मा के बेटे से रंडी की तरह चूड़ने की कहानी

हेलो फ्रेंड्स, कैसे हो आप सभी लोग? थॅंक्स फॉर गिविंग मे आ रेस्पॉन्स. आप सभी ने लास्ट पार्ट में पढ़ा, की कैसे मैने अपनी बेहन की गांद मारी, और उसने खुद को मा के सामने छोड़ने के लिए एक ऑफर दिया. बिना टाइम वेस्ट करे स्टोरी स्टार्ट करता हू.

हमने खाना खाया, और अपने अपने काम से निकालने लगे.

तभी जनवी बोली: भाई मेरे को आज मेरे मॉदेलिंग सेंटर छ्चोढ़ देगा क्या?

मे: चल आजा.

जनवी: एक मीं रुक, फोन रूम में रह गया है, लेके आती हू.

मे: ओक जल्दी आ.

उसके जाते ही मैने मा से पूछा-

मे: मम्मी आपने बताया नही.

मम्मी: क्या नही बताया?

मे: जब मैं आपकी गांद मारूगा, तब तो आप गालियों की बारिश कर डोगी.

मम्मी मेरी तरफ जान-बूझ के झुक के अपने बूब्स मुझे दिखाते हुए, टेबल से प्लेट उठाते हुए बोली-

मम्मी (नॉटी आवाज़ में): वो तो तेरा स्टॅमिना डिसाइड करेगा की तू कितनी गाली सुनना चाहता है.

मे: तो फिर रेडी रहना.

इतना बोलते ही जनवी आ गयी.

जनवी: चल.

हुम्म दोनो ने मम्मी को बाइ बोला, और बाहर निकल आए.

मैने बिके निकाल कर ओं की और जनवी मेरे से बिल्कुल चिपक के बैठ गयी. उसके बूब्स मेरी पीठ पर लग रहे थे, जिस वजह से मेरा लंड खड़ा होने लगा था. मैं अपने लंड को सेट करने के लिए सीधा हुआ, तो जनवी बोली-

जनवी: क्या हुआ? फिर खड़ा हो गया क्या?

मे: बेहन के लोदी, ये बूब्स चिपका के बैठी है. और अब मज़े ले रही है.

जनवी: तेरे लंड को खड़ा करके उसको तड़पने में मज़ा आता है.

मे: अछा, जब आज रात में तू अपनी मा के सामने चूड़ेगी ना, तब तुझे तडपा-तडपा के मैं मज़े लूँगा.

जनवी: तू मॅट तडपया कर. तू मेरी जान निकाल लिया कर. बुत छोड़ते टाइम रुका मत कर.

मे: हड्द है, खुद बोलती है निकाल इसको. अब खुद बोल रही है जान निकाल दिया कर.

जनवी: अर्रे तो जब दर्द होता है तो बोलती हू. बुत तू मानता नही है, और पेलता ही रहता है. तो फिर मज़े आते है. फिर मॅन करता है की मैं तेरी ले लू.

मे: तू मेरी लेगी, कैसे?

जनवी: तुझसे मैं अपनी फ्रेंड पालक को छुड़वाने का बोला है ना? तब मैं तेरे साथ थ्रीसम करूँगी, और उस टाइम जब तू तक जाएगा, तब तेरे लॉड को चूस-चूस के तेरी ले लूँगी, और तुझे तड़पौगी.

मे: वो तो पता चलेगा कों थकेगा.

इतनी बात करते-करते हम उसके मॉदेलिंग सेंटर पे पहुँच गये, और मैं उसको उतार के ऑफीस की साइड जाने लगा. जाते टाइम रास्ते में पापा का फोन आया. मैने बिके साइड में करके फोन पिक किया.

मे: हेलो पापा.

पापा: कहा हो बेटा?

मे: पापा मैं बस ऑफीस पहुँचने वाला हू.

पापा: अर्रे बेटा, वो तू घर चला जेया. मम्मी से डीलर्स की फाइल ले आ. और मेरे पास स्कॅन करके सेंड कर दे

मे: ओक पापा, और कोई काम हो तो बता दो पापा. मेरी थोड़ी तबीयत ठीक नही लग रही है आज. तो मैं फाइल को स्कॅन करके आपको सेंड करके घर में ही रेस्ट कर लूँगा.

पापा: ओक बेटा, तू फाइल सेंड कर दे. वैसे भी वीकेंड है, ज़्यादा काम भी नही है. तू रेस्ट कर लेना.

मे: ओक थॅंक्स पापा, बाइ. मैं घर पहुँच के आपको फाइल सेंड कर देता हू.

पापा: बाइ.

मैने खुशी से चियर किया, और बिके उ-तुर्न लेके घर के लिए वापस मूड गया. रास्ते में केमिस्ट की शॉप देख के वही रुक गया. केमिस्ट की शॉप से 2 वियाग्रा की गोली ली. फिर वाहा से निकालने के बाद घर 15-20 मिनिट की दूरी पे था. फिर मैने रास्ते में बिके रोक के शॉप से कोल्ड ड्रिंक ली, और दोनो गोली खा के मम्मी को फोन मिलाया.

