मा की चुदाई ट्रेन में

मों सेक्स स्टोरी अब आयेज-

मम्मी बर्त पर झुकी हुई थी. रोशन ने देर नही की और तुरंत मम्मी के पैरों को तोड़ा ज़्यादा खोला. वो पीछे से मम्मी की नंगी गांद के गोले के बीच में अपना चेहरा ले आया और उनकी छूट को चाटना शुरू कर दिया.

वो सिर्फ़ छूट ही नही चाट रहा था. साथ में मम्मी की गांद पर भी हल्के-हल्के किस और चुम्मियाँ दे रहा था, जिस पर मम्मी हँसी दे रही थी.

उसके बाद उसने मम्मी को सीधा बर्त पर लिटा दिया और उनके पैरों को पूरी तरह फैला कर उनकी छूट को ज़ोर-शोर से चाटने लगा. रोशन अपने इस काम में इतना खो गया था की उसे पल भर के लिए भी याद नही रहा की उन दोनो के अलावा मैं भी वहाँ पर मौजूद था.

मम्मी खुशी से पागल हो रही थी. वो उसके बालों के साथ खेल कर मज़े दे रही थी. रोशन अपनी जीभ से मम्मी की छूट को बड़े आचे से चाट रहा था, जैसे वो उसकी पसंदीदा आइस क्रीम हो.

मम्मी ने इशारे से मुझे अपने पास बुलाया. मैं तुरंत उनके उपर झुका, उन्हे लिप्स किस कर रहा था, और साथ में उनके सेक्सी बूब्स को अपने मूह में भर कर चूस रहा था. मम्मी को दोनो तरफ से डबल प्लेषर मिल रहा था. वो हल्के-हल्के सेक्सी मोन कर रही थी, उनकी आवाज़ से पूरा कूप गूँज रहा था.

मम्मी की वो आवाज़ सुन कर तो रोशन और जोश में आ गया. वो उनकी छूट के दाने को एक जुंगली कुत्ते की तरह तेज़ चाट रहा था.

मम्मी मेरी त-शर्ट को पकड़ कर मेरी आँखों में देखे जेया रही थी. दोस्तों वो लुक मैं कभी नही भूल सकता. उनकी आँखों में इतना गहरा नशा और दीवानगी मैने ज़िंदगी में कभी नही देखी थी. उनकी सेक्सी मोन, वो किल्लर टीज़िंग लुक, और चेहरे के बढ़ते हुए भाव, क्या काहु. मैने ऐसा तो किसी पॉर्न में भी नही देखा था.

मम्मी अपनी कमर उठा कर कराहते हुए अपना पहला झटका देकर झाड़ गयी. रोशन साला एक आचे और वफ़ादार कुत्ते की तरह मम्मी की छूट से निकला सारा रस्स चाट गया.

मम्मी की साँसें तेज़ हो गयी थी, और रोशन भी लंबी-लंबी साँस ले रहा था. रोशन ने आख़िर में मेरी तरफ देखा. उसके चेहरे पर हवस और अपनी जीत की मुस्कुराहट थी. उसने मुझे देख कर तोड़ा ऑक्वर्ड फील किया, पर मैने भी उसको स्माइल करके कंफर्टबल कर दिया.

मैं (रोशन को शाबाशी देते हुए): क्या बात है यार. तुमने तो मेडम को आचे से कंफर्टबल कर दिया.

मम्मी (अपनी साँस को संभालते हुए): सच में, ये तो कुछ पागलपन ही था. फुल वाइल्ड हो गयी थी मैं.

मैने रोशन की तरफ हाथ बढ़ाया, पर वो शरम के मारे मम्मी के पास बैठ गया. मम्मी ने मेरा हाथ पकड़ा और खड़ी हुई, और मुझे चिढ़ते हुए अपने दोनो पैर फैला कर रोशन की गोदी में बैठ गयी.

उन्होने उसकी आँखों में देखा और उसके होंठो को दांतो से पकड़ कर बीते किया. रोशन भी जोश से उनका सर पीछे किया और उनकी नेक पर चूमने लगा. मम्मी अपना चेहरा मेरी तरफ करके आ और सिसकियाँ भर रही थी, जैसे वो मेरी आँखों के सामने किसी स्ट्रेंजर लड़के के साथ मज़े लेकर मुझे चिढ़ा रही हो.

उसके बाद मम्मी खड़ी हुई और उनके साथ रोशन भी खड़ा हो गया. यार, अब मुझे तोड़ा गुस्सा भी आ रहा था, क्यूंकी मेरी मम्मी की इन हरकतों से मेरा लंड भी पूरी तरह तड़प रहा था.

मम्मी रोशन के गले पर काट-ते हुए उससे लिपट कर उसके सीने को चूमने लगी. उसकी मस्क्युलर, हार्ड बॉडी से मम्मी को एक अलग ही प्लेषर मिल रहा था. वो उसके सीने पर हाथ घूमते हुए उसकी सख़्त बॉडी का फील ले रही थी.

