मा का सीक्रेट

नोट: थे नेम्स उसेड इन तीस स्टोरी अरे नोट रियल.

तो मैं हूँ प्रकाश. आगे 21 साल, हाइट 5’10”, सावला ब्राइट स्किन, गुड फिज़ीक. मेरे घर पे हम 4 लोग हैं. मे, दाद, मों, और छोटी सिस.

दाद(50 यो) बिज़्नेसमॅन है और उनका ट्रॅवेल्ज़ एजेन्सी भी है. मों(43 यो) हाउसवाइफ है, पर रेग्युलर एक्सर्साइज़ करती है. इसलिए उनका फिगर भी काफ़ी अक्चा है. फिगर बोले तो 34-30-36 है एकदम मिलफ वाला टाइप. और बहें(18 यो) बाहर पढ़ाई कारतिहे, देल्ही में. हुमलोग रहते है कोलकाता में.

कहानी शुरू होताहे ऐसे ही एक वे से. हुमारा दो घर है, एक हम कोलकाता में रेंट पे रहतहे वो, और एक हुमारे गाओं पे. पर गाओं पे घर भी ड्यूप्लेक्स है बुंगलोव वाली. कोविद के पहले बिज़्नेस अक्चा था इसलिए घर करने का सोचे थे दाद ने. वेसे हम अप्पर मिड्ल क्लास फॅमिली हैं.

तो घर का कम जब चलता था तब मोस्ट्ली मे और मों जाके रहते थे गाओं मे. मैं वर्कर्स को देखता था और लुक आफ्टर करता था. और मा खाना बनती थी सबके लिए. गाओं मे एक दो मेरे आगे के है पर सब मोस्ट्ली पढ़ाई नही करते, बस घूमते रहतहे. और मे इंट्रोवर्ट हूँ इसलिए सबसे मिल झूल नही पता.

यह कहानी पहले शुरू हुई कोविद के 1स्ट्रीट लॉक्कडोवन् के बाद. जब लॉक्कडोवन् उठा तब घर फिनिश करनेके लिए मैं और मा गाओं गये, पर दाद नही आ पाए. उनको ज़रूरी कम था और एक सिटी में. तो हम गये फेब्रुवरी मंत में 2021 के.

ठंढ थी गाओं पे और वर्कर्स भी वाहा स्टे किए थे टेंट्स बनके. 4 वर्कर्स थे और एक था उनका लीडर(कॉंट्रॅक्टर). उन्होने बोला था की टू वीक्स की टाइम लगेगा कम ख़तम करने में. तो हुमलोग प्रिपेर होके गये थे गाओं.

पहले दो तीन दिन सब ठीक था, कॉंट्रॅक्टर अंकल भी खुश थे और मा से मुस्कुरह के बात करते थे. मुझे तोड़ा ऑक्वर्ड लगा वो मोमेंट्स. तो मेने देखा मा भी हास रही थी. फिर मेने सोचा शायद नॉर्मली हैं.

वेसे में और मा एक साथ सोते थे अप्पर फ्लोर मे और वर्कर्स सारे बाहर टेंट्स करके. उसके अगले दिन रात को अचानक ठंढ से मेरी नींद टूटी. मेने फोन पे देखा ऑलमोस्ट 4 आम बाज रहे थे.

फिर मेने ऑपोसिट साइड मूढ़ के देखा तो मा नही थी बेड पे. मैं अचानक दर गया, फिर बातरूम पर देखा नही मिली. में दर गया अंधेरा था और मा बोलके चिल्लाया.

मा ने आवाज़ दी नीचे से तो में फ्लॅशलाइट लेके नीचे जा रहा था. मा भी अचानक सामने आ गयी डोवर् के. मेने पोछा कहा थी, बोली की वो वर्कर्स को पानी चाहिए था इसलिए. फिर हम चले आए सोने.

अगले दिन मुझे बिल्कुल शांति नही हुई. कियूकी सुबेह से कॉंट्रॅक्टर अंकल बोहोट हास रहे थे और मा भी.. दोनो हस्स हस्स के बात कर रहे थे. तो फिर में नोटीस करना शुरू किया उन दोनो को.

उस रात में नही सोया, बस दिमाग़ में एक ही बात सताती थी तब. आपको की पतः हैं कौनसी बात. खैर, 3 बाज गये रात को और मेने नीचे एक स्ट्रेंज साउंड सुना.

जस्ट 3 नॉक्स नीचे वाली रूम के विंडो पे. किसी को समाज मे नही आ सकता ऐसा साउंड सिग्नल भी हो सकता है. और मा उठी बेड से, में चुप छाप सोने की आक्टिंग करता रहा. फिर मा चली गयी नीचे धीरे धीरे साउंड ना करके..

