दोस्तों मेरा नाम राहुल सिंग है. मैं आप सब के साथ अपनी पहली चुदाई की कहानी शेर करने जेया रहा हू. मैं पुंजब के संगरूर का रहने वाला हू. लेकिन अभी मैं कॅनडा में वर्किंग वीसा पर रह रहा हू. इस कहानी में मैं आपको ये बतौँगा की कैसे मैने अपनी मा की चुदाई की, जो मेरी लाइफ की पहली चुदाई भी थी. तो चलिए अब सीधे कहानी पर आता हू.
अभी मैं 23 साल का हू, और ये कहानी आज से 3 साल पहले की है. तब मैं 20 साल का था. 19 साल की उमर में मैने अपनी 12त कंप्लीट की थी. पुंजब के हर यंग्स्टर की तरह मैं भी 12त के बाद कॅनडा जेया कर स्टडी करने वाला था.
12त कंप्लीट होते ही मैने ईेल्ट्स की ट्रैनिंग शुरू की. 3 महीने की ट्रैनिंग के बाद मैने एग्ज़ॅम दिया जिसमे मेरे 7 बॅंड्स आ गये. फिर मैने स्टडी वीसा के लिए अप्लाइ कर दिया.
अब वीसा के लिए वेट करने के अलावा मेरे पास कोई काम नही था. तो मैं ऐसे ही घर पे बैठा रहता, इधर-उधर घूमता रहता. एक दिन ऐसे ही सुबा-सुबा मैं अपने दोस्तों के साथ क्रिकेट खेलने चला गया. जब ग्राउंड पहुँचे तो देखा वहाँ पानी भरा हुआ था. क्यूंकी पिछली रात बारिश हुई थी, तो वहाँ पानी भरा हुआ था. फिर हम सब वहाँ से वापस अपने-अपने घर चले गये.
जब मैं घर आया, तो गाते खुला हुआ था. इसलिए मैं सीधे अंदर आ गया. अंदर आया, तो मम्मी के रूम से कुछ आवाज़े आ रही थी. मैने गौर से सुना तो वो आवाज़े सेक्स की आवाज़े थी. पॉर्न देख कर इतना तो पता चल गया था की सेक्स के टाइम पे कैसी आवाज़े आती है.
मेरे घर में मेरे अलावा मम्मी और डॅडी ही है. मैं उनकी इक-लौटी औलाद हू. मम्मी हाउसवाइफ है, तो वो सारा दिन घर पर रहती है, और घर का काम देखती है. डॅडी मेरे किसान है, तो वो खेतों में काम करते है. वो सुबा जेया कर शाम को वापस आते है खेतों से.
मम्मी के रूम से आती आवाज़े सुन कर मुझे लगा डॅडी आज शायद जल्दी आ गये होंगे. और क्यूंकी मैं घर पर नही था, तो दोनो ने जुगाड़ लगा लिया होगा. मेरे मॅन में अब क्यूरीयासिटी सी होने लगी उनके सेक्स को लेके. मैने सोचा क्यूँ ना आज लिव सेक्स देखने का मज़ा लिया जाए.
ये सोच कर मैं मम्मी के रूम की तरफ बढ़ा, और उनके रूम के अंदर झाँकने लगा. लेकिन जैसे ही मैने अंदर का नज़ारा देखा, तो मेरे पैरों के नीचे से ज़मीन निकल गयी.
मेरी मम्मी अपने बिस्तर पर नंगी होके बिस्तर पर लेती हुई थी, और कोई अंजान जवान सा लड़का उनके उपर चढ़ कर उनको छोड़ रहा था. ये देख कर मैं हक्का-बक्का रह गया. मुझे समझ नही आया की ये सब क्या और क्यूँ हो रहा था.
फिर मैने होश संभाला, और मुझे बहुत गुस्सा आने लगा. मैं सीधे अंदर गया, और चिल्लाया-
मैं: ओये, ये सब क्या हो रहा है?
मेरी आवाज़ सुन कर मम्मी और वो लड़का दोनो घबरा गये, और अलग हो गये. वो लड़का जल्दी से बेड से उतरा, और अपने कपड़े पहनने लगा. जब वो जाने लगा, तो मैने उसको पकड़ लिया. मेरा दिल तो कर रहा था, की उसकी हड्डी-पसली एक कर डू, लेकिन मैने सिर्फ़ उसको दर्रा कर छ्चोढ़ दिया. मैं नही चाहता था की शोर मचे, और हमारी बदनामी हो.