मे: हेलो सेक्सी लेडी.

मम्मी: बदमाश, ऑफीस में ऐसे बात कर रहा है. कोई सुन लेगा तो?

मे: सुन लेगा तो क्या होगा? अब सेक्सी को सेक्सी ही बोलूँगा.

मम्मी: बहनचोड़, तू घर आ तुझे बताती हू.

मे: ये बहनचोड़, मदारचोड़ बनने के लिए घर आ रहा है.

मम्मी: क्यूँ, आज ऑफीस में काम नही है क्या?

मे: घर आके कर लूँगा. पापा से बात हो गयी है.

मम्मी: रुक, मैं पापा से पूछती हू.

मे: अर्रे-अर्रे रुक जाओ मेरी जान. मेरे सामने ही कॉल कर लेना.

मम्मी: तू कहा है?

मे: रास्ते में ही हू. आप पापा के डीलर्स वाली फाइल निकाल के रख दो. मैं पहुचने वाला हू.

मम्मी: कितनी देर में?

मे: बस 10 मिनिट्स में.

ये बोल के, कॉल कट करके, बिके लेके, मैं घर पहुँच गया. घर पहुँच के डोरबेल बजाई. अंदर से मम्मी बोली-

मम्मी: आ रही हू.

फिर मम्मी ने गाते खोला तो मैं अंदर का नज़ारा देख के डांग रह गया. मैने देखा की मम्मी डीप नेक वाला ब्लॅक ब्लाउस पहनी थी, और रेड कलर के नेट के सारी, जो उनकी नाभि से 4-5 इंच नीचे थी. थोड़ी और नीचे होती, तो उनकी छूट के बाल दिख जाते.

मम्मी मेरे मूह को खुला देख के मूड के अपने मोटी-मोटी गांद को मटका-मटका के चलने लगी, जिसको देख के मेरा लंड एक-दूं खड़ा हो गया.

मैं झट से अंदर आया, और गाते लगा के मम्मी को पीछे से कमर पकड़ के गार्डेन पे किस करने लगा.

मम्मी: पहले पापा का काम कर दे.

मे: हा-हा पापा का ही काम कर रहा हू.

मम्मी: ये वाला नही, ऑफीस वाला कर दे.

मे: ये वाला ज़रूरी है. मुझे अपनी मा की आग बुझानी है.

मम्मी: और गाली भी खानी है.

इतना सुनते ही मैं मम्मी को अपनी साइड मोड़ के उनसे लीप तो लीप किस करने लगा, और उनकी गांद पे दोनो हाथो से ज़ोरदार थप्पड़ मारे. थप्पड़ पड़ते ही मम्मी किस छ्चोढ़ के गाली देने लगी.

मम्मी: मदारचोड़! भोंसड़ी के! मा हू तेरी, कोई रंडी नही. प्यार से भी कर सकता है.

मे: प्यार से ही तो कर रहा हू मेरी जान.

बोल के मैने मम्मी को अपनी साइड खींचा, और उसके ब्लाउस के उपर हाथ रख के एक ज़ोरदार झटके से उनके ब्लाउस को फाड़ दिया. उसके बूब्स झट से उछाल के मेरे सामने आ गये, और मम्मी के मूह से फिरसे गाली आई. और मेरा कान पकड़ के मा बोली-

मम्मी: सेयेल भोंसड़ी के, तुझे सबर नही है. मदारचोड़, आचे ख़ासे ब्लाउस की मा छोड़ दी तूने.

मे: अभी तो ब्लाउस की मा छोड़ी है. थोड़ी देर में अपनी मा भी छोड़ दूँगा.

मम्मी: तो छोड़ ना भद्वे.

और फिर मम्मी मेरा लंड जीन्स के उपर से पकड़ के बोली-

मम्मी: देखती हू तेरे लॉड में कितना दूं है.

मैने मम्मी को अपनी साइड खींच के उसके पेटिकोट को उपर करके महसूस किया, की मम्मी ने पनटी नही पहनी थी. तो मैने उनकी छूट को पीछे से सहलाने लगा, और वो मेरे लंड को पंत के अंदर से सहला रही थी.

फिर मैने उनके पेटिकोट के नाडे को खोल दिया, और पेटिकोट नीचे गिरा दिया. अब मम्मी मेरे सामने नंगी थी, फटते हुए ब्लाउस में.

मे: क्या बात है मेरी रानी, इतनी चुदाई के भूखी है की पनटी तक नही पहनी.

मम्मी: अब किसी चुड़क्कड़ औरत को पता हो की आज उसकी चुदाई होने वाली है. तो पनटी क्यूँ पहनेगी?

मे: अछा अब मेरी मम्मी चुड़क्कड़ औरत है?

इतना सुनते ही मा ने मेरी बेल्ट को खोल के मेरी पंत नीचे उतार दी, और मेरा 7 इंच लंबा और 2 इंच मोटा लंड मम्मी के सामने था.

मम्मी: बेहन के लोड, तेरी बेहन ने इतने बड़े लोड को ले कैसे लिया? मेरी तो इसको देख के गांद फटत रही है.

