग्स (उन्होने लेगैंग्स-कुरती पहनी थी) उठा कर अपनी छूट को ढकने लगी. जो लड़का उनके साथ था, वो तो भाग ही गया.

अब मेडम मुझे देख रही थी, और मैं उनको. कुछ देर के पॉज़ के बाद वो बोली-

अनु: देखो संदीप, मैं उसको लीके करती हू. उसका कॉलेज पूरा होने के बाद उससे शादी करने वाली हू.

मैं: तो सुहग्रात अभी माना रही थी क्या. और वो भी क्लासरूम में.

अनु: हा, वो थोड़ी ग़लती हो गयी. हमे कों सा पता था की तुम आ जाओगे.

मैं: मैने तो लिव देखा है. लेकिन तुम दोनो की वीडियो सारा कॉलेज देखेगा.

अनु: ये ग़लत है संदीप.

मैं: कॉलेज में अपने स्टूडेंट के साथ सेक्स करना सही है?

वो चुप हो गयी. फिर कुछ सेकेंड्स बाद बोली: तुम बताओ तुम्हे क्या चाहिए?

मैं: मुझे भी वही चाहिए जो आप उसको दे रही थी.

अनु: क्या! वो मेरा बाय्फ्रेंड है.

मैं: कुछ देर के लिए मुझे भी ब्फ समझ लो. अगर नही तो मैं चलता हू.

ये बोल कर मैं बाहर आने लगा. फिर वो बोली-

अनु: ये बात किसी को पता नही चलनी चाहिए.

मैं: नही चलेगी.

अनु: और सिर्फ़ छूट छोड़ने दूँगी. और कुछ नही.

मैं: चलेगा.

फिर उसने दोबारा पाजामी उतरी, और उसी डेस्क पर टाँगें खोल कर बैठ गयी. उसकी छूट देख कर मैं पागल हो गया. मेरा लंड पूरा खड़ा हो गया. मैने पंत और अंडरवेर उतारा, और उसके पास चला गया. उसकी छूट को हाथ लगाया तो वो गीली थी.

फिर मैने अपना लंड मेडम की छूट पर रगड़ना शुरू किया. वो आ आ करने लगी. मैने लंड छूट के मूह पर रखा, और धक्का देके अंदर घुसा दिया. उसके मूह से आ निकली. फिर मैं आराम से लंड अंदर-बाहर करने लगा.

बड़ी गरम छूट थी मेडम की. मुझे उसको छोड़ने में बहुत मज़ा आ रहा था. मैं धीरे-धीरे स्पीड बढ़ने लगा, और मेडम भी सिसकियाँ भरने लगी. तभी हम दोनो की नज़रें मिली.

मैने अपना फेस आयेज बढ़ाया, की शायद होंठ चूसने दे. उसने भी माना नही किया. फिर मैने अपने होंठ उसके होंठो से मिला दिए, और उसके होंठ चूस्टे हुए चुदाई करने लगा. क्या मीठा रस्स था मेडम के होंठो का.

फिर मैने मेडम के चुचे भी दबाने शुरू कर दिए. क्या नरम चुचे थे उसके. मैने मेडम का कमीज़ उठाया और ब्रा में से एक बूब को बाहर निकाल कर चूसने लगा. मेडम आ आ करने लगी, और उसने अपना दूसरा चुचा भी बाहर निकाल लिया. फिर वो बोली-

अनु: बहुत मज़ा आ रहा है. चुदाई अची कर लेता है तू.

ये सुन कर मैने स्पीड और बढ़ा दी. अब पुर क्लासरूम में ठप-ठप की आवाज़े आ रही थी. फिर मैने लंड छूट से निकाला, और मेडम को घोड़ी बनने को कहा. वो डेस्क से नीचे उतरी, और उसी पर हाथ रख कर झुक गयी.

मैने उसकी छूट में पीछे से लंड सेट किया, और फॅक की आवाज़ से अंदर डाल दिया. फिर घापघाप छोड़ने लगा. 10 मिनिट की चुदाई के बाद मेडम की टाँगें काँपने लगी. उसकी छूट से पानी निकालने लगा. उसके साथ ही मैं भी झाड़ गया. फिर हम दोनो वहाँ से निकल गये.

अब मैं एक बार छोड़ कर छ्चोढने वाला तो था नही. तो आए दिन मैने मेडम को छोड़ना शुरू कर दिया. लेकिन 3 महीने बाद उसने कॉलेज छ्चोढ़ दिया. पूछने पर पता चला की वो लोग शहर से चले गये थे. मैं फिर से मूठ पे डिपेंड करने लगा.

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