कहानी जिसमे मा और पड़ोसी की जान-पहचान हुई

हेलो फ्रेंड्स, मेरा नामे सौरव है, और मैं अभी 25 साल का हू. लेकिन ये कहानी अभी की नही है. ये कहानी आज से ठीक 7 साल पहले की जब मैं 18 साल का था.

मैं देल्ही का रहना वाला हू. मेरी फॅमिली मैं हम 4 लोग है मैं, पापा, मा, और मेरी छ्होटी बेहन.

मे: सौरव (18) का 7 साल पहले.

पापा: संजय (आगे 44 यियर्ज़).

मा: शुषमा (आगे 38 यियर्ज़).

छ्होटी भें: अंजलि (आगे 17.5 यियर्ज़).

पापा के बारे में बता डू, तो वो एक टूरिस्ट गाइड है जो की फॉरिनर्स को गाइड करते है, और काफ़ी हफ्ते और महीने घर भी नही आते, क्यूंकी वो अलग-अलग स्टेट्स में टूरिस्ट को गाइड करते है. दिखने में पापा ठीक-ताक है. हाइट भी ज़्यादा नही है.

मा के बारे में बता डू, तो वो सारा जे जैसी डेक्त्ी है. तो आप इमॅजिन कर सकते हो, की वो कितनी हॉट है. बुत फेस अलग है. फेस उनका ऐसा है, की अगर होंठ के पास लंड रख दो, तो तुरंत झाड़ जाए.

ऐसे माल जैसी मा को एक छूतिए ने छोड़ा. और मा घर अक्सर निघट्य ही पहनती है, क्यूंकी वो थोड़ी कंफर्टबल होती है. डीप नेक वाली निघट्य, जिससे उनके आधे बूब्स दिखते है. अब मैं कहानी पे आता हू.

ये बात तब की जब पापा घर पे नही थे, और कोई रशियन टूरिस्ट को ट्रिप पे तमिलनाडु लेके गये थे लगभग 2 या 3 महीनो के लेए.

तो जिस फ्लोर पे हम रहते थे, उसके उपर एक फ्लोर खाली था. फिर एक हफ्ते बाद उस फ्लोर का मालिक आया कोई हज़्बेंड और वाइफ को लेकर फ्लोर दिखाने. उस आदमी ने वाइट कुर्ता और पाजामा और सर पे टोपी पहन रखी थी.

उसकी बीवी ने बुरखा पहन रखा था. उसकी बीवी को देख के लग रहा था, की वो प्रेग्नेंट थी, और उसके साथ उसका बेटा भी था जो (10) साल का होगा. तो वो फ्लोर देख के नीचे आया. फ्लोर के मालिक का नाम मार्टिन था, और उसने मुझसे पूछा-

मार्टिन: बेटा कैसे हो?

मे: बढ़िया अंकल, आप बताओ?

मार्टिन: बेटा मम्मी कहा है?

मे: अंदर खाना बना रही है.

मार्टिन: ज़रा बुलाना मम्मी को.

मैने मम्मी को आवाज़ लगाई, तो मम्मी बाहर आई. मम्मी पसीने से भीगी हुई थी, और हाथ में बेलन लेके बाहर आई थी.

मम्मी: क्या हुआ, तुझे क्यूँ बुलाया?

तब मम्मी को पता नही था की बाहर मार्टिन आया हुआ था.

मम्मी: अर्रे आप, बोलो भाई साहब क्या हुआ?

मार्टिन: अर्रे भाभी जी, माफ़ करना. मैने आपको परेशन कर दिया. वो ये आपके नये पड़ोसी है. इनका नाम (अंकल का नाम) सबाद करीम है, और इनका (आंटी का नाम) फ़ातिमा है. और ये आपके नये पड़ोसी है. इनको मिलवाने लाया हू आप से.

मम्मी: अछा चलो बढ़िया है. कोई तो पड़ोसी आया, जिससे हम बात कर सकते है.

नही तो ये जो बिल्डिंग है, उसमे 3 फ्लोर है. 1स्ट्रीट फ्लोर में कुछ फॅक्टरी वालो ने अपना समान डाल रखा है, और 3र्ड फ्लोर खाली है. और हम 2न्ड फ्लोर पे रहते है.

मार्टिन: जी भाभी, ये परसो तक शिफ्ट हो जाएँगे.

