माँ बेटे के बीच की बात

मेरि उमर 18 साल कि है और मैन अपनि मा के साथ अकेला रहता हून पपा फ़ौज़ मे है जिस वझा से वो साल मे 2या 3 बार हि घर आते है और जब भि आतेन है तो मम्मि कि जमकर चुदायि करते है मेरि मम्मि कि अगे भि अभि जयादा नहि थि वो कम अगे मे सादि हो जाने के कारद वो अभि सिरफ़ 36 साल कि हि थि और उनका फ़िगुरे बहुत मैनतेन था उनको देखकर किसि भि जवान और बुद्दे के जोश आ सकता है और उनकि चूचि भि अभि जयादा बदि नहि थि हमारे पदोस मे एक चचि रहति थि जिनकि अगे करीब 40 साल कि रहि होगि जब पपा नहि रहते तो वो अकसर घर आ जाया करति थि एक दिन जब मैन नहा रहा था तब चचि आ गयि और मुम्मि से बातेन करने लगि और तब वो बोलि कि सरला एक बात बताओ जब तुमहारे पति चले जाते है और महीनोन के बाद आते है तब तुम कया करति हो?

तब मुम्मि बोलि कि करना कया है बस बरदासत करति हून आग लगि रहति है और उनकि याद बहुत आति है तो मोमबत्ति से काम चला लेति हून और फ़िर मुम्मि ने चचि से पूचा जब तुमहारे पति बहर जाते है तब आप कया करति हो? और मैन नहा चुका था पर फ़िर भि दोनो कि बातेन सुन्ने को वहिन रुका रहा और फ़िर मैने चचि कि अवाज़ सुनि कि भै मैन तो अपना मसला हलकर लेति हून तेरि तरह मोमबत्ति से काम नहि चलाति हून तब मुम्मी ने पूचा कि भला कैसे?तब चचि बोलि कि मैन अपने बेते वीरु से अपनि पयास शानत करति हून मुम्मी ने पूचा कि मतलब कया तु अपने बेते से चुदवाति है?तब चचि बोलि हान मेरि रानि बहुत मज़ा आता है वीरु से चुदवाने मे बहुत मोता और लमबा है उसका लुनद पूरि तरह से जवान कर देता है मुझे तो वो तब मुम्मी ने कहा हतिये मुझे शरम आति है तब चचि ने मुम्मी कि चूचि को पकद लिया और मसलने लगि तब मुम्मी आआअह आआअह करने लगि खने लगि कि रहने दो चचि काहे आग लगा रहि हो आप तो अपने लदके से चुदवा लोगि मेरा कया होगा?

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तब चचि ने कहा कि आज रात को मैन तुमको अपनि चुदाइ का सीन दिखाउनगि देखना कैसे चोदता है मेरा लदका ओक तो आज रात थीक 11पम पे और तभि मैन नहा कर सिरफ़ तोवेल मे बहर आ गया और चचि मुझे बहुत गौर से देखने लगि और मैन अपने रूम मे आ गया तब चचि बोलि कि तेरा राजु भि तो पूरा जवान है सालि इतना अछा माल घर मे है और मोमबत्ति से काम चलाति है तब मम्मी उनहे धत्त कर दि और वो हसते हुए चलि गयि और जाते जाते 11पम कि याद दिला गयि और रात का इनतज़ार तो मुझे भि था और रात को खाना खाने के बाद मैन अपने रूम मे चला गया और वहिन से चुप कर पदोस का नज़ारा देखने लगा चचि के घर के सामने वालि खिदकि हमारे घर के सामने हि खुलति थि जिसे मुम्मी कि सुविधा के लिये चचि ने खोल दिया था और आज लिघत भि ओफ़्फ़ नहि कि थि तब हि मैने देखा कि चचि सिरफ़ पेतिसोत और बलौसे मे हि रूम मे आयि और मम्मि कि तरफ़ आनख मार कर उनगलि से रौनद बना कर उसमे उनगलि करने लगि और तब हि उनका लदका वीरु सिरफ़ कस्सहे मे आया और चचि कि चूचियान हात मे लेकर मसलने लगा

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