मा बेटे की प्यार भाई चुदाई की सेक्सी कहानी

पिछले पार्ट में आपने पढ़ा हमारे बीच सेक्स कम हो गया था. 2 मंत बाद हमारे बीच सेक्स हुआ. मेरा मॅन सुषमा की तरफ ही रहता था. जब भी रूबी ( नामे चेंज्ड) से सेक्स करता, सुषमा को सोच कर ही करता. मगर मज़ा नही आ रहा था. वो सेक्स में थ्रिल था ही नही. घर भी नही जेया सकता था, रूबी बोलती वीकेंड पर आना-जाना तका देता है. मैने सुषमा को बोला द्वारका ही आ जाओ.

6 महीने हो चुके थे शादी को. सुषमा आई भी नही थी. पहले वो ज़िद्द करती थी मेरे पास आने की. अब मैं ज़िद्द कर रहा था मेरे पास आ जाओ. वो मेरे कहने पर द्वारका आई. इस बार भी फ्राइडे को आई. मैं ऑफीस से हाफ दे लेके उसको इसबत से लेने गया. मेरा ये प्लान था रूबी के आने से पहले घर पहुँचू. वो अराउंड 7 पीयेम आती थी ऑफीस बस से.

फिर सुषमा और मैं 4 बजे पहुँच गये घर. घर आते ही हम नहाने गये. मेरा बहुत मॅन था सुषमा के साथ नहाने का. मैने प्यार से सोप लगाया उसको. फिर ठंडे पानी से नहाए. काफ़ी दिन हो चुके थे साथ में नहाए. ऐसा लग रहा था पहली बार नहा रहे थे. नहाते वक़्त सबसे बेस्ट उसकी गांद के च्छेद को जीभ से चाटने में मज़ा आता था.

उसको कुटिया वाली पोज़िशन में लिया, और गांद के च्छेद को खाया. इस बार सोच रहा था नया ट्राइ करू. अब वो डोर थी, तो नयी चीज़े ट्राइ करने का ज़्यादा मॅन करता था. सोचा नहाने के बाद चॉक्लेट सरप गांद के च्छेद पर लगा के चाटूंगा.

नहाने के बाद फिर सेक्स किया. वो तो उतावली थी लंड पर कूदने को. लंड पर बिताया, और थोड़ी देर उसने राइड की. फिर उसको गोदी में लेकर छोड़ा. फिर छोड़ने के बाद चॉक्लेट सरप लिया, गांद के च्छेद पर लगाया, और उसको चटा.

वो बोली: पहले तो नही करते थे ऐसा. रूबी ने सिखाया है क्या?

मैने बोला: उसके साथ कुछ ट्राइ नही करता.

इन सब में 6 बाज चुके थे, और हम रिस्क नही ले सकते थे. मैने नॉर्मल घर वाले कपड़े पहने. ताकि लगे बस मम्मी ही नहाई थी. क्यूंकी उनके बाल गीले हो चुके थे. रूबी को पता था मैं नही नहाता हू ईव्निंग में. उसके आने के बाद सब नॉर्मल बिहेव किया. सॅटर्डे-सनडे को बस जब रूबी नहाने जाती, लंड उसके मूह में देता, वो भी सुशम माना करती, की कही पकड़े ना जाए.

मेरा मॅन पता नही अब रिस्क लेना चाहता था. बस 2 मिनिट के लंड चुसवाने के अलावा सॅटर्डे-सनडे कुछ नही किया. रूबी सूभ 7 बजे ही ऑफीस चली जाती थी. मेरा कुछ फिक्स नही था, कभी भी चला जाता था. मगर उस दिन की छुट्टी ले ली थी. रूबी को बोल दिया मम्मी बोर ना हो इसलिए छुट्टी ली थी.

जैसे ही 7 बाज गये. उसको ऑफीस बस में बिता के आया. घर आते ही बस आपको पता है. उस वक़्त सुषमा लेती हुई थी. मैं उसके रूम में गया, उसको हाथो से उठाया, और मेरे बेडरूम में ले आया.

मैं: मेरी असली रानी का रूम ये है.

मम्मी: मैं कहा अब रानी. उसको ही प्यार करते हो

मैं: ऐसे मत बोला करो. असली वाइफ तो तुम ही हो. तेरे से ज़्यादा प्यार किसी से नही करता.

मम्मी: रहने दो.

मुझे पता था वो बस ऐसे ही बहस करती रहेगी. वो गुस्सा ही रहती थी. मैने उसके सारे कपड़े उतार दिए. खुद के भी.

मैं: काफ़ी दिन हो गये नंगे साथ में रहे पुर दिन.

मैं उससे लिपट गया, और ईव्निंग तक फुल छोड़ा उसे. कोई घर आना नही था. कंवली भी वीकेंड में सफाई करती थी, और ईव्निंग में आती थी.

मैने उस दिन उसकी गांद दांतो से चबा डाली थी. मगर साथ में जब भी वो बोलती मुझे पहले जैसा प्यार नही करते, एक थप्पड़ सुषमा की गांद पर मारता. उसको भी मज़ा आ रहा था.

उस दिन हमने ये खेल सा बना लिया. वो जैसे ही ये बोलती, मैं थप्पड़ मारता उसकी गांद पर. फिर उसको खा जाता. उस दिन 3 बार छोड़ा उसे. लंड पता नही कितनी देर चूसा उसने. हमे पता था ऐसे दिन अब कम ही मिलने वाले थे. जो भी मिले मज़े कर लो उसमे.

ईव्निंग में वापस फिर नॉर्मल हो गया. नेक्स्ट दे रूबी के ऑफीस जाने के बाद, एक बार छोड़ के उसे मैं भी ऑफीस चला गया. उसका मेसेज पुर दिन आता रहा की बोर हो रही थी वो. उस दिन रोने लगी.