मम्मी: अछा है. अर्रे देखो मैने आपको छाई के लिए तो पूछा ही नही. आइए अंदर छाई और खाना खा के जाना.

मार्टिन: अर्रे नही-नही, परसो अवँगा, तब खाना खा के जौंगा.

मम्मी: जी ठीक है, नमस्ते.

सबाद: जी खुदा हाफ़िज़.

आंटी: जी खुदा हाफ़िज़.

मैने पहली बार सुना था ये. फिर 2 दिन के बाद वो फॅमिली शिफ्ट हो गयी. 4 दिन हो गये थे. अभी तक हमारी उनसे कोई बात नही होती थी. फिर एक दिन मम्मी च्चत पर कपड़े सूखने गयी. तब मैं भी गया था मम्मी के साथ च्चत पे.

तब अंकल बनियान और लूँगी में अपने कपड़े सूखा रहे थे.

मम्मी: जी आप आए है कपड़े सूखने, बेहन जी नही आई?

अंकल: जी हा, वो पेट से है, तो सारा काम मुझे ही करना पड़ता है. अब कोई नौकरानी भी रखने का सोचता हू तो वो पैसे ज़्यादा मांगती है, तो क्या करे अब?

मम्मी: जी हा, ये तो आपने सही बोला. आपको बहुत तकलीफ़ होती होगी घर का काम करने में.

अंकल: जी हा, लेकिन अब क्या करू? कोई दूसरी बीवी भी तो नही है, की उससे काम करवा साकु.

मम्मी: जी, लेकिन दूसरी बीवी मतलब?

अंकल: जी वो हमारे में दो या टीन जितनी चाहे उतनी शादी कर सकते है.

मम्मी: अछा, वैसे बेहन जी कितने महीने के पेट से है?

अंकल: जी 6 महीने. और वैसे भी घर के काम तो कर लूँगा. लेकिन जो एक मर्द को बीवी या एक औरत दे सकती है, वो मैं कैसे करू?

मम्मी चुप हो गयी, और कुछ नही बोली.

अंकल: जी वैसे आपके शौहर, मेरा मतलब आपके हज़्बेंड कहा है?

मम्मी: जी वो टूरिस्ट गाइड है, और वो फॉरिनर को लेके आउट ऑफ देल्ही गये है. वो 2 या 3 महीनो में आएँगे.

अंकल: जी आपको भी बहुत तकलीफ़ होती होगी कोई समान वग़ैरा लाने मैं. अगर मेरे लायक कोई काम हो, तो मुझे बता देना.

मम्मी तोड़ा सोच में पद गयी, और बोली-

मम्मी: जी ठीक है.

अंकल: जी आपसे एक बात बोलू?

मम्मी: हा.

अंकल: वो मेरी बेगम घर में अकेले रहती है. अगर आपको कोई ऐतराज़ ना हो, तो आप उससे मिलने आ जया करे.

मम्मी: हाजी ज़रूर अवँगी मिलने.

और अंकल नीचे चले गये, और मम्मी कपड़े सूखने लगी. जब मम्मी और मैं नीचे जेया रहे थे, तब अंकल के घर से आवाज़ आ रही थी. वो आवाज़ मम्मी और मैने दोनो ने सुनी और हम दोनो सोचने लग गये.

अंकल के बारे में बता डू. तो उनकी ज़्यादा हाइट नही थी, लेकिन वो मम्मी से लंबे थे. सावले थे वो, और पतले थे. आंटी को मैने अभी तक बुरखा में देखा था, तो अभी उनके बारे मैं कुछ नही बता सकता.

आयेज की स्टोरी बहुत इंटरेस्टिंग होने वाली है. हो सकता है की स्टोरी डालने में तोड़ा लाते हो जाए. लेकिन स्टोरी ज़रूर आएगी. आयेज की स्टोरी नेक्स्ट पार्ट में.

किसी लड़की को या आंटी को मेरे से बात करनी है, या पानी निकलना हो.

वो मुझे इस रेंचोबबा5@गमाल.कॉम पे मैल करे. मैं ज़रूर रिप्लाइ करूँगा. या किसी को कोई स्टोरी बतानी हो, तो भी मैल करे.

और इससे पहले वाली जो स्टोरी है

“मा की छूट” मैं “पड़ोसी का पानी” उसका भी पार्ट बहुत जल्द आने वाला है.

तो बे कंटिन्यूड……

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