मम्मी ने उसके एबेस पर छ्होटे-छ्होटे किस करते हुए अपने घुटनो को मोड़ दिया. वो रोशन के ठीक सामने घुटनो के बाल बैठ कर, उसके लंड को चूसने लगी! मुझे एक पल के लिए ऐसा लगा, जैसे मैं इस खेल से बाहर निकल चुका था.

मम्मी उसके लंड को आचे से गीला कर रही थी, और रोशन भी मम्मी के बालों को पकड़ कर मूह की चुदाई कर रहा था, जैसे वो कोई रंडी हो. मम्मी के मूह से लार तपाक कर उसके जिस्म पर बह रहा था.

मैने रोशन के हाथ में कॉंडम दिया. वो तो एक-दूं से सर्प्राइज़ हो गया.

मैं (स्माइल के साथ): हमेशा साथ रखता हू.

रोशन ने कॉंडम अपने लंड पर सेट किया. और नीचे झुक कर मम्मी की छूट पर अपना लंड रखा. फिर धीरे-धीरे पूरा लंड छूट में उतार दिया. मम्मी की छूट आज एक और नये लंड से चुड गयी.

रोशन ने धीरे-धीरे मम्मी की चुदाई स्टार्ट करी. मम्मी उसका साथ आचे से दे रही थी और आज उसकी आँख से आँख मिला कर सेक्सी एक्सप्रेशन दे रही थी. वो कभी अपने होंठो को काट-ती या खुद से अपने बूब्स मसल रही थी. ये मंज़र ऐसा था की वो मैं भी नही चाहता था की ख़तम हो.

मैं अब मम्मी के करीब गया और उनके लिप्स, रलोब और गले पर किस करने लगा. मैं मम्मी के बूब्स भी चूस रहा था.

रोशन बहुत सतरंगी और चतुर खिलाड़ी था. वो कभी तेज़-तेज़ धक्के लगता, जिससे मम्मी का पूरा जिस्म हिल जाता, और जब वो झड़ने की कगार पर होती, तब धीरे-धीरे स्टॉक लगा कर कंट्रोल कर लेता था.

मम्मी (मेरे कान में धीरे से अपनी साँस छ्चोढते हुए): अभी… बहुत मज़ा आ रहा है… आ.

फिर मम्मी ने मुझे अपने से अलग किया और नीचे से अपनी गांद उठा कर छुड़वाने लगी.

मम्मी (ज़ोर से कराहते हुए): ह्म… और ज़ोर से रोशन! ह्म, आचे से! हा… हा! ऐसे ही!

इस तरह वो खुले आम रोशन को अपनी स्पीड बढ़ने के लिए बोल रही थी. रोशन जिस स्पीड से मम्मी को छोड़ रहा था, मैं खुद हैरान था! मम्मी की बॉडी से पसीना निकल गया था, उसकी हालत खराब हो गयी थी.

इश्स तरह वो रोशन को स्पीड में छोड़ने बोल रही थी. रोशन मम्मी को जिस स्पीड से छोड़ रहा था, मैं खुद हैरान था. मम्मी की बॉडी से पसीना निकल गया था. उसकी हालत खराब हो गयी थी. कुछ 10-15 मिनिट बाद वो झाड़ गया और उसके बाद उसके धक्के भी कम हो गये. वो तक कर मम्मी के पास बैठ गया. मम्मी के चेहरे पर ऐसी डुमदार चुदाई की खुशी थी.

मम्मी (रोशन को सहलाते हुए): क्या ट्रेनर हो तुम. ऐसी चुदाई तो मेरी आज तक नही हुई.

अब बेटे के सामने किसी और मर्द की तारीफ करे तो गुस्सा तो आता है. पर जो बात सच है, वो तो है. रोशन के चेहरे पर बहुत बड़ी जीत की खुशी थी. उसने मुझे देख कर आँख मारी. उसकी शकल देख कर मेरा गुस्सा और बढ़ गया.

मम्मी (मेरी तरफ देखते हुए): पानी दो यार. बहुत तक गयी.(रोशन की तरफ स्माइल करके) तुम बेस्ट हो. बहुत मज़ा दिया.

रोशन (मम्मी के होंठो को चूम कर): मुझे भी बहुत मज़ा आया. आपकी छूट बहुत गरम है. जितना भी करू, मेरा मॅन नही भर रहा.

उसके बाद मम्मी ने पानी पिया और रोशन ने अपने लंड से कॉंडम निकाल कर डस्टबिन में फेंका.

मम्मी मेरा चेहरा देख कर समझ गयी की मुझे अब तोड़ा गुस्सा आ रहा था. वो मुझे एक नॉटी स्माइल देकर खड़ी हुई.

मम्मी (मेरे कान में सरगोशी करते हुए): अभी, तुम्हे अछा नही लगा?

मैं (उनके रलोब को चूस कर): नही मेडम. अब इश्स ट्रेनर को मेरी पवर दिखता हू.

उसके बाद हम दोनो ने एक साथ रोशन की तरफ देखा, और नॉटी स्माइल देकर, ऐसा किस कर रहे थे जिसको देख कर रोशन हक्का-बक्का रह गया. मैने तुरंत बाग से चॉक्लेट फ्लेवर कॉंडम निकाल कर मम्मी को दिया. मम्मी ने मेरी आँखों में ऐसे देखा, जैसे वो इसी पल का इंतेज़ार कर रही थी (ओल्ड रीडर्स तो समझ ही गये होंगे अब क्या होने वाला है.)

