लेज़्बीयन गर्ल की लेज़्बीयन प्रोफेसर के साथ चुदाई की कहानी

पिछला भाग पढ़े:- कॉलेज प्रोफेसर से प्यार-1

ही दोस्तों, मैं नीलम वापस आ गयी हू अपनी कहानी का अगला पार्ट लेके. उम्मेड है की आप सब को पिछला पार्ट पसंद आया होगा. अगर आपने पिछला पार्ट नही पढ़ा है, तो प्लीज़ जाके पहले उसको पढ़े.

पिछले पार्ट में आप सब ने पढ़ा था, की कैसे मैं अपनी प्रोफेसर के प्यार में पड़ड़ गयी. फिर मुझसे रहा नही गया, और मैने चेंजिंग रूम में जाके उनको किस कर दिया. उन्होने मुझे धक्का दिया, और थप्पड़ मार दिया. अब आयेज बढ़ते है.

कणिका मेडम ने मुझे थप्पड़ मार दिया, तो मेरी कुछ समझ नही आया की मैं क्या करू. मुझे दर्र लग रहा था, की कही मैने कोई ग़लती तो नही कर दी. कणिका मेडम मुझे गुस्से से घूर रही थी.

फिर मैने वाहा से भाग कर बाहर आ गयी. उस दिन मैं कॉलेज नही गयी. मुझे समझ नही आ रहा था, की मैं कैसे कणिका नादां की नज़रों का सामना कर पौँगी. अगले दिन भी मैं कॉलेज जाना नही चाहती थी. लेकिन फिर मैने सोचा, की कब तक मैं कॉलेज नही जौंगी.

ये सोच कर मैं कॉलेज चली गयी. वाहा जाके पता चला की कणिका मेडम भी कॉलेज नही आई थी पिछले 2 दिन से. अब मुझे फिकर होने लगी थी उनकी. फिर मैने घर जाके उनको फोन किया.

मैं: हेलो.

कणिका मेडम: हेलो.

मैं: मेडम मैं पिछले 2 दिन कॉलेज नही आई थी. आज आई तो पता चला की आप भी कॉलेज नही आई थी. सब ठीक है?

कणिका मेडम: हा ठीक है.

मैं: तो आप कॉलेज क्यूँ नही आई?

कणिका मेडम: वैसे ही.

मैं: अगर मेरी हरकत की वजह से आप अपसेट है, तो मैं आप से माफी मांगती हू. आयेज से ऐसी ग़लती दोबारा नही होगी.

कणिका मेडम: घर आके बात करो.

मैं: ओक मेडम.

फिर मैं शाम को उनके घर चली गयी. मैने ब्लॅक जीन्स और रेड त-शर्ट पहनी हुई थी. मेरे सुडौल जिस्म पर ये कपड़े बहुत सेक्सी लग रहे थे.

मैने उनके घर की बेल बजाई. 2 मिनिट बाद दरवाज़ा खुला, और कणिका मेडम मेरे सामने थी. उनको देखते ही मुझे फिरसे उनसे प्यार हो गया. उन्होने येल्लो कलर की निघट्य पहनी हुई थी.

उनकी नाइट काफ़ी पतली थी. बाजू जाली वाली थी, और गला डीप था. उनकी आधी क्लीवेज सॉफ नज़र आ रही थी. उनको देखते ही मैं खो सी गयी. फिर उन्होने मुझे आवाज़ लगाई, और मैं होश में आई.

कणिका मेडम: नीलम!

मैं: जी मेडम.

कणिका मेडम: कहा खो गयी?

मैं: कही नही मेडम.

नीलम: अंदर आओ.

फिर मैं अंदर चली गयी. घर में कोई नही था. जब मैने पूछा तो मेडम बोली-

मैं: मेडम, आपके घर वाले कहा है.

कणिका मेडम: घर वाले 2 दिन के लिए बाहर गये है. और भाई मेरा फॉरिन में है.

मेडम आयेज-आयेज चल रही थी, और मैं उनकी गांद को निहारती हुई पीछे-पीछे चल रही थी. फिर हम उनके बेडरूम में पहुँच गये. वो बेड पर बैठी, और मुझे भी बैठने को कहा.

हम लोग आमने-सामने बेड के कॉर्नर्स पे बैठे थे, और एक-दूसरे को देख रहे थे. कमरे में कोई आवाज़ नही थी. फिर मेडम बोली-

कणिका मेडम: हा अब बोलो क्या बोल रही थी?

मैं: कुछ नही मेडम, मैं तो बस सॉरी बोलना चाहती थी.

कणिका मेडम: इसमे सॉरी बोलने की क्या बात है. पता है मैं इतनी हिम्मत कभी भी नही दिखा पाई.

मैं: मतलब.