मम्मी: आज के दिन भी छुट्टी ले लेते तो क्या हो जाता? पता नही कब मौका मिले. एक दिन भी मेरे लिए छुट्टी नही ले सके? रूबी को बताने की ज़रूरत ही नही थी छुट्टी का.

आज ये बातें मुझे खाती रहती है. सॅकी वो सही बोल रही थी. मैं कभी दर्र की वजह से कभी किसी वजह से ये ऑपर्चुनिटी खराब कर देता था. गोआ जाने के बाद उसने काई बार बोला शिमला डॅल्लूसियी चलते है. उसी होटेल में रियल के हज़्बेंड-वाइफ बन के. मैं उस वक़्त नही माना. यही सोच के की सही चल तो रहा था और वाहा भी तो सेक्स ही करना था, जो यहा भी कर ही रहे थे.

आज सोचता हू ग़लत था मैं. साथ में बाहर जाना, और वाहा कपल की तरह जीने में मज़ा था. वो नाराज़ थी उस दिन. मैने भी ग़लत किया, छुट्टी लेनी चाहिए थी. ईव्निंग में मैं घर आया. सुषमा गुस्सा थी पता चल रहा था. नेक्स्ट दे उसको सुबा वापस घर जाने का था रूबी के ऑफीस जाने के बाद.

सुषमा पहले ही नहा चुकी थी. उसको इसबत छ्चोढने के बाद मुझे भी ऑफीस जाना था. मैं भी नहा लिया. उसकी नाराज़गी दिख रही थी. नहाने के बाद मैने कपड़े नही पहने थे. मैं उसके पास गया, और उसको किस किया. उसने सारी पहन ली थी. मैने उसकी सारी उतरी. वो माना कर रही थी. उसे नही करना था कुछ भी.

मैने बस 2 मिनिट लगाए उसको नंगा करने में. 1 घंटा उसको खाया. उसके बाद छोड़ने के बाद उसने कपड़े पहने. मैं फिर उसको इसबत छ्चोढ़ के ऑफीस चला गया. 1 बजे वो घर पहुँची. 10 मिनिट बाद फिर कॉल आता है. मेरे होश उडद गये. उसने बताया वो अपनी पनटी हमारे बेड पर ही भूल गयी. मैं बॉस को बोला घर जाने देने के लिए. बॉस ने कहा 3 बजे निकल जाना मीटिंग के बाद.

मगर मीटिंग ख़तम होने में 4 बाज गये. मेरी जान अटकी हुई थी. फटाफट कॅब की, और 5:30 तक घर पहुँचा. तब तक सुषमा की जान मेरे से ज़्यादा अटकी हुई थी. बाइ चान्स रूबी पहले आ जाती, तो हम तो गये थे. मगर उस वक़्त तक नही आई थी. मैने पनटी ली, और उसको फाड़ के डस्टबिन में फेंक के आया. वो भी दिन याद रहेगा.

अब हमारा रात को बात करना छूट चुका था. ऑफीस में थोड़ी बहुत होती थी. अब धीरे-धीरे सब छूट रहा था. अब मैं कुछ नही कर सकता था, ना वो. नेक्स्ट 1 साल मुस्किल से 3 बार मुश्किल से छोड़ा सुषमा को. रूबी और सुषमा की ज़्यादा आचे से बनती नही थी. जुलाइ में रूबी ने कहा उसकी जॉब कॅनडा लग गयी थी. मेरे पैरों से ज़मीन खिसक गयी.

मैं बोला: यहा सब सही तो चल रहा है. कॅनडा जाने की ज़रूरत क्या है?

मगर वो मानी नही.

मैने बोला: मेरी जॉब ना लगी तो वाहा क्या होगा?

वो बोली: लग ही जाएगी.

वो मानने को तैयार नही थी. फिर लड़ाई हुई हामारी.

वो बोली: कब तक मम्मी के पल्लू से बँधे रहोगे?

मुझे ऐसा लग रहा था जैसे वो मम्मी से डोर जाना चाहती थी.

मैने मम्मी को बताया. वो एक-दूं से सुन्न थी. वो कुछ नही बोली. मुझे पता था अब ख़तम हो रहा था सब कुछ. मैं बहुत रोया. एक बार मार्केट में था मैं. मैने मम्मी को कॉल की.

वो बोली: अब तो मुझे भूल जाओगे. अपनी सुषमा से पीछा छूटा. मैं चीख के रोया मार्केट में. मैं फुट के रोया मार्केट में. मगर रूबी नही मान रही थी. अब मेरे पास कुछ ऑप्षन नही था.

सुषमा बोली: चला जेया, यही तक सफ़र था हमारा.

मगर मेरा मॅन नही मान रहा था. अब कोई ऑप्षन नही था. बॉस को बताया वाइफ के बारे में की उसकी जॉब कॅनडा लग गयी है, और हो सके तो वाहा की लोकेशन दिलवा दे. बॉस अछा था, उसने वाहा की लोकेशन दिलवा दी. जाने से पहले सुषमा से मिला. बस किस किया उसे, और वो भी रोई.

मैने बोला चूड़ने आने के लिए, लेकिन वो नही मानी. वो उस दिन चूड़ने नही आई. मैं बहुत उदास था. हम कॅनडा पहुँचे. मेरा मॅन बिल्कुल भी नही लग रहा था.

आयेज के कहानी मैं इस पार्ट के पब्लिश करने के बाद ही बतौँगा. आज हमारी सिचुयेशन क्या है. एक पार्ट रह गया लास्ट. आप जो भी पूछना चाहते हो कॉमेंट कर सकते हो, उसमे बता दूँगा.

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