लाला ने अपने दोस्तो के साथ मिलकर चोदा

बिना टाइम वेस्ट किए कहानी पर आते है.

तो लाला ने तो मुझे छोड़ने के बदले सिर्फ़ दो दिन का रॅशन दिया था मगर हुँने जैसे तैसे उससी रॅशन को हफ्ते भर चलाया. लाला पिछले 3 दिन से अपने आदमियों से मुझे दुकान पर बुलाया मगर मई नही गयी. जब रॅशन पूरी तरह ख़तम हो गया तो मजबूरन मुझे दुबारा लाला के दुकान पर जाना पड़ा.

लाला के दुकान पर लाला हुमेश के तरह गॅल पर बैठा था. मेरे से पहले 2 और औरते भी रॅशन लेने वाहा पहुचि हुई थी. हम तीनो के पास ही पेसे नही थे. लाला हुंपे ध्यान ही नही दे रहा था और हुमारी बातें भी अनसुनी कर रहा था.

उंदोनो मई से पहले औरत का नाम साना था और दूसरी का नाम रूबी. हम तीनो ही शादी शुदा थे. कुछ देर बाद लाला के नौकर ने ह्यूम दुकान के बाहर वेट करने को कहा. हम तीनो आपस मई बातें करने लगे तो मुझे पता चला की ये दोनो भी लाला के हवस का सीकर बन चुकी है. रूबी का एक बचा तो लाला का ही है. रूबी की उमर लगभग 32 साल के थी और साना 24 साल की थी.

मई 4 बजे डोपेहेर मई आई थी ह्यूम वेट करते हुए रात होगआई. लाला के दुकान बंद करने का वक़्त हो गया था. तब लाला ने हम तीनो को इशारे से बुलवाया और गोदाम मई जाने को कहा. हम तीनो मजबूरन गोदाम मई चली गयी. वाहा कुछ देर वेट करने के बाद लाला अपने 4 दोस्तो के साथ गोदाम मई आया.

लाला के सारे दोस्त अमीर घराने के लोग थे. उनका नाम राजवीर, समीर, गोपाल और रुद्रवीर थे. राजवीर और रुद्रवीर भाई थे. उन सब की उमर 50 से जाड़ा ही थी मगर सब के सब बहुत अमीर लोग थे. लाला ने गोदाम ला दरवाज़ा बंद कर दिया और सब एक एक चेर लेकर बैठ गये. हम तीनो एक जगह इकहट्टा खरे थे.

लाला: चोलो अब हम लोगो का मनोरंजन करो. जो सबको संत्ुस्त कर पाएगा उसको 1 महीने का रॅशन मुफ़्त.

मई और साना घबरा गये मगर रूबी अपने कापरे ऐसे उतरने लगी जैसे उसके लिए ये सब आम बात हो. उससे देख कर साना भी धीरे धीरे कापरे उतरने लगी. अगर मई अभी पिछले हट जाती तो लाला मुझे कभी उधारी नही देगा यह सोच कर मई भी कापरे उतरने लगी. मुझे कुछ भी कर के दोनो औरतो साज आयेज निकलना था. तो मैने अपनी सारी का एक सिरा लाला को थमा दिया और उससे खिचने को कहा. लाला ने सारी खिचना शुरू किया और मई गोल-गोल घूमने लगी. लाला ने मेरी सारी खोल दी अब मई सिर्फ़ ब्लाउस और पेटीकोआट मई थी.

प्रेग्नेंट होने के कारण आम काम करना भी मुस्किल था ये तो किसी को लुभाना था ये मेरे लिए और मुस्किल होते जा रहा था. मगर मैने जैसे तैसे अपने आप को संभाला. फिर मई राजवीर के गोध मई जा कर बैठ गयी राजवीर मेरे फूले हुए पेट पर हाथ पेरने लगा और मेरी पेटीकोआट का नारा खोल दिया. मुझपे सबका अटेन्षन आता देख रूबी और साना भी बाकियों को लुभाने के कोशिश करने लगी.

पीछे से गोपाल आया और मेरे बूब्स पाकर कर दबाने लगा और थोरी देर मई मेरा ब्लाउस फार दिया. अब मई पूरी तरह नंगी हो चुकी थी मेरे शरीर पर कापरे का एक धागा ट्के नही था. रूबी और साना भी नंगी हो चुकी थी.

इतने मई समीर ने मुझे और साना को किस करने को कहा. इससे पहले मैने कभी किसी लड़की को किस नही किया था. हम दोनो धीरे-धीरे एक दूसरे के करीब आए और किस करने लगे. रूबी मेरे नीचे बैठकर मेरे छूट चाटने लगी. देखके ही पता चल रहा था की रूबी को ये सब का एक्सपीरियेन्स है. रूबी इतनी अची तरह से छूट छत रही थी की मई बहुत जल्द मोन करने लगी.

