मा की चूत और गांद फादी

हेलो दोस्तों देसीकाहानी पे आप सब का फिर से स्वागत है. अब तक आपने पढ़ा की कैसे मैं और मा दोनो बारिश में भीगके घर आए, और एक सेक्सी सा बोर्ड ग़मे खेलने बैठे. अगर आपने पिछला पार्ट नही पढ़ा तो जल्दी से पढ़ लीजिए ताकि आप इश्स पार्ट का पूरा मज़ा ले पायें.

मा ने कहा – ये कैसा ग़मे है बेटा? ये तो बाकछे खेलते है.

मैने कहा – पता नही काउंटर वाली लड़की ने तो कहा एग्ज़ाइटिंग है बहोट. चलो शुरू करते है.

पहला तुर्न मेरा था, मैने डाइस फेका तो 5 आया. रूल्स में से 5त वाला रूल पढ़ा तो लिखा था दोनो को अपने कोई भी 2 कपड़े उतरने होंगे.

मा ने कहा – ये कैसा ग़मे है बेटा? मैं तेरे सामने कपड़े थोड़ी निकल सकती हूँ.

मैं – मों इसमे कौनसी बड़ी बात है? यहाँ बस हम दोनो ही तो है. और वैसे भी ग़मे के रूल्स तो फॉलो करने ही पड़ेंगे. प्लीज़ मों मज़ा आएगा.

मों बहोट ना नुकुर कर रही थी, लेकिन आख़िरकार मैने उन्हे माना ही लिया, क्यूंकी शॉपिंग करके आज उनका मूड अच्छा था. वो उठी और उन्होने अपनी सारी और ब्लाउस निकल दी.

अब वो मेरे सामने बस ब्रा और पेटिकोट में बैठी थी. मैने भी अपनी टशहिर्त और शॉर्ट्स निकल दी और सिर्फ़ बॉक्सर में आ गया.

अगली बारी मों की थी, उन्होने डाइस फेका तो 2 आया. रूल्स के मुताबिक 2 मीं तक दोनो को किस करना था. मैने मों की आँखों में देखा. मुझे लगा ये तोड़ा ज़्यादा हो जाएगा और मों माना कर देगी. लेकिन सर्प्राइज़िंग्ली, उनकी आँखों में थोड़ी हेसिटेशन थी, लेकिन एक अद्भुत उत्तेजना भी थी, जैसे वो भी ये नया एक्सपीरियेन्स करना चाहती हो.

मैं मों के पास गया और उनकी आँखों में आँखें डाली. उनकी साँसें तेज़ हो गयी थी, उनके विशाल बूब्स उपर नीचे हो रहे थे. मैने धीरे अपने होंठ उनकी होंठो पे लगा दिए और बड़े प्यार से उन्हे किस करने लगा.

पहले तो वो कोई रेस्पॉन्स नही कर रही थी, लेकिन कुछ ही पल बाद वो भी मेरा साथ देने लगी. अब हम दोनो एक दूसरे की जीभ चूस रहे थे. हुमको वक़्त का कुछ पता ही नही चला और हम 10 मीं तक किस करते रहे. जब फाइनली हम अलग हुए, उनका चेहरा लाल हो चुका था और उनकी आँखों में हवस सॉफ दिखाई दे रा था.

उन्होने कहा “अब तेरी बारी बेटा.” मैने डाइस फेका तो फिरसे 5 आया. मुझे इसबार कुछ बोलने की भी ज़रूरत नही पड़ी, मों ने तुरंत अपनी ब्रा पनटी और पेटिकोट सब उतार दिए.

मुझे एहसास हुआ पापा के ना होने की वजह से मों कितनी प्यासी है, और मैने तान लिया की ये प्यास मैं ज़रूर बूझौँगा. मैने भी अपना बॉक्सर उतार दिया और मेरा 9 इंच लंबा 4 इंच मोटा लंच उनके सामने आ गया. उनकी आँखें चमक उठी मेरा लंड देखके.

