मा बेटे की चाहत एक दूसरे के लिए इन्सेस्ट सेक्स स्टोरी

ये पार्ट लिखने मे मुझे तोड़ा ज़्यादा ही समय लग गया. क्यू की मई काफ़ी टाइम से बीमार था. मुझे भी डेंग हो गया था. इतना लंबा इंतेज़ार करने के लिए आप लोगो का बहुत-बहुत शुक्रिया. तो चलिए अब मई आप सबसे सॉरी कहते हुए आयेज की बात बताता हू.

पिच्छाले पार्ट मे आपने पढ़ा की कैसे मों ने मुझे पहले बातरूम मे बुलाया. और पीठ सॉफ करने के बहाने मुझसे खुद को रगड़वाने लगी.लेकिन जैसे ही मई मों की छूट को रगड़ने के लिए मों की पनटी मे हाथ डाला. तो मों ने मुझे एकद्ूम से ही रोक दिया.

अब आयेज…

मों- नही बेटा…दोस्ती मे इतना बहुत है. और कुछ भी हो मई अपने बेटे से छुड़वा नही सकती. ये कहते हुए मों मेरी तरफ मूड गयी.

मई- मों प्लीज़ करने दो ना,

मों- मेरा हाथ पकड़ के अपनी पनटी से बाहर निकली और मेरे हाथों को अपने बड़े-बड़े बूब्स पे रखते हुए बोली…बेटा तुझे बस इतने से ही संतोष करना पड़ेगा. मई तुझसे इससे ज़्यादा नही करवा सकती.

मई- मुझसे नही हो रहा मों और मई मों के हाथ मे अपना लंड दे दिया…मों ये देखो कितना हार्ड हो गया, प्लीज़ आज मुझे मत रोको मों,

मों- देख मई तुझसे दोस्ती की हू. इसलिए तुझे इतना करने दी हू. वरना मुझे बिल्कुल ये पसंद नही की मई अपने बेटे से चड़वौ.

मई- मों मई किसी से नही बतौँगा की मैने आपको छोड़ा है. मों प्लीज़ एक बार छोड़ने दो ना.

मों- प्लीज़ बेटा ज़िद मत कर. मई कोई रंडी नही हू जो कोई भी छोड़ लेगा और मुझे फराक नही पड़ेगा. तू प्लीज़ बात को समझने की कॉसिश कर.

मई- ओह मों! आप रंडी नही मेरी तमन्ना हो.इसलिए मई आप को पाना चाहता हू…और मई मों के बूब्स को ज़ोर-ज़ोर से मसलने लगा,

मों- अगर तुझे पूरा चाहिए तो तुझे पहले मेरा बॉय फ्रेंड बनाना होगा. और तूने तो आज तक मुझे प्रपोसे भी नही किया है?

मई- अच्छा तो ये बात है, मई अभी आपको प्रपोसे कर देता हू…ई लोवे योउ मों,

मों- ये प्रपोज़ल नही माना जाएगा. मई तुझसे फुल कमिटमेंट चाहती हू और हमेशा के लिए बस तेरी बनके रहना चाहती हू. क्या तू ये नही चाहता?

मई- हन मों मई भी यही चाहता हू की आप सिर्फ़ ओर सिर्फ़ मेरी हो जाओ…ये कहते हुए मई मों के होतो पे किस करने के लिए झुका,

मों- मेरे होठों को अपनी उंगली से रोकते हुए…ये सब तुझे अब मेरा बॉय फ्रेंड बनाने के बाद मिलेगा.

मई- ओह मों! जब आपको कुछ करवाना ही नही था तो फिर मुझे इतना करीब बुलाई ही क्यू?

मों- मैने कब माना किया कुछ करने से. बस मई सेक्स करने से तुझे अपना पक्का वाला बाय्फ्रेंड बनाना चाहती हू.

मई- मों को अपनी बाहों मे भरते हुए…ठीक है मेरी जान. तो अब मई आपका बाय्फ्रेंड बनाने के बाद ही आपके साथ सुहग्रात मनौँगा.

मों- ये हुई ना मर्दों वाली बात और मों मेरे गाल पे किस कर ली. अब मों एक नॉटी स्माइल पास करते हुए…अब मई नहा लू बेटा?

मई- हन मों नहा लो…और अब मई मों की गंद को ज़ोर से मसलते हुए बातरूम से बाहर आ गया.

