हेलो फ्रेंड्स. पिछले पार्ट में आपने जाना कैसे मम्मी ने रिमी को सीमी के सामने नंगे होते देख लिया. आयेज क्या हुआ चलिए जानते है-
रिमी: क्या हुआ मम्मी? कपड़े चेंज कर रही हू.
मम्मी: तो सीमी के सामने कर रही है? शरम नही आती?
रिमी: रिलॅक्स मम्मी. वो लड़का थोड़ी है? घर में सब लड़की ही है. क्या प्राब्लम है?
मैने भी मौका का फ़ायदा उठाया.
सीमी: अर्रे हा मम्मी. हम रोज़ ही करते है. ये आम बात है. आपको आज दिखा है, इसलिए इतना रिक्ट कर रही है.
मम्मी: तो तू भी करती है?
सीमी: हा, हम दोनो एक-दूसरे के सामने चेंज करते है. इसमे क्या है?
तब मम्मी थोड़ी शांत हुई.
रिमी: अर्रे आप चिंता मत करो. सब ठीक है.
मम्मी पूरी तरह से नही मान रही थी. पर वो भी मान रही थी की सब लड़कियाँ ही है.
रिमी: अब कर सकती हू? नही बोलॉगी तो हम नही करेंगे.
मम्मी: अभी क्या? सब तो देख ही लिया है तुम दोनो ने. और नही बोलूँगी तो नही करोगी?
रिमी: बस ठीक है, फिर करने दो.
मम्मी: हा ठीक है. बस तोड़ा सावधानी से. खिड़की चेक कर लेना खुला तो नही.
ये बोलते मम्मी चली गयी. मैने खुशी से रिमी को चूम लिया.
सीमी: तू तो जीनियस है.
फिर हम किसी ना किसी बहाने नंगे होते थे मम्मी के सामने, पर वो कुछ नही बोलती थी. कुछ दिन मूह फुलाई थी, पर कुछ दिन में नॉर्मल हो गयी. फिर एक दिन रिमी आई.
रिमी: दीदी मेरे पास एक और आइडिया है.
सीमी: हा बोल.
रिमी: अभी तो मम्मी के सामने हम चेंज करने के बहाने से नंगे हो सकते है. पर कुछ ऐसा करना होगा ताकि पुर घर में नंगे घूम सके.
तो हम एक काम करेंगे. आज मैं नहा के अवँगी और रोज़ की तरह टवल उतार के कपड़े पहनने जौंगी. तभी आप मुझे रोक के किसी बहाने से रूम के बाहर भेजना और मैं ऐसी ही चली जौंगी. फिर देखते है.
सीमी: चल ठीक है.
ऐसे ही हुआ. रिमी बाहर आई. मम्मी लिविंग रूम में झाड़ू लगा रही थी. रिमी ब्रा पहनने वाली थी की मैने कहा-
सीमी: रिमी तोड़ा पानी ला देगी, गला सूख रहा है.
रिमी: हा दीदी, लाती हू दी.
ठीक प्लान की तरह वो बिना कुछ पहने बाहर चली गयी, और किचन में जाने लगी. तभी मम्मी ने रोका.
मम्मी: रिमी ये क्या कर रही है? माना रोज़ का है पर रूम में कर ना. बाहर तो कुछ पहन के आ.
रिमी: क्या मम्मी पहले भी तो समझाया ना ह्यूम आदत है. आप ही बताओ ना यहाँ से वहाँ तक जाने के लिए क्या पहनु? उस दिन आपने ही बोला था की जब देख ही लिया है तो क्या बोलना. इसलिए मैं भी वही बोल रही हू, की जब सब कुछ देख ही लिया है आप दोनो ने, तो कपड़े पहन के रहने की क्या ज़रूरत?
मम्मी चुप थी क्यूंकी कहीं ना कहीं रिमी सही थी.
रिमी: और वैसे भी मम्मी सारा दिन तो बाहर पहनते है. कम से कम घर में अपनी तरह रह सकते है ना? प्लीज़ मम्मी?
मम्मी: ठीक है, जो मर्ज़ी करो तुम लोग. बुत प्लीज़ किसी को पता नही चलना चाहिए की घर में दो नंगी लड़कियाँ रहती है.
हम दोनो हासणे लगे और मम्मी भी स्माइल रोक नही पाई. रिमी ने मम्मी को हग किया.
रिमी: आप चिंता मत करो. नही पता चलेगा. अब रह सकती हू, नंगी?
मम्मी ने रिमी के गांद पर छाँटा मारा: हा जेया जो मर्ज़ी कर.
हम दोनो को खुशी का ठिकाना नही था. उस दिन से हम घर में खुशी-खुशी नंगे रहने लगे. कुछ दिन में मम्मी को भी इसकी आदत हो गयी. फिर हुँने सोचा मम्मी के मस्ती करने के बहाने एक-दूसरे को यहाँ-वहाँ छूटे है तो इसकी भी आदत हो जाएगी मम्मी को. फिर एक-दूसरे को टच भी कर पाएँगे.