कणिका मेडम: बचपन से ही मुझे लड़के पसंद नही थे. फिर भी सोसिटी के दर्र से मैं अपनी खुद की फीलिंग्स को मानने के लिए तैयार नही थे. मैने बाय्फरेंड्स बनाए, लेकिन किसी के साथ कुछ भी करते हुए अछा नही लगा. मैं कही ना कही अपने हालात के साथ सॅक्रिफाइस कर चुकी थी. लेकिन तुम्हारी किस ने मेरे अंदर की आग को फिरसे जला दिया.

फिर मेडम मेरे पास आ गयी, बिल्कुल पास और बोली-

कणिका मेडम: क्या तुम मुझे प्यार करोगी? मेरी प्यास बुझवगी?

बस अब किसकी वेट करनी थी. मैने अपना हाथ मेडम के फेस पे रखा, और अपने होंठ उनके होंठो से मिला दिए. अब हम दोनो एक-दूसरे को किस करने लग गये. अगले कुछ ही सेकेंड्स में हमारी किस वाइल्ड हो गयी, और पागलों की तरह किस करने लग गये.

हम दोनो की साँसे तेज़ थी, और आज हम प्यार की आँधी में उडद जाना चाहते थे. मैने उनकी निघट्य खोली, और उसको उनके बदन से अलग कर दिया. उन्होने भी मेरी त-शर्ट उतार दी. अब वो ब्रा-पनटी में थी, और मैं जीन्स और ब्रा में.

हम दोनो ने अपनी-अपनी ब्रा उतारी, और अपने बूब्स को आपस में रगड़ना शुरू कर दिया. फिर मैने उनका एक बूब पकड़ा, और उसका निपल चूसने लग गयी. बहुत मज़ा आ रहा था. मैं अपने दूसरे हाथ से पनटी के उपर से उसकी छूट रगड़ने लग गयी. उसकी पनटी बहुत गीली हुई पड़ी थी.

फिर उसने मुझे खड़ा करके मेरी जीन्स उतार दी, और मुझे बेड पर लिटा लिया. वो नीचे से किस करना शुरू हुई, और मेरी छूट पर आके रुक गयी. फिर उसने मेरी पनटी उतारी, और अब मेरी क़ास्सी हुई छूट उसके सामने थी. उसने छूट देखते ही उस पर अपनी जीभ का जादू चलना शुरू कर दिया.

मुझे इतना मज़ा आ रहा था, जितना मैने कभी सोचा नही था. उसने अपनी एक उंगली मेरी छूट में डाली, और अंदर-बाहर करने लग गयी. मैं आहें भर रही थी, और सिसकियाँ ले रही थी.

उंगली छूट में डाले हुए वो उपर हुई, और मुझे किस करने लग गयी. मैं भी अपने हाथ उसकी गांद पर ले गयी, और उसको दबाने लग गयी. अगले 3 मिनिट में मेरी छूट ने पानी छ्चोढ़ दिया.

फिर मैने उसको नीचे लिया, और उसकी पनटी उतार कर छूट चूसने लग गयी. कणिका पहले ही एक बार झाड़ चुकी थी. फिर मैने अपनी 2 उंगलियाँ उसकी छूट में इकट्ठी डाल दी. इससे उसकी चीख निकल आई. मैने अपनी छूट को उसके मूह की तरफ किया, और हम दोनो 69 की पोज़िशन में आ गये.

उधर वो मेरी चाट रही थी, और छोड़ रही थी, और इधर मैं वही चीज़ कर रही थी. फिर उसने अपने ड्रॉयर से एक डबल साइड डिल्डो निकाला. हम दोनो एक दूसरे की तरफ देखते हुए चुड़कदी लगा कर बैठ गये.

उसने वो डिल्डो अपनी छूट में लिया, और मेरी गोद में आके बैठ गयी. फिर उसने डिल्डो की दूसरी साइड मेरी छूट पर सेट की, और धक्का मार कर अंदर कर दी.

इससे मेरी आ निकल गयी. उसने मेरे होंठ अपने होंठो में लिए, और किस करते हुए अपनी कमर आयेज-पीछे करके मुझे छोड़ने लगी. हम दोनो अपनी कमर आयेज-पीछे कर-कर के एक-दूसरे को छोड़ रहे थे. ऐसा लग रहा था, जैसे मैं स्वर्ग में थी.

आधा घंटा हम ऐसे ही एक-दूसरे को प्यार करते रहे. फिर हम दोनो के शरीर काँपने लगे, और हम दोनो साथ में झाड़ गये. अब हम दोनो नंगे ही, बाहों में बाहें डाले लेते हुए थे.

इसके आयेज क्या हुआ, वो आपको अगले पार्ट में पता चलेगा. कहानी पढ़ कर मज़ा आया हो, तो इसको लीके और कॉमेंट ज़रूर करना. और अपने फ्रेंड्स के साथ भी इसको शेर करना.

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