उसके जाने के बाद मैने मम्मी की तरफ देखा. वो वैसे ही नंगी, एक-दूं रिलॅक्स होके लेती हुई थी. फिर मैने उनको कहा-
मैं: ये क्या था मम्मी?
मम्मी बोली: क्या था?
मैं: वो लड़का कों था?
मम्मी: काफ़ी दिन से मुझ पर आते-जाते ट्राइ मार रहा था. मैने सोचा की आज बुला लू.
मैं: आप ऐसे कैसे कर सकती हो?
मम्मी: क्यूँ, मैं ऐसे क्यूँ नही कर सकती?
मैं: ये तो चीटिंग हुई ना पापा के साथ?
मम्मी: कैसी चीटिंग? जब वो मेरे साथ चीटिंग कर सकता है, तो मैं क्यूँ सती-सावित्री बन कर घूमू?
मैं: उन्होने कब चीट किया आपके साथ?
मम्मी: पिछले 2 साल से तेरे बाप ने बाहर एक रांड़ रखी हुई है. इतने वक़्त से जब वो मुझे टच नही कर रहा था, तो मैं सोचती रही पता नही क्या हो गया. लेकिन वो तो बाहर गुलचर्रे उड़ा रहा था. और मैं यहाँ तड़प रही थी. तो मैने सोचा मैं भी एंजाय कर लेती हुई. ये लड़का आयेज-पीछे घूमता रहता था, इसलिए मैने इसको अपना नंबर दे दिया.
मम्मी की ये बात सुन कर मेरे पास कहने के लिए कुछ बचा नही था. मुझे उनकी बात ठीक लगी. फिर मैं चुप-छाप अपने कमरे में आ गया. इस घटना के 2 घंटे बाद मुझे मेसेज आया की मेरा वीसा आ चुका था. मैं बहुत खुश हो गया.
फिर रात को डिन्नर के टाइम पर मैने मम्मी-पापा दोनो को ये बात बताई. दोनो बहुत खुश हुए. डिन्नर के बाद जब मैं सोने आया, तो मुझे सुबा वाली घटना याद आने लगी. मम्मी का नंगा जिस्म मेरी आँखों के सामने घूमने लगा.
मेरी मम्मी 42 साल की थी उस वक़्त. उनका रंग गोरा था, और जिस्म सेक्सी. कोई भी लड़का या मर्द उन पर लट्तू हो सकता था. मैने सोचा आज तक मेरी मम्मी मेरे सामने घूमती रहती थी, लेकिन मुझे उसका सेक्सी जिस्म दिखाई क्यूँ नही दिया.
लेकिन अब सब बदल चुका था. मेरे मॅन में मेरी मम्मी के लिए हवस पैदा हो चुकी थी. मैने सोने की बहुत कोशिश की, लेकिन मुझे नींद नही आ रही थी. मुझे हर तरफ मेरी नंगी मम्मी ही नज़र आ रही थी. फाइनली मुझे मूठ मारनी पड़ी अपनी मम्मी के नाम की. इस बार मेरा इतना माल निकला जितना पहले कभी नही निकला था.
मूठ मारने के बाद मुझे बहुत बुरा फील हुआ, की ये मैने क्यूँ किया. फिर मैं सो गया. अगली सुबा जब मैं नाश्ता करने आया, तो मम्मी मेरे सामने आई. उन्होने कपड़े तो पहने हुए थे, लेकिन मुझे वो नंगी दिखाई दे रही थी.
मैने सोचा ये तो गड़बड़ हो रही थी. मैं अब अपनी मा को छोड़ना चाहता था. मेरा दिल करने लगा की मैं अपनी मा को बोलू की मैं उसकी ज़रूरत पूरी कर सकता था. लेकिन फिर मैने सोचा की अगर मैं इस चक्कर में पद गया, तो कॅनडा जाना मुश्किल हो जाएगा.
फिर अगले दिन से मैने कॅनडा जाने की प्रेपरेशन शुरू कर दी. हमारे पास काफ़ी ज़मीन है, तो पैसों की कोई कमी नही है. एक हफ्ते में अरेंज्मेंट करके मैं कॅनडा के लिए निकल गया.
इसके आयेज क्या हुआ, आपको अगले पार्ट में पता चलेगा. यहाँ तक की कहानी की फीडबॅक आप औतोरकराज़्यफोर@गमाल.कॉम पर दे सकते है.