अगले दिन से ऐसे ही किया. मैं कभी रिमी की गांद पे छाँटा मार देती, कभी वो मेरे निपल्स पकड़ के टन देती. कभी रिमी मेरे बूब्स दबा के भाग जाती और मैं उसके पीछे बदला लेने भागती. फिर मम्मी के सामने पकड़ के उसका भी दबा देती. मम्मी ये सब देख के मुस्कुराती थी. ऐसे करते मम्मी को हुमारे एक-दूसरे की बूब्स को चूना, दबाना देखने की भी आदत हो गयी.
फिर धीरे-धीरे हम मम्मी के और आस-पास ये सब करने लगे. किचन में कपड़े पहन लेते थे क्यूंकी वहाँ गरम तेल के छींटे पद सकते थे, पर अंदर कुछ नही पहना होता. जैसे पहले किचन के काम करते वक्त च्छूप कर एक-दूसरे का पंत उतारते थे, अब सामने होता था.
रिमी मम्मी के बगल में खड़ी हो तो मैं शैतानी करने के बहाने उसकी पंत उतार के भाग जाती थी. हालाँकि ये सब प्लान था. रिमी कंप्लेन करती तो मम्मी हस्ती. रिमी भी अक्सर मुझे पीछे से हग किए मेरे बूब्स टच करती थी. ये भी मम्मी देख चुकी थी, तो कुछ बोलती नही थी.
इस तरह हम आज भी मम्मी के सामने नंगे रहते है. आज हम दोनो के बूब्स 32 से 36 हो गये है. कॉलेज में लड़के घूरते है. पर हमारा टारगेट है की बाकी का सेक्स खेल भी उनके सामने करने की पर्मिशन ले. रिमी तो कहती है मम्मी को भी शामिल कर लेते है. देखते है क्या होता है.
कहानी ख़तम होने तक हुँने देखा की सब का हाथ उनके छूट पर था.
रिचा: यार सीमी, बहुत हॉट थी यार तेरी कहानी. मुझे लगता था तेरा फॅमिली जीन्स ऐसा ही है, की सब के बूब्स कम उमर से ही बड़े हो जाते है. आज समझ आया. कभी ह्यूम भी मिला रिमी से.
सृजीता: हा यार, मुझे भी उसे नंगा देखना है यार.
सीमी: ज़रूर मिलौंगी. पर उससे इन सब के बारे में बात नही करना. उसको लगता है ये राज़ हम दोनो के अलावा कोई नही जानता.
रिचा: चल ठीक है. किसी बहाने उसके बूब्स छ्छूने मिल जाते.
सीमी: अछा मुझे भूल गयी? कोई बात नही, वो माल ही ऐसी है. देखते है कुछ हो सकता है तो.
रात हो गयी और सब ऐसी बातें करते सो गये. पर मुझे नींद नही आ रही थी. रात के दो बजे मेरी नींद खुल गयी. बातरूम जाने को उठी तो देखा अंधेरे में रिचा टॉपलेस थी, और सीमी रिचा के उपर चढ़ के उसके बूब्स चूस रही थी.
मुझे उठा देखा तो दोनो मेरी और देखने और स्माइल करने लगी, और वापस चालू हो गयी. सीमी-रिमी की कहानी सुनने के बाद अब ये सब आम बात लगने लगी. मैं इग्नोर किए बातरूम चली गयी.
वापस आके देखा तो रिमी ने रिचा की पंत उतार के रूम में कहीं फेंक दी, और रिचा की छूट चाटने लगी. रिचा उछाल-उछाल के सिसकियाँ लेने लगी. मैं बाल्कनी में चली गयी और सोचने लगी. मेरी अंदर अजीब सी हलचल मच रही थी पता नही क्यूँ. आधे घंटे बाद सीमी वहाँ नंगी ही आके बैठ गयी.
मैं: रिचा भी सेट हो गयी?
सीमी: यो बेबी. वैसे उसी ने शुरुआत की. मुझे लग ही रहा था की रिमी की बात सुन के उसकी सबसे ज़्यादा छूट गीली हुई है. मैं मोबाइल देख रही थी. रात एक बजे उसने कान में फुसफुसते हुए कहा की, “सीमी तुझे कोई प्राब्लम ना हो तो मेरे बूब्स चूस देगी?” अब मैं तो हुमेशा रेडी रहती हू. मैने भी पूच लिया की मेरा जब मॅन हो तो देगी? वो भी मान गयी. कहा जब मर्ज़ी घर आ जाना. बस डील हो गयी और मैने फुल मज़ा दे दिया. पर तुझे क्या हुआ. नींद नही आ रही? ह्यूम देख के गीली हो गयी क्या? करना है तुझे भी?