मेरे बाहर निकलते ही मों ये कहते हुए बातरूम लॉक कर ली की “अब तुझसे पीठ नही सॉफ कार्ओौनगी, तू पीठ छ्चोड़ के कुछ और ही सॉफ करने के चक्कर मे पद गया है.” और मों ज़ोर-ज़ोर से हसने लगी. जिसे ये पता चल रहा था, की वो भी बहुत खुस है.

अब मई बातरूम से बाहर निकल आया. और बस यही सोचने लगा की मों को कैसे इंप्रेस किया जाए. ताकि मों अपना सब कुछ मुझे सौप दे. यही सोच के मई गूगले पे सर्च करने लगा की “बड़ी उमरा की औरतों को कैसे इंप्रेस करे?कैसे पटए?कैसे छोड़े?”

काफ़ी सारे आर्टिकल्स पढ़ने के बाद पता चला की बड़ी उमरा की औरतों को सेक्स से ज़्यादा रोमॅन्स पसंद है. इसलिए अब मई मों को प्रपोसे करने के किसी रोमॅंटिक तरीके के बारे मे सोचने लगा.तभी मुझे याद आया की आज ह्यूम निम्मी आंटी के वाहा पार्टी मे जाना है.

मई ये सब सोच ही रहा था की तभी मों भी नहा के बातरूम से निकली. वाउ! मों एक छ्होटे से टवल मे बाहर निकली थी. ये टवल इतना छ्होटा था, की मों के बूब्स बस थोड़े से ही ढके हुए थे.और टवल गंद के बस चार उंगली नीचे तक ही ढाका हुआ था.

मई- मों आप गीले बालों मे और इस टवल मे एक दूं अफ़सरा लग रही हो.

मों- स्माइल करते हुए…हन हन मई तेरे इरादों को समझ रही हू.

मई- इरादे समझ रही हो पेर दे नही रही हो.

मों- मई अपने बेटे को माना कर रही. जब तू मेरा बाय्फ्रेंड बन जाएगा तब तू मेरा जलवा देखियो.

मई- ये सुनने के बाद तो मुझे आपको बीवी बनाने का म्न करने लगा है.

मों- अच्छा, ऐसा है क्या? तो फिर बना लेना, किसने रोका है तुझे?

मई- ज़रूर बनौँगा मों…और मई टवल को तोड़ा उपेर उठा के मों की गंद को मसल दिया. चुकी मों नीचे से नंगी थी इसलिए तोड़ा छूट भी सहला दिया.

मों- तुझे पता भी है, जिस जिस्म को तू इतनी आसानी से मसल रहा है. वो तेरे दाद ने बड़ी मेहनत के बाद मिला था.

मई- हन, उस समय ये माल भी तो बिल्कुल ताज़ा रहा होगा. मुझे तो काफ़ी छोड़ा हुआ मिल रहा है.

मों- एक बार मेरा हज़्बेंड बनके तो देख.ये छोड़ा हुआ माल अगर तुझे 18 की लड़कियों वाला मज़ा ना दिया तो फिर कहना.

मई- वो तो वक्त बताएगा, पेर इतना मुझे पता है की आप बहुत दीनो से चूड़ी नही हो. तो छूट टाइट ही मिलने वाला है.

मों- आज कल बहुत बड़ी-बड़ी बाते करने लगा है. मई भी देखती हू की तुझमे कितना दूं है.

और मों अपनी गंद मतकते हुए अपने रूम मे चली गयी. मई भी पिच्चे-पिच्चे जाने लगा. अब मों रूम मे घुसते ही टवल उतार दी.और बेड पे पड़ी पनटी को पहन ली. मों को ये पता था, की मई वही हू. इसलिए मों मेरी तरफ पीठ करके अब ब्रा पहनने लगी.

मों- ब्रा पहनते हुए…बेटा ज़रा ये ब्रा की स्त्रेप लगा दे.

मई- रूको अभी लगा देता हू…और मई स्त्रेप लगा दिया.

मों- ब्रा की स्त्रेप लगते ही एक पिंक निघट्य पहन ली.

मई- मों को बाहों मे भरते हुए बोला…कपड़े म्ट पहनो ना मों. आप बिना कपड़ों के बहुत अच्छी लग रही थी.

मों- चल हॅट बदमाश, मुझे बहुत काम है अब. पहले तो लंच करना है और फिर पार्लर जाना है.

मई- पार्लर क्यू जाना है मों?

