मा की चूत मे उंगली करी अंकल ने

हल्की सी रोशनी थी क्यों की टेबल लॅंप ओं था. तो मम्मी को थोड़ी झिझक हो रही थी फिर अंकल ने बोला की आप लाइट ऑफ कर दो. मम्मी ने लाइट ऑफ किया इससे पूरे कमरे मे अंधेरा हो गया. मुझे भी कुछ दिखाई नही दे रहा था. लेकिन सुनाई दे रही थी आवाज़ की क्या बात हो रही है.

अंकल का बेटा- अब्बू एक बात बोलू?

अंकल- हन बोलो.

बेटा – अब्बू मेरे घुटने से कुछ सॉफ्ट सॉफ्ट सा टच हो रहा है.

अंकल – अछा, अपनी अम्मी को बोलो वो तुम्हारे पास है.

बेटा – अम्मी देखना यह क्या है सॉफ्ट सॉफ्ट सा?

मे मम्मी का जवाब सुनके शॉक हो गया. जो मम्मी ने जवाब दिया.

मम्मी – बेटा यह मेरा सस्यू है.

अंकल का बेटा – लेकिन मेरा सस्यू तो अलग आपके सस्यू से. मेरा तो सॉफ्ट नही है बल्कि मेरा सस्यू तो टाइट है.

मम्मी – हन क्योंकि तुम लड़के हो और मे लड़की.

अंकल का बेटा – लेकिन अलग क्यों है?

मम्मी- वो तुम अपने अब्बू से फूछो

अंकल का बेटा- अब्बू बताओ ना यह अलग क्यों है.

अंकल – बेटा हुमारा जो सस्यू होता है वो लड़की की सस्यू के अंदर जाता है. लड़की का सस्यू कटा हुआ होता है.

बेटा – जैसे आप अपने सस्यू को घर पे अम्मी के सस्यू मे डालते हो वैसे.

अंकल – हन

बेटा – अब्बू यह भी तो अम्मी है एक बार डालो ना मुझे देखना है कैसे जाता है सस्यू.

अंकल – नही बेटा यह आपकी अम्मी नही है नही डालने देगी.

बेटा- अम्मी अब्बू को डालने दो ना मुझे देखना है और वो रोने लगा

मम्मी -अरे बेटा रू मत.

अंकल का बेटा – नही मुझे देखना है.

मम्मी – असीम जी आप चुप कराई ना इसे.

अंकल- अरे चुप चुप होज़ा बेटा. अछा अगर मे तुम्हारे अम्मी की सस्यू मे सिर्फ़ उंगली डालूं तो ठीक है ना?

अंकल का बेटा- हन ठीक है पर मुझे देखना है.

मम्मी – अरे असीम जी यह क्या खे रहे है आप??!

अंकल – देखिए यह रो रहा है. और वैसे भी उंगली डालनी है कुछ नही होगा उसे.

मम्मी – फिर भी, चलो ठीक है पर सिर्फ़ उंगली.

अंकल -हन ठीक है.

मम्मी ने लाइट ओं की और उनके जो निघट्य थी उससे बूब्स तक ले गयी. मम्मी ने वाइट पनटी फेने थी जो जालीदार थी और छेड़ ही छुपा हुआ था और सब दिख रहा था.

अंकल उठे और मम्मी के लेग के पास आ ग ये और मम्मी की पनटी उतार दी. ओह क्या छूट थी मज़ा आ गया देख के. एकदम फूली हुई मोटी छूट के दरवाजे छोटी बची के जैसे थे.

फिर अंकल ने टांगे फेलाइ और उंगली लेके मम्मी के छूट पे उपर नीचे करने लगा और ढेरे ढेरे अंदर भार करने लगे. मम्मी चिल्ला रही थी ढेरे ढेरे.

अंकल – आपकी छूट तो भोथ ज़्यादा टाइट है. एकदम छोटी बची की तरह.

मम्मी – जी पहले धीरे उंगली डालिए. जी हन क्यों की मेरे पति का अब खड़ा नही होता और मेरा बेटा भी ऑपरेशन से हुआ है.

अंकल – मस्त है, मेरा भी खड़ा हो गया अगर आप बुरा ना माने तो ज़रा उसे हिला देगी?

