लॉकडाउन में दोनो भाभियों को चोदने की स्टोरी

नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम आकाश है. लेकिन सभी लोग प्यार से अन्नू बुलाते है. रंग गोरा है, और मैं हॅंडसम बॉय हू. मैं सेक्स स्टोरी का रेग्युलर पाठक हू. ये मेरी फर्स्ट स्टोरी है, तो कोई ग़लती हो जाए तो माफ़ कीजिएगा. अब मैं स्टोरी पर आता हू.

ये स्टोरी 2020 लॉक्कडोवन् की है. मेरी आगे 24 एअर है. हम लोग हरियाणा के एक गाओं में रहने वाले है. मेरे परिवार में मेरे माता-पिता और मेरे दो बड़े भाई है. सबसे बड़े भाई संजय और दूसरे सोनू (नामे चेंज्ड). संजय भैया की आगे 35 यियर्ज़ है, और सोनू भैया की आगे 30 यियर्ज़ है. दोनो भाई देल्ही में सर्विस करते है.

देल्ही में उन दोनो ने एक फ्लॅट रेंट में लिया है. वो दोनो वही पर रहते है. मैं भी वही आता-जाता हू. मेरे दोनो भाइयों ने बिहारी लड़कियों से लोवे मॅरेज की थी. उन दोनो भाभियों का नाम पद्मा और पूजा (नामे चेंज्ड) है.

पद्मा भाभी की आगे 33 यियर्ज़ है, रंग सावला, फिगर 32-29-36 है. मस्त माल है वो. और पूजा भाभी की आगे 28 यियर्ज़, रंग गोरा, फिगर 30-28-34, मस्त माल है. किसी से भी कम नही है दोनो.

मेरे दोनो भाइयों की शादी 2017 में हो गयी थी. दोनो भाभियों को एक-एक बेटा है. मेरे दोनो भाइयों की फॅमिली देल्ही में रहती है, और मैं अपने माता-पिता जी के साथ गाओं में रहता था. लेकिन ग्रॅजुयेशन के लिए देल्ही में आता-जाता रहता था. मैं शुरू से ही अपनी दोनो भाभियों को लाइन मारता रहता था.

मेरी दोनो भाभियाँ खूब मज़किया नेचर की है. फेब्रुवरी 2020 में मेरे दोनो भाई कंपनी के काम से बाहर चले गये, और मेरे पिता जी ने मुझे उनके फ्लॅट में भेज दिया. फिर मार्च में लॉक्कडोवन् लग गया, तो दोनो भाई बाहर फ़ासस गये. मैं और मेरी दोनो भाभियाँ देल्ही में एक फ्लॅट में रह गये थे.

फ्लॅट के आस-पास के रूम्स भी खाली पड़े थे. शायद वो लोग भी अपने गाओं से नही लौटे होंगे. मेरे भाइयों ने मुझे दोनो भाभियों का ख़याल रखने को कहा और वही फ्लॅट में ही रहने को कहा. फ्लॅट बहुत छ्होटा था. वाहा पर एक ही टाय्लेट और बातरूम अटॅच्ड था. फिर होली का टाइम आया.

रात में होली जलाने के बाद अब होली खेलने का टाइम आ गया था. मैने दोनो भाभियों को खूब रंग लगाया. इसी बीच पद्मा भाभी ने मेरी बनियान और पूजा भाभी ने मेरी चड्डी खीच ली, जिससे मेरी बनियान फटत गयी, और चड्डी उतार गयी. फिर मैने पद्मा भाभी का पीछा किया, और उनके साथ टाय्लेट में घुस गया. अंदर घुसते ही मैने डोर लॉक कर दिया, और पद्मा भाभी की मॅक्सी फाड़ दी.

अब वो ब्रा और पनटी में थी. फिर मैने उनकी ब्रा और पनटी भी फाड़ दी. अब हम दोनो टाय्लेट में नंगे हो गये. भाभी तोड़ा शरमाने लगी. फिर मैने रंग लिया, और उनके बूब्स और उनकी छूट में भी खूब रंग लगाने लगा. काफ़ी देर रंग लगाने के बाद पद्मा भाभी बोली-

पद्मा: सारी होली मेरे साथ ही खेलोगे? या पूजा के साथ भी खेलोगे?

