मा-बेटे की होटेल जा कर चुदाई की मस्त कहानी

हेलो दोस्तों, ये मेरी पहली कहानी है. उम्मेड करता हू की आप लोगों को पसंद आएगी. तो चलिए शुरू करते है. मेरा नाम सुमित है, और मेरी मा का नाम ज्योति है. मैं मा के साथ गंगटोक गया था.

अब मा के बारे में बता डू. मा की हाइट 5’3″ है. उनका फिगर मस्त है 36-34-38 का. मैने मा को नंगा करके मापा है. ये बात 2020 की है. हम गंगटोक गये थे तौर पे. मा और मैने गंगटोक पहुँचते ही होटेल लिया, और घूमने निकल गये.

फिर मैने मा के साथ बहुत घूम के अपने होटेल आ गया, और हम सोने चले गये. मैं सो गया था. फिर रात को करीब 1 बजे मेरी नींद खुली. मैने देखा मा मेरे लंड से खेल रही थी. मैं सोने का नाटक करता रहा.

फिर मा मे मेरा लंड मेरी पंत से निकाल के अपने मूह में ले लिया, और चूसने लगी. मुझे भी मज़ा आने लगा था. फिर मैं उठा, और मा को मैने बोला-

मैं: मा ये आप क्या कर रही हो?

मा दर्र गयी. मैने महसूस किया की मा को चूड़ना था. फिर मैने मा को बोला-

मैं: ये सब क्या है?

मा ने बताया की पापा मा को नही छोड़ते थे, और पापा किसी और को पेलते थे. ये बोल कर मा रोने लगी, और मैने मा को बोला-

मैं: मा मैं हू ना. चलिए मा मैं आपको छोड़ूँगा.

ये सुन कर मा खुश हो गयी. फिर मा को मैने अपनी बाहों में भर लिया, और एक किस करने लगा. मा को भी मज़ा आया. फिर मैं मा को नंगा करने लगा, और मा के कपड़े निकालने लगा.

अब मा सिर्फ़ ब्रा और पनटी में थी. मा के बाद मैं भी पूरा नंगा हो गया, और मा की पनटी भी उतार दी. मा की छूट पूरी पिंक थी. मैं छूट चाटने लगा, और मा मोन करने लगी.

वो बोल रही थी: चूस बेटा मेरी छूट. बेटा आहह ओइईई बेटा चूस.

उन्होने मेरे बाल पकड़ एक अपनी छूट पे मेरा मूह पूरा सता दिया, और फिर मा झाड़ गयी. मैने मा की ब्रा उतार दी, और मा के दूध चूसने लगा, और काटने लगा. मा को बहुत मज़ा आया.

फिर मैने मा को अपना लंड चुस्वाया, और मा चूस रही थी मेरी तरफ देख के. कितना मज़ा आ रहा था. उसके बाद मैं मा को छोड़ने के लिए आयेज बढ़ा. मा ने मुझे रोक लिया. मैने सोचा ये बेहन की लोदी ने क्यूँ रोका मुझे.

फिर मा ने कहा: मुझे इस तरह से नही चूड़ना है. पहले तुम मा से जीत जाओ. तब मा तुमसे चूड़ेगी.

मैने बोला: मा कैसी जीत?

मा ने बोला: बेटा मुझे मार खा के चूड़ना पसंद है. अगर तूने मुझे मार-मार के हरा दिया, तो छोड़ना मेरी छूट. मैने अब मा को एक थप्पड़ मारा, और मा हास रही थी. फिर मा को मैं ज़ोर-ज़ोर से थप्पड़ मारता रहा. मा को कोई फराक नही पद रहा था.

ऐसा लग रहा था जैसे उनको मज़ा आ रहा था. फिर मैने अपनी बेल्ट निकली, और मा की गांद फटत गयी. मैने उनको 2-3 बार मारा, और फिर उन्होने मुझे चुदाई करने को बोला.

फिर मैं मा को मिशनरी पोज़िशन में छोड़ने लगा ज़ोर-ज़ोर से. मा चिल्लाने लगी जब मेरा 8 इंच का लोड्‍ा मा की छूट में जेया रहा था. मैने मा को करीब 30 मिनिट तक छोड़ा रहा. लेकिन अपना माल मैने नही निकाला.

मा उस बीच 4 बार झाड़ गयी थी. उनकी हालत खराब हो गयी थी. मा मेरे बगल में लेट के मुझसे बात कर रही थी. मैने मा से बोला-

मैं: कैसा लगा मा?