मों- तू भूल गया, आज ह्यूम निम्मी के वाहा पार्टी मे जाना है.

मई- श हन मों, मई तो भूल ही गया था.

मों- मई खाना ख़ाके तो पार्लर जौंगी. तो पहले तू मुझे वाहा छ्चोड़ देना. और फिर मई वही से निमी के वाहा जौंगी.तो शाम को तू मुझे वही से पिक कर लेना. लगभग 7 बजे के करीब पार्लर पे आना.

मई- इतना टाइम आप पार्लर मे करोगी क्या?

मों- अरे आज फुल बॉडी वॅक्स कार्ओौनगी. उसमे बहुत टाइम लगता है. फिर तैयार होने मे भी टाइम लगेगा. और देख 2 तो तूने अभी ही बजा दिया है.

मई- मों के गाल पे अपना गाल रगड़ते हुए…ठीक है मों, आप जैसा कहोगी वैसा कर दूँगा.

मों- चल अब लंच करते है..4 बजे के बाद मुझे पार्लर छ्चोड़ देना.

अब हम दोनो ने साथ मे लंच किया. फिर मों बेड पेर लेते-लेते टीवी देखने लगी. और मई मों के पैरों की मालिश करने लगा. साथ ही उनकी जांघों से लेके उनके बूब्स तक को सहलाने लगा. अब मों वही सो गयी और तब मई भी मों को हग करके उनके साथ सो गया.

लगभग एक घंटे बाद हम दोनो की नींद एक साथ टूट गयी. तब घड़ी मे चार बजाने वेल थे. अब मों का एक पैर मेरे पैर पे था. और उनके बूब्स मेरे चेस्ट से दबे हुए थे. हम दोनो के होत भी एक दूं पास थे. इसलिए मई बिना देर किए मों के होतो को झटके से चूम लिया. और मों की आँखों मे देखने लगा.

मों भी कुछ देर मेरी आँखों मे देखी. फिर मेरे उपेर चढ़ के मेरे होठों को चूसने लगी. अब मों मेरे होठों को चूसने के साथ ही अपनी छूट को मेरे लंड पे रगड़ने लगी. मई भी होठों को चुसते हुए उनके बूब्स को ब्रा के उपेर से मसल रहा था.

मई- मों चलो ना एक बार हो जाए.

मों- एक बार क्या? 1000 बार होगा पेर अभी नही रात मे. चल अभी पार्लर चलते है.

मई- तो मई आपको अभी तभी छ्चोड़ूँगा जब आप रात मे दुल्हन की तरह साज के मेरे पास आओगी.

मों- वो तो मई पहले से प्लान कर रखी हू. तभी तो तुझे बातरूम मे छोड़ने नही दी.

ये सुनते ही मेरा जोश एकद्ूम से बढ़ गया. और मई मों के होठों को फिरसे चूसने लगा. मों भी थोड़ी देर मेरा साथ दी और फिर उठके जाते हुए बोली, “चल अब मुझे पार्लर छ्चोड़ दे. मुझे बहुत काम है.”

कुछ देर मे मई मों को पार्लर छ्चोड़ आया.और फिर घर को सजाने मे लग गया.जब तक मों पार्लर मे रही. तब तक मई घर को सजाता रहा. 2 घंटे बाद घर पूरी तरह से साज गया. फिर मई फूल वेल को बोल के बेड को भी सुहग्रत वेल बेड की तरह साजवा दिया. तभी लगभग 7 बजे ही होंगे की मों का कॉल आया.

मों- हेलो बेटा, तू 7:30 बजे तक यहा पार्लर मे आजा. मई यहा से सीधे पार्टी मे चलूंगी. इसलिए तू भी तैयार होके ही आना.

मई- कपड़े चेंज नही करोगी क्या मों?

मों- वो सब तो मई लेके आई थी. मेरा मेकप हो रहा है. तू भी थोड़ी देर मे आजा.

मई- ठीक है मों, मई आधे घंटे मे आ जौंगा.

मों- ठीक है बेटा.

अब मई भी एकद्ूम से तैयार होके घर से निकल गया. आज मई अपने दाद की पुरानी कार लेके निकाला था. जोकि मों को बहुत ज़्यादा ही पसंद थी. अब आयेज की कहानी मई अगले पार्ट मे बतौँगा. जो की आप लोगो को जल्दी ही पढ़ने को मिल जाएगी. तब तक के लिए बाइ दोस्तों.

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