अब मों की बारी थी. उन्होने 6 फेका. रूल्स के मुताबिक मुझे उनकी छूट चाटनी थी अब. मैं लपक के मा के उपर टूट पड़ा, और उनकी क्लीन शेव्ड छूट में अपना मूह घुसा दिया.

मों ने बोर्ड ग़मे दूर फेक दिया और कहा – अब इसकी कोई ज़रूरत नही. आजा बेटा चूस ले अपनी मम्मी की छूट, कब से तड़प रही हूँ मैं.

मैं अपनी जीभ से उनकी छूट के दाने को चाट रा था, कभी कभी उससे काट भी लेता जिससे मा सिसक उठती. अपनी जीभ छूट के अंदर तक घुसके मैं उनका रस पी रा था. क्या ग़ज़ब की मिठास थी मा के छूट में, जैसे शहद की नदी हो.

करीब 10 मीं बाद मा का शरीर अकड़ने लगा, और वो झटके मारने लगी. मैं लगा रा और थोड़ी ही देर में उन्होने अपनी छूट का रस छ्चोड़ दिया, जिससे में पूरा चाट गया.

वो ज़ोर ज़ोर से हाफने लगी, उनके चेहरे पे एक अलग ही सुकून दिखाई दे रा था. उन्होने कहा – जन्नत का एहसास करा दिया तूने बेटा. इतना मज़ा मुझे पहले कभी नही आया. मैं बिना रुके वापस उनकी छूट पे टूट पड़ा, और करीब आधे घंटे तक उनकी छूट चाट ता रा, जिससे वो एक और बार झाड़ गयी.

अब मैं उनकी बदन चूमने और चाटने लगा. उनकी गहरी नाभि में थूक लगा कर चूसा, और उनके विशाल तरबूज जैसे बूब्स को ज़ोर ज़ोर से दबाने और चूसने लगा. उनके बूब्स पे बड़े बड़े भूरे रंग के निपल्स को मैं ज़ोर से निचोड़ के चूस्टा, और कभी कभी काट भी देता.

मों अब सातवे आसमान पर पह्ोछ चुकी थी. वो पूरी तरह से मदहोश हो चुकी थी.

अब मैं खड़ा हो गया और मों मेरे सामने घुटनीओ के बाल बैठ गयी. वो मेरा लंड दोनो हाथो से पकड़ के थूक लगा के ज़ोर ज़ोर से हिलने लगी. जब मेरा लंड अच्छी तरह से गीला हो गया, तब उसको मा ने मूह में ले लिया.

वो कभी मेरे सूपदे को जीभ से चाट ती, कभी लंड पे उपर से लेके नीचे तक जीभ फिरा देती, तो कभी मेरे टॅटन को मूह मीं भर कर चूस्टी. मुझे एक अलग लेवेल का आनंद मिल रा था, एकद्ूम नशे जैसा.

अब मों ने मेरा लंड पूरा गाके तक उतार लिया, और गूक गूक की आवाज़ से चूसने लगी. मैने उनके बाल पकड़े और बहोट रफ तरीके से उनका मूह छोड़ने लगा.

मों ज़रा भी विरोध नही कर रही थी और बड़ी आसानी से लंड गले तक ले रही थी. इतनी घमासान ब्लोवजोब की वजह से मैं झड़ने के कगार पर आ गया और अपना सारा माल मा के मूह में ही झाड़ दिया. उन्होने एक बूँद भी गिरने नही दिया और पूरा पी लिया.

मा – तेरा कितना सारा माल निकला है बेटा, और एकद्ूम गाढ़ा और मलाईदार है. मुझे और पीना है तेरा माल.

हम दोनो वापस किस्सिंग में लग गये और मेरा लंड फिरसे खड़ा हो गया. मैने मों को सोफे पर लिटाया, उनकी टांगे अपने कंधे पे टिकाई और ज़ोरदार झटके के साथ लंड पेल दिया छूट में. मों ज़ोर से चिल्लाई – आ बेटा आरामसे, तेरा लंड बहोट बड़ा है.

