लड़की ने ब्फ के साथ भाई को भी दिया मज़ा

ही दोस्तों, मेरा नाम पायल है. मैं 22 साल की हू, और कॉलेज में पढ़ रही हू. मेरा रंग गोरा है, और फिगर 34-28-36 है. हाइट मेरी 5’6″ है. इस कहानी में मैं आपको बतौँगी की कैसे मैं अपने बाय्फ्रेंड और भाई दोनो से एक साथ चूड़ी. तो चलिए कहानी शुरू करते है.

जब से मैं कॉलेज में हुई हू, और जवान हुई हू, तब से लड़के मेरे पीछे पड़े रहते है. जब मैं अपनी फ्रेंड्स के बाय्फरेंड्स के बारे में सुनती थी, तब मेरा भी दिल करता था की मैं भी बाय्फ्रेंड बनौ. लेकिन घर वालो के दर्र से बनाया नही.

फिर मैने अपनी वासना शांत करने के लिए फिंगरिंग का सहारा लिया. मैं पॉर्न देखने लगी, और पॉर्न वीडियो देखते हुए मैं फिंगरिंग करती. मुझे इसमे बड़ा मज़ा आता. लेकिन अभी तक मैने असली में किसी का लंड नही देखा था. मतलब छ्होटे बच्चो का तो देखा था, लेकिन किसी जवान मर्द का नही देखा था.

मेरे घर में मेरे अलावा मेरे मम्मी-पापा, और मेरा बड़ा भाई रहते है. मेरा बड़ा भाई मुझसे एक साल बड़ा है, और कॉलेज में मेरा सीनियर है. एक दिन हम सब हॉल में बैठे मोविए देख रहे थे. तभी अचानक मोविए में एक किस्सिंग सीन आ गया.

जब वो सीन आया, तो सब इधर-उधर देखने लगे. तभी मेरी नज़र मेरे भाई पर पड़ी. मैने देखा भाई पंत के उपर से अपने लंड को मसल रहा था. मुझे उसका लंड काफ़ी बड़ा लग रहा था. उस दिन मैने सोचा की एक लंड तो मेरे घर पर ही था, जिसको मैं आसानी से देख सकती थी. लंड तो पापा का भी था, लेकिन मुझमे उतनी हिम्मत नही थी.

फिर मैने भाई के लंड को देखने की अपनी कोशिश शुरू कर दी. ऐसी एक ही जगह थी जहा मैं अपने भाई के लंड को देख सकती थी आसानी से. और वो जगह थी बातरूम. फिर मैने बातरूम का दरवाज़ा चेक किया, की वाहा से अंदर देखा जेया सकता था की नही.

तभी मुझे साइड पर एक छ्होटा होल नज़र आया. लेकिन वो इतना छ्होटा था की उसमे से अंदर ज़्यादा कुछ नही दिखता था. फिर मैने स्क्रूड्राइवर से उसको बड़ा किया. फिर एक दिन जब भाई नहा रहे थे, तब मैने उस होल में से अंदर देखा. मुझे तो मज़ा ही आ गया. भाई का लंड 7 इंच लंबा था कम से कम.

उसके बाद तो मैं लंड लेने के लिए पागल ही हो गयी. मैं जान-बूझ कर टाइट कपड़े पहन के भाई के इर्द-गिर्द होती, ताकि उनको सिड्यूस कर साकु. कभी मैं उनको अपनी क्लीवेज दिखती, तो कभी बूब्स. लेकिन बात नही बन रही थी. फिर एक दिन मैने उनको मेरा नाम लेके मूठ मारते भी देखा. पर वो मुझसे कुछ कह नही रहे थे, और मैं पहल कर नही सकती थी.

जब भाई से बात नही बनी, तो मैने एक बाय्फ्रेंड बना लिया. हम लोग फोन पर सेक्षटिंग करने लगे, और वीडियो कॉल पर भी सेक्स करने लगे. लेकिन मुझे असल में चूड़ना था. फिर मुझे मौका मिला, जब हमारा कॉलेज ट्रिप शिमला जेया रहा था.