कुछ देर बाद मेने भी पीछे गया अंधेरे में. लेकिन वाहा मेने किसी को नही देखा, बस अंधेरा था. तब मेने ढूंदना शुरू किया. अचानक मुझे एक चेर की आवाज़ सुनाई दी, और में ड्रॉयिंग रूम की तरफ गया. दरवाजा बाँध नही था और अंदर फोन का फ्लश भी जल रहा था.

मेने जो देखा में शॉक हो गया. यूयेसेस कॉंट्रॅक्टर ने मेरी मा को पकड़ के रखा था पीछे से और इतना ज़ोर से दूध पे पकड़ा हुआ था. मा पूरा उसके उपर अपना वेट दे चुकी थी. और वो एक हाट से बेल्ली और एक हाट से दूध दबा रहा था.

वेसे कॉंट्रॅक्टर अंकल स्ट्रॉंग था बोहोट. जैसे बड़े बड़े बाइसेप्स वेसे ही चेस्ट, आगे ऑलमोस्ट 45+ होगी. हार्ड फिज़िकल वर्क करने से बॉडी फिट आंड स्ट्रॉंग हैं उनकी. फ्लश से तोड़ा तोड़ा दिखराहा था. और फिर उसने मा को उठाके सोफे पे ज़ोर्से गिरा दिया और सारी खिचके उतार दिया. मा भी स्ट्रॉंग आक्ट करके उसको खिचरहि थी अपने पास.

मेने मा और दाद को काई बार सेक्स करते हुए देखे थे लेकिन ऐसे मा को डॉमिनेंट होते हुए नही देखा था कभी भी. और उसने सारी उतरके मा के उपर उठके जो दबाई बूब्स को!! एकदम आता जैसे दबाते है वेसे. मा तो बस ज़ोर ज़ोर से किस करना चाहती थी उनको. बाद मे अंकल ने मा की पेटिकोट उठाई और मूह दिया छूट पे. मा तो पागल हो रही थी उधर.

ऐसे कुछ देर सक करने के बाद अंकल उठे और मा ने उठके उनके पंत उतार दिया और हुँने जो देखा!! में भी और मा भी चव्क गये. एक मोटा सा, कला सा, बड़ा एकदम 9-10 इंच का होगा और बोहोट मोटा था, वो लंड एकदम खड़ा हो गया पंत के बाहर आके.

मेने मा की तरफ देखा और मा अंकल की चेहरे पे देख रहे थे खुशी खुशी. में भी समझ गया. मा ने इतना बरा डिक कभी नही देखा. दाद का भी 4-5 इंच का होगा मॅग्ज़िमम. और अंकल ने दबके पूरा लंड मा के मूह पे घुसा दिया. मा तो पूरा गॅग कर रही थी.

इधर दरवाजा के बाहर मेरा लंड एकदम खड़ा होके भीगने लगा था. एक हाट से मेने अपना भी पकड़के हिलने लग गया.

मा ने ऐसे ही ब्लोवजोब देती रही उसको और वो कुछ देर बाद आयेज पीछे करता रहा मा के मूह पे. 8-10 मिनिट्स ऐसे करने के बाद उसने मा को उठाया सोफा पे और मिशनरी मे घुसने लग गया.

मा तो चीख भी नही पा रही थी, बस मूह मे हाट डाल के उसके तरफ देख रही थी. अंकल ज़ोर से एक धक्का लगाए और पूरा घुस्स गया उनका बड़ा लंड, मा ने हल्का सा चीख दे दिया और उसने एक ठप्पर लगाया मा को.

मुझे बोहोट ब्डा लगा लेकिन मा ने और ज़ोर्से करना चालू किया नीचे से उसके बाद. ये सब देखके मुझे और भी फील होने लगा था और मेने पंत से अपना डिक निकल के हाट में लेके हिलने लगा.

ज़ोर ज़ोर से लगा रहा था अंकल मा को, मा भी फुल ओं मूड में थी. पहली बार शायद इतना बड़ा लंड लिया उसने अपनी छूट पे. अचानक एक साउंड हुआ बाहर टेंट मे और एक वर्कर ढूंदे लगा कॉंट्रॅक्टर को. तो मा और अंकल जल्दी जल्दी से उठ गये और संभालने लगे सब कुछ.

मेने भी दर के मारे जल्दी से उपर आ गया और सो गया बेड पे. मा आई कुछ देर बाद और आके सो गयी मेरे पास, उनका दिल बोहोट ज़ोर से धड़क रहा था.

फिर थोड़ी देर वेट किया मेने और वो सो गयी एकदम से. फिर मैं भी सो गया. अगले दिन कॉंट्रॅक्टर को देखा तो वो भी नॉर्मल खुश था और मा भी. वो एक वर्कर भी मा को देख रहा था चोरी चोरी.

अगले दिन की कहानी भी बतौँगा अगर सबने चाहा तो.

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