मम्मी ने अपने दांतो से कॉंडम का पॅक खोला और उससे अपने मूह के बीच में रखा. मैं रोशन की तरफ देख रहा था, जो बिल्कुल सर्प्राइज़ था की ये हो क्या रहा था.

मम्मी ने मेरे लंड को फिर से अपने मूह में लिया और लंड को अंदर-बाहर तेज़ किया. जब मेरा लंड बाहर आया तो, रोशन की आँखें फटी की फटी रह गयी. कॉंडम मेरे लंड पर बिल्कुल फिट हो गया था.

रोशन (हक्का-बक्का हो कर): य… ये कैसे किया?

मम्मी (सेडक्टिव स्माइल के साथ): ये मेरी ट्रिक है.

मम्मी ने फिर कॉंडम पर लगी फ्लेवर का मज़ा लिया. वो बर्त पर पूरी तरह से अपनी टाँगें फैलाए लेती हुई थी, उनकी आँखें प्यास और आग से भारी थी. मैने रोशन की तरफ देखा, जो अब सिर्फ़ एक दर्शक बन चुका था.

मैने मम्मी की छूट पर अपना कॉंडम-लगा लंड सेट किया. मम्मी ने नीचे से अपनी कमर उठाई और एक ही झटके में मेरा लंड पूरी तरह अपनी गरम छूट में उतार लिया. मेरा लंड इश्स वक़्त अपने चरम जोश में था.

मम्मी (आँख बंद करके): ह्म… बहुत कड़क है… बहुत मज़ा आ रहा है… तुम भी कुछ कम नही हो… मेरी जान.

मैं मम्मी को इतने सालों से छोड़ रहा था, तो मुझे पता था उन्हे कैसे सॅटिस्फॅक्षन देना है. हमारी चुदाई पूरी तरह से साइंकरनिज़ हो गयी थी. हम दोनो चुदाई के बीच रोमॅन्स कर रहे थे, और जो केमिस्ट्री हम दोनो में बन रही थी, रोशन बस आँखें फेड हमे देख रहा था, और साथ में अपना लंड सहला कर तैयार कर रहा था.

मैने तेज़ और ज़ोरदार धक्के दिए. मैं तुरंत मम्मी के उपर आया, उनके बूब्स को पकड़ कर ज़ोर-ज़ोर से चूमने लगा. और मम्मी की छूट में अपने धक्के तेज़ कर दिए.

मैं रोशन की तरफ देख कर अपनी स्पीड और बढ़ा रहा था. मम्मी भी मेरे साथ ताल मिला रही थी, अपनी गांद को उठा उठा कर मेरे लंड को अपनी छूट में गहराई तक ले रही थी.

मम्मी (हर धक्के पर कराहते हुए): य… एस! और तेज़! अया! ऐसे छोड़ो मुझे! और ज़ोर से!

मम्मी एक तरफ मेरे कान में अपने मज़े बता रही थी, और दूसरी तरफ उनकी आँखों का इशारा रोशन की तरफ था, जो अब अपना लंड हाथ में पकड़ कर बिना आवाज़ की सिसकियाँ भर रहा था.

मम्मी का पूरा जिस्म पसीने से भीग चुका था. वो मेरे कंधों पर अपने नाख़ून चला रही थी, और ट्रेन की सीट हमारी तेज़ हरकतों से हिल रही थी.

मैने जब देखा की मम्मी झड़ने के काफ़ी करीब थी, तो मैने अपने धक्के और तेज़ कर दिए और उन्हे डॉगी स्टाइल में घुमा दिया.

मैं पीछे से मम्मी की गांद पर छाँटा मार कर उन्हे ज़ोर से छोड़ने लगा. रोशन यह सब अपनी आँखों से देखता रहा. मम्मी का पूरा जिस्म मेरे धक्को से हिल रहा था.

मम्मी (चिल्लाते हुए, आवाज़ दबाते हुए): श गोद! मैं झाड़ रही हू! और ज़ोर से!

मम्मी एक तेज़ झटके के साथ पूरी तरह झाड़ गयी. उनका जिस्म एक-दूं ढीला हो गया. मैने उनके झड़ने के तुरंत बाद, अपने लंड को उनके रस्स से भारी छूट में तेज़ किया और अपने सारे स्पर्म कॉंडम में छ्चोढ़ दिया.

मम्मी संतुष्टि से मेरे से लिपट कर बैठ गयी, और मुझे गाल पर छ्होटी-छ्होटी किस दे रही थी.

मैने रोशन की तरफ देखा. उसके एक्सप्रेशन से सॉफ लग रहा था की, उसे अछा नही लगा की मम्मी मेरे साथ उससे ज़्यादा कंफर्टबल और वाइल्ड थी. बीचारे को क्या पता था की हम दोनो स्ट्रेंजर नही, पर रियल मों-सोन है, जो उसके सामने ये खेल खेल रहे थे.

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