फिर मैं और भाभी टाय्लेट से बाहर आए, और पूजा भाभी को पकड़ लिया. मैने उनकी भी मॅक्सी फाड़ डाली. फिर पद्मा भाभी ने पूजा भाभी की ब्रा और पनटी फाड़ डाली. मैने पूजा भाभी के बूब्स और छूट में खूब रंग लगाया. फिर मैने पद्मा भाभी और पूजा भाभी की गांद में खूब रंग लगाया. अब हम तीनो वाइल्ड हो गये थे. हम तीनो पूरी तरह से खुल चुके थे.

मेरा 9 इंच का लंड पूरा अकड़ ले चुका था. फिर पद्मा भाभी मेरा लंड चूसने लगी. मैने पूजा भाभी को मूह पर बैठने को कहा, और वो आ कर बिना देर किए मूह पर बैठ गयी. मैं उनकी छूट चाटने लगा. मेरे दोनो हाथो में पूजा भाभी के बूब्स और मूह में उनकी छूट थी.

क्या मज़ा था. थोड़ी देर बाद वो चिल्लाने लगी और ह आह की आवाज़ के साथ मूह पर ही झाड़ गयी. अब मैं भी पद्मा भाभी के मूह में ही झाड़ गया. फिर मैने पूजा भाभी को लंड पर बैठने को कहा, और पद्मा भाभी को मूह पर बैठने को कहा. दोनो ने पोज़िशन बदल ली.

पूजा भाभी फिरसे मेरा लंड चूस कर खड़ा कर रही थी, और पद्मा भाभी छूट चटवा रही थी. दोनो भाभियों की छूट का टेस्ट भी अलग-अलग था. वो भी मस्त माल छ्चोढ़ रही थी. छूट से एक-दूं दही के जैसा मज़ा आ गया था पद्मा भाभी की छूट चाटने में.

फिर पूजा भाभी लंड पर बैठ रही थी. लेकिन उनकी छूट टाइट होने से लंड अंदर नही जेया रहा था. फिर मैने पद्मा भाभी से पूजा भाभी की हेल्प करने को कहा. तो उन्होने पूजा भाभी के हाथ पकड़ लिए, और मैने पूजा भाभी के पैर पकड़ कर छूट पर लंड रख लिया, और धक्का मारा.

पूजा भाभी ज़ोर से चिल्ला रही थी: आहह मार डाला इस जानवर के लंड ने.

पूरा लंड एक ही बार में उनकी छूट को चीरता हुआ जड़ तक चला गया. थोड़ी देर बाद पूजा भाभी को भी मज़ा आने लगा, और वो ज़ोर से चिल्लाने लगी.

पूजा भाभी: ह मेरे राजा, कहा थे इतने दीनो से? मेरा पति मुझे ऐसा मज़ा कभी नही दे पाया.

थोड़ी देर पूजा भाभी को छोड़ने के बाद मैं झड़ने वाला था.

तो मैने पूछा: भाभी कहा निकालु?

भाभी बोली: अंदर ही झाड़ जेया. मैं ई-पिल खा लूँगी.

फिर मैं ज़ोर-ज़ोर से धक्के लगाने लगा, और ज़ोरदार पिचकारी उनकी छूट में छ्चोढ़ दी. इतनी देर में पूजा भाभी काई बार झाड़ चुकी थी, और पद्मा भाभी को मैं मूह से छोड़ रहा था. फिर हम तीनो नंगे वही लेते रहे. थोड़ी देर बाद मैने दोनो भाभियों से कहा-

मैं: मुझे कमज़ोरी आ रही है. मुझे दूध पीना है.

इतना सुन कर दोनो भाभियाँ बारी-बारी से अपने बूब्स पिलाती रही. मैं काफ़ी देर तक उनके बूब्स पीटा रहा. फिर वो अपने बेबी को दूध पिलाने लगी. फिर शाम हो गयी, और छाई नाश्ते का टाइम हो गया था. हम तीनो ने छाई पी नाश्ता किया, और फिर रात में भाभियों ने खाना बनाया. फिर हम सब खाना खा कर सो गये.

फिर आयेज क्या हुआ, ये नेक्स्ट पार्ट में बतौँगा. तब तक के लिए शुक्रिया, प्लीज़ मेरी स्टोरी का फीडबॅक मुझे आनकुऊ81@गमाल.कॉम पर दे. ताकि मैं नेक्स्ट पार्ट और अछा लिख साकु, धन्यवाद.

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