मेडम की चुदाई की मेरे अपार्टमेंट पर

दोस्तों ये कहानी और रियल लाइफ अनुभव का मिश्रण हैं. मतलब ये बात वैसे सच्ची घटना के ऊपर आधारित हैं. लेकिन लंड को ज्यादा खड़ा और चूत को एक्स्ट्रा गीली करने के लिए उसमे कुछ इधर उधर का मसाला भी एड कर रखा हैं. मैं इस साइट को रेगुलर पढता आया हु जिसकी वजह से मुझे ये लिखने की प्रेरणा मिली. मैंने 24 साल का वर्किंग प्रोफेशन हूँ और बंगलौर में रहता हूँ.

मेरी डिग्री ख़त्म होने के बाद मैं कुछ सोफ्टवेर कम्पनी में जॉब के लिए इंटरव्यू दिए. और फिर मैं एक कम्पनी में सिलेक्ट भी हो गया. वैसे इंटरव्यू में कुल 6 राउंड थे. और पहले राउंड में ही मैंने एक एचआर को देखा जो बड़ी आकर्षक थी. उसने जींस और टॉप पहना हुआ था. और उसका फिगर 34D-32-38 अका था. उसकी स्माइल बड़ी मस्त थी और वो दिखती भी एकदम अच्छी थी. मैंने मन ही मन कहा की अगर सिलेक्ट हो गया तो उसे चोदने का कुछ करूँगा जरुर. और मेरी स्किल्स की वजह से मैं सिलेक्ट हो भी गया.

इंटरव्यू के बाद मुझे अपने डॉक्यूमेंट सबमिट करने के लिए एचआर में जाना था. मैं वहां पर रीमा (उसका नाम) को ही खोज रहा था. मैंने अपने डॉक्यूमेंटस जमा करवा दिए और उसने मुझे सिलेक्शन के लिए बधाई दी. उसने मुझे कहा की रुको मैं तुम्हे ऑफर लेटर वगेरह दे देती हूँ. और मैं वही खड़ा हुआ रीमा की चाल ढाल को देख रहा था. उसने मुझे ऑफर लेटर वगेरह दिया.

और मैंने अचनाक ही उसको कोफ़ी के लिए पूछा लिया. वो भी शॉक हो गई. मैंने उसे सोरी कहा और अपने ऑफर लेटर को ले के वहां से निकल गया. जाते वक्त मैं यही सोच रहा था की मैंने जल्दबाजी कर दी. फिर मैंने कम्पनी ज्वाइन कर ली. करीब एक हफ्ते के बाद मैंने रीमा को कैफ़ेटरिया में देखा और ज्यूस पीते हुए मैं उसी को देख रहा था. उसने भी मुझे देखा और स्माइल की.

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मैं मन ही मन खुश हुआ और वो अकेली थी तो उसके पास जा के बैठ गया. मैंने कहा: आई एम् सोरी उस दिन के लिए. शायद मैंने आप को कोफ़ी के लिए जल्दी ही पूछ लिया था. वो हंस पड़ी और बोली.

रीमा: वैसे तुम भागे क्यूँ उस दिन, तुम तो मेरा जवाब सुने बिना ही वहां से निकल पड़े थे.

मैं: सच कहूँ तो मैं घबरा रहा था क्यूंकि इसके पहले मैंने किसी को कोफ़ी के लिए नहीं कहा था.

रीमा: वो सच में क्यूट था और मैं उसके बारे में ही सोच रहा था. लेकिन मेरा जवाब सुने बिना ही तुम निकल गए थे.

मैं: वाऊ, गुड. तो क्या तुम मेरे साथ डिनर करने चलोगी?

रीमा: ही ही ही, उस दिन तुमने कोफ़ी के लिए पूछा था और आज सीधे डिनर, बड़ा फास्ट काम करते हो. लेकिन मैं सिर्फ सेटरडे को ही ऑफर एक्सेप्ट कर सकता हूँ.

मैं: अच्छा, मैं सेटरडे की वेट करूँगा फिर.

रीमा: तुम बड़ी अच्छी बातें करते हो और तुम्हारा आवाज भी सेक्सी हैं.

मैं: थेंक यु, और आप बड़ी अच्छी लगती हो इसलिए मैं कुछ ज्यादा ही अजीब बर्वात करता हूँ.

रीमा: यु आर वेलकम.

और फिर उस दिन के बाद हम लंच में और ब्रेक में भी बाते करते थे. और हमने अपने नम्बर्स भी एक्सचेंज कर लिए थे. मुझे पता चला की रीमा वैसे शादीसुदा थी लेकिन उसका डिवोर्स हो चूका था. उसका हसबंड शराबी और ड्रग एडिक्ट होने की वजह से उसने शादी के एक महीने में ही डिवोर्स ले लिया था उस से.

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और फिर दिन निकलते गए और सेटरडे भी आ गया. मैंने उसे कहा की मैं उसे उसके घर से ही पिक कर लूँगा अपनी बाइक पर. मैंने उसे बताये हुए समय पर पिक कर लिया और हम दोनों रेस्टोरेंट पर जा पहुंचे. हम जाते हुए बातें कर रहे थे और बाइक का ब्रेक लगता था तब उसके बूब्स मेरी कंधे के पास घिस जाते थे. और जब जब बूब्स ऐसे टच होते थे तो मैं एकदम पगला जाता था. बदन में करंट दौड़ जाता था मेरे.

खाना खाने के बाद वैसे तो जाए का टाइम हो चूका था. लेकिन मैंने उसे कुछ टाइम और रुकने के लिए रिक्वेस्ट की. और हम लोग निचे के पार्किंग लोट में चेटिंग कर रहे थे. मैंने उसे कहा की अगर समय हैं तुम्हारे पास तो मेरा घर यही करीब में हैं. और उसने आँख मार के मुझे हां कह दिया.

वो मेरे अपार्टमेंट पर आ गई. मैंने उसे अन्दर वेलकम किया और उसे ज्यूस ऑफर किया. और वो ज्यूस पीते हुए मुझे देख रही थी. उसका दुपट्टा उसके क्लीवेज के ऊपर था और वो बड़ी ही सेक्सी लग रही थी. वो खड़ी हो के जाने ही वाली थी. मैंने बिना कुछ कहे उसे हग कर लिया और उसने भी रिस्पोंस दिया. मैंने उसके और करीब गया और उसके चहरे और होंठो के ऊपर किस कर लिया. उसने कुछ कहा नहीं लेकिन बिना कुछ कहे ही वहां से जाने लगी.

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