मे: तेरे सामने ही तो तेरी बेटी उछाल-उछाल के ले रही थी. तूने देखा तो था.

मम्मी: वाह भोंसड़ी के, अब डाइरेक्ट आप से तू पे आ गया.

मे: चल अब टाइम पास मत कर भोंसड़ी वाली.

मम्मी: तो क्या करू, बेहन के लोड?

मे: छूट दे.

मम्मी: इतनी आसानी से नही देने वाली.

मे: ठीक है बेहन की लोदी. तू जितना टाइम लेगी, उतना ज़्यादा देर तक चूड़ेगी.

मम्मी: अछा चल दिखा तू कितना दूं है तेरे लॉड में.

इतना बोल के मम्मी मेरे लंड को पकड़ के आयेज-पीछे सहलाने लगी, और झट से अपने मूह में लेके अंदर-बाहर करने लगी.

मे: आह आहह, और ज़ोर से चूस मेरी रांड़.

मम्मी ने रांड़ सुनते ही स्पीड और बढ़ा दी, और मैं सातवे आसमान पे पहुच गया, और मम्मी के मूह को पकड़ के उनके मूह को छोड़ने लगा. इतने में पापा का फोन आ जाता है. मैं कॉल पिक करता हू.

मे: हेलो.

पापा: बेटा वो फाइल सेंड कर दे.

उधर मम्मी अब भी मेरा लंड चूज़ जेया रही थी.

मे: हा पापा, बस 10 मिनिट दो.

पापा: ओक, जल्दी सेंड कर.

मम्मी अब पूरा लंड बाहर निकाल के अंदर कर रही थी, जिसकी वजह से मैने तुरंत पापा का कॉल कट कर दिया, और मम्मी को गाली दी.

मे: बेहन की लोदी, मदारचोड़, पापा का फ़ोना था, तब भी तू लॉडा चूज़ जेया रही थी. रुक नही सकती थी क्या?

मम्मी: भोंसड़ी के, बहनचोड़! तेरी कॉल पे गांद फटत रही है मुझे छोड़ने में. रियल में कैसे छोड़ेगा?

मे: तू रुक साली रांड़ पहले पापा को फाइल सेंड कर डू. तब तेरी गर्मी शांत करूँगा

मैं नंगा ही फाइल लेके अपने रूम में गया, और फाइल स्कॅन करके पापा को सेंड कर दी. फिर वापस मम्मी के रूम में आया तो देखा मम्मी डॉगी स्टाइल में अपनी छूट तैयार रख के गाते की साइड गांद करके बैठी थी.

मैं रूम में गया और अपने लंड को एक ही झटके में मम्मी की छूट में पेल दिया. मम्मी की आधे लंड में ही चीक निकल गयी.

मम्मी: आहह भोंसड़ी के, आराम से कर, निकाल इसको.

मे: क्यूँ, अब क्या हुआ? साली रंडी ले ना अब.

मम्मी: लेने से माना नही कर रही. आराम से कर. ऐसे रंडियों की तरह क्यूँ छोड़ रहा है?

मे: अब से तू मेरी पर्सनल रंडी है. तुझे मैं जैसे चाहूँगा वैसे छोड़ूँगा.

बोल के मम्मी को ज़ोर-ज़ोर से पेलने लगा.

मम्मी: आह फक मे! फक मे हार्डर! आहह.

मे: आ गया मज़ा इतने में?

मम्मी: ढंग से छोड़ भोंसड़ी के. मदारचोड़ खाना नही खाया था क्या आज? रंडी को इतने प्यार से कों छोड़ता है बेहन के लोड?

मे: वाह री मेरी रंडी, अब तू रंडी की तरह बोल रही है.

मम्मी: मैं तेरी पर्सनल रंडी हू, तो तुझे रंडी जैसा मज़ा दे डू.

मे: रंडी के साथ-साथ मम्मी के भी मज़े देदे.

मम्मी: अब बातें कम कर, और छोड़ मुझे. और बन जेया मदारचोड़.

लगभग 25-30 मिनिट लगातार चुदाई चलने के बाद, मम्मी झाड़ गयी, और बेड पर उल्टी लेट गयी. मैं मम्मी के पीछे से उनकी छूट में लगातार झटके दिए जेया रहा था.

मम्मी: बेटा अब छोड़ दे. बहुत तक गयी हू.

मे: तेरा हो गया बेहन की लोदी. मेरा तो होने दे.

बोल के मम्मी को लगातार 20-25 मिनिट और ज़ोर-ज़ोर से छोड़ता रहा. और फिर मैं भी झाड़ गया. उस दिन दिन में 4-5 बार मैने मम्मी की छूट मारी, कभी किचिन में, तो कभी स्टेर्स पे, तो कभी हॉल में.

मम्मी: बेटा अब छ्चोढ़ दे, आज बहुत तक गयी हू.

मे: अब से तू मेरे सामने अपने बूब्स को कवर नही करेगी.

मम्मी: तू जैसा बोले वैसे करूँगी, बस अभी छ्चोढ़ दे.

फिर शाम को जनवी घर पे आ गयी.

अब आयेज क्या हुआ, उसके लिए जानिए मेरी अगली स्टोरी को.

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