मालिश के बहाने मोटे लंड का मज़ा लिया

हेलो दोस्तों मैं रश्मि आपकी सेवा में हाज़िर हू. मेरी उमर 36 साल है. मेरा फिगर 34-36-38 है, जिसको देख कर सब के मूह में पानी आता है.

मेरे पति का नाम रमेश है, और हमारे दो बच्चे है. अब मैं स्टोरी पर आती हू.

मेरी शादी 18 साल की उमर में हो गयी थी. और उस वक़्त मेरे पति की उमर 30 साल थी. पर उमर के साथ मेरे में जोश बढ़ता गया और मेरे पति का ठंडा होता गया.

मेरे पति एक ड्राइवर है. एक कंपनी में गाड़ी चलते है. ये बात पिछले साल की है. मेरे बच्चो की छुट्टियाँ पड़ी स्कूल की, तो उन्होने नानी के यहा जाने की ज़िद की. तो मैने उनको जाने को बोल दिया.

मेरे पति अगले दिन उनको नानी के यहा छ्चोढ़ आए. मेरे पति की ड्यूटी सुबा 8 से रात तक की थी. अगले दिन हमारी कॉलोनी में एक आयिल बेचने वाला आया. हमारा क्वॉर्टर सबसे नीचे का था. मैने अंदर से देखा की कोई आया था, तो मैं बाहर आ गयी.

बाहर आ कर देखा एक 55 से 60 साल का बुद्धा जिसके हाथ में झोला था, वो कुछ बेच रहा था.

मैने पूछा: क्या बेच रहे हो बाबा?

बाबा बोले: आयिल है मेडम. बदन में दर्द हो या मोटापा, इसकी मालिश से सब सही हो जाता है.

मैं बोली: रूको.

हमारे बराबर वाले क्वॉर्टर में एक आंटी रहती थी. उनके पति भी कंपनी में थे, और बच्चे बाहर जॉब करते थे. मैने आंटी को आवाज़ लगाई और कहा-

मैं: आपके जोड़ो में दर्द है ना? तो आप ये आयिल ले लो.

आंटी बोली: अंदर ले आ बेटा, जो बीच रहा है उसको.

मैने बाबा को बोला: आओ, आंटी को डेडॉ.

मैं जैसे की निघट्य में ही रहती थी घर में. वैसे ही मैं बाबा को पड़ोस में ले गयी. वाहा आंटी ने आयिल लिया और पूछा-

आंटी: कैसे लगाना है?

फिर उसने सब बता दिया. अब बाबा ने आयिल के पैसे लिए, और बाहर आने लगे.

बाबा बोले: तुम भी ले लो मेडम जी.

मैं बोली: आओ आप अंदर मेरे घर में, पहले पानी पी लो आप.

वो अंदर आ गये. फिर मैने बाबा का नाम पूछा.

बाबा बोला: मेरा नाम शामऊ है.

मैने बाबा को बोला: आप बैठो, मैं पानी लेकर आती हू.

फिर मैने पानी ला कर बाबा को दिया. उसकी नज़र सीधे मेरे बूब्स पर गयी, जैसे की मैने बताया मैने निघट्य पहनी थी. अब मैं पानी देकर सीधी खड़ी हो गयी. मेरी नज़र बाबा के लंड पर गयी, वो हरकत में था पूरी.

फिर मैने ग्लास लिया, और गांद मतकाते हुए किचन तक गयी. अब शामऊ ने मुझे आयिल दिया, वो भी तोड़ा सा, और बोला-

शामऊ: किस काम में लगाना है तुमको आयिल?

मैं बोली: पेट की चर्बी के लिए.

शामऊ बोला: इसको अपने पति के हाथो से लगवाना. क्यूंकी मर्द की हथेली में गर्मी होती है.

अब शामऊ को क्या बताती, की रमेश तो ठंडा हो चुका था.

शामऊ बोला: मालिश तब तक करनी है, जब तक आयिल गायब ना हो जाए. और इसके बाद अगर तुम वो करो जो मिया बीवी करते है, तब तो इसका असर फ़ौरन होगा. क्यूंकी जिस्म में गर्मी आ जाएगी.

मैं बोली: ठीक है बाबा.

और बाबा चला गया.

अगले दिन मैं सुबा से इंतेज़ार में थी की कब आएगा शामऊ. इतने में शामऊ ने आवाज़ लगाई.