रूबी साथ ही साथ साना की छूट मई उंगली कर रही थी. साना और मई दोनो मोन करने लगे. फिर साना मेरे बूब्स चूसने लगी. लाला और उसके दोस्त वही बैठे शराब पी रहे थे और हुमारे मज़े ले रहे थे. कुछ देर ऐसा ही चला.

फिर समीर उठा और रूबी को बालो से पकड़ कर दूर हटा दिया और मेरा गला पकड़ कर मुझे किस करने लगा. रूबी कुटिया के तरह वपुस आई और समीर का लंड सहलाने लगी. फिर रूबी ने सीमा की पंत उतार दी. समीर इस वक़्त मुझे किस कर रहा था और साथ ही साथ मेरी छूट सहला रहा था. साना ने समीर का कोट और सीर्ट उतार दिए. फिर समीर ने रूबी को एक तपद मार के दूर हटे और मुझे टेबल पर झुका कर एक बार मई पूरा लंड मेरे अंडर डाल दिया.

समीर ज़ोर ज़ोर से मुझे छोड़ने लगा. उसके लिए मानो कुछ आराम से ना होता हो. लाला और राजवीर रूबी के साथ खेल रहे थे कभी उसके चुचे ज़ोर से खिचते तो कभी उसके छूट पर तपद मरते. रुद्रवीर साना से अपना लंड चुस्वा रहा था. मई दर्द से चीख रही थी मगर कोई ध्यान ट्के नही दे रहा था.

मे: आराम से साहब मई पेट से हू…

समीर: कों सा मेरा बचा है.. चुप छाप जैसा बोलता जाता हू लरटी जा.

समीर ने हाथो से मेरे सिर को और झोर से झुका दिया और स्पीड बढ़ा कर छोड़ने लगा. लगभग 15 मीं ऐसे ही चला और फिर हम तीनो को घुटनो पर एक लाइन मई बैठा दिया. फिर चारो बारी बारी हम तीनो को अपना लंड चुसवाने लगी. लाला तो मेरे सिर को पकड़ कर मेरे मूह को छोड़ने लगा जैसे बदला निकल रहा हो. साना और मई बार बार चोक कर जा रहे थे.

फिर लाला ने मुझे उठाया और मुझे लेकर चेर पर बैठ गया और अपना लंड मेरे अंदर फिट किया और मुझे ही उचने को कहा.

मे: लाला इस हालत मई उछला नही जाता आप नीचे से छोड़लो.

ये सुनते ही लाला ने मेरी चुचि पकड़ कर ज़ोर से दबा दी. दर्द से मेरी चीख भी नही निकल रहा थी. तुरंत ही मई लाला के लंड पर उछालने लगी. साना को राजवीर और रुद्रवीर आयेज पिछले से घोरी बना कर छोड़ रहे थे. रूबी का समीर गांद छोड़ रहा रहा था.

लाला ने मुझे छोड़ते हुए ही मेरी बूब्स चूज़ रहा था तभी लाला ने मेरी एक बूब कर दाँत गर्अ दिए. मुझे बहुत दर्द हुआ मगर लाला नही रुका.

अचानक से समीर मेरे पीछे आ कर मेरी गांद मई लंड डालने की कोशिश करने लगा.

मे: नही साहब ऐसा मत कीजिए मई नही से पौँगी. मई पेट से हू कुछ तो रहें कीजिए…

मगर किसी ने कुछ ना सुनी और समीर ना लंड मेरी गांद मई डाल मुझे छोड़ने लगा. एक वक़्त पर मुझे लाला छूट मई और समीर गांद मई छोड़ रहा था. ऐसे ही लगभग अंधे गाँते और हुमारी चुदाई चली.

फिर सब बरी बरी कर के अपना गरम माल रूबी के सेहरे पर गिरा दिया और मुझे और साना को छत जाने को कहा. हम दोनो भी मजबूरन उनके माल को छत गये.

हम सब तक चुके थे. मेरी गांद मई काफ़ी दर्द था. थोरी देर बाद जब हम तीनो ने मिलकर पूछा की लाला अब तो रॅशन दे दो और हम तीनो मई से कों जीटा तो लाला उठ के आया और मेरे सिर पर हाथ फेरा और मुझे विजयाता घोसित किया.

मुझे थोरी खुशी हुई ही थी की लाला ने रूबी और साना को तोरा तोरा रॅशन देकर घर भेज दिया और मुझे रोक लिया.

लाला: तू जीती है तो तुझाई को कुछ खास गिफ्ट देना होगा… आज पूरी रात तू यही रुक जा और सुबा अपना एक महीने का रॅशन लेके चली जाना.

मई मजूर थी माना भी नही कर पाई. उस रात और मेरे साथ क्या क्या हुआ ये मई कहानी के अगले भाग मई बटूँगी.

आपको ये पार्ट कैसा लगा मुझे कॉमेंट्स मई ज़रूर बतायें. मई हर कॉमेंट पढ़ती हू और उसका रिप्लाइ भी करती हू.

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