पर मैं कहाँ मानने वाला था. अब मेरे सर पे चुदाई का भूत सवार हो चुका था. मैं कुछ ही झटको में अपना पूरा लंड मा की छूट में पेल दिया और छोड़ने लगा. मेरा लंड उनकी बछेड़नी से टकरा रा था और मा ज़ोर ज़ोर से चिल्ला र्ही थी.

मैं झटके लगता गया लगातार. अब मा की चीखे सिसकारियो में बदल चुकी थी, और वो भी गांद उठा उठा के मेरा साथ दे रही थी. मैने अपने झटको की स्पीड और बढ़ा दी.

मा – आ आ बेटा मार गयी मैं, यह कैसा नशा चढ़ा दिया तूने, आ छोड़ बेटा और ज़ोर से छोड़, फाड़ दे मेरी छूट आज. आ आ ऊफ़.

मैं करीब 30 मीं तक छोड़ के झड़ने वाला था. मैने मा से पूछा कहाँ निकालु. उन्होने कहा – मुझे तेरा माल पीना है फिरसे. प्लीज़ चखा दे मुझे तेरा माल.

मैने 3-4 झटके और मारे और उनकी छूट से अपना लंड निकाल कर उन्हे मूह में देते ही झाड़ गया. मेरा इतना सारा माल निकला की मा के मूह से बाहर आ कर उनके बूब्स पर गिरने लगा. पर मा ने सारा सॉफ करके पी लिया फिरसे.

हम दोनो लेट गये थोड़ी देर और एक दूसरे को फिरसे चूमने चाटने लगे.

मा ने कहा – आज तूने मेरी तड़पति छूट की प्यास बुझा दी बेटा. काफ़ी दीनो बाद ऐसा सुकून मिला मुझे, बस तेरी वजह से. थॅंक योउ बेटा.

मैं – मा अभी तुम्हारी प्यास पूरी नही बुझाई है. अभी तो खेल और बाकी है.

मा थोड़ी घबराते हुए बोली – क्या मतलब बेटा? क्या बाकी है?

मैं उनकी गांद की च्छेद पे हाथ फिराते हुए बोला – अभी एक और च्छेद को खोलना है मुझे. देखो मेरा लंड कैसे फिरसे खड़ा हो गया तुम्हारी गांद देखकर. इश्स गांद का मैं बरसो से दीवाना हूँ. आज तसाली से इसका भोसड़ा बना कर ही मेरा लंड दूं लेगा.

मा बोलने लगी – नही बेटा मेरी गांद अभी कुवारि है. मैने कभी नही किया ऐसा. प्लीज़ रहने दे प्लीज़.

मैने मा की एक ना सुनी और बेबी आयिल का डब्बा उठा लाया. उसमे से तोड़ा से तेल मैने आने लंड पे लगाया और बाकी बॉटल का मूह मा की गांद में घुसेड दिया. ढेर सारा तेल पूछ पूछ कर के मा की गांद की च्छेद को पूरी तरह से गीला कर रही थी. मा की आ आ की आवाज़ें जारी थी.

मैने दो उंगली पे तेल लगे और उनकी गांद के च्छेद में पेल दिया. धीरे धीरे दोनो उंगली अंदर बाहर करने लगा ताकि मा की टाइट गांद थोड़ी सी खुल जाए.

थोड़ी देर बाद जब मुझे लगा की मा की गांद थोड़ी रिलॅक्स हुई है, मैने अपना जीभ घुसा दिया. मुझे बरसो से मा की गांद का स्वाद लेना था, और आज उनकी नरम नरम गांद में बेबी आयिल मिलके एक कमाल का स्वाद दे रा था.

मा की छूट ने पानी छ्चोड़ना शुरू कर दिया था फिरसे, और मैने छूट का पानी भी गांद में डाल दिया अपनी उंगलियों से. अब मुझे लगा की आयिल और छूट के पानी से मा की गांद काफ़ी गीली हो गयी है, और अब बारी थी मेरे हात्ोड़े की.