शामऊ: मेडम जी सुनो.

मैने इस बार अंडरशर्ट आंड एक शॉर्ट्स पहना था.

मैं बोली: आ जाओ, आती हू.

मैं गाते पर गयी. अब शामऊ की नज़र मुझ पर पड़ी. उसकी आँखें फटी की फटी रह गयी.

मैं बोली: हा शामऊ जी.

शामऊ बोला: पानी मिलेगा क्या?

मैं बोली: हा, आ जाओ अंदर.

मैने उसको बिताया और पानी लेने गयी. पर इस बार मैने अपना फोन सेट किया हुआ था बॅक कॅमरा ओं करके, की देखु तो क्या करने वाला था वो. मैं गांद मतकाते हुए किचन तक गयी और पानी दिया.

शामऊ ने फिरसे बूब्स देखने चाहे, पर ब्रा थी अंदर. मैं पानी देकर वापस चली गयी.

फिर शामऊ बोला: मेडम इस्तेमाल किया था क्या आयिल?

मैं बोली: ना, नही किया.

शामऊ बोला: क्यूँ?

मैं बोली: कहा से करवाती. ये तक जाते है रात तक. इनसे तो कुछ होता ही नही.

शामऊ बोला: मेडम जी बुरा ना मानो तो मैं कर डू आपकी मालिश?

मैं बोली: चलो कल बताती हू मैं.

असल में मैं तड़पाना चाहती थी उसको.

अगले दिन मैं गाते पर खड़ी थी इंतेज़ार में. शामऊ आया और बोला-

शामऊ; आज कर डू क्या?

मैं हस्स कर बोली: तुम्हारी तो उमर हो चली है अब शामऊ जी.

और ये बोल कर मैं हासणे लगी.

शामऊ बोला: उमर का क्या है. जिस दिन मालिश करा ली ना आपने, उस दिन से रोज़ करावगी.

मैं बोली: मैं रोज़-रोज़ पैसे कहा से लौंगी शामऊ जी आपको देने को?

शामऊ बोला: पैसे कों माँग रहा है आपसे (और एक शरारती सी स्माइल दी).

मैं हस्स कर बोली: अछा जी.

शामऊ बोला: बस कोई बीच में ना आए, जैसे की कोई आ जाए और रुकना पड़े.

मैं बोली: हमारे यहा कोई नही आता.

शामऊ बोला: कल तैयार रहना.

मैं हस्स कर बोली: तुम भी.

और मैं गांद मतकाते हुए अंदर आ गयी.

अब जैसे की मैने एक दिन पहले फोन का बॅक कॅमरा ओं किया था, मैने देखा उसमे की शामऊ की लार तपाक रही थी मेरी गांद देख-देख कर. यही देखते-देखते मैं छूट सहलाने लगी, और पानी छूट गया.

अगले दिन मेरे पति काम पर निकल गये, और मैं फ़ौरन नहाने चली गयी. मैने छूट के बाल सॉफ किए, और अपनी छूट पर हाथ रख कर बोलने लगी-

मैं: आज खाएगी तू एक मज़बूत लंड.

मैं जल्दी से नहा कर बाहर आई, और अंडरशर्ट और शॉर्ट्स पहन ली. अब शामऊ आया और बोला-

शामऊ: मैं अंदर आ जौ?

मैं बोली: हा आ जाओ.

मैने उसको पानी दिया.

शामऊ बोला: अब करू मालिश?

मैं कहा: मैं गाते बंद कर डू.

मैं गाते बंद करके अंदर आई, और बोली: ज़मीन पर करोगे या बेड पर?

शामऊ बोला: बेड पर सही रहेगा?

फिर मैं अंदर बेडरूम में ले गयी उसको.

अब शामऊ बोला: पीठ के बाल लेट जाओ.

मैने वैसे ही किया और मैं लेट गयी. शामऊ ने आयिल निकाला, और मेरी अंडरशर्ट को उपर करके मालिश करने लगा बहुत ही मस्त तरीके से. फिर शामऊ ने बिना पूछे मेरी ब्रा खोल दी, और बोला-

शामऊ: इसको निकाल आओ आप मेडम जी.

बाकी कहानी अगले भाग में. ये कहानी देसी कहानी.कॉम पर पद रहे हो आप सब. तो बताओ दोस्तों यहा तक कैसी लगी कहानी आपको?

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