मम्मी – जी ठीक है निकालिए.

अंकल ने अंडरवेर ओपन किया, ओह क्या देख लिया मैने, इतना बड़ा! मे यह सोचने लगा ग़लती से मम्मी के छूट मे आधा भी चला गया तो मम्मी बेहोश हो जाएगी.

एक दम कला लंड पे टोपा भी नही था क्योंकि वो मुस्लिम थे. एकदम मोटा मम्मी के हाथ मे ना आता ऐसा.

मम्मी- क्या है यह इतना बड़ा दर लग रहा इससे मुझे.

अंकल- अरे ऐसा सब का होता है.

मम्मी ने लंड पकड़ा और जो की हाथ मे आ भी नही रहा था और उसपे हाथ आयेज पेचए करने लगी. दोनो फुल जोश मे थे तभी मम्मी ने झार डेया.

अंकल का बेटा- अब्बू यह क्या निकल रहा है आमी के सस्यू से?

अंकल – बेटा अम्मी की सस्यू को आब मज़ा आ रहा है इसलिए वो निकल रहा है.

15-20 मीं बात अंकल ने भी झाड़ दिया जो की सीधा मम्मी के फेस पे गया. पूरा फेस पानी पानी हो गया. और अंकल अपनी साइड जा के बिना अंडरवेर पहने लेट गये. मम्मी अपनी पनटी पहनने लगी तो अंकल ने बोला रहने दीजिए थोड़ी हवा लगेगी तो अच्छा लगेगा.

तब लाइट ओं थी और अंकल सू गये.

अंकल का बेटा- अम्मी एक बात पूचु?

मम्मी – हन फूछो.

अंकल का बेटा – आपकी सस्यू के जैसे सेम तो सेम मेरे अब्बू के पास भी ऐसी ही सस्यू है जिसे अब्बू बातरूम मे लेके जाते है.

मम्मी साँझ गयी की वो सेक्स टॉय है.

मम्मी – हन वो आपके अब्बू को आकी अम्मी की याद आती होगी इसलिए जाते होंगे.

अंकल का बेटा- अब तो आप भी मेरी आमी हो तो आप पापा हो नकली सस्यू की ज़रूरत नही है, आप दे देना अपनी सस्यू.

मम्मी यह सुनके शॉक हो गयी और स्माइल देते हुए बोला अब सू जाओ.

सुबा हुई और अंकल अपने बेटे को लेकर उपेर चले गये. फिर थोड़ी देर बाद अंकल आए. उनके हाथ मे एक शॉपिंग बाग था, शायद वो कुछ लेके आए थे. मम्मी ने पूछा क्या है इसमे? उनसेल ने बोला अभी नही खाने के बाद.

सब खाने के लिए भेते.

आज मम्मी ने सारे फेने थी एकदम मिलफ लग रही थी.

सब ने खाना खाया और अंकल के फादर उपेर चले गये. अंकल बेग लेके आए उसमे एक सेक्सी निघट्य थी को की जालीदार थी. उसके साथ पनटी भी मिली थी. वो सिर्फ़ झनघो तक की थी लेकिन वो पतली लड़कियो के साइज़ की थी. उसमे ब्रा नही थी क्योंकि उस निघट्य मे बूब्स के निपल धक जाए इतना कपड़ा था. जो पनटी थी वो पीछे से सिर्फ़ धारा जो सीधा गांद मे गुश जाए जो पॉर्न मे होती है.

मम्मी ने देखा और बोला यह किस लिए?

अंकल – आज रात आप ये पहनना, मैने अपनी बेहन के लिए लिया था पर वो तो है नही यहा पे तो आप ही पहें लेना, मेरी तरफ से गिफ्ट.

और मम्मी वो नाइट ले जाके रूम मे रख आई. जब मम्मी आई और सोफे पे भेट्ने जाने जल्दी तब अंकल मे मम्मी के गांद ज़ोर से दबा दी सारी मे ही.

मम्मी ने स्माइल दिया और बेत गयी. अंकल ने मम्मी को से उनका फ्लेवर पूछा. तो मम्मी ने बोला स्ट्रॉबेरी है मेरा बेस्ट फ्लेवर.

नेक्स्ट पार्ट मे आयेज की स्टोरी.

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