मा ने मुझे बताया, की ऐसी चुदाई आज तक किसी ने नही की थी उनकी. फिर मा को मैने अगली बार से चुदाई करने से माना कर दिया.

मा ने बोला: क्यूँ?

मैने मा को बोला: अगर मैं आपको छोड़ू, तो आपको मेरी रखली बनना होगा, और आपको मैं जो बोलू वो करना होगा. नही करोगी, तो मैं आपको पनिशमेंट दूँगा. वो भी बहुत ज़्यादा.

मा ने कहा: ठीक है. मैं वैसा ही करूँगी जैसा तू कहेगा.

फिर मैने मा से कहा: मुझे आपकी गांद मारनी है मा.

मा ने माना किया तो मैने बोला: अब आपको पनिशमेंट मिलेगी.

फिर मैने होटेल में फोन करके दारू और चिकन मँगवाया, और मा को नंगा ही रखा. मैने अपनी पंत पहन ली, और मा को बोला-

मैं: जो लड़का दारू लेके आएगा, उससे आप नंगी ही समान लेंगी.

फिर ठीक 15 मिनिट में डोरबेल बाजी. मा उठ के जाने लगी, तो मैने कम इन बोल दिया. वो लड़का अंदर ही आ गया. वो मा को देख के हड़बड़ा गया, और चिकन की ग्रेवी अपने उपर ही गिरा ली.

मैने मा को बोला: जाओ इसको बातरूम में ले जेया के सॉफ करो.

मा ने वैसा ही किया, और सर झुका के जाने लगी. मैने उस वेटर को अपने पास बुलाया, और बोला-

मैं: जाओ इसको छोड़ो, और मारना भी इसको.

वो खुश हो गया. फिर क्या था, 2 मिनिट बाद मा की चीखें सुनाई देने लगी. करीब 15 मिनिट बाद वो निकला मा को गोद में उठाए हुए. मा के जिस्म पे उसके दाँत के दाग थे. और पुर शरीर पे हाथ के निसन थे.

वो बोला: सिर और कुछ करना है?

मैने बोला: यार तूने मारा है की नही?

वो बोला: सिर मारा है मैने.

मैने बोला: दिख तो नही रहा है. मा की गांद फटत रही थी.

वो बोला: सर अभी तोड़ा और मारूँगा.

मैने बोला: ओक.

फिर मा को उसने उसके दोनो दूध पकड़ के बिस्तर से उठा दिया, और मारने लगा.

वो बोल रहा था: मुझे इसकी गांद मारनी है.

मैने ना बोला और उसको जाने को बोला. वो चला गया. फिर मा को मैने पेग बनाने को बोला. और वो बनाने लगी. फिर मैं और मा दोनो पीने लगे.

हमने पूरी बॉटल ख़तम कर दी, और मैने मा को 70% पिलाया और मैं खुद 30% पिया. मा का फर्स्ट टाइम था, तो मा होश में नही थी. फिर मैं मा को किस करने लगा, और मा भी मज़े से किस कर रही थी.

मैने बोला: रंडी चल घोड़ी बन जेया.

वो बन गयी. अब मैं मा की गांद में अपना लोड्‍ा घुसने जेया रहा था. मैने लोड्‍ा रख के एक झटका मारा, और मा चीख दी. फिर भी मैने उनकी चीखों को अनसुना किया, और पूरा 8 इंच का लोड्‍ा उनकी छूट में घुसा दिया.

मा बेहोश हो गयी, और मैं मा की गांद मारने लगा. बहुत टाइट गांद थी. मैं गांद पे थप्पड़ मार-मार के पेल रहा था. मा को होश आया, और फिर वो चिल्लाने लगी.

फिर मैने मा को बोला: कैसा लग रहा है?

मा ने कहा: दर्द तो बहुत हो रहा है. पर मज़ा भी आ रहा है.

फिर मेरा होने वाला था. मैने अपने आप पे कंट्रोल किया, और माल नही निकाला.

इससे आयेज क्या हुआ वो आपको अगली कहानी में पता चलेगा. आयेज आपको पता चलेगा की मैने मा के साथ क्या-क्या किया. अगर आपको कहानी पसंद आई हो तो मुझे कॉमेंट्स में बताए.

यह कहानी भी पड़े  सहेली के साथ ज़बरदस्त ऑर्गॅज़म वाली सेक्स कहानी


error: Content is protected !!