मैं: वैसे मॅन तो मेरा भी किया था तेरी कहानी सुन के, पर कभी सोचा नही था की घर में भी मज़ा ले सकते है. पछतावा हो रहा है की ऐसी हरामी बेहन मेरे पास क्यूँ नही है. कल ही जाके उसके कपड़े उतार देती और शुरू हो जाती.
सीमी हासणे लगी.
मैं: हस्स क्यूँ रही है?
सीमी: हासू नही तो क्या? तेरे से बड़ी चूतिया लड़की नही देखा आज तक.
मैं: क्यूँ?
सीमी: अर्रे साली, तेरे घर में फ्री का लंड है और तू मज़े के लिए बेहन चाहती है?
मैं: मतलब?
सीमी: अर्रे तेरा छ्होटा भाई आशु यार.
मैं: आशु? पर.
सीमी: पर-पर क्या? जब इन्सेस्ट में इंटेरेस्ट हो गया है, तो भाई से चूड़ने में क्या प्राब्लम है? अर्रे मैं बेहन से इसलिए कर रही हू, क्यूंकी मेरे पास भाई नही है. भाई होता तो पता नही कितनी बार प्रेग्नेंट हो गयी होती.
मई: अर्रे पर वो मेरे से छ्होटा है.
सीमी: सच बतौ सिर्फ़ नाम का छ्होटा है. मैने देखा है बिल्कुल बाप की तरह बातें करता है. डरता नही है बिल्कुल. भोला है पर मर्द है. कसम से बता रही हू, खूब मज़ा मिलेगा तुझे. मेरी बात मान, पत्ता ले उसे. मैने बताया ना कैसे दो सालो में हुमारा साइज़ बढ़ गया. वैसे ही अभी भले ही नूनन्ू हो, अभी से करेगी तो अगले दो सालो में उसका कड़क बड़ा लंड हो जाएगा और छूट फाड़ डालेगा. जितना बड़ा होगा उतना तेरे अंदर टाइट होगा. उतना ही दर्द होगा और उतना ही मज़ा आएगा.
उसकी बातें सुन के मुझे सच में भाई से प्यार होने लगा. कसम से कभी सोचा ही नही था.
सीमी: तेरी स्माइल देख के समझ लगता है तेरी छूट गीली होने लगी भाई के बारे में सुन के. दर्र मत. एंजाय कर. और मुझे बताना. कोई भी प्राब्लम हो तो बताना, मैं गाइड करूँगी.
मैं: ठीक है.
सीमी: सिर्फ़ ठीक है से काम नही चलेगा. इतना हेल्प कर रही हो तो मुझे भी कुछ छाईए.
मैं: क्या, अब मेरे साथ करेगी?
सीमी: ई आम रेडी जान, पर ये नही. जब आशु ला लंड बड़ा हो जाए तो एक बार मुझे भी दिलाना. प्लीज़?
मैं: ठीक है सोचूँगी. पहले होने तो दे. नही पत्ता तो?
सीमी: अर्रे कैसे नही पत्तेगा? मेरे पास एक से एक तरीका है. तरीका छ्चोढ़. सीधा जाके कपड़े उतार देगी ना तो अभी लंड खड़ा हो जाएगा तो खड़े-खड़े छोड़ने लगेगा.
मैं: नही वो अभी नही हो पाएगा.
हम दोनो हासणे लगे.
सीमी: अछा एनीवे, तू आयेज बढ़, मैं तुझे आइडिया दूँगी. मुझे तो बहुत एग्ज़ाइट्मेंट हो रही है. ग्रूप में दो दी इन्सेस्ट होगी. सब का भाई बेहन नही है, नही तो रिचा, सृजीता को भी उनके भाई बेहन से छुड़वा देती. खैर छ्चोढ़. ऑल थे बेस्ट.
तो ये थी सीमी और रिमी की गंदी लव स्टोरी. जैसे की अपने जाना उसकी कहानी ने मेरे अंदर भी इन्सेस्ट सेक्स की आग लगा दी. अब मुझे मेरे प्यारे भाई में मर्द नज़र आने लगा. अगर आप लोगों को जानना है की मेरा और मेरे भाई का सेक्षुयल रिश्ता कैसे बना, तो कॉमेंट करिए, मैं पोस्ट कर दूँगी.
तो फ्रेंड्स कैसी लगी सीमी-रिमी की कहानी? अगर आप भी चाहते है की आपकी इन्सेस्ट स्टोरीस या फॅंटेसी मैं शेर करू, तो मुझे सेंड कीजिए स्करापबूकेंट90@गमाल.कॉम पर. जितना भी सिंपल हो, आप शेर कीजिए, मसाला मैं आड कर दूँगी.