माँ और बेटियों की रसीली जवानी

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम राघव है और में दिल्ली में रहता हूँ। में आज आपके सामने एक अपनी सच्ची कहानी लेकर आया हूँ। यह बात उन दिनों की है, जब में दिल्ली में नौकरी की तलाश में आया था, तो तब मुझे एक कंपनी में मैनेजर की नौकरी मिली और मेरा रहने का कोई बंदोबस्त नहीं था। मेरे एक दोस्त ने मकान किराए पर दिलवाया था। अब में उस मकान में करीब 2 साल से रह रहा था, तो मकान मालिक और उसकी बीवी बच्चे मेरे साथ काफ़ी घुलमिल गये थे। मेरे मकान मालिक के दो बेटियाँ थी और बीवी थी, उसकी बड़ी बेटी की उम्र करीब 22 साल की थी और छोटी बेटी की उम्र करीब 18 साल की थी और मकान मालकिन की उम्र करीब 42 साल थी। में उनकी लड़कियों से ज़्यादा बातचीत नहीं करता था, लेकिन वो दोनों मेरे साथ बातचीत करना ज़्यादा पसंद करती थी। फिर कुछ दिनों के बाद बड़ी बेटी की शादी हो गयी और वो अपने ससुराल में रहने लगी। अब करीब 2-3 साल गुजरने के बाद भी उसे कोई बच्चा नहीं हुआ था, लेकिन वो बहुत सुंदर थी।

यह एक दिन की बात है जब में बाथरूम में नहा रहा था और मैंने बाथरूम का दरवाजा अंदर से बंद नहीं किया हुआ था। अब में अपने लंड के ऊपरी हिस्से पर पानी डालकर साफ कर रहा था, तो तभी उसकी छोटी लड़की आई, जिसका नाम किरण था, उसने अंजाने में दरवाजा खोल दिया था और मेरे लंड को देख लिया था, जो पानी डालते-डालते खड़ा हो गया था। तब मैंने उसे देखा, तो वो शरमाते हुए वहाँ से चली गयी और में नहाकर बाहर आया तो वो अपनी नजरे झुकाकर इधर उधर जा रही थी। फिर मैंने उससे कुछ नहीं बोला और अपने कपड़े पहनकर ऑफिस चला गया। फिर शाम को अपनी ड्यूटी ख़त्म करके में घर वापस आया और बेल बजाई, तो दरवाजा उसी ने खोला और मेरी तरफ अपना मुँह बनाकर और जीभ निकालकर चली गयी। में समझ नहीं पाया कि क्या बात हो गयी है?

फिर दूसरे दिन मकान मालिक क़िसी काम से दिल्ली से बाहर गया और मुझे कह गया कि आप हमारे बच्चों को ख्याल रखना, में किसी काम से बाहर जा रहा हूँ। फिर मैंने कहा कि ठीक है अंकल में ध्यान रखूँगा, आप बेफ़िक्र होकर जाइए। अब रात हो चुकी थी, फिर मकान मालकिन ने कहा कि राघव आज आप खाना हमारे यही पर खाना खा लेना और उस दूसरे वाले बेडरूम में सो जाना, क्योंकि आपके अंकल नहीं है तो हमें डर सा लगेगा। तो मैंने कहा कि ठीक है और फिर शाम का खाना मैंने वहीं खाया और दूसरे वाले बेडरूम में सो गया और वो माँ बेटी अपने दूसरे रूम में सो गयी। अब रात के करीब 2 बजे थे, अब में गहरी नींद में सोया हुआ था। तो तभी उसकी छोटी बेटी किरण आई और मेरे लंड पर अपना एक हाथ रख दिया और उसको धीरे-धीरे से सहलाने लगी।

फिर मुझे कुछ एहसास हुआ कि क्या हो रहा है? तो तभी मेरी आँख खुली तो मैंने उसे अपने बेड पर बैठा पाया और और अब वो मेरे लंड से खेलने लगी थी, तो मैंने सोने का और नाटक किया, क्योंकि अब मुझे तो मज़ा सा आ रहा था। अब उसने मेरे अंडरवेयर को नीचे की तरफ सरका दिया था और मेरा पूरा का पूरा लंड अपने हाथ में ले लिया था। अब मेरा 8 इंच का लंड पूरा तनकर खड़ा हो चुका था और उसने उसको अब अपने मुँह में ले लिया था और ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगी थी। फिर तभी में अपनी आँखें खोलकर जाग गया और उससे कहा कि किरण क्या कर रही हो? तो उसने कहा कि राघव आप बहुत भोले हो, आओ और जिंदगी का मज़ा लेते है, या ऐसे ही सोते रहोगे। फिर मैंने कहाँ कि आंटी की नींद खुल गयी तो क्या होगा? वो तो मुझे मार ही डालेगी। फिर तभी उसने कहा कि उसकी चिंता आप मत करो, में सब देख लूँगी, अब जल्दी करो और अपने सारे कपड़े उतारो। फिर तभी मैंने अपने सारे कपड़े उतारे और उसकी चूचीयों को ज़ोर-ज़ोर से दबाने लगा, उसकी चूचीयाँ बड़ी मस्त थी।

अब मुझे बहुत मज़ा आ रहा था और वो भी बड़े मज़े के साथ दबाने के लिए कह रही थी कि ज़ोर से दबाओ, बड़ा मज़ा आ रहा है। फिर तभी मैंने अपने हाथ की एक उंगली उसकी चूत में डाल दी और पूरी की पूरी घुसा दी और उसे अपनी एक उंगली से ज़ोर-ज़ोर से चोदने लगा। फिर तभी उसने कहा कि ज़ोर- ज़ोर से चोदो ना, प्लीज बहुत मज़ा आ रहा है। अब वो पूरी तरह से गर्म हो चुकी थी। फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया और ज़ोर से एक धक्का मारा, तो वो चिल्ला पड़ी आआआ में मररररर गयी, हाईईईईईई बाहर निकालो, लेकिन मैंने उसकी कोई परवाह ना करते हुए और ज़ोर से एक धक्का मारा तो मेरा पूरा का पूरा लंड उसकी चूत में समा गया और वो चिल्लाई आह मार दिया, आआआआ, में मररररर गयययययी, हाईई और अब उसकी चूत से खून निकलने लगा था। अब में तो घबरा गया था और वो बेहोश सी हो गयी थी।

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