मैने और भाई दोनो ने अपना नाम लिखवा दिया. मेरा ब्फ भी जेया रहा था. फिर हम वाहा पहुँचे, और सब स्टूडेंट्स को अलग-अलग कमरा मिल गया. ट्रिप 4 दिन का था. पहले 2 दिन तो कॉलेज वाले ही हर जगह घूमते रहे. फिर अगले 2 दिन स्टूडेंट्स को फ्री छ्चोढ़ दिया गया अपनी मर्ज़ी से घूमने के लिए.

अब मुझे मौका मिल गया था. मैं तबीयत का बहाना बना कर अपने रूम में ही रुक गयी. भाई घूमने जेया चुके थे. फिर मैने अपने ब्फ को भी अपने रूम में बुला लिया. जैसे ही वो आया, हम किस्सिंग करने लगे. मैने जीन्स और त-शर्ट पहनी थी. वो किस करते हुए मेरी गांद दबाने लगा, और पीठ सहलाने लगा.

मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था. फिर उसने मेरी त-शर्ट उतरी, और ब्रा भी उतार कर मेरे बूब्स चूसने लगा. मैं और उत्तेजित होती जेया रही थी. वो ज़ोर-ज़ोर से मेरे निपल्स चूस रहा था. उसके बाद उसने मुझे बेड पर लिटाया, और मेरी जीन्स और पनटी उतार दी. अब मैं पूरी नंगी थी.

उसके बाद उसने मेरी टांगे खोली, और मेरी छूट पर अपना मूह लगा लिया. जैसे ही उसका मूह मेरी छूट पर लगा मैं पागल हो गयी, और उसके सर को अपनी छूट में दबाने लगी. वो वाइल्ड तरीके से मेरी छूट चाट रहा था.

तभी मेरे रूम का दरवाज़ा किसी ने नॉक किया. हम दोनो की गांद फटत गयी. मेरा ब्फ मेरी तरफ देखने लगा और मैं उसकी तरफ. फिर मैने आवाज़ लगाई-

मैं: कों है?

भाई: मैं हू तेरा भाई. मैं जानता हू अंदर क्या चल रहा है. दरवाज़ा खोल अभी.

मुझे पता नही क्या सूझी, की मैने चादर लपेटी, और दरवाज़ा खोल दिया. मेरा भाई मुझे ऐसे देख कर हैरान हो गया. वो अंदर आया, और मुझे बोला-

भाई: ये करने आई हो तुम यहा. घर की इज़्ज़त का तो ख़याल किया होता. मैं अभी पापा को फोन लगता हू.

मैं बोली: भाई पापा को फोन लगा कर आपको कुछ नही मिलेगा. लेकिन ना लगा कर बहुत कुछ मिलेगा.

भाई: मतलब?

मैने अपनी चादर नीचे गिरा दी, और बोली: मतलब अगर आप घर पर नही बताओगे, तो मैं आपको वो दूँगी जो आप बातरूम में इमॅजिन करके मूठ मारते हो.

भाई मेरा नंगा जिस्म देख कर हैरान हो गये. उनका लंड पंत में खड़ा होता हुआ नज़र आ रहा था. फिर मैं बोली-

मैं: मैं जानती हू की आप मेरे बारे में सोच कर अपना लंड हिलाते हो. तो आज आप वो सब कर सकते हो, जो आपने ख़यालों में किया है.

मेरे बस इतना बोलने की देर थी, की भाई मेरी तरफ आए, मुझे अपनी बाहों में भरा, और मेरे होंठो से अपने होंठ चिपका दिए. अब वो पागलों की तरह मेरे होंठ चूसने लगे. मैं भी उनका साथ दे रही थी.

ये सब देख कर मेरा बाय्फ्रेंड भी आ गया, और पीछे आके मेरी पीठ चूमने लगा. अब वो दोनो मुझे चूमने और चूसने में लगे हुए थे.

दोस्तों अभी मैं कहानी को यही रोक रही हू. इसके आयेज की कहानी मैं आपको अगले पार्ट में बतौँगी. यहा तक की कहानी आप सब को कैसी लगी, मुझे कॉमेंट करके फीडबॅक ज़रूर दे. जितनी ज़्यादा आपकी फीडबॅक आएगी, उतनी ही जल्दी अगली स्टोरी भी आएगी.

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