मैने वापस से ढेर सारा तेल लगाया मेरे लंड पे, और मा की गांद पे लंड टीकाके एक ज़ोर से झटका मारा. लंड गांद को चीरता हुआ उसका सूपड़ा अंदर चला गया, और मा ज़ोर से चिल्लाई…

मा – आआआः मैं मार गयी, निकल इससे बहोट मोटा है तेरा लंड, आ ऊफ़ बहोट दर्द हो रा है.

मैं मा के गले में किस करता रा और उनके बूब्स दबाता रा ताकि वो थोड़ी रिलॅक्स हो जाए. तेल के कारण गांद में गीलापन काफ़ी था, बस पहली बार था इसीलिए मा को दर्द हो रा था.

5 मीं बाद मा का दर्द कम हो गया, और मैने धीरे धीरे पूरा लंड उनकी गांद में उतार दिया और हल्के झटके मारने लगा. जब वो सिसकारिया भरने लगी तो मैने अपनी स्पीड बढ़ा दी, और धमाकेदार तरीके से मा की गांद मारने लगा.

मा सिसकारिया लेते हुए चिल्लाने लगी – आ आ आ बेटा छोड़ मेरी गांद, फाड़ दे इससे, भरता बना दे मेरी गांद का. मैं आज से तेरी हूँ. तू मुझे जब चाहे जहाँ चाहे छोड़ना, छोड़ता रह बेटा, छोड़ और ज़ोर से.

मा की टाइट गांद में मेरा लंड अंदर बाहर होने से मेरे अंदर का जानवर जाग रा था, सेक्स का नशा मेरे उपर पूरी तरह से चढ़ चुका था, मैने मा को घोड़ी बनाया और उनके बाल खिच कर बेहद ज़ोर से उनकी गांद मारने लगा, और गांद पे थप्पड़ भी लगा रा था लगातार.

मैं – आ मा क्या मज़ा है तेरी गांद में, मैं पूरी ज़िंदगी तेरे गांद के अंदर लंड डालके बिता दूँगा, क्या जन्नत है तेरी गांद में मा.

मैं ताबड़तोड़ तरीके से 45 मिन्स तक मा की गांद मारता रा. उनकी गांद लाल हो चुकी थी मेरे छातों की वजह से. वो पूरी तरह मदहोश हो चुकी थी. 45 मिन्स के बाद मैं और रोक नही पाया और उनके गांद में ही ज़बरदस्त झटको के साथ झाड़ गया और उनपे ढेर हो गया.

दोनो बुरी तरह हाफ़ र्हे थे इश्स घमासान चुदाई के बाद. जब मैने फाइनली अपना लंड मा की गांद में से निकाला, तो मेरे माल की धारा उनकी गांद से तपाक कर सोफे पे गिरने लगी. मुझे गर्व हो रा था की मैने मा की प्यास पूरी तरीके से बुझा दी थी आज.

मैं उनको अपनी बाहों में लेके बेडरूम में आ गया और हम दोनो नंगे ही सो गये. अगली सुबह मा ने मुझे ब्लोवजोब देके उठाया, और मैने शवर के नीचे उनकी छूट मारी सुबह सुबह. वो कहानी कभी और सुनौँगा.

मेरी और मा की सेक्स लाइफ पाइयर रफ़्तार से चल रही है. तब से हम दिन में काई बार चुदाई करते है हर रोज़. मैने उनको घर के हर कोने में छोड़ा है – किचन, बाल्कनी, टेरेस हर जगह.

उन्मीद है आपको ये घमासान सेक्स कहानी पसंद आई होगी दोस्तो. मुझे मैल करके अपना फीडबॅक ज़रूर दें – अंगर्यौंगमन[email protected]गमाल.कॉम पर.

आपके रेस्पॉन्स से और ऐसी कहानियाँ लिखने का हौसला बना रहता है. जल्द मिलते है दोस्तो एक और कहानी ले कर.

यह कहानी भी पड़े  घर की रंडीया - परिवार मे सेक्स कहानी

error: Content is protected !!